लड़के के मुझे देखने से पहले घर की वह रात

मेरी आवाज सुन कर माँ की आँख खुल गई और वो मेरे कमरे में आकर पापा और भईया को मेरी चुदाई करते देख बड़ी गुस्सा हुई. भाई मुझे जोर – जोर से चोदे जा रहा था और मैं तो होश में ही नहीं थी. जब पापा ने मम्मी को कमरे में देखा तो समझ गए कि आज तो खैर नहीं. फिर उन्होंने भाई को इशारा किया तो भाई उठ कर मम्मी के पास चला गया और जोर की झप्पी मारी फिर उनके होंठों को चूमने लगा…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम रश्मि है. मैं काफी समय से अन्तर्वासना की पाठक हूँ. मैं काफी दिनों से अपनी कहानी लिखने की सोच रही थी और आज हिम्मत करके लिख रही हूँ. उम्मीद है यह आप सब को पसंद आएगी.

अभी मेरी उम्र 32 साल है. मैं शादीशुदा हूँ और मेरे दो बच्चे हैं बड़ा लड़का गगन और प्यारी बच्ची है जीना. दोनों में बहुत ही प्यार है.

अब मैं अपनी कहानी शुरू करती हूँ. बात उस समय की है जब मेरी उम्र 21 साल थी. मुझे भाई, पापा – माँ और भाभी से बहुत प्यार मिल रहा था पर उनके जोर देने पर मैं लड़के वालों से मिलने को राजी हो गई. वो बोलते थे कि लड़की हो इसलिए शादी तो करनी ही है वरना सब को क्या बोलेंगे. बात सही भी थी पर इस बात का डर लगता था कि मेरे घर जैसा प्यार ससुराल में मिलेगा कि नहीं.

बस यही सब सोचते हुए मैं रात में अपने कमरे में लेटी थी नींद तो आँखे में थी ही नहीं बस आँखे बंद कर सोच रही थी कि मुझे क्या करना है, कैसे होगा सब?

तभी मुझे कठोर से होंठों का स्पर्श मेरे स्तनों पर हुआ. मैं समझ गई कि पापा होंगे. फिर मैंने अपनी आँखें खोली तो देखा पापा मेरे दाईं तरफ और भाई मेरे बाईं तरफ बैठे थे. वैसे भी घर में हम सब नंगे ही रहते थे पर भाई अंडरवियर पहने था और पापा पूरे नंगे ही मुझे सहला रहे थे.

उन्हें मेरे छोटे – छोटे दूध बहुत पसंद हैं. वे जब भी पास होते हैं मेरे दूध को बहुत पीते हैं और मुझे भी इसमें बहुत अच्छा लगता है. अभी भी वो मेरे दूध पी रहे थे और मेरा पेट सहला रहे थे और भाई मुझे प्यार से देख रहा था. फिर वो मेरे होंठ छू कर बोला – रस्सो, मेरी जान क्या हुआ? हमारे रहते तुम परेशान हो! क्या बात है किस सोच में हो?

भाई मुझे रस्सो बोलता था और वह मुझे बहुत प्यार करता है. चूंकि मैं शांत लेटी थी तो वो बहुत परेशान हो गया हो गया, हमेशा ही हो जाता है. मैं भी उसे बहुत प्यार करती हूँ.

फिर मैं भाई के चहरे को पास लाकर उसके होंठों को चूम कर बोली – भाई, कल लड़के वाले आ रहे हैं, कहीं मेरी शादी की बात फाइनल हो गई तो मैं आप के बिना, पापा के बिना और माँ – भाभी के बिना कैसे रह पाऊंगी? यह बोलते हुए पता नहीं क्यों मेरी आँखें भर आई.

तभी पापा मेरे ऊपर आकर मेरे माथे को चूम कर बोले – बन्नो, तू हमारी जान है हम भी तेरे बिना नहीं रहा पाएंगें पर दुनियादारी भी तो देखनी पड़ती है और तू तो इसी शहर में रहेगी. हर हफ्ते आ जाना. हम भी तुझे देखे बिना कैसे रहेंगे?

यह सुन कर मैंने मुस्करा दिया और पापा के होंठों को चूसने लगी. मैं खुश थी कि सब मुझे इतना प्यार करते थे. भाई मुझे खुश देख कर मुस्कुराया और मेरे पेट को सहलाता हुआ मेरी जांघों को सहलाने लगा. फिर धीरे से उसने मेरी नाभि को चूम लिया. भाई को मेरा पेट बहुत पसंद था वो बचपन में भी जब साथ में सोता था तो मेरी नाभि में ऊँगली डाल कर ही सोता था.

