एक जिगोलो की पहली चुदाई कहानी

मैंने जैसे ही उसकी चूत में मुँह लगाया, वो सिसकारी भरने लगी. थोड़ी देर तक चूत चुसवाने केे बाद वो बोली – मुझे भी तेरा लंड चूसना है. यह सुनते ही मैं बिल्कुल नंगा हो गया और अपना सात इंच का लम्बा और मोटा लण्ड निकाल कर उसके मुँह में दे दिया और फिर हम दोनों 69 कीअवस्था में आ गए. मैं उसकी चूत को चूस रहा था और वो मेरे लंड को चूस रही थी. वो बहुत ही गरम होकर अजीब तरह से सिसकारियाँ भर रही थी…

हेल्लो दोस्तों! मैं शंकर आप लोगों को अपनी पहली चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूं. मैं राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले का रहने वाला हूं. मैं एक साधारण, हँसमुख और खुशमिजाज लड़का हूं. मैं अन्तर्वासना का बेहद शौक़ीन हूँ. मुझे इसकी हर चुदाई की कहानी को पढ़-पढ़ कर बहुत आनन्द आता है.

यह बात पाँच महीने पहले की हैं. मुझे मेरी ई-मेल आईडी पर एक लड़की का मेल आया. वह लड़की हनुमानगढ़ से 3 किलो मीटर की दूरी पर स्थित एक कस्बे में रहती थी. ये बात मुझे पता नहीं थी. उसने मुझसे कहा कि वह काल-ब्वाय की होम सर्विस चाहती
है. उसने अपना मोबाइल नम्बर भी मुझे दे दिया.

उससे बात करने के बाद मैं तय समय पर उसके घर पहुँच गया. कहानी शुरू करने के पहले आप उस लड़की के बारे में जान लें. वह बहुत ही गोरे शरीर, लम्बे बाल, मस्त लाल होंठ, मोटी – मोटी चूंचियां और मोटे गांड वाली लड़की थी और उसके फ़िगर की नाप 34-30-36 थी. मतलब वह इतनी खूबसूरत थी कि अगर कोई उसे नंगा देख ले तो उसका पानी निकल जाए.

उसके घर के अंदर जा कर मैं उसके बगल में ही बैठा था. घर में और कोई तो था नहीं, सिर्फ मैं और वो थी. हंसी मजाक से शुरुआत करते हुए मैंने उसकी जांघों पर हांथ रख दिया और जांघों को सहलाने लगा. जिससे उसकी साँसें भी हल्की – हल्की गर्म होने लगी और मेरा भी लंड खड़ा होने लगा था.

उसने मुझे पकड़ कर अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिया. उसके रसदार होंठों की गर्मी पाकर मैं भी उसके होठों को चूसने लगा. वाह, क्या मज़ा आ रहा था यार! मैंने उसके होठों को चूसते – चूसते उसे बेड पर पटक दिया और उसके ऊपर आकर पूके जोश से उसे चूमने लगा. चूमते – चूमते मैं उसकी चूंचियों को भी दबाने लगा.

वो बहुत ही गर्म हो गई थी और आहें भर रही थी. फिर मैंने उसके टॉप को खींच कर उतार दिया. अंदर उसने लाल रंग की ब्रा पहनी हुई थी. फिर मैंने उसकी ब्रा को भी खोल दिया. जिससे उसके दोनों चूचे उछल कर बाहर निकल आये. क्या गोरी – गोरी चूचियाँ थी! बिल्कुल दूध जैसी सफ़ेद. उन्हें देख कर मैं खुश हो गया.

फिर मैंने उसके चूचकों को मुँह में लेकर चूसने लगा. क्या बताऊँ दोस्तों! उन्हें बस चूसने भर से ही मैं जन्नत में पहुँच गया था और वो बहुत ही गरम हो गई थी. ये समझते ही मैंने बिना देर किए उसकी जींस को निकाला दिया. वो लाल रंग की पैंटी में गजब की सेक्सी लग रही थी. मैं उसे देखता ही रहा. कुछ देर बाद मैंने उसकी पैंटी को भी खींच कर निकाल दिया.

मैंने देखा कि उसकी चूत से हल्का – हल्का पानी रिस रहा था. क्या मस्त चूत थी! हल्के – हल्के बाल थे उसकी चूत पर और चूत पाव रोटी की तरह फूली हुई थी, लग रहा था कि किसी ने उसपर एक छोटा सा चीरा लगा दिया हो. मैं उसकी गुलाबी चूत में अपना मुँह लगा कर चूत चूसने लगा. क्या मादक खुशबू थी उसकी चूत की! मुझ पर एकदम से मदहोश छाई जा रही थी.

मैंने जैसे ही उसकी चूत में मुँह लगाया, वो सिसकारी भरने लगी. थोड़ी देर तक चूत चुसवाने केे बाद वो बोली – मुझे भी तेरा लंड चूसना है. यह सुनते ही मैं बिल्कुल नंगा हो गया और अपना सात इंच का लम्बा और मोटा लण्ड निकाल कर उसके मुँह में दे दिया और फिर हम दोनों 69 कीअवस्था में आ गए. मैं उसकी चूत को चूस रहा था और वो मेरे लंड को चूस रही थी. वो बहुत ही गरम
होकर अजीब तरह से सिसकारियाँ भर रही थी.

थोड़ी देर मेरा लंड चूसने के बाद वो बोली – शंकर, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है, अब अपना लंड मेरे अन्दर डाल कर मेरी प्यास मिटा दो.

मैं बोला – थोड़ी देर और बर्दाश्त कर ले जानेमन, तेरी प्यास तो आज मिट ही जायेगी.

मैंने चूसते – चूसते उसके बुर के होंठ को लाल कर दिया जिससे नो तड़पने लगी और बोली – अब तो डाल दो अपना मूसल हथियार मेरी चूत में. मेरी गर्मी मुझसे सही नहीं जा रही है.

फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी दोनों टांगों को अपने कंधे पर रख कर अपने लंड को उसके चूत के मुँह पर सटाया. वो बहुत ही ज्यादा तड़पने लगी तो मैंने एक जोर का धक्का दिया. अब मेरा आधा से ज्यादा लंड उसकी चूत में घुस चुका था. उसे बहुत दर्द हुआ और वो जोर से चीखने लगी तो मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिया और फिर अपने लंड को बाहर निकाल कर एक जोरदार धक्का दिया. इस बार मेरा पूरा लंड उसके चूत में घुस चुका था. वो दर्द से तड़पने लगी. मैंने उसे समझाया कि कुछ देर दर्द होगा फिर आराम हो जाएगा.

इसके बाद मैंने उससे पूछा – तुमने पहले कभी सेक्स नहीं किया क्या?

वो बोली – किया था पर तुम्हारा लंड ज्यादा ही बड़ा है.

थोड़ी देर के बाद जब उसे कुछ आराम मिला तो वह नीचे से चूतड़ उछाल – उछाल कर चुदने लगी. मैंने भी अब अपनी रफ़्तार बढ़ाई और उसे जोर – जोर से चोदने लगा. इस चुदाई से हम दोनों को खूब आनन्द आ रहा था. करीब दस मिनट चोदने के बाद वो मुझसे बोली- और तेज करो. मैं समझ गया कि अब इसका चूत रस निकलने वाला है. खैर मैंने अपनी स्पीड को और बढ़ा दिया और करीब पांच मिनट के बाद उसका शरीर अकड़ने लगा और वो झरने लगी. उसके चूत का गर्म – गर्म रस मेरे लंड से जैसे ही लगा, मुझे लगा जैसे मैं तो जन्नत में पहुँच गया हूं.

मैं अभी भी उसे चोद रहा था. मैंने उसे बोला – अब तुम घोड़ी स्टाइल में आ जाओ. मैं पीछे से घुसाऊँगा. वो तुरंत ही घोड़ी बन गई. फिर मैं उसे उस स्टाइल में चोदने लगा. करीब दस मिनट और चोदने के बाद मैं भी उसकी चूत में ही झड़ गया. झड़ते समय कितना आनन्द आया दोस्तों मैं बता नहीं सकता. बहुत ही चरमसुख की प्राप्ति हुई.

उसने खुश होकर मुझे मेरी फीस दी और कहा कि अगली बार बुलाते ही आ जाना. आशा करता हूँ कि आप सबको मेरी कहानी जरूर पसंद आई होगी. अपने सुझाव मुझे मेल करियेगा.

मेरी ई-मेल आईडी- [email protected]

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