मां और उसकी बेटियों को चोदा भाग – 3

मैं जबरदस्त झटके मारने लगा. उधर पूजा ने सोचा कि अब माँ सो गई होंगी तो जब पूजा गेट खोलने आई तो उसने देखा कि गेट खुला हुआ था. पूजा गेट पास से देखने लगी. उसने देखा कि उसकी माँ मुझसे चुदाई करवा रही है. चुदाई की वजह से अंडर कमरे में आंटी लगातार सिसक रही थी. अब पूजा को भी चस्का चढ़ने लगा और वो भी कमरे के अन्दर आ गई. उसकी माँ अपनी चुदाई में मस्त थी. इसलिए आंटी को पता ही नहीं चला…

इस कहानी का पिछला भाग –
मां और उसकी बेटियों की चोदा भाग – 1
मां और उसकी बेटियों की चोदा भाग – 2
अभी तक आपने पढ़ा कि कैसे मैंने दोस्त के घर उसके कहने पर फ़ोन कराने के लिए गया और वहां जाकर उसकी बहनों को पटा कर और जबदस्ती चोद दिया. अब आगे –

उसे मेरे सामने नंगी होकर अपनी चूत और गांड़ में दवा लगाने पर मुझसे कोई शर्म नहीं थी. आखिर मैंने ही तो उसकी चुदाई करके उसकी चूत और गांड़ की यह हालत बनाई थी. उसकी चूत और गांड पर उसे दवाई लगाते देख कर मेरा लंड तन गया और मैंने सोचा एक बार फिर चुदाई कर लूं. फिर अचानक से मैंने उसे नयी स्टाइल में हाथ से उठाया और लंड उसकी गांड में डाल दिया और झटके मारते हुए कहा – बस एक बार और चुदाई कर लेने दे.

वो मस्ती में चीख रही थी और आह आह करते हुए बोली – माँ आने वाली हैं.

लेकिन मैंने अपनी चुदाई चालू रखा. मुझसे रुका ही नहीं गया. अब मैं और तेज – तेज झटके मारने लगा. पूजा ने चार कप चाय बनाई थी क्योंकि उसकी माँ भी आने वाली थी और पूजा को पता नहीं था कि मैं अंजली की चुदाई कर रहा हूं. तभी उसकी माँ गेट से अन्दर आई और पूजा ने कहा – आज भाई का दोस्त मोनू आया है और फिर उसने माँ को अन्दर भेज दिया.

अंजली को और मुझे पता नहीं था कि उसकी माँ घर आ गई हैं. इसलिए मैं लगातार अंजली को चोद रहा था. उसकी माँ ने अंदर आकर हमें ऐसे देखा और चौंक गई. तब तक पूजा भी चाय लेकर अन्दर आ गई. अंजली मस्ती के कारण सिसक रही थी. तभी उसकी माँ ने जोर चिल्लाया. उनकी आवाज सुन कर तो मैं एक दम से घबरा गया.

फिर मैंने अंजली को नीचे उतार दिया. उसकी माँ ने अब तक मुझे दो थप्पड़ रसीद कर दिए थे. उसने अंजली को भी मारा और फिर उसने पूजा से पूछा – तूने भी अपनी चुदाई करवाई है?

पूजा कुछ नहीं बोली. अब मेरी गांड बिना चुदाई के ही फट गई. मैंने आंटी के पैर पकड़ लिए. लेकिन आंटी ने मुझे एक कमरे में बंद कर दिया जिससे मैं बहुत घबराने लगा. फिर अंजली और पूजा किचन में खाना बनाने चली गई. उसकी माँ बहुत नाराज थी. अब घर में कोई किसी से बात नहीं कर रहा था.

जब खाना बन गया तो सबने खाना खाया और फिर पूजा ने माँ से कहा – मोनू को खाना दे आऊँ.

उसकी माँ ने कहा – मैं तेरी टांग तोड़ दूंगी अगर तू वहां गई तो.

उस समय रात के दस बजे थे. फिर सब सोने चले गए. अंजली और पूजा जग रही थी. उसी बीच मेरे मोबाइल पर घर से फोन आया तो मैंने कहा कि मैं कल आऊंगा. आज मैं दोस्त के घर हूं और फिर मैंने फोन रख दिया. मैं उन्हें कैसे बताता कि मैं चुदाई करते हुए पकड़ा गया हूं.

रात के 12:30 बजे मेरे कमरे का गेट खुला और मैंने देखा आंटी खाना लेकर आई और मुझसे कहा – खाना खा लो.

मैंने फिर से आंटी के पैर पकड़ लिए और कहा – आंटी, मुझे माफ़ कर दो.

