घर के बगल वाले जंगल में मंगल

मेरी एक दोस्त थी जिसका एक बॉयफ्रेंड भी था. लेकिन वो सिर्फ नाम का ही था. उन्होंने कभी किस तक नहीं किया था. एक बार मैं अपनी उस दोस्त के साथ उसके घर के पीछे के जंगल में हैंग आउट कर रहे थे तभी बारिश होने लगी. जिसका फायदा उठाकर मैंने उसकी सील तोड़ दी…

अन्तर्वासना के सभी पाठक और पाठिकाओं की मेरा प्यार भरा नमस्कार! दोस्तों, मेरा नाम प्रफुल्ल है (परिवर्तित नाम) और मैं राजस्थान के बीकानेर जिले का रहने वाला हूँ. मेरी हाइट 5 फुट और 5 इंच है. मेरा रंग गेहुँआ है और मैं दिखने में एक दम बॉलीवुड के हीरो आयुष्मान खुराना की तरह लगता हूँ. इसी कारण लड़कियां मुझसे बहुत जल्दी इम्प्रेस हो जाती हैं.

दोस्तों, वैसे तो मैं अच्छा खासा पैसे वाला हूँ और बाप जी की दया से मेरे पास खूब पैसे रहते हैं. इसी कारण आज तक मुझे कई लड़कियों को चोदने का मौका भी मिला है. दोस्तों, मैं इस चोदा चोदी का खेल 19 साल की उम्र से ही खेल रहा हूँ.

अब मैं अपने लंड की तारीफ खुद से ही कर लेता हूँ. दोस्तों, मैं झूठ नहीं बोलता वैसे तो मेरा लन्ड है केवल 4.7 इंच का, लेकिन है खूब करामाती. मैंने इसी लन्ड के सहारे कभी घोड़ी बना कर तो कभी घपाघप सीधे चोद कर मैंने कई लड़कियों को आहें भरवाई हैं.

बात करीब 1 साल पहले की है. उस समय मैं अपनी ज़िन्दगी की एक बहुत ही खूबसूरत लड़की से मिला. तब मैं और वो दोनों ही 20 साल के थे. दोस्तों, कहानी को बढ़ने के लिए मैं यहां पर उसका काल्पनिक नाम पल्लवी रख देता हूँ, क्योंकि मैं नहीं चाहता की उसकी कोई भी पहचान ओपन हो.

अब कहानी में आगे बढ़ते हैं. पल्लवी गेहुंए रंग की छरहरी लड़की थी. उसके बोबे बिलकुल आम की तरह थे और उसकी बिल्लोरी आँख बहुत ही मादक लगती थीं. वह एक बहुत ही नशीली आवाज़ वाली लड़की है. वह ऐसी थी कि अगर किसी को देख भर ले तो सामने वाले का लंड तन जाए और उसे चोदने का मन होने लगे.

उसके होंठों की तो बात ही निराली थी. उसके होंठों के बारे में सोचते ही आह सी निकल जाती है. चटक लाल रंग के उसके चमकदार होंठ जैसे लंड चूसने के लिए ही बने हों. उसकी नाक छोटी सी और बहुत प्यारी थी.

मैं जब भी उसको देखता तो मेरा मन हमेशा ही उसको चोदने का करता था. उसकी एक बड़ी बहन भी थी. जिदका नाम एकता था. लेकिन सब उसे एकता जी कहते थे. एकता जी भी बहुत बड़ी चुद्दकड़ किस्म की लड़की थीं. दिखने में वो भी एक दम पल्लवी की ही तरह थीं पर मेरे लिए वो पल्लवी से कम हॉट थीं. क्योंकि वो थोड़ी लंबी थी और मुझे लंबी लड़कियां ज्यादा पसंद नहीं हैं. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि मैं लम्बी लड़कियों की लेता नहीं हूँ. मिलने पर तो मैं उनकी गांड भी मार लेता हूँ.

पल्लवी का और मेरा रिश्ता दोस्तों वाला था लेकिन क्योंकि हम दोनों अपना अधिकतर समय साथ ही बिताते थे तो वो मेरे लिए गर्लफ्रेंड जैसे ही थी. शायद उसके मन में भी मेरे लिए फीलिंग्स थी लेकिन वो कहती कुछ नहीं थी.

दोस्तों, उसका एक बॉयफ्रेंड भी था. उसका नाम रेहान था. रेहान हैंडसम था और मुझ से लम्बा भी था. इस कारण उसके पीछे भी कई लड़कियां पागल थीं. लेकिन वो पूरा लल्लू टाइप का था. पल्लवी और वो एक – दूसरे से प्यार करने की बात करते थे लेकिन उन्होंने कभी भी सेक्स चैट तक नहीं किया था और शायद अभी तक किस भी नहीं किया था.

पल्लवी को पाने के लिए मुझे उस को रास्ते से हटाना था. चूंकि, वो थोड़ा शांत और डरपोक टाइप का था तो उसे रास्ते से हटाना बहुत ही आसान काम था. मैं तो बस मौके का इंतजार कर रहा था. लेकिन काफी दिन तक इंतजार करने के बावजूद मुझे ऐसा कोई मौका मिला ही नहीं.

