घर का राजा भाग – 5

उनके घर से निकल ने के बाद मैं सीधे घर गया और फिर वहां से खेलने चला गया. लेकिन खेलते समय मेरा सारा ध्यान स्टोर हाउस की ओर था कि कब मोना आएगी और कब मुझे उसकी चुदाई देखने को मिलेगी…

इस कहानी का पिछला भाग –घर का राजा भाग – 4

अभी तक आप लोगों ने पढ़ा कि मेरी छोटी चाची बच्चे पैदा करने के लिए दूसरों से चुदाई करवाने को तैयार थी और इसके लिए उन्होंने मझली और बड़ी चाची को भी राजी कर लिया. अब आगे…

अब दोपहर में मैं मैडम के घर की तरफ चल दिया. उनके पति और बच्चे शहर में रहते हैं और यहां मैडम घर में अकेली रहती हैं. मेरी मैडम दिखने में काफी सुंदर हैं और उनके बूब्स किसी पके हुए आम की तरह हैं. उन्हें एक बार देख लेने के बाद बार – बार उनको देखने की इच्छा होती है. मैडम के उम्र लगभग 30 साल होगी और मैडम के बारे में जितना बोलूं उतना कम है.

उनके घर पहुंच कर मैंने गेट खटखटाया तो थोड़ी देर बाद मैडम ने दरवाजा खोल दिया. मैडम एक नाइटी में थी. जिसमें से उनके आम लटक रहे थे. मैं तो बस उनको देखता ही रह गया. जब मैडम ने मुझे आवाज दी तब मैं होश में आया. फिर मैडम ने मुझे अंदर बुला लिया.

फिर मैडम पानी लेने चली गई और वहां पर बैठ कर मैं अपने आप को गाली देने लगा. क्योंकि जिस तरह से मैं मैडम को देख रहा था, उससे मुझे खुद पर गुस्सा आ गया था. मेरे साथ ये सब कल उस समय से स्टार्ट हुआ था जब मैंने अपनी लाइफ की पहली चुदाई देखी थी.

कल से मेरा, हर औरत को देखने का नजरिया बदल गया था. फिर मैडम पानी लेकर आई और मुझे दे दिया. अब मैंने पानी पिया और अपनी किताबें निकालने लगा. जैसे ही मैंने किताब निकली मैडम ने मुझे रोक दिया. वो बोलीं – अरे अवि, तुम किताबें अंदर बैग में ही रहने दो.

मैं बोला – पर मैडम अगर मैंने किताबें बैग में रख दी तो मैं पढूंगा कैसे?

मैडम – सॉरी अवि, वो क्या है मैं घर में अकेले बोर हो जाती हूँ इसलिए तुम्हें यहां बुलाया है.

मैं – पर मैडम मेरी पढ़ाई?

मैडम – पढ़ाई घर पर कर लेना.

मैं – पर आपने तो कहा था कि आप मुझे गणित पढ़ाओगी.

मैडम – देखो अवि, तुम होशियार हो, स्मार्ट हो खुद घर पर पढ़ाई कर सकते हो. रही बात मेरे पास आने की तो मुझे यही तरीका सही लगा इसलिए मैंने तुम्हें यहां बुलाया है.

मैं – पर मेरी पढ़ाई?

मैडम – क्या पढ़ाई, पढ़ाई लगा रहे हो! रुको मैं तुम्हें कुछ दिखाती हूँ. देखो अवि मेरे हाथ में रबर है. तुम समझो कि ये तुम हो और अब मैं इसे खीचती हूँ. देखो रबर अब कितना लंबा हो गया. अब अगर मैंने इसे थोड़ा और खीचा तो ये टूट जाएगा. इसी तरह तुम्हारी भी एक लिमिट है अगर तुम उसे क्रॉस करोगे तो तुम्हें प्रॉब्लम हो सकती है.

फिर थोड़ा रुक कर वो बोलीं – वैसे लिमिट क्रॉस करने में लॉस ही होता है पर कभी – कभी प्रॉफिट भी होता है और हर बार भी नहीं होता. देखो तुम स्मार्ट हो और तुम्हें कोई कितना भी पढ़ाये, ये तुम पर है कि तुम कितना गेन कर सकते हो. तुम में वो काबिलियत है और तुम्हें खुद उसे बाहर निकालनी है.

मैं – हां, कुछ – कुछ समझ गया.

मैडम – तो ठीक है आज से तुम रोज दोपहर को मेरे घर मुझसे बातें करने आया करो.

मैं – ठीक है मैडम मैं आपके घर आया करूँगा.

मैडम – अब देखो, इतना लेक्चर देने से मेरा गला सूख गया. रुको, मैं कॉफी बनती हूँ.

यह कह कर वो उठी और कॉफी बनाने चल दीं. थोड़ी देर बाद वो कॉफी लेकर आईं और बोली – ये लो कॉफी.

मैं – थैंक्स मैडम.

मैडम – क्या हुआ कॉफी क्यों नहीं पी रहे हो?

मैं – मैडम, मैंने इससे पहले कभी कॉफ़ी नहीं पी है. इसलिए मेरा मन नहीं कर रहा है.

मैडम – देखो अवि, लाइफ में कोई ना कोई काम पहली बार करना ही पड़ता है. कई बार थोड़ी प्रॉब्लम होती है पर बाद में तुम एन्जॉय करना सीख जाओगे.

फिर मैंने कॉफी पी ली. उसका पहला घूंट मुझे अच्छा नहीं लगा पर बाद में अच्छी लगने लगी. मेरे कॉफी पी लेने के बाद मैडम बोली – तो अवि, कैसी थी कॉफ़ी?

मैं – अच्छी थी.

मैडम – कहा था न, तुम्हें अच्छी लगेगी.

मैं – हां, सही कहा था आपने.

मैडम – अवि, एक बात पूछूँ.

मैं – हां, क्यों नहीं.

मैडम – तुम्हारे घर में कौन – कौन है.

मैं – मेरे चाचा, मेरी चाचियाँ और मैं.

मैडम – और तुम्हारे माता – पिता.

मैं – वो दुनिया में नहीं हैं.

मैडम – सॉरी अवि.

मैं – कोई बात नहीं मैडम.

मैडम – अवि, मैंने तुम्हें एक बार मार्केट में दो ओरतों के साथ देखा था. दोनों तुम्हारी चाची हैं.

मैं – हां, सुमन चाची और सीमा चाची.

मैडम – तुम्हारी दूसरी चाचियों के पति कहां हैं. मतलब किस गांव में हैं.

मैं – मैडम मेरे एक ही चाचा हैं और इसी गाव में हैं.

मैडम – मतलब तुम्हारे चाचा ने दो शादी की है और तुम्हारी दो चाचियां हैं.

मैं – मेरे चाचा ने दो नहीं तीन शादी की है.

मैडम – तुम्हारे चाचा ने तीन शादी क्यों की.

मैं – सुमन चाची और सीमा चाची को बच्चे नहीं हुए इसलिए चाचा ने तीसरी शादी की.

मैडम – मतलब तुम्हारी तीसरी चाची को बच्चा है.

मैं – नहीं मेरी किसी भी चाची को बच्चा नहीं है.

मैडम – मतलब तुम्हारे चाचा में खोट है, तो अवि तुम्हारी चाचियां तुम्हें ज्यादा प्यार करती होंगी.

मैं – हां, मेरी सभी चाचियां मुझे बहुत ज्यादा प्यार करती हैं. वैसे मैडम आप के परिवार में कौन – कौन है?

मैडम – मेरे परिवार में मेरे पति और मेरा बेटा.

मैं – और वो दोनों शहर में रहते हैं.

मैडम – हां, वो दोनों शहर में रहते हैं और एक महीने के बाद मैं भी शहर चली जाउंगी.

मैं – मैडम, टाइम क्या हुआ?

मैडम – 4.30 बजे हैं. क्यों कहीं जाना है क्या?

मैं – हां, वो ग्राउंड पर खेलने जाना है.

मैडम – ठीक है जाओ, कल फिर आना और कोई पूछे तो बताना पढ़ने गया था.

मैं – ठीक है मैडम.

उनके घर से निकलने के बाद मैं सीधे घर गया और फिर वहां से खेलने चला गया. लेकिन खेलते समय मेरा सारा ध्यान स्टोर हाउस की ओर था कि कब मोना आएगी और कब मुझे उसकी चुदाई देखने को मिलेगी.

जैसे ही शाम हुई सबने खेलना बंद कर दिया और अपने – अपने घर की तरफ चल दिए पर मुझे तो चुदाई देखनी थी. इसलिए मैं ग्राउंड पर खड़ा होकर मोना का इन्तजार करने लगा. थोडी देर बाद मुझे मोना, उसका भाई और उसका बॉयफ्रेंड स्टोर हाउस के पास आते हुए दिखाई दिए.

यह देख कर मैं थोड़ी देर बाद खिड़की के पास चला गया और किड़की से देखने लगा. मोना के भाई की नजर खिड़की की ओर होने से मैं अंदर नहीं जा सकता था. मैंने सोचा अब तो यहीं से देखना अच्छा है. कल से मैं पहले ही अंदर जाकर इनका इन्तजार करूँगा.

अभी मोना ने अपने कपड़े उतारने चालू ही किये थे कि स्टोर हाउस के गेट खुलने की आवाज आई. उस आवाज सुनकिकर मैं पेड़ के पीछे छुप गया. उधर मोना, उसका भाई और उसका बॉयफ्रेंड भी खिड़की से बहार आ गए और भागने लगे. शायद स्टोर हाउस का मालिक वहां पर कुछ रखने आया था.

मुझे लगा कि अब चुदाई देखने को नहीं मिलेगी तो फिर मैं घर की ओर चल दिया और फिर घर आकर मैंने खाना खाया और फिर आज दिन में मेरे साथ हुई बातों को सोचते – सोचते आराम से सो गया.

इस कहानी का अगला भाग – घर का राजा भाग – 6

तो दोस्तों मेरी इस कहानी को पढ़कर कैसा लगा. आप आप मुझे जरूर मेल करें. मुझे पता है कि आप सब गर्म हो गये हो और अपने लंड को हिलाकर शांत कर रहे हो और मेरी गर्म प्यासी आंटियां, भाभियां और लड़कियां तो मस्त हो रही हैं और अपने चूत में उंगली डाल कर जल्दी – जल्दी चला रही हैं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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