गर्लफ्रेंड को पहली बार उसी के घर में चोदा

मेरे पड़ोस में रहने के लिए एक नई लड़की आई. उसे पहली बार देखते ही मैं उस पर मर मिटा. मैं उसे चोदने की फ़िराक़ में था. लेकिन मैं पीछे ही रह गया और एक दिन अचानक ही उसने मुझे रोक कर प्यार का इज़हार कर दिया. इसके बाद हमारा रिलेशन आगे बढ़ा. फिर एक दिन उसने मुझे अपने घर बुलाया और वह चुद गई…

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार! मेरा नाम प्रेम है और उम्र 24 है. मेरी हाइट 6 फीट है और मैं राजस्थान के एक शहर में अपनी फैमिली के साथ रहता हूं. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं और यहां पर मैंने बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं, उनमें से कुछ रियल लगीं तो कुछ झूठी. खैर, इन्हीं कहानियों को पढ़ कर मैंने भी सोचा कि क्यों न मैं ही कुछ रियल लिख दूं.

अब आप लोगों को ज़्यादा बोर न करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. ये स्टोरी मेरे फर्स्ट सेक्स की है. उसका नाम तो कुछ और था जो मैं यहां बता नहीं सकता लेकिन उसे सम्बोधित करने के लिए मैं उसे प्रिया कह के बुलाता था.

ये स्टोरी करीब 2 साल पहले की है. प्रिया हाल ही में मेरे पड़ोस में रहने आई थी. वह दिखने में बहुत सेक्सी थी और उसके फिगर का तो कहना ही क्या! 26 24 28 का फिगर था. कुल मिला कर वह एक दम कयामत लग रही थी.

उसे पहली बार देखते ही मैं उसके प्यार में पड़ गया था. लेकिन उससे कुछ कहने की मेरी हिम्मत नहीं होती थी. वो बहुत ही सेक्सी दिखती थी और उसे देखते ही मेरा लंड आसमान की तरफ तन कर सलामी देने लगता था. मैं हमेशा उसे देखने की कोशिश करता. जब कभी उसकी गली से निकलता तो मेरी निगाहें उसी को खोजती रहतीं. जब कभी उसकी नज़र मिलती तो वह मुस्कुरा के चली जाती. शायद वो भी मेरे इरादों को समझ गई थी और खुद भी यही चाहती थी.

एक दिन (वो दिन मे कभी भी भूल नहीं सकता) मैं उस की गली से गुज़र रहा था. उस समय आस पास कोई नहीं था. केवल वह बाहर थी. तभी अचानक से उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. कसम से दोस्तों, उसके छूते ही मेरे पूरे शरीर में एक करेंट सा दौड़ गया. फिर उसने मुझसे अपने प्यार का इज़हार कर दिया. मैंने भी तो यही चाहता था. मुझे भला क्या दिक्कत हो सकती थी. मैंने भी हां कर दिया.

फिर हम सबसे छुप कर मिलने लगे. हम मिलते और हमारे बीच थोड़ी – बहुत बातचीत होती. इससे ज्यादा कुछ नहीं हो पता था. इस दौरान हमने अपने मोबाइल नम्बर भी एक्सचेंज कर लिए थे.

फिर एक दिन मेरे मोबाइल पर उसका फ़ोन आया. उसने बताया कि आज उसके घर पर कोई नहीं है. यह जानने के बाद मैं मौका देख कर चुपके से उसके घर में घुस हुआ. मेरे अंदर जाने के बाद जैसे ही वो दरवाजा लॉक कर के पीछे मुड़ी वैसे ही मैंने उसे वहीं पकड़ लिया और एक ज़ोरदार लिप लॉक किस किया. साथ ही मैंने उसके चूचे भी दबा दिए. मेरे ये करने पर उसके मुंह से एक सिसकारी निकल गई और वह बोली, “अब सब कुछ यहीं कर लोगे कि अंदर भी चलोगे”.

फिर हम अंदर उसके बेडरूम में चले गए. बेडरूम में पहुंचते ही मैंने उसे उठा कर बेड पर पटक दिया और खुद उसके उपर चढ़ गया. इसके बाद मैंने अपने होंठ उसके गुलाब की पंखुड़ी जैसे गुलाबी होंठों पर रख दिए और उनका रसपान करने लगा. इसमें वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

फिर मैंने उसकी टॉप को एक ही झटके में उतार फेंका. एक दम कयामत लग रही थी प्रिया! अंदर उसने पिंक कलर की ब्रा पहन रखी थी, जो मैंने ही उसे उसके बर्थडे पर गिफ्ट के तौर पर दी थी. उसके छोटे – छोटे बूब्स मुझे पागल बनाए जा रहे थे. अब मेरा लंड भी उसकी के अंदर जाकर फच्च फच्च की आवाज निकालने के लिए बेकाबू हो रहा था.

