घर का राजा भाग – 7

फिर दूसरे दिन स्कूल में आने के बाद मुझे घबराहट होने लगी थी. क्योंकि मुझे वो किताब वापस रखनी है और उसके बाद मुझे नेहा बुआ के घर भी जाना है. उस बुआ के घर जो मुझे कभी भी पसंद नहीं करती पर आज बुआ ने खुद मुझे बुलाया है. मैं तो घबराहट के मारे खाना भी ठीक से खा नहीं सका. इसके बाद दोपहर में मैं मैडम के घर चला गया. आज मैडम का मूड कल के मुकाबले ठीक था…

इस कहानी का पिछला भाग – घर का राजा भाग – 6

घर आने के बाद मैं चाची को बता कर ग्राउंड खेलने चला गया. खेलने के बाद फिर मैं स्टोर हाउस की तरफ गया और चुदाई का खेल होने का इंतजार करने लगा. लेकिन आज फिर मोना, मोना का भाई और उसका बॉयफ्रेंड नहीं आये. शायद उन्हें डर लग रहा हो या फिर अब चुदाई के लिए उनको कोई नई जगह मिल गई हो. खैर, होने को तो कुछ भी हो सकता है.

अब मैं काफी देर तक इंतजार के बाद घर चला गया. घर पहुंच कर हम सबने खाना खाया. चूँकि आज मुझे होमवर्क नहीं करना था तो मैं चाची के साथ बातें करने में लग गया. चाची लोग आपस में बातें कर रही थी. मैं भी वहीं बैठ गया था. फिर थोड़ी देर बाद छोटी चाची बोलीं – अवि, तुम्हारी पढ़ाई कैसे चल रही है?

मैं बोला – अच्छी चल रही है चाची.

तभी बड़ी चाची बोली – अच्छा ये बता तेरी मैडम कैसी हैं?

तो छोटी चाची बोल पड़ी – क्या दीदी कुछ भी पूछ रही हो.

तब बड़ी चाची ने कहा – ठीक ही तो पूछा रही हूँ कि तेरी मैडम कैसी हैं और कैसी पढ़ाई चल रही है?

अब मैं बोला – मैडम, अच्छा पढ़ाती हैं चाची.

बड़ी चाची – अच्छा तेरी मैडम ने आज तुझे खाने पर क्यों बुलाया था?

मैं बोला – मुझे क्या पता चाची.

तभी छोटी चाची बोलीं – तुम भी न दीदी क्यों परेशान कर रही हो अवि को?

बड़ी चाची – अच्छा, चल जाने दे छोड़ो सब. अवि, अब तुम ये बताओ कि खाना कैसा था?

इस पर मैं बोला – बहुत अच्छा था चाची.

छोटी चाची – जैसा हम बनाते हैं उससे भी अच्छा था?

मैं – नहीं चाची, उससे थोड़ा कम अच्छा था.

बड़ी चाची – सच बोल रहा है न अवि झूठ तो नहीं बोल रहा है.

मैं – हां चाची सच में. एक दम सच.

तभी मेरे चाचा घर के अंदर आते हैं और अंदर आते ही चाचा बोलते हैं – अवि, क्या बातें हो रही हैं चाची के साथ?

मैं – कुछ नहीं चाचा वो बस पढ़ाई के बारे में बातें हो रही थी.

तो चाचा बोले – मुझे तो पढ़ाई – लिखाई के बारे में कुछ पता नहीं है लेकिन तेरी चाची को आता है इसलिए तुझे जो भी पूछना हो वो तू अपनी चाची से पूछ लिया कर.

मैं – जी चाचा जी, चाची हमेशा पढ़ाई में मेरी मदद करती हैं.

चाचा – अच्छा, चलो अब सोने का टाइम भी हो गया है. सुबह जल्दी उठ कर खेतों में भी जाना है.

तो मैं बोला – ठीक है चाचा, गुड नाइट.

तभी मझली चाची मुझसे बोलीं – अरे अवि, सुन जरा.