अब भाई मेरी जांघों को सहलाते – सहलाते मेरी चूत को भी सहला रहा था और मुझे इसमें बड़ा मज़ा आ रहा था. दूसरी तरफ पापा मेरे दूध दबाते हुए मेरे होंठों को चूस रहे थे और भाई लगातार मेरी चूत मसल रहा था.

तभी भाई नीचे आ गया और मेरी चूत चाटने लगा. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था और मेरी हालत ख़राब थी तो मैं पापा का लंड पकड़ कर हिलाने लगी. फिर थोड़ी देर बाद पापा से बोली – पापा, अब रहा नहीं जाता है मुझसे, लंड दो ना चूसने के लिए.

फिर पापा ने मेरे दूध पर किस किया और मेरे मुंह में अपना लंड डाल कर हिलाना शुरू कर दिया. वहीं दूसरी तरफ भाई मेरी चूत चूस रहा था. अब मैं खुद को रोक नहीं पाई और भाई के मुँह में ही झड़ गई. इधर पापा ने भी अपना पानी मेरे मुंह में भर कर मेरे बगल में बैठ गए और मेरे बदन को सहलाते हुए बोले – बन्नो, तूने पूरे घर में प्यार बरसाया है. हम सब को तेरा प्यार बहुत पास ले कर आया.

ऐसा बोल कर फिर वह मेरे होंठों को चूसने लगे. वहीं अब भाई ने मेरी चूत में अपना लंड पेल दिया. अचानक हुए हमले के इस मज़े के मारे मेरी हालत ख़राब होने लगी और मेरे मुंह से ”ओह्ह अह्ह्ह्हह्ह ” की आवाजें आने लगी. अब भाई ने अचानक से पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया था और ”आइई माँ मर गई” कह के मेरी चीख निकल गई. मुझे ये ध्यान ही नहीं रहा कि भाभी और माँ बगल के कमरे में सो रही हैं.

भाभी अभी पेट से हैं. अब मेरा भाई जो आने वाला था. दोस्तों, मेरी भाभी पापा को बहुत चाहती हैं और पापा भी भाभी को बहुत प्यार करते हैं. वो दोनों हर रोज चुदाई करते थे. भाभी चाहती थी कि उनका पहला बच्चा पापा से ही हो सो पापा उनकी चूत में ही अपना पानी छोड़ते थे. भाई को जब चूत में पानी छोड़ने का मन होता तो वह माँ को चोदता था. खैर, आपसे ये सब मैं फिर कभी बताऊंगी अभी सिर्फ उस रात की बात बताती हूँ.

मेरी आवाज सुन कर माँ की आँख खुल गई और वो मेरे कमरे में आकर पापा और भईया को मेरी चुदाई करते देख बड़ी गुस्सा हुई. भाई मुझे जोर – जोर से चोदे जा रहा था और मैं तो होश में ही नहीं थी. जब पापा ने मम्मी को कमरे में देखा तो समझ गए कि आज तो खैर नहीं. फिर उन्होंने भाई को इशारा किया तो भाई उठ कर मम्मी के पास चला गया और जोर की झप्पी मारी फिर उनके होंठों को चूमने लगा.

उसका लंड मेरे पानी से पूरा चिकना था और खूब चमक रहा था. फिर भाई माँ से बोला – माँ, रस्सो परेशान थी कि कल लड़के वाले आ रहे हैं सो हम उसे प्यार करके समझा रहे थे. यह बोलते – बोलते उसने माँ को झुका कर उनकी गांड में लंड डालना शुरू कर दिया.

यहाँ पापा मेरे ऊपर आ गए और मेरे दूध, पेट से होते हुए मेरी चूत में लंड डाल दिया और फिर धक्के लगाने लगे.
उधर माँ, भाई से गांड मराते हुए बोली – अरे, आज इसे छोड़ दो. कल लड़के वाले आ रहे हैं कहीं शक हो गया तो बड़ी बदनामी होगी.

भाई जो उनकी गांड़ में धक्के लगा रहा था उसकी आँखे मज़े के मारे बंद हो रही थी. इधर पापा ने मेरी चूत मार – मार के मेरी हालत खराब कर दी थी. फिर थोड़ी देर में हम सब आहें भरते हुए साथ ही झड़ गए.

पापा ने लंड निकाल कर अपना पूरा पानी मुझे पिला दिया. फिर मैं पापा का लंड चाटने लगी और तब तक चाटती रही जब तक पूरा रस साफ नहीं हो गया. उधर मम्मी और भाई भी चुदाई खत्म कर के मेरे पास बैठ गए. माँ प्यार से मेरे होंठों को चूसने लगी और पापा माँ की चूत सहलाते रहे.

माँ के कोमल होंठों के स्पर्श से मुझे बड़ा मजा आ रहा था और मैं माँ का पूरा साथ दे रही थी. फिर माँ दूर होकर बोली – अब चलो इसे आराम करने दो. कल पूरी ताजा लगनी चाहिए.

एक बार फिर माँ, भाई और पापा को देख कर बोली – चलो तुम दोनों यहाँ से और चुदाई करनी हो तो मेरे और रानी के साथ कर लो इसे आराम करने दो.

अभी माँ की बात खत्म ही हुई थी कि भाई ने माँ को बाँहों में भर लिया और होंठों को चूमने लगा. पापा ने देखा कि ये दोनों लगे पड़े हैं तो वो भाभी के कमरे की तरफ चले गए.
थोड़ी देर में भाभी के कमरे की लाइट जली और उनकी आवाज आई “उम्म्म, ससुर जी नींद में ही चोदना शुरु कर दिया. जगा देते ना. उम्म्म अह्ह ससुर जी, बड़ा मज़ा आ रहा है. ऐसे ही करते रहो. आह मैं गई उम्म ओह्ह्ह्ह”. लग रहा था कि भाभी का पानी छूट गया था पर पलंग हिलने की आवाज अभी भी आ रही थी. मतलब पापा अभी भी भाभी को चोद रहे थे.

फिर थोड़ी देर बाद भाभी बोली – आह पापा, मज़ा आ गया उम्म्मा, आई लव यू”. अब लग रहा था कि दोनों का हो गया है.

इधर भाई और माँ दोनों एक – दूसरो को चूमे जा रहे थे. भाई माँ की चूत सहला रहा था और माँ भाई के सीने पर धीरे – धीरे हाथ घुमा रही थी. एक हाथ से भाई मेरे पेट को सहला रहा था और बीच – बीच में वो मेरी चूत और स्तनों को सहला देता था. अब मुझसे भी रहा नहीं गया तो मैं भाई का लन्ड चूसने लगी.

माँ ने मुझें ऐसा करते देखा तो वो गुस्से से भाई से बोली – देखो तुम लोग इसे आराम करने दो कल ऐसे बहुत काम है.

फिर मेरे होंठों पर किस करके बोली – बेटा आज सब्र करले, कल जैसा तू चाहेगी वैसे ही करेंगे.

फिर भाई से बोली – चल तू अब रानी के पास जा. मैं थोड़ी देर से अती हूँ.

फिर भाई मेरे निप्पल दबा कर और होंठों पर किस कर के भाभी के कमरे में चला गया. फिर माँ मेरे पास आई और बोली – बेटा, बस एक दिन की बात है ये लोग तुझे पसंद कर ले गए तो हम तेरी शादी के बाद भी चुदाई कर पाएंगें वरना पता नहीं क्या होगा.

यह बोलते – बोलते वो मेरी चूत चाटने लगी. उनकी जीभ बहुत मज़ा दे रही थी और मेरे मुंह से आवाजें निकलने लगी “ओह्ह्ह मां ओह्ह म्म्म्म् माँ, ऐसे ही करते रहो. आह आह” और फिर मेरा पूरा शरीर अकड़ने लगा और मेरा पानी छूट गया. इसमें मुझे बड़ा मज़ा आया. अब मेरा मन कुछ शांत हुआ था.

फिर माँ मुझे किस करके मुझसे लिपट गई और पता नहीं कब माँ की बाहों में मुझे नींद आ गई. सुबह जब मेरी आँख खुली तो माँ मेरे पास नहीं थी. वो मुझे चादर ओढ़ा के शायद बाहर गई थीं.

मैं अपने बिस्तर से उठी तो बहुत तेज बाथरूम लगी थी पर कोई पीने वाला था ही नहीं मेरे पास तो सोचा आज वाशरूम में ही कर लूँ लेकिन जैसे ही मैं उठने वाली थी कि भाभी मेरे कमरे में आ गई और मेरे पास आकर बोली – अरे! तू तो जग गई. आवाज क्यों नहीं दी हां. अभी आराम कर बेड से क्यों उतर रही थी कुछ चाहिए था क्या तुझे?