आंटी ने कहा – पहले खाना खा.

मैंने थोड़ा ही खाना खाया था तभी आंटी ने कहा – अंजली के पापा बाहर काम करते हैं और कई-कई महीने नहीं आते और तुमने अपने दोस्त की बहनों का फायदा उठाया.

फिर आंटी ने पूछा – सच बताओ ये सब कब से चल रहा है?

मैंने बोला – आंटी, ये पहला दिन था.

तभी उसने मेरा लंड पकड़ लिया और कहा – अंजली के पापा नहीं हैं और मुझे बहुत अकेलापन महसूस होता है. मुझे आज रात तुम्हारे साथ बितानी है.

और फिर आंटी ने मेरा लंड मसल – मसल कर खड़ा कर दिया, लेकिन मैंने मना कर दिया. आंटी ने कहा – भोसडी के आज जब तक मैं कहूँ तब तक मुझे चोद. इतना कह कर आंटी ने मुझे किस करना चालू कर दिया.

फिर मैंने भी आंटी के बूब्स पकड़े और तेज – तेज दबाने लगा. फिर हम दोनों ने अपने कपड़े उतार दिए. आंटी ने नीली पैंटी पहनी हुई थी. मैं पैंटी के ऊपर से उसकी चूत रब करने लगा. उसकी पैंटी गीली हो गई थी. फिर आंटी मेरा लंड चूसने लगी और मैं 69 की पोजीशन में आकर उसकी चूत चाटने लगा.

करीब 15 मिनट बाद मैं आंटी को रूम के कोने में ले गया और दीवार से टिका कर उनकी गांड उठाई और पीछे से उसकी चूत में लंड डालने और झटका मारने लगा. आंटी थोड़ा सा सिसक रही थी. आंटी की चूत अंजली से ढीली थी. लेकिन वो काफी दिन बाद चुद रही थी इसलिए थोड़ी टाइट सी लग रही थी.

अब मैंने झटके मारते हुए उसकी चूत में लन्ड डाल कर चुदाई करने लगा. आंटी लगातार चीख रही थी. करीब 20 मिनट तक मैंने उसकी चूत बजाई और फिर मैंने अपना लंड निकाल कर जबरदस्त झटके के साथ उसकी गांड में डाल दिया. इससे आंटी चीख पड़ी. मैंने कहा – अंकल ने कभी गांड नहीं मारी क्या?

आंटी बहुत दर्द में बोली – नहीं.

मैंने कहा – तो फिर आपको दर्द होगा.

आंटी ने कहा – आप मत बोल, गाली देकर बात कर मुझसे.

आंटी की गांड बहुत ही टाइट थी और पहली उनकी बार गांड की चुदाई हो रही थी. मैंने झटका मारा और मेरा पूरा 9 इंच का लंड उसकी गांड को चीरता हुआ अन्दर धंस गया. अब आंटी की चीख तेज हो गई. मैंने कहा – भोसडी वाली, आवाज कम कर वरना तेरी बेटियां आ जाएंगी.

आंटी ने कहा – तू बस चुदाई कर, अभी वो सो रही हैं.

मैं जबरदस्त झटके मारने लगा. उधर पूजा ने सोचा कि अब माँ सो गई होंगी तो जब पूजा गेट खोलने आई तो उसने देखा कि गेट खुला था. पूजा गेट पास से देखने लगी. उसने देखा कि उसकी माँ चुदाई करवा रही है. आंटी लगातार सिसक रही थी. अब पूजा को भी चस्का चढ़ने लगा और वो भी कमरे के अन्दर आ गई. उसकी माँ चुदाई में मस्त थी. इसलिए आंटी को पता ही नहीं चला.

अब पूजा ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे. फिर पूजा ने अपनी माँ के बूब्स पकड़े और मैंने बाल. तब आंटी ने देखा कि पूजा उसके बूब्स दबा रही है. तो आंटी ने घबरा कर पूजा से कहा – तू यहां से जा.

लेकिन पूजा को मैंने रोक लिया और उसकी माँ अपनी बेटी के सामने ही चुदाई करवाती रही. करीब 30 मिनट बाद मैंने चुदाई रोक कर वियाग्रा की गोली खा ली. अब तक आंटी थक गई थी और पलंग पर लेट गई. फिर मैंने पलंग पर पूजा को घोड़ी की पोजीशन में किया और उसकी चूत में झटका मारा. जिससे उसकी चीख निकल पड़ी. आंटी ने अपनी बेटी को चुदते देख कर बोली – मोनू आराम से चुदाई कर.

पूजा ने गाली देते हुए कहा – चुपचाप पड़ी रह भोसडी की.

