जिगोलो बनने के बाद लेडीज़ डॉक्टर की चुदाई

तभी मुझे उसकी योनि से मुझे कुछ गर्म – गर्म तरल सा निकलता हुआ प्रतीत हुआ. शायद वो खून था जो मेरे लिंग को भिगोता हुआ उसकी योनि से बाहर निकल रहा था. यह महसूस होने के बाद अब मैं उसके ऊपर पूरी तरह लेट गया और उसके लबों को अपने होंठों के बीच दबा कर चूसने लगा…

नमस्कार दोस्तों! मेरा नाम सरद है और में उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं। आज मैं आपको अपने साथ घटी हुई एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं और उम्मीद करता हूँ कि आप सब को जरूर पसंद आएगी. दोस्तों, अभी मेरी उम्र 20 साल है और मेरा कद 5 फुट और 6 इंच है. रंग मेरा गोरा और मैं बहुत ही मजबूत और कसे हुए शरीर का मालिक हूँ.

अब बात को इधर – उधर घुमाए बिना मैं सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ. बात आज से करीब 3-4 महीने पहले की है. जब मुझे एक लेडीज डॉक्टर का मेल आया. जिन्होंने अन्तर्वासना पर मेरी कहानी पढ़ कर मुझे मेल किया था. मेरी कहानी उन्हें काफ़ी पसंद भी आई थी.

मेल में उन्होंने मुझे पूछा कि ‘क्या आप मेरे साथ काम कर सकते हैं? मैं आपको मेरे बताई गई जगह तक आने – जाने का किराया और आपकी पेमेंट दूंगी.’ दोस्तों, सच में यह एक अच्छा ऑफर था सो मैंने भी उनके मेल का रिप्लाई करते हुए उनके साथ काम करने की सहमति दे दी.

मेल पर मेरा जवाब पढ़ने के बाद उन्होंने मुझे मेल करके उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ बुलाया और मेल पर ही अपना मोबाइल नम्बर भी मुझे दे दिया. फिर मैं दूसरे ही दिन घर पर पेपर देने जाने का बहाना बनाया और घर से निकल लिया और लखनऊ जा पहुंचा. लखनऊ स्टेशन पर खड़े होकर मैंने उसे काल किया और उसे बताया कि मैं लखनऊ स्टेशन पर खड़ा हूं तो उसने मुझसे एक्जैक्ट लोकेशन पूछी और फिर 5 मिनट बाद ही वह स्टेशन पर मेरे पास आ गयी.

जैसे ही मेरे नज़र उस पर पड़ी मैं तो उसे देखता ही रह गया. कसम से यारों, क्या माल लग रही थी वो! उसकी उम्र करीब 28 साल रही होगी. वो काफी पैसे वाली लग रही थी. उसने मुझे बताया कि उसके पति न्यूयॉर्क में कांट्रेक्टर का काम करते हैं और वह एक लेडीज डॉक्टर है और यहीं लखनऊ के एक जाने माने अस्पताल में बैठती है.

फिर हम स्टेशन से बाहर पार्किंग में आ गए. वो मुझे लेने मर्सडीज़ से आई थी. अब उसने मुझे अपने साथ कार में बैठाया और अपने घर ले गयी. घर पहुँचने के बाद उसने हम दोनों के लिए खाना आर्डर कर दिया. अभी 5 मिनट ही बीते होंगे कि खाना आ गया. फिर हम दोनों ने साथ में ही बैठ कर खाना खाया और फिर वो मेरे पास आकर बैठ गयी और मुझे किश करने लगी.

फिर मैंने भी उससे बिना कुछ पूछे उसे किश करना चालू कर दिया और हम करीब 15 मिनट तक किस करते रहे. उसके बाद वो मुझे अपने बेडरूम वाले कमरे में ले गयी और फिर वह जल्दी से मेरे कपड़े उतारने लगी और बोली – मैं एक साल से प्यासी हूं मेरे राजा, आज तुम मेरी पूरी प्यास बुझा कर मुझे संतुष्ट लर दो.

