इश्क में धोखा भाग – 1

लगभग वह 2 घंटे तक वे वैसे ही चिपक कर बैठे रहे. उन्हें ऐसे। बैठा देख मैं सोचता रहा कि ऐसा क्या है, जो ये प्रेमी युगल घंटो तक ऐसे चिपके रहते हैं? मैं शादीशुदा हूँ लेकिन मैं तो कभी बीवी के साथ इतनी देर तक चिपक कर नहीं बैठा. इन 2 घंटो में वह लड़का हेमांगी की टी-शर्ट में हाथ डालना और किस करने जैसी और भी हरकतें किया करता था, लेकिन हेमांगी को इससे कोई एतराज नहीं था. मैं 2 घंटे तक उन लोगों की हरकते देखता रहा. वैसे तो मुझे उन लोगों के निकलने का इन्तजार था…

यह कहानी मेरे जीवन में घटित नहीं हुई. इस कहानी में मैं मेरा नाम इस्तेमाल कर रहा हूँ, मैं आप को बता दूं कि यह कहानी सिर्फ कहानी नहीं है बल्कि हकीक़त में हुई घटना है और इस कहानी में नायक का किरदार निभा रहा हूँ.

मेरा नाम नील है. मैं खुद की तारीफ तो नहीं कर रहा हूँ, लेकिन मैं अपनी समजदारी के लिए जाना जाता हूँ. मुझे जानने वालों को पता है कि किसी भी समस्या का सरलतम उपाय नील के पास होता है इसलिए लोग मुझसे पूछते रहते हैं.

मेरी उम्र छोटी है पर लोग मुझसे बुजुर्ग की तरह व्यवहार करते हैं. इसलिए अब मैं ध्यान रखता हूँ कि कहीं मुझसे ऐसी – वैसी हरकत न हो जाये, जिससे मैं लोगों की नजरों में गिर जाऊं.

एक दिन मैं बाइक से कहीं जा रहा था. रास्ते में हमारे शहर का एक गार्डन पड़ा, उस गार्डन में प्रेमी युगल बैठे रहते थे. तभी अचानक मेरी नजर मेरे अंकल की स्कूटी पड़ी. स्कूटी देखते ही मैं रुक कर कन्फर्म करने लगा कि यह स्कूटी उनकी ही है न.

कन्फर्म करने बाद मैंने अंकल को फोन किया और पूछा कि कहां हो? तो अंकल बोले, “मैं ऑफिस में हूँ, कुछ काम था क्या? यह सुन कर मैं बोला, “नहीं, आप की स्कूटी…! मेरी बात पूरी हो पाती इससे पहले ही अंकल बोले, “वह तो हेमांगी कॉलेज लेकर गयी है. हेमांगी मेरे अंकल की लड़की है.

यह सुन कर मैंने आगे बोलना ठीक नहीं समझा और कोई बात नहीं बोलकर फ़ोन काट दिया. अब मैंने अपने मुंह पर रुमाल बांधी और गार्डन में हेमांगी को ढूंढने लगा. तभी गार्डन के कोने पर वह किसी लड़के के साथ चिपक कर बैठी दिखी. उसे वहां देख मैं उसके थोड़ा पहले रुक गया और उन दोनों को देखने लगा.

लगभग वह 2 घंटे तक वे वैसे ही चिपक कर बैठे रहे. उन्हें ऐसे। बैठा देख मैं सोचता रहा कि ऐसा क्या है, जो ये प्रेमी युगल घंटो तक ऐसे चिपके रहते हैं? मैं शादीशुदा हूँ लेकिन मैं तो कभी बीवी के साथ इतनी देर तक चिपक कर नहीं बैठा. इन 2 घंटो में वह लड़का हेमांगी की टी-शर्ट में हाथ डालना और किस करने जैसी और भी हरकतें किया करता था, लेकिन हेमांगी को इससे कोई एतराज नहीं था. मैं 2 घंटे तक उन लोगों की हरकते देखता रहा. वैसे तो मुझे उन लोगों के निकलने का इन्तजार था.

तभी उस लड़के को फोन आया और फिर वे लोग उठे और फिर एक – दूसरे को हग किया और फिर जब वो लड़का निकलने तब मैंने देखा कि उसके पास काफी महंगी सुपरबाइक जैसी बाइक थी. उसके जाने के बाद फिर हेमांगी वहां से अपनी स्कूटी लेकर निकल गयी.

मैंने उस लड़के का पीछा किया. मैं देखना चाहता था कि वह करता क्या है? कुछ दूर जाने पर वह एक घर की ओर गया. मैंने देखा कि घर काफी अच्छा था. मैंने सोचा चलो अच्छे घर का है, लेकिन बाद में पता चला कि वह उसके दोस्त या कोई जान पहचान वाले का घर है. मैंने देखा कि जो बाइक वह घुमा रहा था, वह उसकी नहीं बल्कि उसके दोस्त की थी.

अपने दोस्त को बाइक वापस कर वह अपनी बाइक से घर के लिए निकला. उसकी बाइक सस्ती वाली और काफी पुरानी थी. मैं उसका पीछा करता रहा. तभी वह एक छोटे – छोटे घरों वाले मोहल्ले में गया. वहां के लोग चोरी – चमारी के लिए जाने जाते हैं.

फिर उसने एक घर के दरवाजे पर बाइक लगाई. मैंने देखा कि वह पुराना और दो कमरों वाला छोटा सा घर था. जिसमें कहीं पर छाते तो कहीं पर भंगार का सामान टंगा हुआ था. तभी एक औरत बाहर आई. मुझे लगा कि शायद उसकी भाभी होगी या फिर उसकी बहन, लेकिन मुझे झटका तब लगा जब उस औरत के पीछे से एक छोटी बच्ची आई और उसने उस आदमी को पापा पुकारा.

फिर तो क्या था, मैं 2 – 3 दिन तक वहां के चक्कर लगा कर वहां के लोगों से उसके बारे में जानकारी इकट्ठा की तो
पता चला कि इसकी बीवी को बेटी हुई है और अब यह औरत गर्भवती नहीं हो सकती. इसलिए इसके घरवाले इसकी दूसरी शादी करवाने वाले है. यह जानकर मुझे पूरी बात समझ में आ गई कि क्यों इसने हेमांगी को फंसाया है!

अब मैं सीधा अंकल के पास गया और हेमांगी समेत सबको बैठा कर मैंने बताया कि हेमांगी को मैंने एक लड़के के साथ ऐसा – वैसा करते देखा है, लेकिन अभी तक मैंने खुलासा नहीं किया था कि वह लड़का है कौन है और क्या करता है.

हैमांगी ने बताया कि मैं उसे चाहती हूँ और शादी भी उसी से करूंगी. तब अंकल खड़े होकर उसको थप्पड पर थप्पड लगाने लगे. अब मैंने और आंटी ने उन्हें रोका और आंटी ने कहा, “अब बस भी कीजिये”.

तो अंकल बोले, “क्या बस करूं? इसने मेरी इज्जत मिट्टी में मिला दी”. अब मैंने अंकल को समझाते हुए कहा, “अंकल, आज – कल की जेनेरेशन को अपना साथी खुद ढूंढने का अधिकार है, लेकिन मुझे हेमांगी से कुछ पूछना है”.

फिर मैंने हेमांगी की तरफ देख कर कहा, “हेमांगी, तुम जानती हो वह कौन सी जाति का है?” तो हेमांगी ने उसे अपनी ही बराबरी की जाति का बताया. फिर मैंने उससे पूछा, “अच्छा ये बताओ, क्या तुम्हें पता है कि वह क्या करता है और उसके घर वाले क्या करते हैं?

तो हेमांगी ने बड़े ही रोबीले अंदाज में कहा, “वह बोल रहा था कि वह पढ़ रहा है और उसके पापा का लोखंड का बड़ा बिज़नेस है”. मतलब साफ था, उसने हेमांगी को अपने काम के बारे में भी नहीं बताया था.

दोस्तों, मैं अपनी कहानी आप लोगों के द्वारा भेजे गए सुझाव पर लिखता हूँ. जैसा सुझाव आप लोग मेल करके मुझे देते हैं. उन्हीं सुझावों के आधार पर मैं अपनी कहानी तैयार करता हूँ ताकि कहानी आप लोगों को ज्यादा से ज्यादा पसंद आये. इसलिए मैं आप सब से आग्रह करता हूं कि कहानी पढ़ने के बाद अपने सुझाव मुझे मेल जरूर करें. आपके उन सुझावों पर भी मैं जल्दी से कहानी तैयार करूँगा और वो आपके सामने होगी. मेरी मेल आईडी –
[email protected]

इस कहानी का अगला भाग – इश्क में धोखा भाग – 2

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