फेसबुक पर मिली भाभी को उसके घर में चोदा

जब पति अपनी पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पाता तो पत्नी अपनी प्यास बुझाने का दूसरा जरिया खोजती है. वो हाथ का प्रयोग करती है और साथ ही दूसरे मर्दों को भी निमंत्रण देती है. ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ, जब फेसबुक पर एक महिला से मेरी दोस्ती हुई और फिर हम चुदाई तक जा पहुंचे…

दोस्तों, मेरा नाम विकास है और मैं पंजाब का रहने वाला हूं. मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक हूं और इसकी सभी कहानियों को पूरा मज़ा लेकर पढ़ता हूं. सब से पहले गुरु जी, सभी चूत वाली भाभियों – लड़कियों और लंड वालों को मेरा नमस्कार!

अब आप लोगों को इधर – उधर की बातों में न उलझाते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. दोस्तों, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे भी फ़ेसबुक पर कोई मिलेगी, जो मेरी वासना को शांत करेगी. लेकिन होनी को कौन टाल सकता है, वो होकर ही रहती है.

लगभग 2 महीने पहले फेसबुक पर मेरे पास नीतू नाम की औरत की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई. मैंने उसे एक्सेप्ट कर लिया. उसने मुझे अपनी उम्र 45 साल बताई. फिर धीरे – धीरे हमारी बात होनी लगी. दोस्तों, आप तो जानते ही हैं कि बातों का सिलसिला एक बार शुरू होता है तो फिर रुकता नहीं. वैसे ही मेरा और नीतू का हुआ. धीरे – धीरे हमारे बीच रोज बात होने लगी.

शुरुआत में कुछ दिन तो नॉर्मल बातें हुईं. फिर एक दिन मैंने उनसे कहा कि यदि आप गुस्सा ना करो तो एक बात पूछूं? इस पर नीतू हंस कर बोली, “पूछो, आप मेरे दोस्त हो दिल खोल कर पूछो”. तब मैंने पूछा कि आप सेक्स हर रोज करते हो? उसने जबाब दिया कि बस 15-20 दिन मे एक बार.

यह सुन कर मैंने फिर पूछा, “तो आप क्या फिंगरिंग करती हो? इस पर उसने कहा कि हां मैं अपनी प्यास बुझाने के लिए फिंगरिंग करती हूं.

दोस्तों, इस तरह 10 दिन तक हम अडल्ट बातें करते रहे. उस के बाद फिर एक दिन उस ने खुद ही कहा कि यदि मैं आप को अपने घर बुलाऊं तो आओगे या नहीं? दोस्तों, ये तो वही बात हुई कि अंधा क्या मांगे दो आंखें! मैं तैयार हो गया और मैंने हां कर दिया. साथ ही उनसे पूछा कि आपके पतिदेव?

तब उसने बताया कि उसके पति रेलवे में ड्यूटी करते हैं और जब उन की नाइट ड्यूटी होगी, तब मैं तुम्हें बुलाउंगी. इस पर मुझे भला क्या ऐतराज हो सकता था. मैंने कहा, “ठीक है”.

फिर हमारे बीच पहले जैसी ही सेक्सी बातें होने लगीं. अब मैं थोड़ा और खुल गया था. 5 दिन बाद उस ने मुझसे कहा कि उसके पति की नाइट ड्यूटी शुरू हो चुकी है. यह सुन कर मैं बहुत खुश हुआ. फिर हम ने टाइम ओर डेट तय कर लिया. हमने 2 दिन बाद की डेट अपने मिलन के लिए फिक्स की थी.

फिर दो दिन बाद शाम को 8 बजे मैं उस के घर पहुंच गया. वो घर में अकेली थी और उसकी गली में काफी अंधेरा था, मकान भी पुराना था. उसके गेट पर पहुंच कर मैंने बेल बजाई तो उस ने दरवाजा खोला और मुझे ले जाकर छोटे से कमरे में बेड पर बिठा दिया. इसके बाद वो पानी ले कर आई. मैंने पानी पिया और फिर वो मेरे पास आकर उसी बेड पर बैठ गई. यह देख मैंने झट से उस को अपनी बाहों में ले लिया. इस पर वो बोली – अभी नहीं.

मैंने कहा – अभी नहीं तो फिर कब?

उस ने कहा – रात को.

यह सुन कर मैंने उससे सवाल किया और कहा – अभी मूड नहीं है क्या? 

इसके जवाब में उस ने कुछ नहीं कहा. लेकिन मैं समझ गया कि वह क्या चाहती है. फिर मैंने उस के माथे पर किस किया. माथे पर किस करते ही उस ने अपनी आंखें बंद कर ली.

फिर मैंने उस की आंखों पर किस किया. तभी ना जाने उस पर क्या जादू हुआ कि उस ने एक दम मेरा लंड पकड़ लिया. अब क्या था. फिर मैंने एक – एक करके उस का सूट और सलवार उतार दिया. अब वह भी कहां पीछे रहने वाली थी. उस ने भी मेरी पैंट और शर्ट को खींच कर मेरे बदन से अलग कर दिया.

अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे. उस ने नीचे कुछ नहीं पहना था. उस की मोटी – मोटी फांकों वाली लाल रंग की चूत तो ऐसी थी मानो बरसों से किसी ने छुआ ही ना हो. मम्मे तो ऐसे की जैसे तरबूज हों औ उस पर भूरे रंग का निप्पल गजब ढा रहा था. उसकी चूत और मम्मों को देखते ही मैं पागल हो गया.

अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था तो मैंने उस के बड़े – बड़े मम्मे चूसने शुरू कर दिए. बहुत मज़ा आ रहा था. फिर उस ने भी मेरा साथ दिया. अब वह मेरा लंड अप – डाउन करने लगी और साथ ही उसे मसल भी रही थी. मैं उसके एक मम्मे को चूसता और दूसरे को मसलता रहा. मेरे ऐसा करने से वह सिसकियां भरने लगी.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने उस के पूरे बदन को चूमना शुरू कर दिया. वह एक दम मस्त हो गई और अकड़ने लगी. यह देख मैंने उसे 69 की पोजीशन में किया. उसने झट से मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी. वह लंड ऐसे चूस रही थी, जैसे कोई लॉलीपॉप चूसता है.

अब मैंने भी उस की चूत को चूसना शुरू कर दिया. बहुत मज़ा आ रहा था. फिर जब मैंने उस की चूत में अपनी जीभ फेरी तो वो एक दम से मचल उठी. अब वह मेरा लंड और तेजी से चूसने लगी. लंड चुसाई से मैं भी मस्त हो चुका था. मुझे लगा कि कहीं मेरा माल उस के मुंह में ही न निकल जाए. इसलिए मैं सीधा हुआ और उसे डॉगी स्टाइल में आने को कहा.

वो झट से कुतिया बन गई. फिर मैंने उस के पीछे जाकर अपना मोटा लंड उस की चूत में डाल दिया और साथ ही उस के मम्मों को भी मसलने लगा. मेरा पूरा लंड एक ही बार में उस की चूत की गहराइयों में घुस गया. लंड अंदर घुसते ही उसके मुंह से एक आह सी निकल गई. बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों.

अब मैं धक्के लगाने लगा. मेरे हर शुरुआती धक्के के साथ उस के मुंह से एक ही आवाज निकल रही थी, “मार डालोगे क्या”. थोड़ी देर बाद मेरा लंड चूत में अच्छे से सेट हो गया और अब उसके मुंह से मादक सिसकियां निकलने लगीं. क्या फील आ रहा था उस टाइम.

थोड़ी देर बाद फिर मैंने उस को सीधा लिटा लिया और लंड उस की चूत में डाल दिया. अब मैं अपना गर्म – गर्म लंड उस की गर्म – गर्म चूत अंदर – बाहर करने लगा. इस पोजीशन में वो भी अपनी गांड ऊपर – नीचे करके मेरा साथ दे रही थी.

मैंने करीब 15 मिनट तक जम कर उस की चुदाई की. फिर मैंने अपना सारा पानी उस की चूत में ही निकाल दिया. अब तक वो कितनी बार झड़ चुकी थी ये मैंने ध्यान ही नहीं दिया. मेरे लंड का पानी पाकर उस का चेहरा और उस की चूत दोनों खिल उठी थीं. फिर वह मुझसे चिपक कर लेट गई.

दोस्तों, उस रात मैंने उस को 3 बार चोदा और फिर अपने घर वापस आ गया. चुदाई के दौरान जब हम बीच में ब्रेक लेते तो हम ढ़ेर सारी बातें करते. बातों ही बातों में उसने बताया कि उसका पति शराबी है और वह सेक्स नहीं कर पता.

फिर भोर पहर ही मैंने उस से विदाई ली और उस के पति के आने से पहले ही मैं वहां से निकल आया. दोस्तों, मेरी कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताना. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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