उसके मुंह से यह सुन कर पहले तो मैं उसके होंठ चूसता रहा और फिर उसके दूध को फिर उसकी नाभि और बाद में मैंने उसकी चूत को चाटना चालू कर दिया और वह वासना की आग में पूरी तरह झुलसने लगी. अब उसके मुँह मादक आवाजें निकालने लगी थीं और वह ‘उम्ह्ह आह्ह मररर जाऊंगी ईईई’ करने लगी.

फिर मैंने उसकी योनि में अपनी एक उंगली डाल दी और उसे अंदर – बाहर करने लगा. अन्दर से उसकी चूत बहुत ही ज्यादा गर्म थी. जैसे ही मैंने उसमे अपनी उंगली उसकी चूत में डाली वैसे ही वो ऊपर की तरफ उछल गई और उसके मुँह से एक साथ कई मादक स्वर निकल पड़े – ऊऊऊ आआअ स्सीईई.’

अब मैं लगातार अपनी उंगली अंदर – बाहर करता जा रहा था. अब फिर वो मुझसे बोली – अब कितना और तड़पाओगे जल्दी से अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दो न और अभी इसी वक्त आज मेरी वर्षों की प्यास बुझा दो.

अब मैंने भी ज्यादा देर न करते हुए अपना लम्बा और मोटा लण्ड उसकी चूत के मुँह पर सटाया और एक हल्का सा धक्का दे दिया. जिससे मेरा 7 इंच का लम्बा लण्ड उसकी चूत में धीरे – धीरे घुसने लगा और वो छटपटाने लगी और साथ ही साथ वह चिल्लाने भी लगी थी.

तभी मुझे उसकी योनि से मुझे कुछ गर्म – गर्म तरल सा निकलता हुआ प्रतीत हुआ. शायद वो खून था जो मेरे लिंग को भिगोता हुआ उसकी योनि से बाहर निकल रहा था. यह महसूस होने के बाद अब मैं उसके ऊपर पूरी तरह लेट गया और उसके लबों को अपने होंठों के बीच दबा कर चूसने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने अपना दूसरा झटका दिया और अपने दूसरे झटके में मैंने अपना पूरा लण्ड उसकी चूत में पेल दिया. जिससे वो मचल उठी. फिर थोड़ी ही देर बाद वो अपनी गांड उचका – उचकाकर मेरा साथ देने लगी और फिर उसकी मदहोश कर देने वाली आवाजों से पूरा कमरा गूंज उठा.

उसकेे मादक स्वर पूरे कमरे में गूंज रहे थे. वह लगातार ‘उफ़्फ आह ईह ऊह’ करती जा रही थी. अब उसको भी अपनी इस चुदाई का खूब मज़ा आ रहा था, तो उसने अपने पैरों को सीधा किर लिया और नीचे से अपने चूतड़ उछालने लगी.

ऊपर से मैं उसके दोनों मुलायम स्तनों को अपने हाथों से दबा – दबा कर उसकी चुदाई कर कर रहा था कि अचानक उसने मुझे जोर से कस कर जकड़ लिया और फिर उसकी योनि से प्रेम रस की वर्षा मेरे लिंग पर होने लगी.

इसके बाद वो शांत हो गई थी, पर मेरा अभी तक नहीं हुआ था. इसलिए मैं उसके स्तन को जोर – जोर से मसलते हुए उसकी योनि पर और तेज धक्के मारने लगा. जिससे कुछ देर बाद ही मेरे लिंग से भी पिचकारी छूट गई और मैंने उसकी योनि को अपने प्रेम रस से भर दिया.

इसी तरह मैंने रात में उसे तीन बार और चोदा और उसे पूरी तरह संतुष्ट करके उसकी वर्षों की प्यास को शांत कर दिया. फिर सुबह होते ही वो मुझे स्टेशन पर छोड़ने आई और उसने मुझे आने जाने के लिए 2000 रुपये किराया और 5000 हजार रूपये चुदाई की फीस के तौर पर दिए.

तो दोस्तों, इस तरह मैंने जिगोलो बनने के बाद चौथी चुदाई की. मेरी कहानी आप सभी पाठकों को कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताईएगा. मेरी मेल आईडी – [email protected]

“जिगोलो बनने के बाद लेडीज़ डॉक्टर की चुदाई” पर एक उत्तर

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *