गर्लफ्रेंड को पहली चुदाई के लिए तैयार किया

मैं अपनी गर्लफ्रेंड से बहुत प्यार करता था इसलिए उससे सेक्स के लिए नहीं बोल पा रहा था. लेकिन मुझ पर चुदाई का भूत सवार था तो एक दिन मैंने उससे बोल ही दिया. वह नाराज हो गई. फिर किस तरह मैंने चुदाई की ये कहानी में पढ़िए…

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम सोहेल अंसारी है और मैं अभी पुणे में रहता हूं. जहां मैं कॉलेज में सेकंड ईयर का छात्र हूं. मैं दिखने में ठीकठाक हूं और अभी मेरी उम्र सिर्फ 21 साल है.

मैंने अन्तर्वासना की बहुत सी कहानी पढ़ी हैं. यहां प्रकाशित कहानियां मुझे बहुत अच्छी लगती हैं, इसलिए मैंने सोचा कि आज मैं भी अपनी कहानी यहां पर आप लोगों के मनोरंजन के लिए लिखूं. यह मेरी पहली कहानी है, इसलिए अगर कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ़ कर देना.

अब ज्यादा वक्त जाया न करते हुए मैं सीधे अपनी कहानी पर आता हूं. दोस्तों, मेरे लण्ड 6.5 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. यह कहानी मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड की है. उसकी उम्र 20 साल है और वह मेरे बिल्डिंग में ही रहती है. उसका नाम श्रेया (बदला हुआ नाम) है.

मैंने अभी – अभी जवानी की दहलीज पर कदम रखा था और अब मेरे अंदर की वासना उबाल मार रही थी. मुझे किसी न किसी को तो चोदना ही था. चूंकि मैं अपनी गर्लफ्रेंड से बहुत ज्यादा मोहब्बत करता था, इसलिए मैं उससे इसके लिए कहना नहीं चाहता था. लेकिन क्या करूं कोई जुगाड़ ही नहीं हो रहा था!

एक दिन उसके मम्मी और पापा एक दिन के लिए शहर से बाहर गांव चले गए थे. जैसे ही मुझे ये जानकारी हुई तो वैसे ही मैं उसके घर पहुंच गया. मेरे वहां पहुंचने के बाद हमने थोड़ी – बहुत बातचीत की. लेकिन वासना मुझ पर आश्चर्यजनक रूप से हावी थी. इसलिए फिर मैंने उसे सेक्स करने के लिए बोल दिया.

यह सुन कर वह नाराज़ सी हो गई और थोड़ी देर के लिए बोलना ही बंद कर दिया. फिर जब मैंने उसे मनाया और कई बार कहा तो फिर वह मान गई और सेक्स के लिए राजी हो गई.

उसके तैयार होते ही मैंने तुरंत ही उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा. मैं करीब 10 मिनट तक उसको चूमता रहा. इसमें वह भी मेरा साथ दे रही थी. मुझे उसे चूमने बहुत मज़ा आ रहा था. जहां – जहां उसका बदन खुला था, मैं हर जगह चूमता रहा. उसके बाद फिर मैंने उसके कपड़े के अंदर हाथ डाल दिया और उसके बोबे दबाने लगा.

मेरे ऐसा करने से वह सिसकारियां भरने लगी. अब मुझे भी मजा आ रहा था. उसके बाद फिर मैंने उसके ऊपर वाले कपड़े उतारे और साथ अपने भी कपड़े उतार दिए. अब मैं और वह सिर्फ चड्ढी में थे.

उसे इन छोटे कपड़ों में देखते ही मेरा लण्ड अपने पूरे फॉर्म में आ गया. फिर मैंने उसकी चड्डी उतार दी और इसके बाद उसने भी खींच कर मेरी चड्ढी उतार दी. इससे मेरा लण्ड उछल कर सामने आ गया. मेरे लण्ड को देख के वह चौंक गयी और बोली, “ये तो काफी बड़ा है!” यह सुन कर मैंने कहा, “हां मेरी जान, जितना बड़ा होगा तुम्हें उतना ही मज़ा आएगा”.

इतना कहने के बाद मैंने उसके मम्मों को हाथों में लेकर मसलने लगा. मम्मे मसले जाने पर उसके मुंह से और जोर – जोर की मादक सिसकियां निकलने लगीं. उसकी सिसकियों को सुन कर मैं और भी ज्यादा उत्तेजित हो गया. फिर मैं नीचे गया और उसकी चूत चाटने लगा. दोस्तों, उसकी चूत चाटने में मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा था. मैं एक दम मस्त हो कर यह काम कर रहा था और वह मज़े से सिसकारियां ले रही थी.

फिर मैंने उसको मेरा लण्ड चाटने के लिए बोला तो उसने मना कर दिया औए बोली कि नहीं, मैं ऐसा नहीं करूंगी, मुझे उल्टी आ जाएगी. यह सुन कर मैंने भी ज्यादा फ़ोर्स नहीं किया. फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया और धीरे से लण्ड को उसकी चूत के मुंह पर रखा और धक्का लगा दिया. लेकिन लण्ड अंदर न जाकर फिसल गया.

तब मैंने अपने लण्ड पर और उसकी चूत पर थोड़ा सा तेल लगाया, जिससे चिकनाई बढ़ गई. इसके बाद मैंने फिर से लण्ड उसकी चूत के छेद पर सेट किया और एक जोरदार धक्का मारा. मेरा आधा लण्ड उसकी चूत के अंदर घुस गया. उसे बहुत दर्द हुआ और दर्द की वजह से वह चिल्लाने ही वाली थी कि उससे पहले मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

फिर मैं थोड़ी देर रुक गया. जब फिर उसका दर्द कम हुआ और वह नार्मल हुई तो मैंने एक और जोरदार धक्का मारा. इस धक्के की वजह से लण्ड और ज्यादा उसकी चूत के अंदर चला गया. इस बार वह बिल्कुल भी चिल्ला नहीं पाई क्योंकि पहले से ही मेरे होंठ उसके होंठों पर थे.

फिर तुरन्त ही मैंने एक और धक्का मारा और तीसरी बार के इस धक्के से मेरा पूरा लण्ड उसके अंदर चला गया. फिर मैं थोड़ी देर के लिए रुक गया. जब उसे कुछ राहत हुई तो मैं फिर से धीरे – धीरे धक्के देने लगा.

थोड़ी ही देर में उसे भी मजा आने लगा. अब मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी. करीब 5 मिनट की चुदाई के बाद जब मुझे लगा कि बस कुछ ही देर में मैं झड़ने वाला हूं तो मैंने अपना आसन बदल दिया और थोड़ी देर लण्ड बाहर करके उसे डॉगी स्टाइल में करके चोदने लगा. इससे मेरा माल नहीं निकला.

इसी तरह मुझे जितने भी आसान आते थे, थोड़ी – थोड़ी देर रुक कर मैंने उन सभी आसनों में उसे चोदा. करीब 20 मिनट तक हमारा सेक्स चला. इतनी देर में वह 2 बार झड़ चुकी थी.

अब मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके बोबो पर अपना मेरा वीर्य गिरा दिया. इसके बाद मैंने पूरा माल उसके मम्मों पर ही मल दिया. वीर्य निकलने के बाद फिर मैं निढाल होकर थोड़ी देर उसके ऊपर ही लेट गया. मैं बहुत खुश था और उसके चेहरे से भी खुशी छलक रही थी.

फिर हम दोनों उठे और बाथरूम में जाकर एक – दूसरे को साफ़ किया. इसके बाद फिर मैं अपने घर आ गया. दोस्तों, उस दिन के बाद हमने मौके मिलने पर बहुत बार सेक्स किया. अब वह दूसरे शहर में रहती है. यह मेरी लाइफ का सबसे अच्छा सेक्स अनुभव था. उम्मीद है आप सबको जरूर पसंद आया होगा.

मेरी कहानी आप लोगों को कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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