कई लोगों की भीड़ में सोती हुई बहन को चोदा

फिर मैंने उसके ऊपर के सारे कपड़े उतार दिए और अपना टी-शर्ट भी उतार दिया. फिर हम एक – दूसरे से इतना जोर से चिपक गए कि ऐसा लग रहा था की हम दोनों सेक्स के लिए कई सालों से भूखे हैं. फिर मेरा हाथ उसकी जांघों को सहलाते – सहलाते उसकी बुर तक पहुंच गया और जब मैंने बुर को हल्का सा सहलाया तो उसकी सिसकी निकल गई…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और मैं एक साधारण सा दिखाने वाला लड़का हूँ. मेरी ऊंचाई साढ़े 5 फीट और रंग सांवला है. हाल ही में मेरी पढ़ाई खत्म हुई है और अब मैं एक अच्छी नौकरी कर रहा हूं. आज मैं मेरी जीवन की एक सच्ची कहानी आपके साथ शेयर करने वाला हूँ, यह मेरे पहले सेक्स के बारे में है. उम्मीद करता हूँ आपको पसंद आएगी.

ये बात तब की है, जब मैं कॉलेज की छुट्टियों में मेरे गाँव गया था. मेरा गांव रत्नागिरि महाराष्ट्र में है और बहुत ही खूबसूरत है. मेरे गाँव में छुट्टियों पर मैं और मेरे सारे भाई बहन आते थे. फिर हम सब मिलकर बहुत मजे करते थे. नए – नए खेल खेलते थे. घूमने जाते थे.

उस साल हमारे गांव का घर नया बनाया गया था तो उस मौक़े पर एक फंक्शन रखा था. उस फंक्शन में बहुत सारे मेहमान आये थे. उसमें हमारी एक दूर की एक रिश्तेदार जोकि रिश्ते में मेरी दूर की बहन लगती थी. वो भी आई थी.

उसका नाम था तेजस्विनी है, लेकिन उसे हम सब प्यार से तेजू बुलाते हैं. वो दिखाने में साँवली ही थी पर शरीर से भरी हुई थी. उसका कद 5 फुट और मम्मे गोल – मटोल थे.

हमारा फंक्शन खत्म हुआ और हम सब बैठकर गप्पे लड़ा रहे थे. मैं मेरे बुआ के लड़के – लडकियां सब मिलाकर हम 7-8 भाई बहन थे. उसमें एक मेरी बुआ की लड़की जो 5 साल की थी, वो मेरे साथ खेलती ही रहती थी. मेरे साथ ही खाना खाती थी. हम सब लोग उसके साथ खेल रहे थे.

मैंने उसे उठाया था फिर तेजु बोली, ”मेरे पास दो उसे.” तो जब मैं छोटी को उसके हाथ में दे रहा था, तभी मेरा हाथ गलती से उसके मम्मे को लग गया. ये बात उसे भी पता चली पर उसने इतना ध्यान नहीं दिया और फिर वो छोटी के साथ खेलने लगी.

उसके मम्मे पर हाथ लगने से मेरे मन मे थोड़ी सी हलचल हुई पर मैंने खुद को संभाल लिया और उसके साथ खेलने लगा. उसके बाद हमारा खाना हुआ और सब सोने की तैयारी करने लगे. हमारा घर बहुत बड़ा था तो मेरे सारे छोटे भाई – बहन जिद करने लगे कि हम सब एक ही कमरे में सोएंगे.

फिर मैंने घरवालों को बताया कि हम सब एक ही कमरे में सोएंगे. तभी तेजू बोली कि मैं भी तुम्हारे साथ आ सकती हूं क्या? तो छोटी बोली, “हां दीदी तुम हमारे साथ सोने आ जाओ. तुम मेरे बाजू में ही सोना और मुझे कहानी सुनाना.”

उसकी इस बात पर सब लोग हँसने लगे और फिर हम सब कमरे में चले गए. अब सब बच्चे उससे कहानी सुनाने की जिद करने लगे तो मैंने सबको बोला कि दीदी थक गई है उसको सोने दो. इसपर तेजू बोली, “मैं कहानी सुनाती हूँ. सबका बहुत मन है ऐसे में सब नाराज हो जाएंगे.”

फिर वो कहानी सुनाने लगी. सब कहानी सुनने में व्यस्त हो गए. कहानी सुनते – सुनते सबको नींद आने लगी तो मैंने एक लाइन में गद्दे बिछा कर सबको सोने के लिए बोला तो तेजू बोली मैं कोने छोटी के साथ सोना पसंद करुँगी. मैंने कहा ठीक है. तो वो एक कोने में, उसके बाजू में छोटी और छोटी के बाजू में सब बच्चा पार्टी और दूसरे कोने में मैं सो गया.

