लड़के के लिए चुद गई भाभी

मैंने इसी का फ़ायदा उठाया और एक हाथ से उनके मम्मे दबाने लगा और दूसरा हाथ सीधा ले जाकर उनकी चूत पर फिराने लगा. इसका असर ये हुआ कि अब भाभी भी गर्म होकर मेरा साथ देने लगी और मुझे किस करने लगी. फिर 5 मिनट तक वहीं पर किसिंग चलती रही और मैं भाभी को गर्म करता रहा…

हैलो दोस्तों, मैं सुरेन हरियाणा का रहने वाला हूँ. अंतर्वासना पर ये मेरी पहली कहानी है. मैं 2008 से अंतर्वासना की सारी कहानियों को पढ़ रहा हूँ. मुझे उम्मीद है कि मेरी यह पहली कहानी आप सब लन्ड और चूत धारी लोगों को बहुत पसंद आएगी.

मेरी ये कहानी आज से करीब 3 साल पहले की है जब मैं 29 साल का था. दोस्तों, मैं एक शादीशुदा युवक हूँ. मेरे दो लड़के हैं. ये घटना तब की है जब मैं अपनी नौकरी के सिलसिले मे पुणे में रहता था. मैं जिस घर में रहता था उस घर के ठीक सामने वाले घर में हरियाणा की एक फैमिली रहती थी. हमारे बीच संबंध काफी अच्छे थे.

उनकी फैमिली में उन पति – पत्नी के अलावा दो छोटी – छोटी बच्चियां थीं. उनकी बेटियां रिया 3 साल की और सुमन 5 साल की थी. भाभी जी हमेशा मेरे साथ मज़ाक करती रहती थी. मज़ाक – मज़ाक में ही कभी – कभी मैं भाभी को छेड़ भी देता था.

पहले मैं आपको भाभी के बारे में बता देना चाहता हूँ. भाभी 26 साल की एक जवान और सेक्सी औरत थीं. जिसे देख कर ही किसी का भी लन्ड खड़ा हो जाता था. भाभी का फिगर 36-26-38 था. उनकी मोटी गांड़ देख कर मैं हमेशा ही उनको चोदने के चक्कर में लगा रहता था. क़िस्मत से बहुत जल्दी ही मुझे ये मौका भी मिल गया.

अचानक मेरी पत्नी को किसी काम से एक महीने के लिए घर जाना पड़ा और मेरी पत्नी भाभी से बात करके उन्हें मेरे ख़ाने के लिए बोल दिया. एक – दो दिन सब नॉर्मल चला पर फिर मेरे से कंट्रोल करना मुशकिल हो गया. अब मैं दिन – रात बस यही तरकीब निकालने लगा लगता रहता था कि भाभी को कैसे चोदा जाए.

फिर मैंने अपने ऑफिस से तीन दिन का अवकाश ले लिया. भाभी के पति सुबह 7 बजे ही घर से निकल जाते थे और फिर शाम को 6 बजे ही वापस आते थे. छुट्टी के पहले ही दिन मैं सुबह 8 बजे तैयार होकर भाभी के घर गया और उनको बताया कि मैंने ऑफिस से तीन दिन का अवकाश लिया है.

यह सुन कर भाभी मुझसे बोली – आपने अवकाश किस लिए लिया है?

मैंने कहा – भाभी, पहले नाश्ता तो बनाओ फिर बताता हूँ.

अब भाभी जैसे ही नाश्ता बनाने के लिए किचन में घुसी मैं भी उनके पीछे – पीछे किचन मे घुस गया और वहीं अंदर बैठ कर भाभी से बातें करने लगा.

मैं बोला – भाभी, आप बड़ी स्मार्ट हो.

यह सुनते ही भाभी बोली – अच्छा! सुबह – सुबह ही लाइन मारना शुरू.

मैं – नहीं भाभी, आप सही में बड़ी स्मार्ट हो. आपको देख कर तो पड़ोस के सभी बूढ़े और जवान आँहें भरते हैं.

इसके बाद फिर हमने नास्ता किया और फिर भाभी बोली – सुरेन, आप थोड़ा रिया का ध्यान रखना तब तक मैं नहा कर आती हूँ.

दोस्तों, भाभी की एक लड़की स्कूल चली गई थी और एक अभी तक सो रही थी. थोड़ी देर बाद भाभी जैसे ही नहा कर बाहर निकली तो उन्होंने एक लंबा सा टॉवल लपेट रखा था और वो बिल्कुल सेक्स की देवी लग रही थीं. उन्हें देख कर अब मेरा लन्ड मेरे कंट्रोल से बाहर हो चुका था.

वहां से भाभी सीधा अपने रूम गई और उनके पीछे – पीछे मैं भी उनके रूम में पहुँच गया. उन्होंने दरवाजा बंद नहीं किया था और अंदर जाकर सीधे शीशे के आगे खड़ी होकर अपना टॉवल खोल दिया. तभी उनकी नज़र मेरे ऊपर पड़ी लेकिन तब तक तो मैं उनके नंगे बदन का दर्शन कर चुका था.

मुझे देख कर भाभी ज़ोर से चिल्लाईं – आप यहाँ क्या कर रहे हैं?

मैं – भाभी, मैं आपकी सुंदरता देख कर पागल हो गया हूँ. प्लीज़, एक बार आप अपनी चूत के दर्शन करा दो.

यह सुन कर भाभी बोलीं – ये आप क्या बोल रहे हैं! प्लीज़, आप बाहर जाइए नहीं तो मैं शोर मचा दूँगी.

लेकिन तब तक मैं भाभी के बिल्कुल नज़दीक पहुँच चुका था और फिर मैंने भाभी को सीधा अपनी बाहों में भर लिया. भाभी ने जैसे छूटने की कोशिश की वैसे ही उनका टॉवल नीचे गिर गया और वो फिर से मेरे सामने बिल्कुल नंगी हो गईं. अब भाभी मेरे सामने रिक्वेस्ट करने लगी ‘प्लीज़, मेरे साथ ऐसा मत करो.’ लेकिन मैं अपने लन्ड के आगे मजबूर था.

फिर मैंने भाभी को सीधा अपनी बाहों में भरा और उनके होंठों को किस करने लगा. करीब 5 मिनट तक भाभी मुझे खुद से दूर करती रहीं और फिर वो भी धीरे – धीरे गर्म होने लगी और अब उन्होंने मेरा विरोध करना कम कर दिया था.

मैंने इसी का फ़ायदा उठाया और एक हाथ से उनके मम्मे दबाने लगा और दूसरा हाथ सीधा ले जाकर उनकी चूत पर फिराने लगा. इसका असर ये हुआ कि अब भाभी भी गर्म होकर मेरा साथ देने लगी और मुझे किस करने लगी. फिर 5 मिनट तक वहीं पर किसिंग चलती रही और मैं भाभी को गर्म करता रहा.

फिर अचानक भाभी ने मुझे धक्का देकर एक साइड कर दिया और जल्दी से टॉवल लपेट कर खड़ी हो गईं. अब मैं भाभी की तरफ ठीक उसी तरह देखने लगा जैसे कि एक प्यासा कुँए की तरफ़ देखता है.

फिर भाभी मुझसे बोली – सुनो सुरेन, अगर तुमने मेरे साथ ज़बरदस्ती की तो मैं चिल्लाकर पूरे मोहल्ले को बुला लूँगी और साथ ही तुम्हारी शिकायत पुलिस में भी कर दूँगी.

भाभी का ये रूप देख कर तो मेरी गांड़ ही फट गई. इस एक मिनट में मेरा खड़ा लंड ऐसे बैठा जैसे कि उसको खड़ा होना आता ही न हो. फिर मैं सीधे भाभी के सामने हाथ जोड़ कर खड़ा हो गया और उनसे रिक्वेस्ट करने लगा और बोला – प्लीज़ भाभी, मुझे माफ़ कर दो, मुझसे ग़लती हो गई.

तभी भाभी ने कहा – सुरेन, मैं तुम्हारी हालत समझती हूँ, लेकिन मेरी एक शर्त है अगर तुम उसे पूरा करो तो मैं तुम्हें अपनी चूत मारने का मौका दे सकती हूँ.

यह सुन कर मैं खुशी और आश्चर्य से उनको देखने लगा और तब मेरे लन्ड ने भी दोबारा से अपनी गर्दन उठानी शुरू कर दी और फिर मैं बोला – आपकी चूत के लिए तो मुझे कोई भी शर्त मंजूर है आप बोलो तो सही.

अब भाभी बोली – मुझे तुमसे एक लड़का चाहिए. मैं तुम्हारे लड़के की माँ बनना चाहती हूँ.

यह सुन कर मैं बोला – भाभी, मैं तुम्हें कैसे एक लड़का दे सकता हूँ? मैं तुम्हे माँ बना सकता हूँ लेकिन वो लड़का होगा नहीं ये मैं कैसे कह सकता हूँ.

भाभी बोली – जब तुम अपनी बीबी को दो लड़के दे सकते हो तो मुझे एक क्यों नहीं?

मैं फिर बोला – देखो भाभी, मैं तुम्हे एक और बच्चे की माँ बना सकता हूँ लेकिन वो लड़का ही होगा इसकी मेरी कोई गारंटी नहीं है.

तो भाभी बोली – ठीक है, मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनूँगी.

यह सुन कर मेरा लन्ड फिर से झटके खाने लगा और एक बार फिर टाइट होकर 7 इंच का हो गया और भाभी की चूत में जाने के लिए फड़फड़ाने लगा. अब मैंने भाभी को वहीं पकड़ा और किस करना शुरू कर दिया. अब भाभी भी मेरा साथ देने लगी थीं. फिर मैं धीरे – धीरे भाभी के कपड़े उतारने लगा. कपड़े क्या थे उन्होंने टॉवल ही लपेट रखा था और फिर अगले आधे मिनट में ही भाभी मेरे सामने बेड पर बिल्कुल नंगी थी.

अब मैं भाभी के मम्मे चूसने लगा और एक हाथ भाभी की चूत पर फिराने लगा. भाभी के मुँह से “आ आह आह जानू आह, चूसो और चूसो. मेरी चूत को मसल दो. आज तुम अपना लन्ड मेरी चूत में पेल दो और मुझे अपने लड़के की माँ बना दो” जैसे शब्द निकलने लगे थे. फिर अचानक भाभी मेरे ऊपर आ गईं और मेरे कपड़े उतारने लगीं और साथ ही मेरे पूरे बदन पर किस करने लगीं.

अब भाभी से कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था तो भाभी ने जैसे ही मेरा अंडर वियर उतारा तो 7 इंच का लन्ड उनके सामने आ गया. जिसे देख कर वो खुश होते हुए बोली – वाह देवर जी, आप का लौंड़ा तो कमाल का है और आज तो ये मेरी चूत का भोसड़ा ही बना देगा.

यह बोल कर फिर भाभी ने तुरंत ही मेरा लौंड़ा अपने मुँह में ले लिया और उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. फिर अब हम 69 की पोजीशन में आ गये और थोड़ी देर तक चूसने के बाद भाभी बोली – देवर जी, अब और मत सताओ प्लीज़, अब ये दमदार लौंड़ा मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत की प्यास मिटा दो.

फिर मैंने भाभी को वहीं बेड पर लिटा दिया और उनकी दोनों टाँगें चौड़ी करते हुए उनकी चूत पर अपना लम्बा लन्ड रख दिया और उनकी चूचियाँ मसलने लगा. अब भाभी के लिए कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो गया था तो भाभी खुद ही लन्ड अंदर लेने के लिए नीचे से अपने चूतड़ उछालने लगीं और मुझे गाली देने लगी. भाभी बोल रही थीं – भोसड़ी के, अब डाल भी दे न अब और मत तडपा.

फिर मैंने भी लन्ड को चूत पर सेट किया और एक ज़ोर का झटका दिया तो मेरा आधा लन्ड भाभी की चूत में समा गया. इससे भाभी की हल्की सी चीख निकल गई और वह बोली – जानू, प्लीज़ आराम से करो दर्द हो रहा है. अब तो ये चूत तेरी ही है जब दिल करे चोद लेना. मैं कहीं भागी थोड़े ही जा रही हूँ.

फिर मैंने एक – दो बार लन्ड को आराम से अंदर – बाहर किया और फिर भाभी के होंठों को किस करते हुए एक झटका और ठोक दिया. भाभी की चीख अंदर ही घुट कर रहा गई. फिर कुछ देर मैं भाभी को किस करता रहा और उनके मम्मे भी मसलता रहा.

अब भाभी को भी मज़ा आने लगा और भाभी खुद नीचे से अपनी गांड़ उछालने लगी. मैंने भी अब भाभी की टाँगें फोल्ड करके अपनी स्पीड बड़ा दी और उनको ज़ोर – ज़ोर से चोदने लगा. भाभी की अब कस कर चुदाई हो रही थी और भाभी ज़ोर – ज़ोर से चिल्ला – चिल्ला के कह रही थीं – आह चोदो देवर जी चोदो, आज मेरी चूत को फाड़ दो. बड़ी खुजली होती है इसमें, आज इसकी सारी खुजली मिटा दो.

भाभी की बातें सुन कर और भाभी की चूत की गर्मी लन्ड पर महसूस करके मैं भाभी को और ज़ोर – जोर से चोदने लगा. तभी भाभी का शरीर अकड़ने लगा और वो ज़ोर से मेरे साथ चिपक गई और उन्होंने अपने नाख़ून मेरी पीठ पर गड़ा दिए.

भाभी की चूत की गर्मी से अब मेरा भी होने वाला था और मैं ज़ोर – जोर से भाभी की चूत चोदने लगा. फिर 5-7 धक्कों के बाद मेरा भी हो गया और मेरे लन्ड ने भाभी की चूत को अपने रस से भर दिया.

एक बार भाभी को मेरे लन्ड का चस्का क्या लगा वो तो मेरे लन्ड की दीवानी हो गई. इसके बाद हमें जब भी मौका मिलता है मैं भाभी की चूत का बाजा बजा देता हूँ. फिर कुछ दिन बाद भाभी ने मुझे बताया कि वो मेरे बच्चे की माँ बनने वाली हैं. फिर भाभी ने अपनी चूत चुदवाना बंद कर दिया और ठीक 9 महीने बाद भाभी ने मेरे बच्चे को जन्म दिया और ऊपर वाले की मेहरबानी देखिए कि वो भी लड़का ही हुआ. भाभी के घर में बड़ी खुशियां मनाई गईं.

इसके बाद अगले दो साल तक हम पुणे में रहे और मैं भाभी को चोदता रहा. आप सब को मेरी कहानी कैसी लगी?आप अपने सुझाव मेरे ई-मेल पर ज़रूर भेजिए. अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई तो अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने भाभी की दो ननदों को और एक सहेली को माँ बनाया.

आप अपने सुझाव मुझे इस ई-मेल आइडी पर भेजें – [email protected]

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