मां की चुदाई देख सगी बहन को चोदा

एक बार मैं अपनी बहन के साथ शॉपिंग करने गया था. वहां से आने पर हमने पड़ोस के एक लड़के से मां को चुदाई करवाते देखा. यह देख मैंने अपनी बहन की चुदाई की लेकिन कैसे, जानें मेरी इस गरम कहानी में…

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम विशाल है और मैं दिल्ली में रहता हूँ आज मैं आपको अपनी वो दास्तान सुनाने जा रहा हूँ जो एक दम सच्ची और बहुत सेक्सी है.

मेरे घर में मैं, मेरी मम्मी और मेरी छोटी बहन रहते हैं. मेरी बहन की उम्र 20 साल है और मैं उससे 2 साल बड़ा हूँ. अभी मैं ग्रेजुएशन में हूँ जबकि मेरी बहन 12वीं कक्षा में पढ़ती है.

वो एक दम मस्त लड़की है. इतनी खूबसूरत है कि एक बार उसे देख लोगो तो आपका लन्ड भी अकड़ जाएगा. फिगर की बात करें तो वो पूरी स्लिम है. उसका कलर गोरा है और उसके सीने पर दो हेड लाइट्स (चूचे) आगे की तरफ निकले हुए हैं.

अब मैं आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ. अपने घर में मैं, मेरी मां साक्षी और मेरी बहन रितिका बहुत ही घुल मिल कर रहते हैं. मेरे पापा प्राइवेट कर्मी हैं और ज्यादा समय बाहर ही रहते हैं.

मेरे घर में बस एक ही बेडरूम है. लेकिन वो काफी बड़ा है. मैं, मम्मी और मेरी छोटी बहन वहीं पर सोते हैं. एक बार मैं और रितिका शॉपिंग के लिए बाहर गए हुए थे. जब हम वापस आये तो देखा कि मेरी मां पड़ोस के एक लड़के के साथ उसी रूम में सेक्स कर रही है.

फिर हम दोनों एक उसे इग्नोर करके बाहर से आवाज दी. हमारी आवाज सुन कर मां और वो लड़का जल्दी – जल्दी अपने कपड़े सही करने लगे. फिर दरवाजा खोला. इसी बीच रितिका ने मुझसे कहा – भैया, ये मां तो बहुत चालू निकलीं. इस पर मैंने कहा कि तो तुम भी कहां कम हो.

मेरी बात को सुन कर उसने कहा – क्या मतलब? तब मैंने बात को टाला और कहा- कुछ नहीं. फिर उस दिन कुछ खास नहीं हुआ. हमने मां को भी इग्नोर कर दिया.

दोस्तों, मैं एक बात मैं आप सब से बता देना चाहता हूँ कि मैं और रितिका आपस में बहुत फ्रैंक हैं. उसके बाद एक दिन मां अपने किसी दोस्त के यहां चली गई. अब घर में मैं और रितिका ही थे और मेरे लैपटॉप में हम एक रोमांटिक मूवी देख रहे थे.

इसी बीच अचानक से वो बोली – भैया, उस दिन आपने क्या बोला था मुझसे. तब मैंने कहा कि किस दिन. इस पर वो बोली कि जिस दिन हमने मां को देखा था. तब मैंने फिर बात को टालते हुए कहा कुछ नहीं.

इस पर वो ज़िद करने लगी. लेकिन मैंने नहीं बताया. यह देख वह मुझे गुदगुदी करने लगी. इसी बीच अचानक से उसका हाथ मेरे लन्ड पर चला गया. इस पर वह शरमा गई और हाथ हटा कर पीछे घूम गई. यह देख मैंने पूछा कि क्या हुआ तो बोली – बहुत सख्त है.

यह सुन कर मैं समझ गया कि इस पर सेक्स का भूत सवार है. फिर मैंने कहा कि जब तुम्हारे जैसी हॉट लड़की इसे छुएगी तो सख्त तो होगा ही न! यह सुन कर वो बोली – अच्छा, ऐसा है? मैंने कहा – हां जी.

फिर वो बोली कि अच्छा अब डिरेक्टली पॉइंट पर आती हूँ. मुझे तो उसी दिन से सेक्स करने का मन कर रहा था, जिस दिन मैंने मां को देखा था. क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगे?

उसने इतना कहा ही था कि तभी मम्मी आ गईं और आगे कुछ नहीं हो पाया. अब तो वो हर पल मेरी ही तरफ देखती रहती. फिर रात हुई. हम सोए. दोस्तों, मेरे बगल में रितिका ही सोती थी.

आज मैंने उसकी सलवार में अपना हाथ घुसा दिया. उसने पैंटी नहीं पहन रखी थी. मेरा हाथ सीधे उसकी गांड़ से टकराया. लेकिन उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और धीरे से बोली कि मां को सोने तो दो.

जब मां सो गई तो हम दोनों ने एक – दूसरे के होंठों पर होंठ रख दिया और नंगे हो गए. अब मैंने उसकी चूत में अपना एरियल फिट कर दिया था. लेकिन मां के होने के कारण उस रात ज्यादा कुछ हो नहीं पाया.

दूसरे दिन सुबह मामा आ गए और किसी जरूरी काम से मां को 7 दिन के लिए लेकर चले गए. अब क्या था. घर में हम दोनों अकेले थे. हमें मौका मिल चुका था.

मां के जाते ही मैंने दरवाजा बन्द किया और रितिका को गोद में लेकर सीधा अपने बिस्तर पर गया. दोस्तों, वो अक्सर मिनी स्कर्ट और टॉप ही पहनती है. लेकिन कभी – कभी सलवार और सूट भी पहन लेती है. फिर मैंने तुरंत ही उसका टॉप एयर स्कर्ट निकाल दिया.

इसके बाद मैंने अपना लन्ड उसकी चूत से सटाया. आज भी उसने पैंटी नहीं पहन रखी थी. यह देख मैंने उससे पूछा कि तुम पैंटी क्यों नहीं पहनती हो तो उसने कहा कि मुझे ऐस ही अच्छा महसूस होता है इसीलिए नहीं पहनती.

फिर उसने कहा कि एक बात बताऊं? मैंने कहा कि हां बताओ. तो वह बोली – हर रोज जब तुम सो जाते थे तो मैं तुम्हारे लन्ड को निकाल कर सहलाती थी. यह सुन कर मैंने कहा – अच्छा, इतना पसंद है तुम्हें मेरा लन्ड? तो वो बोली कि हां बहुत.

अब मैंने कहा कि चलो अब फिर इस लन्ड से चुदने के लिए रेडी हो जाओ. इस पर वो बोली कि मैं तो कब से रेडी हूँ. फिर मैंने उसके लिप्स से अपने होंठों को चिपका दिया. अब उसका एक हाथ मेरे लौड़े पर आ गया था और वो उसे सहलाने लगी.

फिर थोड़ी देर बाद हम 69 की पोजिशन में हो गए. अब वो मज़े से मेरा लन्ड चूस रही थी और मैं उसकी चूत चाट रहा था. करीब 10 मिनट तक ये चटाई-चुसाई चलती रही. इसके बाद हम सीधे हुए और मैं उसके बूब्स चूसने लगा. मैं खूब मज़े से उसके दूध को पी रहा था. इससे रितिका और गरम हो गई.

फिर मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी बुर पर लन्ड रख कर जोर से धक्का लगा दिया. उसे बहुत तेज दर्द हुआ और वह जोर से चीख पड़ी. आज वह पहली बार चुद रही थी और उसकी सील टूट चुकी थी. उसकी चीख सुन कर मैं उसके बूब्स को सहलाने लगा और उससे कहा कि कुछ नहीं हुआ आराम से ही कर रहा हूँ.

थोड़ी देर बाद वह बोली कि मुझे अच्छी तरह से चोदो. ये बिल्कुल भी मत सोचना कि मैं तुम्हारी बहन हूँ. तुम मुझे अपनी पत्नी समझ कर चोदो.

यह सुन कर मैं और जोश में आ गया. फिर मैं तेजी धक्के लगाने लगा. हर धक्के के साथ उसकी चूत खुल रही थी. थोड़ी देर बाद वह भी उछल – उछल कर मेरा लन्ड अपने अंदर लेने लगी. करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैं उसकी चूत में झड़ गया. वो पूरी तरफ संतुष्ट थी.

फिर लगातार मैं सात दिनों तक अकेले उसके साथ रहा और मज़ा लूटते हुए अपनी बहन की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता रहा. दोस्तों, मैं यह सोच कर खुश था कि मेरी बहन के पीछे न जाने कितने लौंडे पड़े थे लेकिन वह किसी को भाव नहीं देती थी और अब मुझसे चुद रही थी. अब हम अपनी हर रात पति – पत्नी के जैसे बिताते हैं. मन करने पर दिन में भी चुदाई करते थे.

दोस्तों, जब मेरी मां मामा के यहां से आई तो पता नहीं कैसे लेकिन उसे सब पता चल गया. हालांकि, अभी तक वह हमें कुछ बोली नहीं हैं. इस बारे में कुछ और होने पर मैं आपको अपनी अगली स्टोरी में बताऊंगा.

आपको मेरी यह भाई – बहन की चुदाई की कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी –
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