कमरे में पूरा अंधेरा था तो छोटी डर गई और मुझे आवाज देकर बोली, “भैया, मेरे बाजू में आ जाओ मुझे डर लग रहा है.” तो मैं उसके बाजू में चला गया. तेजू भी अभी तक सोई नहीं थी. तो अब तेजू, उसके बाजू में छोटी और छोटी के बाजू में मैं था.

अब मैं छोटी के पीठ पर धीरे – धीरे हाथ मारकर उसको सुला रहा था, जिससे वो जल्दी ही सो गई. इतने में तेजू बोली, “मुझे नींद नहीं आ रही है.” तो हम दोनों धीमी आवाज में गप्पे मारने लगे. मेरा हाथ छोटी की पीठ पर ही था. तभी तेजू ने करवट बदली, जिससे उसके स्तन मेरे हाथ से छू गए. तो मैंने हाथ नहीं नहीं हटाया और उसके स्तनों पर छूने दिया.

अब मेरे मन में फिर से हलचल होने लगी. इस बार मेरे हाथ को उसके नरम स्तन का मीठा स्पर्श होने लगा. अब मैंने धीरे से उंगली उसके निप्पल पर घुमाई तो वो थोड़ा सा पीछे हो गई. इससे मैं भी थोड़ा डर गया. थोड़ी देर बाद उसने अपना हाथ छोटी की पीठ पर रखा तो उसका हाथ मेरे हाथ से थोड़ा सा छू गया. फिर मैंने भी मेरे हाथ को उसके हाथ से चिपका लिया.

फिर धीरे से मैंने मेरी उंगली उसके उंगली के ऊपर रख दी. इस पर उसका कुछ विरोध नहीं आया तो मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ गई. अब मैंने मेरा पूरा हाथ उसके हाथ के ऊपर रख दिया. इस बार उसने हाथ नहीं हटाया तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई. फिर मैं उसके हाथ को धीरे से सहलाने लगा.

इसका भी उसने विरोध नहीं किया और फिर वो भी मेरा हाथ सहलाने लगी. अब तो मेरे मन में लड्डू फूटने लगे थे. फिर हमने एक – दूसरे का हाथ पकड़ लिया. उसका हाथ गरम हो गया था. इतने में छोटी ने अपनी करवट बदल ली तो तेजू ने डरकर मेरा हाथ छोड़ दिया.

थोड़ी देर बाद फिर मैंने मेरा हाथ छोटी के ऊपर से तेजु के पेट पर रख दिया और उसके पेट को सहलाने लगा. वो भी थोड़ा मेरे बाजू होकर मेरा साथ देने लगी तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई. फिर मैंने मेरा हाथ थोड़ा ऊपर ले जाकर उसके स्तन के ऊपर रखा.

अंधेरे सिर्फ स्पर्श समझ आ रहा था. फिर मैं उसके मम्मे धीरे – धीरे दबाने लगा. जिससे तेजू के मुंह से सिसकी निकलने लगी थी और मुझे भी मजा आने लगा था. उसने सलवार – कमीज पहनी थी तो मैंने उसके अंदर हाथ डाल दिया और उसके पेट को सहलाने लगा.

फिर मैंने हाथ थोड़ा ऊपर किया और ब्रा के अंदर से निप्पल के ऊपर उंगली घुमाने लगा. इससे वो और उत्तेजित हो गई और फि मेरा हाथ अपने पीठ के पास ले गई और कमीज की ज़िप खोलने का इशारा किया. तो मैंने ज़िप खोल कर ब्रा का हुक भी खोल दिया और उसकी पीठ को सहलाने लगा. अब वो और उत्तेजित हो रही थी.

फिर मैंने मेरा हाथ उसके होंठों पर रख कर किस का इशारा किया. तो वो धीरे से बोली, “छोटी को थोड़ा सा बाजू करो और तुम इधर आ जाओ.” फिर मैंने भी वैसे ही किया और उसके बाजू में पहुंच गया. जब मैं बाजू में आया तो वो थोड़ा सा शरमा गई और करवट बदल ली तो मैं उसके पीठ पर होंठ रख कर किस करने लगा.

फिर धीरे से उसके बदन को पकड़ कर मेरे तरफ घुमा दिया. अब उसकी गरम हो रही सांसों का मुझे एहसास होने लगा था. फिर हम होंठ नजदीक लाकर एक – दूसरे को किस करने लगे. हमारे किस की आवाज पूरे कमरे में घूम रही थी. क्योंकि यह हमारा पहली बार था.

बहुत देर किस करने के बाद मैं उसके पूरे गले पर किस करने लगा. अब तेजू मदहोश होने लगी थी. फिर वो भी मेरे गले पर किस करने लगी तो मैंने उसके मम्मे पर किस करना चालू कर दिया. इससे वो सिसकियां लेने लगी.

अब मैंने उसकी कमीज को ऊपर करके पेट पे किस किया और किस करते – करते ऊपर आकर ब्रा के ऊपर से स्तन को किस करने लगा. ब्रा का हुक तो निकाला हुआ ही था तो मैंने उसको निकालकर बाजू में रख दिया और निप्पल की चूसने लगा. इससे अब वो तड़पने लगी थी.

अब मैं एक हाथ से एक मम्मे को दबा रहा था और दूसरे मम्मे को होंठों से चूस रहा था. हमे डर था कि कहीं कोई उठे न जाए और बाजू में सो रही छोटी को धक्का न लगे.

फिर मैंने उसके ऊपर के सारे कपड़े उतार दिए और अपना टी-शर्ट भी उतार दिया. फिर हम एक – दूसरे से इतना जोर से चिपक गए कि ऐसा लग रहा था की हम दोनों सेक्स के लिए कई सालों से भूखे हैं. फिर मेरा हाथ उसकी जांघों को सहलाते – सहलाते उसकी बुर तक पहुंच गया और जब मैंने बुर को हल्का सा सहलाया तो उसकी सिसकी निकल गई.

अब मैं उसकी पैंटी में हाथ डालकर बुर को सहला रहा था। उतने में ही उसने पानी छोड़ दिया. इससे मेरा पूरा हाथ गीला हो गया था और अब वो रिलैक्स हो रही थी. पर मैंने उसको चूमना जारी रखा तो उसने मेरे पैंट में हाथ डाल दिया और मेरा लंड पकड़ कर बोली, “इतना बड़ा होता है ये! मुझे तो पता ही नहीं था.”

अब मैं बोला, “हां रानी, और इसे तुम्हारे अन्दर भी डालना होता है.” यह सुन कर वो डर गई और बोली, “मेरी बुर तो बहुत छोटी है कैसे जाएगा उसमें?” तो मैं बोला, “तू बस मजे ले बाकी मैं देख लूंगा.” इतना बोल कर मैंने उसे किस करना चालू कर दिया. वो फिर उत्तेजित हो गई.

अब मैंने उसको बोला, “क्या तुम इसको मुंह में लेना पसंद करोगी?” तो उसने बोला, “नहीं, बाद में कभी ट्राई करेंगे पर अभी नहीं.” फिर हम दोनों एक – दूसरे को चूमने में लग गए. इसी बीच मैंने उसकी पैंटी उतार दी. अब तो वो शरमाने लगी और अपनी चूत को ढक लिया. यह देख मैं बोला, “अंधेरे में क्या शर्माना.” तो उसने बुर से हाथ हटा दिया.

अब मेरा लंड उसके बुर से चिपकने लगा था पर अंदर नहीं जा रहा था. मैंने बहुत कोशिश की पर जा ही नहीं रहा था तो मैं उसके ऊपर लेट गया और पैर ऊपर करके जोर का धक्का मारा. उसको बहुत दर्द हुआ पर उसने समझदारी दिखाते हुए अपना मुंह बन्द रखा.

अब मैंने लन्ड को अंदर – बाहर करना चालू किया. थोड़ी देर बाद उसने भी साथ देना चालू किया. हम दोनों को बहुत मजा आने लगा था. अब तेजू जोर – जोर से सिसकियां लेने लगी और गांड उठा – उठा कर मेरा साथ देने लगी थी. फिर मैं उसके ऊपर से हटा और उसका पांव मेरे ऊपर लेकर चोदने लगा.

हम दोनों ऊपर से किस कर रहे थे और नीचे से चुदाई. इतने में ही उसने मुझे जोर से पकड़ा. उसके नाखून मेरी पीठ पर लग गए और वो झड़ गई. अब मैं भी झड़ने वाला था. तो मैंने भी उसे कस कर पकड़ लिया और जोर से धक्के मारने लगा. और थोड़ी ही देर में उसके अंदर ही झड़ गया.

मतलब हम दोनों ने अपनी चरण सीमा को पार कर लिया था. फिर मैंने उसे उसके सब कपड़े पहनाए और खुद भी पहने. अब मैं फिर से छोटी के बाजू में आया और हम एक दूसरे के हाथ को पकड़ कर सो गए.

इस कहानी में फिर क्या हुआ? ये मैं आपको मेरी दूसरी कहानी में बताऊंगा. तब तक आप मुझे मेल करके अपने सुझाव भेजते रहें. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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