गांव वाले भतीजे के साथ गांड चुदाई

जब भी मैं गांव जाता तो मेरा भतीजा अक्सर मेरा फ़ोन लेकर उसे चलाता रहता. एक बार जब मैं गांव गया तो वह मेरा फ़ोन चला रहा था, तभी उसने उसमें गे सेक्स का एक वीडियो देख लिया. फिर जब मैं उसके पास गया तो वह मुझसे सवाल करने लगा. आखिर किस तरह मैंने उसे और उसने मेरी गांड मारी ये जानने के लिए इस कहानी को पढ़ना होगा…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम विशाल है और मैं जोधपुर शहर के लूणी क्षेत्र का रहने वाला हूं. मैं पिछले कई सालों से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं और यहां पर प्रकाशित होने वाली हर एक कहानी को पढ़ता हूं. इन मादक कहानियों को पढ़ कर मेरी भी इच्छा हुई कि मैं भी अपनी कहानी आप लोगों के साथ साझा करूं. यह कहानी मेरी और मेरे सगे भतीजे दीपक की है.

कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप लोगों को अपने बारे में बता देना चाहता हूं. मेरी उम्र 25 साल है और मैं दिखने में गोरा हूं. मेरी हाईट 5 फुट है और मेरा लण्ड 6.5 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है.

अब आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए सीधा मैं अपनी कहानी पर आता हूं. यह बात उन दिनों की है जब मैं जोधपुर में स्थित एक कॉलेज में पढ़ता था और शहर में ही रहता था. कभी – कभी मौका मिलने पर गांव भी आता था.

गांव में मेरे मम्मी – पापा के अलावा बड़े भाई भी रहते हैं. उनके एक बड़ा लड़का है, जिसका नाम दीपक है. तब उसकी उम्र 21 साल थी और वह 12वीं क्लास में पढ़ रहा था. हम दोनों लगभग हम उम्र ही थे. इसलिए उसकी और मेरी अच्छी बनती थी.

अब जब भी मैं गांव जाता तो वह ज्यादातर समय मेरे पास ही रहता था और पूरा दिन मेरे मोबाइल को लेकर मस्ती किया था. मुझे भी कोई ऐतराज नहीं था क्योंकि उसके होने से मेरा टाइम आराम से कट जाता था.

एक बार जब मेरे कॉलेज की छुट्टी थी तो मैं कुछ दिन के लिए गांव चला गया. मुझे देख कर वह खुश हो गया. फिर धीरे – धीरे टाइम बीतने लगा. एक दिन उसने मुझसे मेरा मोबाइल ले लिया. मुझे ध्यान नहीं था कि उसमें एक एडल्ट्स वीडियो साइट खुली, जिसमें सबसे ऊपर एक गे सेक्स का वीडियो दिख रहा था.

मोबाइल लेकर वो उसे देख ही रहा था कि तभी मैं आ गया. उसने मुझे देखा और मुस्कुराने लगा. मैं उसकी मुस्कुराहट देख के कुछ समझ नहीं पाया तो मैंने उससे पूछ लिया कि क्या बात है, इतना मुस्कुरा क्यों रहे हो?

इस पर वह मुस्कुराते हुए बोला – क्या चाचू आप भी, क्या – क्या देखते रहते हो फ़ोन में? उसके इतना कहने पर मेरा ध्यान फ़ोन की स्क्रीन पर गया और मैं समझ गया कि वो किसकी बात कर रहा है. तब मैंने उससे कहा – तुम नहीं देखते हो क्या? तो उसने कहा – नहीं, मैंने तो आज पहली बार देखा है. इतना ही नहीं, मैंने तो किसी दूसरे का लण्ड भी आज तक कभी नहीं देखा है!

उसके मुंह से ये सुन कर मुझे लगा कि शायद वो लण्ड देखना चाहता है, फिर मैंने उससे पूछा कि अच्छा ये बताओ मेरा लण्ड देखोगे? यह सुन कर वह शरमा गया और मुंह नीचे करते हुए बोला, “हां”.

उसजी सहमति मिलने पर मैंने उससे अपना मोबाइल ले लिया. मेरे मोबाइल में मेरे लण्ड की फोटो थी, वह मैंने उसको दिखा दिया और फिर उससे पूछा कि कैसा लगा? वह बोला, “बहुत अच्छा लगा”.

अब मुझे उसके इरादे कुछ – कुछ समझ आने लगे थे. फिर मैंने उससे पूछा कि रियल में देखेगा? तो उसने हां बोल दिया. दोस्तों, उस टाइम हम दोनों वहां पर अकेले ही थे. इसलिए हमें कोई डर नहीं था. फिर मैंने लोअर की इलास्टिक खींच के उसे झांकने को कहा और इस तरह उसको अपना मोटे लण्ड का दर्शन करा दिया.

