गर्लफ्रेंड को पहली बार चोद कर दीवाली मनाई

मैंने अपने भाई के साथ पढ़ने वाली एक लड़की को पटा लिया था. हम चुदाई का प्लान बना रहे थे लेकिन मौका नहीं मिल रहा. आखिर दीवाली के दिन हमें मौका मिला और हमने वाइल्ड सेक्स किया…

हाय दोस्तों, मेरा नाम दीपक है और यह मेरी पहली कहानी है. मैं आगरा का रहने वाला हूँ. एक दिन मुझे एक लड़की मिली, जो मेरे भाई के साथ पढ़ती थी. उसका नाम ऊषा था. उस दिन मैंने उसे काफी दिनों के बाद देखा था. उसे देख कर मेरे मुझे कुछ अजीब सा होने लगा था.

उस दिन हमारे बीच काफी सारी बातें हुईं. बातों ही बातों में हम काफी नज़दीक आ गए थे. वो तो मुझे पसंद थी ही लेकिन शायद मैं भी उसे पसंद आ गया था. मुझे ऐसा इसलिए लगा क्योंकि बात करते समय वो मुझसे काफी खुल के बात करने लगी थी.

उसी दिन हमने नम्बर एक्सचेंज कर लिए और फिर हमारे बीच फोन पर बातें होने लगीं. पहले तो हमारे बीच नॉर्मल बातें होती थीं लेकिन फिर धीरे – धीरे बातों का रुख सेक्स की तरफ मुड़ गया और हम हर तरह की बात करने लगे. एक दिन उसने मुझसे अपनी मुहब्बत का इज़हार कर दिया और मैंने भी उसे एक्सेप्ट कर लिया.

उस दिन के बाद से मैं उससे मिलने का बहाना ढूंढने लगा. वो भी मुझसे मिलना चाहती थी. कई दिन यूं ही बीत गए. आखिर एक दिन वो मौका आ ही गया. वो दिन दीवाली का था. उस रात उसने अपने घर के सभी लोगों को नींद की दवा खिला दी थी. इसके बाद उसने फोन करके मुझे अपने घर बुला लिया. शायद वह दीवाली जगाना चाहती थी.

मैं उसके घर पहुंच तो गया लेकिन मुझे डर लग रहा था. घर पहुंचने के बाद वह मुझे सीधा अपने रूम में लेकर गई. जैसे ही हम लोग कमरे में पहुंचे वैसे ही वो मेरे गले से लग गई और मुझे चूमना शुरू कर दिया. अब हम दोनों बेतहाशा एक दूसरे को किस करने लगे.

दोस्तों, ये सब करते हुए मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं कोई जाग न जाए लेकिन मैं उसे चोदना चाहता था. यही विचार डर पर भारी पड़ रहा था. फिर हम बेड पर लेट गए और एक – दूसरे को चूमने लगे. इस दौरान मैं एक हाथ से उसके चूचे भी दबा रहा था. जिससे वो मदहोश हुई जा रही थी.

फिर मैं एक – एक करके उसके बदन से कपड़े हटाता चला गया. कपड़े उतराते समय जो शर्मा गई और खुद को समेट लिया. फिर जब मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए तो वो मुझसे लिपट गई और बोली – दीपक मुझे प्यार करो.

मैं उसका इशारा समझ गया. फिर मैंने उसे लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा. इस पर उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मुझे अपनी ओर खींचने लगी. ऐसा लग रहा था जैसे वह मुझे ही अपनी चूत में घुसाना चाहती हो. मैंने उसकी चूत को इतना चाटा कि वो झड़ गई और उसका सारा रस पी गया. उसके काम रस का टेस्ट नमकीन सा था.

फिर उसने मुझे पकड़ा और मुझे पलट कर मेरे ऊपर बैठ गई. फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतारे और मेरे लन्ड को हिलाने लगी. मैं सोचने लगा कि क्या वो मेरे लन्ड को चूसेगी और अगर चूसेगी तो कब?

अचानक मेरी आंख बन्द हुई तो वह मेरे लन्ड के सुपाड़े पर जीभ फेरने लगी. इससे मैं मस्त होने लगा. अब मैंने अपने आपको उसके हवाले कर दिया. फिर वो मस्ती में मेरे लन्ड को चूसने लगी. उसके थूक से मेरा लन्ड सराबोर हो चुका था.