फिर मैंने झटके तेज कर दिये. उसकी माँ गाली सुन कर बोली – मोनू लंड निकाल और तुरन्त इसकी गांड फाड़. इसे बहुत चुदाई का शौक है न.

फिर मैंने अपना लंड निकाला और उसकी गांड के छेद पर रखा और झटका मारा. वह चीख पड़ी. उसकी चीखने की आवाज बहुत तेज थी. फिर मैंने चुदाई की रफ्तार और तेज की जिससे उसकी चीख तेज होती गई. उसकी आवाज बढ़ती गई. अब उसकी आवाज बाहर जा रही थी. अंजली भी उसकी जबरदस्त चीख सुन कर कमरे में आ गई और देखा कि पूजा चुद रही थी और माँ नंगी पड़ी थी.

पूजा की गांड पहले की चुदाई से सूजी हुई थी. फिर से चुदाई में उसकी चीख निकल रही थी. अब अंजली भी अपने कपड़े उतार कर आई और कहा – मुझे भी चोदो.

अब तक मैं पूजा की गांड में ही झड़ गया और फिर मैंने सोचा कि अंजली की चूत अभी गीली नहीं होगी. आज सूखी चूत मार कर देखता हूं. मेरा लन्ड दवा की वजह से अभी भी खड़ा था. फिर मैंने अंजली की चूत में लंड रखा. तभी अंजली बोली – पहले थोड़ा चूत को चाट लो.

लेकिन आंटी ने कहा – मोनू, ऐसे ही झटका मार.

फिर मैंने ऐसा जबरदस्त झटका मारा कि एक ही झटके में पूरा 9 इंच का लंड उसकी चूत में डाल दिया. उसकी चूत के सूखी होने की वजह से खून निकलने लगा. लेकिन मैं अंजली की चुदाई करता रहा. उसे मैं काफी देर तक चोदता रहा. फिर पूजा ने कहा कि “अब तू अंजली की गांड मार”, लेकिन उसकी माँ ने कहा – तू मुझे चोद.

मैं समझ नहीं पा रहा था कि किसको चोदूं. फिर पूजा ने कहा – तू आज हमारी माँ को ही चोद दे.

फिर मैंने अपना लंड आंटी गांड पर रखा और झटका मार दिया और उसके गांड पर थप्पड़ मार – मार कर उसकी चुदाई करने लगा. आंटी बोली – भोसडी के, मार क्यों रहा है?

तभी पूजा भी अपनी माँ के गांड पर थप्पड़ मारने लगी. मैंने 35 मिनट तक उसकी नॉन स्टॉप चुदाई की और फिर मैं उसकी गांड़ में ही झड़ गया.

इसके बाद हम सब ऐसे ही नंगे एक साथ सो गए. फिर हम सब सीधे सुबह ही उठे. फिर उसकी माँ अपने पार्लर चली गई और अंजली भी स्कूल चली गई. इसके बाद मैंने अपने एक दोस्त को फोन किया और वहां बुलाया. उस समय मैं पूजा की गांड मार रहा था. कुछ देर बाद मेरा दोस्त पवन आ गया. पूजा ने उसे देखा और कहा – ये कौन है?

मैंने कहा – मेरा दोस्त है और ये भी तुम्हारी चुदाई करने के लिए आया है.

पूजा गुस्सा करते हुए बोली – तुमने मुझे रंडी समझ रखा है क्या?

फिर मैंने उससे कहा – पूजा, इसमें तुम्हें बहुत मजा आएगा.

इसके बाद फिर पूजा ने कहा – ठीक है.

अब पवन ने पूजा की चूत में लंड डाल कर एक जोरदार झटका दे दिया. इस झटके की वजह से वो चीख कर बोली – आह आह ऊह ऊह, और जोर – जोर से झटके मारो.

अब हम दोनों ने झटके मारते हुए उसकी चुदाई की. फिर कुछ देर बाद उसकी बहन अंजली भी आ गई और फिर हम दोनों ने मिल कर अंजली की चुदाई भी की. उस दिन हम सब तीन घंटे तक लगातार बार – बार चुदाई करते रहे. इस दौरान हम दोनों तीन बार झड़े. फिर हम दोनों अपने – अपने घर वापस आ गए.

अब हर दिन मैं उसकी माँ, अंजली और पूजा की चुदाई करता हूं और कभी – कभी उनकी चुदाई अपने दोस्तों से भी करवाता हूँ.

मेरी यह कहानी आप सब लोगों को किसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मुझे आपकी मेल का इंतजार रहेगा. मेरी मेल आईडी – [email protected]

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *