फेसबुक से चुदाई तक का सफर

एक दिन फेसबुक पर मुझे एक लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली. वो दिखने में बहुत सेक्सी लग रही थी. यह देख मैंने उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली और हमारी बात शुरू हो गई. फिर किस तरह हमने चुदाई तक का सफर तय किया. ये आपको मेरी इस कहानी में जानने को मिलेगा…

हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? उम्मीद करता हूं अच्छे होंगे और चूत चुदाई का मज़ा ले रहे होंगे. मेरा नाम विवेक है और मैं बिहार के एक छोटे से शहर का रहने वाला हूं. आज मैं भी यहां पर आप लोगों के लिए अपनी पहली कहानी  लिखने जा रहा हूं, उम्मीद करता हूं पसंद आएगी.

दोस्तों, मैं पिछले 9 साल से अन्तर्वासना की कहानी पढ़ रहा हूं लेकिन लिखने का मौका आज जाकर मिला. कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में थोड़ा बता देना चाहता हूं. मैं दिखने स्मार्ट और हैंडसम लड़का हूं. मेरी उम्र 25 साल और लम्बाई 5 फुट 6 इंच है. इतना ही नहीं मैं रेगुलर जिम भी जाता हूं, जिससे मेरी बॉडी एक दम फिट रहती है. मेरे लंड का साइज 6 इंच है. मैंने आज तक बहुत सारी लड़कियों, भाभियों और आंटियों की चूत चुदाई की है.

अब ज्यादा समय न लेते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. दोस्तों, अपने खाली समय मैं ज्यादातर फेसबुक चलाता रहता हूं और मैसेंजर पर दोस्तों से चैटिंग भी करता रहता हूं. मेरी ये आदत पिछले काफी समय से है.

बात पिछले साल की है. एक दिन मैं घर पर बैठा मैसेंजर पर एक दोस्त से चैटिंग कर रहा था. तभी मेरे पास श्रुति नाम की एक लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई. मैंने उसकी डीपी देखी तो वो फ़ोटो उसी की लगी. फ़ोटो में एक दम मस्त और पटाखा लग रही थी.

फ़ोटो देख कर मैंने उसकी साइज का अंदाज लगाया तो 34 की चूची, 28 कमर और 34 की गांड समझ आई. कुल मिला कर वो एक दम सनी लियोनी की कॉपी दिखती थी. उसे देखते ही मेरे दिल से आवाज आई, “काश! ये चोदने को मिल जाए तो मज़ा ही आ जाए”.

फिर मैंने उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली और मैसेंजर पर ‘हाय’ लिख कर उसे मैसेज किया. उसने भी तुरंत ही जवाब दे दिया. इसके बाद हम दोनों की बातों का सिलसिला चलने लगा. हम दुनिया भर की बातें करते थे. एक दिन बातों ही बातों में मैंने उससे पूछा कि वो कहां की रहने वाली है तो उसने मेरे ही शहर का नाम बताया. यह सुन कर मैं खुश हो गया सुर मैंने भी उसे बता दिया कि मैं भी उसी शहर का रहने वाला हूं.

कुछ दिनों के बाद उसकी बातों से मुझे लगा कि वो मुझे पसंद करने लगी है. फिर मैंने श्रुति को प्रपोज कर दिया. उसने भी मेरा प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया. मैं बहुत खुश हुआ. मैंने सोच लिया कि अब तो कुछ भी हो जाए, ये चुद कर ही मानेगी.

फिर धीरे – धीरे हमारी बातों का रुख सेक्स की ओर मुड़ने लगा. अब हमारे बीच खूब सेक्सी बातें होने लगीं और फोन सेक्स का भी सिलसिला चलने लगा. इतना ही नहीं हम दोनों मैसेंजर पर वीडियो कॉलिंग के माध्यम से सेक्स चैट भी करने लगे. शुरू – शुरू में तो ये सब थोड़ी देर के लिए होता लेकिन फिर देर रात तक जारी रहने लगा.

मेरी सेक्सी बातों को सुन कर वो बहुत गर्म हो जाती थी और मुझसे कहती थी कि आओ और जल्दी से मेरी चूत में अपना मूसल सा लंड डाल कर मेरी प्यास को बुझा दो. दोस्तों, सच तो यही था कि अब आग दोनों तरफ लग चुकी थी लेकिन हमें चुदाई का मौका नहीं मिल पा रहा था.

फिर एक दिन मैंने चुदाई का प्लान बनाया और अगले दिन उसे कॉलेज जाने से मना कर दिया. वह घर तो कॉलेज के लिए निकली थी लेकिन रास्ते में मैंने उसे रिसीव कर लिया और होटल ले गया. वहां पर मेरा एक रूम पहले से ही बुक कर दिया था.

मुझे पता था कि वो चुदने के लिए तैयार है. फिर जैसे ही हम होटल रूम में घुसे उसने तुरंत ही अपने सारे कपड़े उतार दिए. मैं उसे कपड़े उतारते देखता रहा. अब तक मेरा लंड मेरी अंडर वियर में खड़ा होकर उसे फाड़ने के लिए तैयार हो गया था.

मुझे इस तरह खड़ा देख वो बोली, “ऐसे क्या देख रहे हो, तुम भी अपने कपड़े उतारो”. तब मैंने कहा, “तुम खुद ही उतार दो”. फिर उसने मेरे भी कपड़े उतार दिए. अब मेरे बदन पर सिर्फ अंडर वियर बची थी. फिर जब वह उसे भी उतारने लगी तो उसकी नजर मेरे खड़े लंड पर पड़ी. उसे देख के वो डर गई और बोली, “बहुत बड़ा है, अंदर कैसे जाएगा?” तब मैंने मुस्कुरा के कहा, “कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती.”

इतना कहने के बाद उसे पलंग पर लिटा दिया. इसके बाद फिर मैं उसकी चूत को किस करने और चाटने लगा. चूत से मेरी जीभ टच होते ही वह बिना पानी के मछली की तरह छटपटाने लगी. उसके चूत से रिस रहा खारा पानी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मैं मस्ती में चाटता रहा. करीब दस मिनट बाद उसका पानी निकल गया, जिसे मैं पूरा चाट गया.

इसके बाद मैंने उसे मेरा लंड चूसने को कहा तो उसने झट से उसे मुंह में ले लिया. वो मेरे लंड को मुंह में लेकर ऐसे चूस रही थी, जैसे कोई बर्फ चूस रही हो. मुझे असीम आनंद मिल रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे मैं स्वर्ग पहुंच गया हूं. उसकी चुसाई की वजह से मेरे लंड ने जल्द ही जबाब दे दिया और उसकी पिचकारी छूट गई. जिसे वह गटक गई.

फिर मैं सीधा हो गया और उसकी चूचियों को मुंह में लेकर काटने लगा. उसकी चूचियां काफी टाइट थीं. उन्हें चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था. कुछ देर चूचियों को चूसने और मसलने के बाद फिर से मेरे लंड ने सलामी शुरू कर दिया.

तब मैंने उसे चित लिटाया और उसकी चूत के छेद पर लंड रख के धीरे से अंदर डाला ही था कि वो चिल्लाने लगी. मैंने तुरन्त उसके मुंह को हाथों से दबा लिया ताकि आवाज बाहर न जाये. इसके बाद फिर चालू हुआ मेरे लंड का खेल. धीरे धीरे वो नार्मल हुई और अपने चूतड़ उठा कर बोली, “पूरा डाल दो”. उसके इतना कहते ही मैंने एक झटके में अपना पूरा लंड चूत के अंदर कर दिया और लगातार धक्के देकर लंड अंदर – बाहर करने लगा.

कुछ देर बाद जब उसे भी लंड घर्षण से मज़ा मिलने लगा तो वो भी जबाब देने लगी. मैं ऊपर से धक्का देता और वो नीचे से लगा रही थी. उस वक़्त मैं करीब 30 मिनट तक बिना रुके उसे चोदता रहा. फिर उसकी चूत में ही झड़ गया. उसके बाद फिर मैंने उसकी गांड भी मारी. बाद में हमने और भी कई बार चुदाई की लेकिन वो सब फिर कभी. कैसी लगी मेरी ये कहानी. कमेंट करके बताना जरूर. मेरी मेल आईडी – [email protected] 

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