फिर मैं बेड पर बैठते हुए बोली – भाभी, पेशाब करने जा रही थी.

अब भाभी मेरे पास आकर बोली – अरे शहजादी, हमारे होते तुम्हें अपना अमृत वेस्ट करने की क्या जरुरत है?

यह बोल कर उन्होंने मेरे पैरों को फैला दिया और मेरी चूत में मुंह लगा दिया. अब मैंने भी पेशाब करना शुरू कर दिया और मेरा सारा पानी भाभी पी गई. जब पानी निकलना बंद हो गया तो भाभी चूत चाटने लगी और चाट कर उसे साफ कर दिया और जाते हुए बोली – लड़के वाले दोपहर तक आएंगे. अभी तू आराम कर कुछ देर. माँ ने बोला है तुझे तैयार कराने को मैं थोड़ी देर में आ जाऊंगी.

मैं फिर से चादर ओढ़ कर लेट गई और आंख बंद कर ली और कैसे क्या होगा दोपहर में यही सोचने लगी. थोड़ी देर में भाभी आई और बोली – चल रश्मि नहला देती हूँ तुझे. उधर माँ खाने वगैरा की तैयारी में लगी हैं. लड़के वालों के आने तक हम तैयार हो जाएंगे.

फिर मैं भी उनका हाथ पकड़ कर बाथरूम में चल दी. भाभी ने पहले ही गरम पानी बाथ टब में भर रखा था. हम दोनों तो रोज की तरह नंगे ही थे सो भाभी ने मुझे टब में जाने के लिए बोला और खुद टब की साइड की दीवार पर बैठ गई.

अब उनकी चूत मेरे चेहरे के सामने थी. वो नंगी थी और पानी होने की वजह से वो टब की दीवार से फिसल कर टब के अंदर मेरे ऊपर गिर गई. हम दोनों ये देख कर जोर – जोर से हंसने लगे. अब भाभी के बूब्स मेरे बूब्स से टकरा रहे थे और एक पैर मेरे पैरों के बीच में गया था.

तभी भाभी हँसते हुए बोली – लगता है आज दोनों को साथ में ही तैयार होना होगा.कहीं तेरे वो कंफ्यूज न हो जाए और मुझे ले जाए और चुदाई करें.

भाभी की बात सुन कर मैं हंसने लगी और बोली – हाँ भाभी, फिर आना कभी – कभी मिलने हमसे हा हा.

फिर मैंने उनके पेट पर हाथ रखा और बोली कि और ये जो मेरा भाई आने वाला है उसे हमारे पास ही छोड़ देना हा हा हा.

बस ऐसे हे हँसते हुए हम नहा कर निकले तो भाभी ने मुझे आइने के सामने खड़ा कर दिया और टॉवल से मेरे बदन को पोछने लगी. मैं खुद को सीसे में देख रही थी. ये गोरा रंग, अच्छा फिगर सच में मैं बहुत सुन्दर थी. तभी तो घर में सब मेरे दीवाने हैं और रोज मुझे प्यार करते हैं.

मुझे साफ कर के भाभी ने खुद को भी सुखाया और फिर भाभी ने मुझे कपड़े पहना कर तैयार कर दिया. आज सलवार कमीज पहने मैं बहुत सुन्दर लग रही थी. मुझे तैयार करके फिर वो बाकी की तैयारी के लिए चली गई.

अब लड़के वाले आने वाले ही थे. सब तैयार हो रहे थे. कुछ देर में पापा मेरे कमरे में आए. कई दिनों बाद मैंने उनको कपड़ों में देखा था. आज वह बहुत अच्छे लग रहे थे. फिर मेरे पास आकर उन्होंने मेरे सर पर हाथ फिराया, जैसे आशीर्वाद दे रहे हो और फिर मेरा माथा चूम के बोले – बेटी, बहुत सुन्दर लग रही हो इन कपड़ों में, वो लोग भी कुछ देर में आते ही होंगे. फिर यह कह कर वो चले गए.

इस कड़ी में अभी इतना ही बाकी की कहानी अगली बार फिर कभी बताऊंगी. तब तक आप सभी को प्यार. प्यार करिये प्यार बांटते रहिये.

मेरी कहानी आपको कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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