एक दिन की बात है. मैं और पल्लवी हैंग आउट करने के लिए निकले थे. पल्लवी के घर के पीछे एक सुनसान जगह थी. दोस्तों, वो असल में एक जंगल के जैसा था, लेकिन आस – पास आबादी भी थी तो लोग अक्सर वहां पर अपनी गर्लफ्रेंड और माल को लेकर चुम्मा – चाटी करने आते थे.

उस दिन मौसम काफी सुहाना था और पल्लवी ने एक मस्त स्लीव लेस टॉप पहन रखी थी. उसकी टॉप बहुत ही लूज थी. नीचे पल्लवी ने मिनी स्कर्ट पहना हुआ था. जिसमें से उसकी टांगें दिखती थीं और बैठने पर जांघ तक का नज़ारा सामने होता था. उसकी कॉफी के रंग जैसी टांगों को देख – देख कर मेरा लंड तन रहा था.

कभी – कभी बैठने पर उसकी मिनी स्कर्ट के अंदर से उसकी लाल फूल वाली चड्डी भी साफ़ दिखाई दे जाती थी. हम दोनों यूं ही मस्ती कर रहे थे कि तभी संयोग से अचानक तेज बारिश होने लगी.

बारिश में हम दोनों भीग रहे थे. तभी मेरी नज़र उसके आम जैसे मम्मों पर पड़ी. उसकी चूचियां तनी हुई थीं और ऊपर से बारिश का पानी मेरे अंदर आग में घी डालने जैसा था. यह सब देख कर मैं खुद को रोक नहीं पाया. जब वो अचानक हुई बारिश से आह… आह… कर के चिल्ला कर भागी तो मेरी मर्दानगी पूरी तरह जाग गई थी.

बारिश में भीग कर भागते हुए उसके हिलते – डुलते मम्मे मुझे स्लो मोशन में दिखाई दे रहे थे. जिन्हें देख कर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. बारिश के साथ – साथ चल रही हवा से उसका मिनी स्कर्ट भी ऊपर की तरफ उड़ रहा था. जिससे मुझे पैंटी के ऊपर से उसकी गांड दिख रही थी.

उसके मस्त बोबे, गांड, आंख, होंठ और ऊपर से बारिश में खिलखिलाती उसकी आवाज़ सब क़यामत ढा रहे थे. काफी देर तक भीगने के बाद फिर मैंने उसे एक पुराने झोपड़े के अंदर चलने को कहा. जहाँ पर मैंने पहले से ही मौका देख कर खुशबूदार फूल बिछा दिए थे.

अंदर पहुँचते ही फूलों को देख कर वो हैरान रह गयी और बोली कि ये सब क्या है? इस पर मैं पल्लवी से बोला कि सब तुम्हारे लिए ही है. मेरी बात सुन कर वो शरमा गयी और अपनी नज़रे बड़े ही नज़ाकत से नीची कर ली.

अब मुझे मौका मिल गया. फिर मैंने आगे बढ़ कर उसकी चूत पर एक अंगुली रख दी और उसके होंठों को चूम लिया. वो इतने में ही गर्म हो गयी. अब मुझे जो चाहिए था वो मिल गया.

फिर मैंने उसके टॉप को उतार फेंका और भीगी हुई ब्रा को साइड में करके उसके मम्मे चूसने लगा. गज़ब की मिठास थी उसके छोटे – छोटे मम्मों में. अब वो आह – आह करने लगी. उसकी आहों से मेरा दिल मचल गया और मैंने उसकी स्कर्ट ऊपर करके पैंटी में हाथ उसकी चूत में अंगुली कर दी.

उंगली करने से वो कराह उठी. फिर मैंने उसके होंठों को बेतहाशा चूसना शुरू कर दिया और मम्मों को अपनी उंगलियों से चुंटी करने लगा. फिर मैंने समय न गंवाते हुए उसे घोड़ी बना दिया और उसकी कॉफी के रंग की चूत को पहले चाट – चाट कर पानी निकाल दिया.

फिर मैं कुत्ते की तरह उसके ऊपर चढ़ गया और लन्ड चूत में पेल दिया. मेरे इस एक झटके के साथ उसकी कौमार्य की झिल्ली टूट गई और इसके साथ ही उसका उसके बॉयफ्रेंड से रिलेशन भी खत्म हो गया. उसके बाद उस दिन मैंने करीब 10 मिनट तक उसकी जोरदार चुदाई की. इस दौरान वो दो बार झड़ी और फिर मैं भी बारिश की ठंडी और अंदर की गर्मी बर्दाश्त न कर सका और उसकी चूत में ही झड़ गया. फिर बारिश बन्द होने के बाद हम घर चले आये.

आज भी मैं अक्सर उसे अलग – अलग सेक्स पोजीशन में चोदता हूँ. आज भी उसकी आँखों का जादू कम नहीं हुआ है और न ही चूत का बहना बंद हुआ है.

आशा करता हूँ आपको मेरा यह किस्सा अच्छा लगा होगा. अगली बार मैं आपको एक और रात की कहानी सुनाऊंगा. तब तक के लिए नमस्कार. कहानी से जुड़े सुझाव आप मुझे मेरी मेल आईडी – [email protected] पर भेज सकते हैं.

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