उसके लन्ड चुसाई से मुझे लगने लगा जैसे मैं जन्नत में हूँ. उसने तब तक मेरे लन्ड को चूसा जब तक मेरा ज्वालामुखी फट नहीं गया. मेरे लन्ड से निकला सारा लावा वो गटक गई. उसने मेरे लन्ड को तब तक मुंह में रखा जब तक वो फिर से जाग नहीं गया.

अब हम दोनों ने ड्रिंक लेने का मन बनाया. मगर उससे पहले उसने मुझसे वादा लिया कि मैं जो कहूंगी तुमको वो करना पड़ेगा. मैं मान गया. फिर वो बाहर गई और फ्रीज़ से अपने पापा की दारू की बोतल उठा लाई. साथ में दो गिलास भी थी.

मैंने देखा कि दोनों गिलासों में दारू जैसा पहले से ही कुछ था. मैंने पूछा तो उसने कहा कि मेरे कुछ नहीं बोलोगे. इस पर मैं चुपचाप देखने लगा. तब उसने कहा कि अभी सब पता चल जाएगा.

इसके बाद उसने पैक बनाया और हम दोनों ने एक – एक पैक लगाया. तभी मुझे पेशाब लगा तो मैंने बाथरूम के बारे में पूछा तो वो बोली कि पेशाब करना है तो इन गिलासों में ही कर लो. यह सुन कर मैं समझ गया कि उसने अपनी झील के पानी में पैक बनाया था और अब मेरी बारी थी.

फिर क्या था. मैंने दोनों गिलासों में पेशाब भर दिया और हम दोनों ने फिर एक – एक पैक लगाया. अब दोनों नशे में हो गए थे. फिर उसने मेरे सर को पकड़ा और अपनी चूत पर रख दिया. मैंने एक बार फिर से उज़की चूत चाटने लगा.

फिर मैं जल्दी से 69 की पोजिशन में हो गया. अब वो फिर से मेरा लन्ड चूसने लगी. इन सब से वो एक बार फिर गर्म हो गई. इधर मुझसे भी अब कंट्रोल नहीं हो रहा था.

फिर मैंने उसे पलट दिया और उसकी चूत पर अपना लन्ड रख कर जोर से एक झटका दिया. इस झटके के साथ मेरा आधा लन्ड उसकी चूत में घुस गया. इससे वो एक दम से चीख उठी. उसके चीखने से मैं डर कर हट गया.

फिर वो उठी और मुझे बेड पर धकेल कर मेरे ऊपर बैठ गई और मेरे लन्ड को अपनी चूत में सेट करके पूरा लन्ड अपने अंदर कर लिया. इसके बाद वो लन्ड में बैठ कर ऊपर – नीचे होने लगी. अब मैं भी उसका साथ देने लगा और इससे हम दोनों के मुंह से मादक आवाजें निकलने लगीं.

अब हम दोनों ही एक – दूसरे को चोद रहे थे. फिर धक्के तेज होने लगे. इसके बाद मैंने उसे अपने ऊपर से हटाया और उसे घोड़ी बना दिया. फिर मैं पीछे जाकर उसे चोदने लगा. इस पोजिशन में चुदाई करने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैं खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाया. करीब 17 मिनट की चुदाई के बाद फिर मैंने उसकी चूत में ही अपना सारा माल छोड़ दिया और फिर उसके ऊपर ही लेट कर सो गया.

कुछ देर बाद फिर से मुझे आवाज आई. मैंने आंख खोल कर देखा तो वो अपनी झील से गिलास को भर रही थी. ताबि उसने मुझे उठाया और कहा अगला पैक संगम के पानी के साथ पीना है. मैं उसका इशारा समझ गया और गिलास को पेशाब से भर दिया.

इसके बाद उसने फिर से पैक बनाया और हम दोनों ने एक – एक पैक और लगाया. फिर उसने कहा कि अगली बार जब मैं बुलाऊं तब तुम आ जाना. मैंने हामी भरी और रात को ही वहां से निकल आया. अब मैं उसकी कॉल का इंतज़ार करता रहता हूँ.

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