एक हसीना की हवस- भाग१

वीर्य का स्वाद नाजिया के लिए नया नहीं था. लेकिन नए लंड का नया  स्वाद उसे भा गया. लेकिन उसकी चूत अभी भी प्यासी थी. उसने फैजान को उठाने की  कोशिश की. फैजान उठा तो लेकिन नींद के ज़बरदस्त प्रभाव से उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

दोस्तों ये कहानी है मेरे मोहल्ले में रहने वाली नाजिया और फैजान की. कहानी थोड़ी लम्बी है इसलिए अभी इसका पहला भाग आपके लिए पेश कर रहा हूँ.

नाजिया एक 39 वर्षीया तलाकशुदा औरत है जो अपने 18 वर्षीय लड़के रेहान के साथ रहती है. फैजान का घर नाजिया से 10-12 घर की दूरी पे है. दरअसल रेहान और फैजान एक ही क्लास में एक ही स्कूल में पढ़ते हैं.

मोहल्ल्ले के अधिकांश लोग नाजिया से ताल्लुक नहीं रखते. या यूँ कहें कि मोहल्ल्ले के मर्द तो नाजिया की 36 इंच की चूचियों और ३६ इंच की मटकती गोल गांड पे मरते थे लेकिन उनकी बेगमे इसमें रुकावट बनी हुयी थी. नाजिया वास्तव में एक चालू किस्म की औरत है जिसे किसी भी कीमत पे पैसा प्यारा है. अपने शौहर नसीम से भी उसका तलाक इसी लालच की वजह से हुआ था. पैसे के साथ-साथ वो अपनी सेक्स की प्यास बुझाने के लिए भी किसी भी हद तक गुजर सकती है. ये तो हुयी नाजिया की बात.

अपना हीरो फैजान अभी जवानी की दहलीज पे कदम रख रहा था. सीधा-साधा और अपने माँ- बाप का इकलौता लड़का. वो बचपन से ही रेहान से मिलने नाजिया के घर आता-जाता रहता. उसे नाजिया से कोई मतलब नहीं होता था न नाजिया को फैजान से. लेकिन धीरे- धीरे फैजान का भोलापन और आकर्षक शरीर उसकी आखों में चमक ला रहा था. इधर फैजान का लंड भी हस्तमैथुन और नाइटफाल के दौर से गुजर रहा था.

रेहान अपनी माँ का हर कहा मानता था. एक दिन नाजिया ने रेहान से अपने सारे दोस्तों को दावत पे घर बुलाने को कहा. रेहान ने अपने दोस्तों फैजान, इमरान और नदीम को घर पे आने के लिए कह दिया. शाम को सारे दोस्त रेहान के घर इकठ्ठा हुए.

खाना खाते और बातें करते करते काफी लेट हो गया. रेहान के सारे दोस्त घर जाने को बोलने लगे. तभी नाजिया ने कहा – सारे लोग शरबत पी कर चले जाना!

सबी वहीँ रुक गए. थोड़ी ही देर में नाजिया 2 ग्लास शरबत ले आई और उसे इमरान और नदीम को दे दिया. नदीम ने वो शरबत फैजान को देना चाहा लेकिन नाजिया ने कहा – तुम लोग पीओ मैं बाकी दो ग्लास भी ला रही हूँ.

अगली दो ग्लास नाजिया ने फैजान और रेहान को दे दिए. शरबत पीने के बाद रेहान और फैजान को काफी तेज नींद आने लगी. हालत ये हो गयी कि दोनों वहीँ कुसियों पे सो गए.

तब नाजिया ने इमरान और नदीम से कहा- नदीम और इमरान! तुम दोनों को तो दूर जाना है, इसलिए तुम लोग जाओ और फैजान तो अभी ही सो गया है इसलिये इसे यहीं सो जाने दो! लेकिन जाते वक़्त फैजान के घर इत्तला कर देना ताकि इसके अम्मी-अब्बू चिंता न करें!

नदीम ने कहा- ठीक है हम फैजान के घर बताते हुए अपने घर चले जायेंगे. अलविदा!!

नाजिया ने अलविदा कहकर दरवाजा बंद किया और सोते हुए फैजान की ओर कातिल निगाहों से देखा. फिर उसकी नजर रेहान पे पड़ी. नाजिया ने रेहान को उठाने की कोशिश की, लेकिन वो बहुत गहरी नींद में था. दरअसल नाजिया ने रेहान और फैजान के शरबत में मदहोशी की दावा मिला दी थी. खैर उसने किसी तरह रेहान को उसके बिस्तर तक पहुंचा दिया.