पहले तो वह कुछ देर तक एकटक लण्ड देखता रहा. फिर उसने मेरे लोअर में हाथ डाल कर मेरे लण्ड को पकड़ लिया और धीरे – धीरे सहलाने लगा. फिर मैंने भी उसके लोअर में हाथ डाल कर उसका लण्ड पकड़ा और सहलाने लगा.

थोड़ी देर जब हम दोनों को मज़ा आने लगा तो फिर मैंने उससे कहा, “एंजॉय करोगे मेरे साथ?” इस पर उसने कहा कि हां कर लूंगा. यह सुनते ही मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

फिर मैंने उसे मेरे साथ चलने को कहा. कुछ ही देर में हम दोनों हमारे खेत पर बने कमरे में पहुंच गए. क्योंकि घर पर मेरी मम्मी और भैया – भाभी के रहने की वजह से वहां कुछ भी करना सम्भव नहीं था.

वहां पर ले जाकर मैंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फिर मैंने उसको किस करना स्टार्ट कर दिया. अब वह भी मेरे होंठों पर किस करने लगा. हमें बहुत मज़ा आ रहा था. फिर थोड़ी देर बाद मैंने उससे पूछा कि तुमने कभी ऐसा सेक्स किया है? तो उसने कहा कि हां एक मेरा दोस्त है उसके साथ कभी किस वगैरा कर लेते हैं और साथ में मुट्ठी भी मार देते हैं, इसके अलावा कभी कुछ नहीं किया.

फिर हम दोनों ने एक – दूसरे की मुट्ठी मारी. दोस्तों, वास्तव में मुझे बहुत मजा आ रहा था. करीब 5 मिनट मुट्ठी मारने के बाद दोनों झड़ गए और हमारी गर्मी शांत हो गई.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने उससे कहा, “गांड में लेगा?” इस पर उसने हां में सिर हिला दिया. फिर मैंने वहां पर पड़ी सरसों के तेल की शीशी उठाई और उसकी गांड में तेल लगा कर मालिश करने लगा. मेरे ऐसा करने से उसे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर वह मेरे को किस करने लगा.

उसके गांड की मालिश करने के बाद मैंने अपने लण्ड पर भी तेल लगाया और उसके बाद लण्ड का सुपाड़ा उसकी गांड के होल पर रख के धीरे – धीरे अंदर करने लगा. चूंकि उसने पहले कभी गांड नहीं मरवाई थी इसलिए उसे दर्द होने लगा और उस दर्द के चलते वह चिल्लाने लगा. उसने कहा, “चाचू, बहुत दर्द कर रहा है, बाहर निकाल लो”. इस पर मैंने कहा कि दीपू, अभी थोड़ा तो दर्द होगा लेकिन फिर बहुत मजा आएगा.

इस पर उसने कहा, “कोई बात नहीं चाचू, आपके लिए मैं यह दर्द भी सह लूंगा”. उसकी बात सुन कर मैं खुश हो गया. फिर मैंने धीरे – धीरे करके पूरा लण्ड उसकी गांड में डाल दिया.

पूरा लण्ड गांड में जाने से उसे और तेज दर्द हुआ लेकिन उसने कुछ नहीं कहा. लेकिन चूंकि मैं उसके साथ आराम से करना चाहता था इसलिए 2 मिनट के लिए रुक गया. रुकने के बाद जब उसे कुछ राहत हुई तो मैं फिर से उसकी गांड चुदाई करने लगा.

अब लण्ड उसकी गांड में पूरी तरह सेट हो गया था, इसलिए उसे भी मज़ा आने लगा था. करीब 10 मिनट चुदाई के बाद मैंने उससे कहा, “दीपू, अब मैं झड़ने वाला हूं कहां निकलूं? तो उसने कहा कि अंदर ही निकाल दो चाचू.

इसके बाद मैंने अपने धक्कों की रफ्तार बढ़ा दी और 10-12 धक्कों के बाद मैंने उसकी गांड के अंदर ही अपना माल छोड़ दिया. फिर थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद उसने कहा, “चाचा जी, अब मैं भी आपकी मारूंगा”. इस पर मैंने कहा, “चलो कोई बात नहीं, मार लो”.

फिर उसने भी मेरी गांड पर काफी अच्छे से तेल लगाकर अपना 5 इंच का लण्ड मेरी गांड के अंदर डाल दिया और 7-8 मिनट चुदाई करने के बाद उसने अपना लण्ड मेरी गांड से बाहर निकल कर मेरे हाथ में दे दिया. अब मैं उसकी मुठ मारने लगा. थोड़ी ही देर उसका माल मेरे हाथ में ही छूट गया.

अब हम दोनों संतुष्ट थे और फिर वहां से वापस घर चले आए. अब जब भी हम मिलते हैं तो मौका देख कर एक – दूसरे की गांड जरूर मारते हैं. कहानी कैसी लगी, कमेंट करके जरूर बताएं. धन्यवाद!

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