फिर मैंने झट से उसकी ब्रा का हुक खोल कर उसके बूब्स को आज़ाद कर दिया. इसके बाद मैंने उसके खुले हुए चूचों पर दोनों हाथों से अपनी पकड़ जमाई और उसके बूब्स हल्के – हल्के दबाने लगा. उसके मुंह से प्यार भरी ‘आह आह और दबाओ जानू और तेज’ मादक आवाज़े निकल रही थीं और मैं पागलों की तरह उसके मज़े लिए जा रहा था.

फिर मैं एक – एक करके उसके चूसने लगा. चूस – चूस के मैंने उसके दोनों बूब्स टमाटर की तरह लाल कर दिए थे. मैं कभी उसका लेफ्ट चूची चूसता तो कभी राइट. साथ में उसकी दूसरी चूची को हाथ में लेकर मैं मसलता भी जा रहा था.

अब मेरी उत्तेजना अपने चरम पर पहुंच गई. मेरा लंड अब पैंट फाड़ने को हो रहा था. फिर मैंने उसका बायां हाथ पकड़ के अपने लंड को पर रख दिया. उसे महसूस कर वो डर गई और कहने लगी की मेरा फर्स्ट टाइम है. उसके मुंह से यह सुन कर मुझे बहुत खुशी और मैं तो जैसे हवा में उड़ने लगा. फिर मैंने अपना हाथ नीचे ले जाकर एक ही झटके में उसकी सलवार और पैंटी दोनों खींच कर उतार दी.

इसके बाद फिर मैं भी नंगा हो गया और उसको मेरा लंड चूसने को कहा तो उसने मना कर दिया. बाद में फिर बहुत मनाने पर उसने अपना होंठ मेरे लंड के टोपे पर रख दिया. लंड पर उसके होंठ लगते ही मुझे लगा जैसे मैं जन्नत में पहुंच गया हूं.

अब वो धीरे – धीरे मेरा लंड चूसने लगी. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. कुछ देर बाद जब मुझे लगा कि मेरा छूटने वाला है तो मैंने उसका मुंह अपने लंड से हटाया और उस की गोरी गोरी टांगों के बीच में आ गया. फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत रखा और लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा. इससे उसके मुंह से सिसकारी निकलने लगी और वह मुझे लंड अंदर डालने के लिए कहने लगी.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखा और एक झटका लगाया. मेरा लंड फिसल के उसकी चूत से बाहर आ गया और उसके मुंह से एक दर्द भरी ‘आह’ निकल गई.

फिर थोड़ा रुक के दोबारा मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को सेट किया और उसे लिप लॉक किस करने लगा. साथ ही उसके बूब्स भी दबाने लगा. ऐसा करते हुए अचानक मैंने एक ज़ोर दार झटका मारा और मेरा लंड उसकी चूत फाड़ते हुए आधा अंदर घुस गया. लंड अंदर जाते ही वो ‘उईई मां मर गई’ की आवाज करते हुए चिल्लाने लगी.

तब मैंने देखा कि उसकी चूत से खून निकलने लगा है. यह देख कर मैं थोड़ी देर के लिए रुक गया. फिर जैसे ही उसका दर्द कम हुआ और वो थोड़ी शांत हुई तो मैंने एक और जोरदार झटका मारा. इस झटके के साथ मेरा पूरा 7 इंच लम्बा लंड उसकी चूत में घुस गया.

उसे बहुत तेज दर्द हुआ और वह सिसकने लगी. लेकिन इस बार मैं नहीं रुका. मैं हल्के – हल्के झटके मारने लगा. थोड़ी देर बाद वह नॉर्मल हुई और जब उसे मज़ा आने लगा तो गांड उठा – उठा के मेरे झटकों का जवाब देने लगी. अब उसके मुंह से मादक सिसकियां भी निकलने लगी और वह तेजी से करने को कहने लगी.

फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और धकाधक चोदने लगा. करीब 10 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद मैं झड़ गया. इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी. फिर हमने थोड़ा रेस्ट किया. इस दौरान मैं उसकी गोरी – गोरी बाहों में ही पड़ा रहा और उसके बूब्स चूसता रहा.

थोड़ी देर बाद एक बार फिर मेरा लंड खड़ा हो गया. तब मैंने उसे डॉगी स्टाइल में आने को कहा. वह तुंरत की कुतिया बन गई. फिर मैंने उसके पीछे जाकर एक ही झटके में उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया. इस बार उसे दर्द कम हुआ और वह अपनी गांड आगे – पीछे कर के मेरा साथ देने लगी.

इस बार मैंने उसे करीब 30 मिनट तक जम के चोदा और चोद – चोद के उसे बेहाल कर दिया. अब तक मैं भी एक दम बेहाल हो गया था. फिर मैंने अपना सारा पानी उसकी चूत में ही छोड़ दिया और उसके उपर लेट गया. थोड़ी देर बाद हम उठे और फिर हमने कपड़े पहन लिए. इसके बाद मैं अपने घर आ गया और वह थकी होने के कारण वहीं सो गई.

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