फिर वो फैजान के पास आई. उसे पता था कि फैजान अभी मदहोशी में है. उसने फैजान का कोमल चेहरा अपने हाथों में लिए फिर अचानक से जाने उसे क्या हुआ उसने फैजान के चेहरे, गर्दन और होठों को बेतहाशा चूमना शुरू कर दिया. वो जैसे-जैसे उसे चूम रही थी उसकी हवस और बढ़ते जा रही थी. फिर वो थोड़ा नीचे आकर फैजान के लंड को पैन्ट के ऊपर से चूमने लगी. फिर उसने पैन्ट उतार दिया. फैजान के लंड का उभार अंडरवियर के ऊपर से अब नाजिया को साफ़ नजर आ रहा था.

अब नाजिया ने फैजान का अंडरवियर भी अपने दांतों से पकड़ कर नीचे खिसका दिया. फैजान का लंड अभी सोया हुआ था लेकिन सोई अवस्था में ही वो कम से कम 5” का था. उसके लंड की मोटाई देख कर नाजिया की लार टपकने लगी. वो इस समय उसी निगाह से फैजान को देख रही थी जैसे कोई शिकारी अपने शिकार को देखता है.

नाजिया ने फैजान का लंड हाथ में पकड़कर उसपे अपनी जीभ फिरानी शुरू कर दी. फिर उसने लंड के टोपे को चूसना शुरू किया. नाजिया का एक हाथ फैजान का लंड पकड़े था तो दूसरा हाथ उसकी अपनी चूत को रगड़ रहा था. लंड चूसने में माहिर नाजिया अपने होठों और मुँह के संकुचन से फैजान के लंड में कडापन लाने में कामयाब रही. लेकिन उसने उस बढ़ते आकार वाले लंड को चूसना जारी रखा. उधर फैजान के मुँह से भी नींद में ही सिस्कारियां निकलनी शुरू हो गयी.

अचानक ने उसके लंड ने अपने वीर्य छोड़ दिया. वीर्य का स्वाद नाजिया के लिए नया नहीं था. लेकिन नए लंड का नया  स्वाद उसे भा गया. लेकिन उसकी चूत अभी भी प्यासी थी. उसने फैजान को उठाने की क्कोशिश की. फैजान उठा तो लेकिन नींद के ज़बरदस्त प्रभाव से उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था. नाजिया उसे किसी तरह सहारा देकर अपने बिस्तर तक ले गयी. कमरे के अन्दर पहुँच कर उसने दरवाजा बंद कर लिया और अपने और फैजान के बाकी बचे कपड़े भी उतार दिए.

अब उसने अपने मोबाइल का कैमरा चालू कर दिया और खुद बिस्तर पे पहुँच गयी. फैजान और उसका लंड दोनों सोये हुए थे. उसने फिर फैजान के लंड को चूसना शुरू किया. उसकी वासना इस कदर उसपे सवार थी की वो कभी लंड को चूसती कभी दांतों के बीच रखकर काटने का उपक्रम करती. लेकिन इस बार वो हलब्बी लंड काफी देर में खड़ा हुआ. नाजिया ने अपनी चूचियों के बीच में रखकर लंड को मसाज देनी शुरू की.

अब तक इमरान और नदीम को गए 2 घंटे से उपर हो चुके थे. फैजान पे भी नींद का असर कम होने लगा था लेकिन वो अभी भी अर्धनिद्रा में था. उसे लगा कि वो अपने सपनो की रानी के साथ जिसे सोच कर वो मुठ मारा करता था, बिस्तर पे है.

फैजान की आखें अधखुली सी थीं और लगभग नींद में ही उसने नाजिया के शरीर से अपना शरीर रगड़ना शुरू किया. फिर नाजिया ने फैजान के लंड को बिना अन्दर डाले अपनी चूत से रगड़ना शुरू किया. उसकी माख्माली चूत भी अब तक पूरी गीली हो चुकी थी. फिर उसने लंड को अपनी चूत में डालकर हिलना शुरू किया. नाजिया अब लंड के ऊपर कूद रही थी. फैजान का मोटा लंड चूत की दीवारों में रगड़ पैदा करके उसकी आग और भड़का रहा था.

नाजिया ने फैजान के होठों को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया. कभी वो होठों को दांतों से काटती तो कभी फैजान के सीने पे अपने नाखून गड़ाती. फैजान का लंड भी नाजिया के चूत के झटकों से हलकान हो रहा था. अचानक से नाजिया की चूत ने पानी छोड़ दिया. पसीने से तरबतर नाजिया फैजान के ऊपर ही लुढ़क गयी.

इसके बाद की कहानी लेकर मैं जल्द ही हाजिर हो जाऊँगा. तब तक अपनी प्रतिक्रियाएं मुझे मेल करिए.

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