मैं – क्या चाची?

तो मझली चाची बोली – तेरी नेहा बुआ ने तुझे कल अपने घर बुलाया है तो कल शाम को उनके घर चले जाना.

तो मैं बोला – ठीक है चाची, चला जाऊंगा कल.

तो मझली चाची बोली – याद से चले जाना और हां, अच्छा कुछ नहीं चलो जाओ सो जाओ.

मैं – अच्छा, गुड नाईट चाची.

रूम में जाने के बाद मैंने वो किताब आखिरी बार देखी और फिर बैग में रख ली.

फिर दूसरे दिन स्कूल में आने के बाद मुझे घबराहट होने लगी थी. क्योंकि मुझे वो किताब वापस रखनी है और उसके बाद मुझे नेहा बुआ के घर भी जाना है. उस बुआ के घर जो मुझे कभी भी पसंद नहीं करती पर आज बुआ ने खुद मुझे बुलाया है. मैं तो घबराहट के मारे खाना भी ठीक से खा नहीं सका. इसके बाद दोपहर में मैं मैडम के घर चला गया. आज मैडम का मूड कल के मुकाबले ठीक था.

अब मैडम बोलीं – अवि, क्या बात है, आज थोड़ा उदास लग रहे हो?

मैं बोला – नहीं मैडम, वो क्या है कि आज रात मुझे ठीक से नींद नहीं आई थी इसलिए.

मैडम बोली – अच्छा रुको, मैं तुम्हे गर्म – गर्म कॉफी पिलाती हूँ.

मैं – ठीक है मैडम.

फिर मैडम के किचन के अंदर जाते ही मैंने मैडम की सेक्सी किताब अपने बैग से निकाल कर वहीं बेड के नीचे जहां मुझे मिली थी वहीं पर रख दिया.

थोड़ी देर बाद मैडम कॉफी लेकर आई और मुझे देते हुए बोली – अच्छा ये लो कॉफी, चलो और बताओ क्या चल रहा है?

मैं – कुछ ख़ास नहीं मैडम.

मैडम – वैसे तुम्हारी उम्र के हिसाब से तुम 10वीं के विद्यार्थी नहीं लगते हो.

तो मैं बोला – वो क्या है न मैडम, मेरे माता – पिता के मरने की वजह से पहली क्लास में मुझे दोबारा बैठना पड़ा था नहीं तो आज मैं 11वीं में होता.

फिर थोड़ी देर रुक कर मैं बोला – अच्छा मैडम, अब मैं चलता हूँ कल फिर आऊंगा.

मैडम – कुछ काम है क्या? आज इतनी जल्दी जा रहे हो?

मैं – मैडम, वो आज बुआ के घर जाना है.

मैडम – चलो ठीक है जाओ, कल फिर आना.

मैं – बाय मैडम.

मैं सोचता हुआ कि, ” चलो अच्छा हुआ आज किताब भी रख दी, चलो अब बुआ के घर चला जाता हूँ.’ बुआ के घर पहुंच कर मैंने गेट खटखटाया. थोड़ी देर बाद कोमल ने गेट खोल दिया. फिर वो मुझे देख कर अंदर चली गई. अब मैं भी अंदर गया और जाकर सोफे पर बैठ गया.

कोमल और मैं एक ही क्लास पढ़ते हैं. मेरा एक साल का गैप होने की वजह से मैं और कोमल 10वीं क्लास में ही पढ़ते थे. कोमल की छोटी बहन कविता 9वीं क्लास में पढ़ती है. नीता बुआ की बेटी लीना भी कविता के साथ 9वीं क्लास में पढ़ती है.

लीना का भाई राजेश भी कविता और लीना की तरह 9वीं क्लास में पढ़ता है पर वो दूसरे स्कूल में दूसरे गांव में पढ़ता है और वही रहता है. कोमल मेरे ही क्लास में रह कर भी मुझसे बात नहीं करती थी और मैं फेल होने की वजह से उससे बात नहीं करता था. वैसे नेहा बुआ ने भी उसे मुझसे बात करने से मना किया था.

अब नेहा बुआ मुझसे बोली – अरे अवि बेटा कैसे हो?

उनके मुंह से यह सुन कर मैं मन ही मन सोचने लगा कि ये आज बुआ को क्या हुआ है जो मुझे बेटा बुला रही हैं. मुझे कुछ समझ न आया तो फिर मैंने कहा, ‘ठीक हूँ बुआ, आप लोग कैसे हो?’

अब नेहा बुआ फिर बोलीं – हम सब ठीक हैं. तुम तो अब यहां आते ही नहीं हो.

‘जब भी मैं आपके घर आता था तो आप मुझे घर से चले जाने को कहती और दोबारा यहां आने से मना करती रहती थी’ यही सोचते हुए मैं बोला – वो क्या है न बुआ, आजकल पढाई ज्यादा होती है इसलिए टाइम नहीं मिलता.

नेहा बुआ – हां, कोमल बता रही थी कि तुम गणित में क्लास में टॉप किये हो और अब मैडम के पास पढ़ने जाते हो.

अब मैं बोला – हां, वो प्रिंसिपल सर ने मैडम को कहा है कि वो मुझे पढ़ाई में मदद करें.

नेहा बुआ – लेकिन तुम्हें तो अपनी बहन का जरा सा भी ध्यान नहीं.

मैं बोला – नहीं बुआ, ऐसी कोई बात नहीं है.

नेहा बुआ – देखो न तुम्हारी बहन ने हर विषय में टॉप किया है पर गणित में सिर्फ 40 मार्क लेकर आई है. तुम ही बताओ अब मैं क्या करूं.

मैं – कोई नहीं बुआ, मैं कोमल को अपने नोट्स दे देता हूँ.

नेहा बुआ – नोट्स नहीं, वो तो इसके पास भी हैं. कोई पढ़ाने वाला चाहिए.

मैं – हां, ये बात भी सही है.

थोड़ी देर बाद फिर नेहा बुआ बोली – बेटा, क्या तुम अपनी बहन की मदद नहीं करोगे? क्या तुम कोमल को पढ़ा नहीं सकते?

मैं मन में ही, ‘मुझे पहले ही लगा था कि कोई काम होगा तभी मुझे बेटा – बेटा कह कर बुला रही है”. फिर मैं बोला – पर बुआ मेरे पास तो टाइम ही नहीं है.

नेहा बुआ – मैं तुम्हें अभी थोड़े ही कह रही हूँ. कोमल कह रही थी कि मैडम अगले महीने वापस जा रही हैं. जब मैडम वापस चली जाए तब कोमल को पढ़ा देना.

अब मैं बोला – ठीक है बुआ, मैं अगले महीने से कोमल की पढ़ाई में मदद कर दूंगा. अच्छा, अब मैं चलता हूँ.

नेहा बुआ – अरे रुको तो, इतने दिनों के बाद आये हो तो नाश्ता कर के जाओ, देखो कोमल ने खुद बनाया है.

अब कोमल नाश्ता लेकर आई और बोली – अवि, ये लो समोसा.

समोसा लेकर मैंने कोमल को थैंक्स बोला और फिर नाश्ता करने के बाद मैं सीधा ग्राउंड पर चला गया. वहां पर थोड़ी देर खेलने के बाद फिर मैं घर चला गया. शायद मोना ने स्टोर हाउस आना ही बंद कर दिया था. और इसके साथ ही मेरी चुदाई देखना भी बंद हो गया.

तो दोस्तों मेरी इस कहानी को पढ़कर कैसा लगा. आप आप मुझे जरूर मेल करें. मुझे पता है कि आप सब गर्म हो गये हो और अपने लंड को हिलाकर शांत कर रहे हो और मेरी गर्म प्यासी आंटियां, भाभियां और लड़कियां तो मस्त हो रही हैं और अपने चूत में उंगली डाल कर जल्दी – जल्दी चला रही हैं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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