फेसबुक फ्रेंड की पहली बार चुदाई

यह मेरा पहली बार था तो मैं जल्दी से तैयार हो गया. मैंने अपने लंड पर कंडोम लगाया और उसकी पेंटी उतार कर फेंक दी और उसकी टाँगों को अपने कंधो पर रख कर लंड उसकी चूत पर लगाया और एक जोर का धक्का मारा. मेरा धक्का इतना तेज था कि वो जोर से चिल्ला पड़ी. उसके चिल्लाने से मैं डर गया पर मैंने उसको छोड़ा नहीं और चोदता रहा…

नमस्कार दोस्तों! मेरा नाम समीर है और मैं अन्तर्वासना नियमित पाठक हूं. मैं दिल्ली का रहने वाला हूं और मेरी उम्र 25 साल है. मैंने यहां पर बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं जिनको पढ़कर मुझे बहुत माजा आता है. इन कहानियों को पढ़कर कई बार मेरे मन में ख्याल आया कि मैं भी अपनी कहानी आप के सामने रखूं पर मैं नहीं कर पाया. आज मैं पहली बार अपनी कोई कहानी अन्तर्वासना पर लिख रहा हूं और यह कहानी पूरी तरह सच्ची घटना है.

मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी किसी से सेक्स नहीं किया था, लेकिन मैं हमेशा सेक्स के बारे में सोचता रहता था. दूसरे शब्दों में कहूं तो मैं सेक्स के लिए हर पल तैयार रहता था. लेकिन आज तक मुझे कोई ऐसी लड़की नहीं मिली थी, जिसके साथ मैं चुदाई कर सकूं. इसलिए मुझे हमेशा हांथ से ही काम चलाना पड़ता था, मुठ मार कर.

बात 2013 की है. मुझे एक लड़की ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी. उस लड़की का नाम निक्की था. मैंने उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली और फिर फेसबुक पर ही हमारी बात होने लगी. मैं तब एक कंपनी में एक अच्छे पद पर काम करता था. फेसबुक पर बात करते समय मैंने कभी भी उससे कोई सेक्स की या गलत बात नहीं की थी. मैं उससे बस नार्मल बातें ही किया करता था. इस तरह धीरे – धीरे हमारी दोस्ती गहरी होती चली गयी और फिर हमने अपने मोबाइल नंबर एक्सचेंज कर लिए.

अब क्या था? अब तो हमारी और भी ज्यादा बातें होने लगी. एक बार मैंने उसे मिलने को कहा तो उसने मना कर दिया. उसका ऐसे मना करना मुझे बहुत बुरा लगा और मैंने उससे बात करना बंद कर दिया.

कुछ दिन ऐसे ही बीते फिर एक दिन अचानक उसकी कॉल आई और मेरे फोन रिसीव करते ही उसने मुझसे मिलने को कहा. मैं तो बहुत ज्यादा खुश हो गया. फिर हम दोनों ने मिलने का प्लान बनाया और एक मेट्रो स्टेशन पर हमारा मिलना तय हुआ.

दोस्तों मैंनें उसे पहले कभी नहीं देखा था. जब हम मिले तो मैंने उसे पहली बार देखा वो बिलकुल भी खूबसूरत नहीं थी और उसकी लंबाई भी बहुत कम थी. वह करीब 4 फुट 8 इंच लम्बी थी. खैर मुझे उससे क्या मतलब, मुझे तो बस उसकी चूत चाहिए थी. मेट्रो स्टेशन से मैं उसे राजीव चौक के सेंट्रल पार्क में लेकर गया. लेकिन वहां पर काफी भीड़ थी, इस कारण वहां पर कुछ नहीं हुआ. हमने वहां पर बस बातें की.

अगले दिन मैंने उसे फिर से मिलने को बुलाया. इस बार मैं पूरी तैयारी के साथ गया था, क्योंकि इस बार मैं धोखा नहीं खाना चाहता था. मैं अपनी बाइक लेकर गया था. वहां पहुंच कर मैंने उसे कहा – चलो कहीं और घूमने चलते हैं. वो आसानी से मान गयी.

मैं उसे बुद्धा पार्क लेकर गया. वहां बहुत से लड़के और लडकियां एक साथ बैठे थे. कोई किसी को किस कर रहा था तो कोई किसी के चूचे चूस रहा था. ये सब देख कर मेरा भी लंड खड़ा हो गया. फिर हम दोनों एक बेंच पर बैठ गए और मैंने उससे उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा तो उसने कहा कि उसका कोई मेरा बॉयफ्रेंड नहीं है. फिर उसने पलट कर मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा. मैंने भी मना कर दिया.

फिर मैंने उसे प्रपोज़ किया और उसने मुझे हां बोल दिया. उसके हां बोलते ही मैं उस पर टूट पड़ा. मैंने उसके होठों से अपने होंठ मिला दिया और बहुत देर तक उसे किस करता रहा और किस करने के बाद मैं बेंच से उठ कर उसके चूचे दबाना शुरू कर दिया़ उसको भी मजा आने लगा था.

फिर मैंने मै़ौका देखकर उसकी पजामी में अपना हांथ डाल दिया. हाथ डालकर मैंने देखा तो उसकी पेंटी चूत के पानी से गीली हो गयी थी. लेकिन पार्क होने की वजह से मुझे फिर मायूस होना पड़ा. फिर हम दोनों पार्क से वापस आ गए और मैंने उसे मेट्रो स्टेशन पर छोड़ा और उसे कहा कि कल हम मेरे एक फ्रेंड के रूम पर मिलेंगे. वो मान गयी. इधर मैंने पहले ही अपने फ्रेन्ड से बात कर ली थी.

अगले दिन वो मेरे बताये एड्रेस पर रोहिणी में आ गयी. मैंने पहले ही सब तैयारी की हुई थी. जैसे ही वह आई उसके आते ही मैंने उसे पकड़ कर बहुत जोर से गले लगाया और उसके होठों पर बहुत देर तक किस किया और फिर मैंने उसके सारे कपड़े निकाल दिए उसकी ब्रा और पेंटी को छोड़कर और अपने भी सारे कपड़े निकाल दिये. फिर मैंने उसके नर्म – नर्म चूचे दबाना शुरू किया. कुछ देर दबाने के बाद मैं उन्हें चूसने लगा. उसकी चूचियों को चूसने में मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था.

यह मेरा पहली बार था तो मैं जल्दी से तैयार हो गया. मैंने अपने लंड पर कंडोम लगाया और उसकी पेंटी उतार कर फेंक दी और उसकी टाँगों को अपने कंधो पर रख कर लंड उसकी चूत पर लगाया और एक जोर का धक्का मारा. मेरा धक्का इतना तेज था कि वो जोर से चिल्ला पड़ी. उसके चिल्लाने से मैं डर गया पर मैंने उसको छोड़ा नहीं और चोदता रहा.

ये मेरा पहली बार था. इसलिए मैं बहुत जल्दी झड़ गया. फिर मैंने थोड़ी देर बाद दोबारा उसे चोदना शुरू किया. अब उसे मडा आने लगा था और वह जोर – जोर से चिल्ला रही थी – चोदो अआह और जोर से चोदो. इस बार मैंने काफी टाइम लिया और हम दोनों साथ मे ही झड़ गए. मैंने अपना सारा पानी उसकी चूत में ही भर दिया.

उस दिन मैंने उसे 4 बार चोदा और फिर उसे मेट्रो स्टेशन पर छोड़ने गया. उससे चला भी नहीं जा रहा था. मैंने उससे पूछा-मजा आया? उसने कहा – मजा तो आया पर दर्द बहुत हो रहा है. मैंने उसे दर्द की दवा और इमरजेंसी पिल दिलाई और वो अपने घर चली गयी. उसके बाद मैंने उसे बहुत बार चोदा. अब उसकी शादी हो गयी और मैं फिर से अकेला हो गया.

ये मेरी सच्ची कहानी है इसमें कोई झूट नहीं है. मुझे मेल कर के जरूर बताएं कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी. कोई गलती हुई हो तो माफ़ करना और मेल जरूर करना.

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