मासी बनी मेरी वासना की साथी

फिर मैंने मासी को बिस्तर पर चित लेटा दिया और बांहों में भर कर उनके होंठों को चूमने और चूसने लगा. अब वो भी मेरा पूरा साथ देने लगीं और मुझे चूमने लगीं. मैं अपनी जीभ को उनके मुँह में डाल कर चूस रहा था और मासी की चूची को भी मसल रहा था…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम रोहित है और मैं अहमदाबाद से हूँ. मैं अभी अपनी पुस्तैनी काम करता हूँ. ये बात दो माह पहले की है. हमारे घर से तीन घर छोड़ कर मेरी मासी का परिवार रहता है.

उनके परिवार में मासी के सास – ससुर उनके पति और दो बच्चे रहते थे. उनमें से एक लड़का और एक लड़की थी. लड़के की उम्र 12 साल और लड़की उम्र 10 साल रही होगी और मेरी मासी की उम्र करीब 33 साल की होगी.

मेरी मासी देखने में बहुत ही सेक्सी हैं और उनका फ़िगर 32-32-36 का है. वो हमेशा साड़ी ही पहनती हैं. और उसे भी ऐसे पहनती हैं कि पीछे से उनकी ठुमकती हुई कमर बड़ी कामुक दिखती है. मासी की गांड भी इतनी मस्त है कि उसे बार – बार छू कर देखने का दिल करता है.

उनके चूचे बहुत बड़े नहीं हैं लेकिन फिर भी मेरा दिल उन पर आ गया था. एक तरह से मैं उनसे प्यार करने लगा था और मैं उन्हें चोदना चाहता था.

जब मैं किसी भी काम से उनके घर जाता हूँ तो मेरी नजर सबसे पहले उनके गांड पर ही जाती है और उसी पर टिकी रहती है. लेकिन वो इतना ध्यान नहीं देतीं कि मैं उनके गांड को देख रहा हूँ.

तो दोस्तों, अब मैं आप लोगों को इधर – उधर न घुमाते हुए सीधा अपनी आपबीती पर आता हूँ. दोस्तों, ये मेरा पहला अनुभव था और इससे पहले मैंने कभी किसी भी लड़की या औरत को नहीं चोदा था. लेकिन ये जरूर है कि मासी को देख कर मैं मुठ बहुत बार मार चुका हूँ.

यह बात उस दिन की है जब मैं अपनी ननिहाल वालों के साथ पिकनिक पर सूरत गया हुआ था तो मासी और उनके बच्चे भी हमारे साथ चल दिये थे. बच्चे मेरे साथ काफी घुल – मिल चुके थे तो वो ज्यादातर मेरे साथ ही रहते थे.

हमें सूरत बस से जाना था तो मासी मेरी मम्मी के साथ जाकर बैठ गईं और मैं भी अपने भाई – बहनों के साथ बैठ गया. रात को हम सब सूरत पहुंच गए. तब तक मेरे मन में मासी के लिए कोई गलत विचार नहीं था.

वहां पहुंच कर सब लोग थक कर सो गए थे और मुझे भी बहुत तेज़ नींद आ रही थी तो मैं भी सो गया. मैं मासी, उनके बच्चे और मेरे भाई – बहन एक ही रूम में सो रहे थे. रात 2 बजे जब मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि मासी अपने मोबाइल में कुछ कर रही थीं. तो मैंने मासी से पूछा – मासी, मोबाइल में क्या कर रही हो?

तो उन्होंने कहा – गेम खेल रही हूँ.

तो मैंने पूछा – नींद नहीं आ रही है क्या?

तो उन्होंने बोला – नहीं.

अब मैंने थोड़ी मस्ती करते हुए पूछा – मासा जी नहीं आये इसीलिए नींद नी आ रही क्या?

तो उन्होंने कहा – नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है. मझे नई जगह पर आसानी से नींद नहीं आती. तो टाइम पास के लिए गेम खेल रही हूँ. वैसे ये बताओ तुम्हे भी नींद नहीं आ रही है क्या?

तो मैं बोला – नहीं मासी, मुझे भी नींद नहीं आ रही है.

फिर इतना बोल कर मैं उनके पास चला गया और फिर हम बातें करने लगे. कुछ देर तक हम बात करते रहे. मैं उनसे उनकी जिंदगी के बारे में पूछा तो मैंने देखा कि मासी कुछ उदास हो गई हैं. यह देख कर मैंने उनसे उनकी उदासी का कारण पूछा.

तो वो बोली – रहने दो तुम नहीं समझोगे.

मैं बोला – पहले आप समझाओ तो शायद मैं समझ जी जाऊं.

तो वो बोली – कुछ फॅमिली प्रॉब्लम है. इसलिए नहीं बता सकती.

तो मैंने बोला – ठीक है, रहने दो.

अब फिर हम बात करने लगे तो कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे पूछा, “कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?”

मैंने नहीं में जवाब दिया और बोला कि आप जैसी कोई और मिली ही नहीं. तो वो बोली – वाह बेटा, मासी से फ़्लर्ट.

फिर थोड़ा रुक कर बोली – अच्छा ये बता मेरे जैसे ही क्यों?

तो मैं बोला – क्योंकि आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो. आपका व्यवहार, आपके रहने का तरीका सब कुछ तो मुझे अच्छा लगता है. और आप जैसी ही खूबसूरत गर्लफ्रेंड मुझे चाहिए.

तो वो बोलीं – बाप रे बाप! इतना सब कुछ देख लिया मुझमें? थैंक यू. किसी के मुंह से आज पहली बार अपनी तारीफ सुन कर बहुत अच्छा लगा.

फिर मैंने उनका हाथ पकड़ा और बोला – मासी, मैंने जो भी बोला वो सब सच है, इसमें तनिक भी झूठ नहीं है. इतना बोल कर मैं उनके हाथ को रगड़ने लगा और धीरे – धीरे वो गर्म होने लगीं. फिर थोड़ी देर बाद वो उठ के कमरे से बाहर चली गई. मैं ऐसा मौका कहां छोड़ने वाला था तो मैं भी उनके पीछे – पीछे चला गया.

जिस होटल में हम लोगों ने रूम ले रखा था वहां पर सिर्फ हमारे वाले दो रूम बुक थे बाकि सब खाली थे. अब वो एक खाली रूम में चली गई. मैं भी उनके पीछे – पीछे अंदर चला गया.

अंदर पहुंच कर हम दोनों एक – दूसरे से चिपक गए. उसकी चूचियाँ मेरी छाती से चिपकी हुई थीं और उसके दोनों हाथ मेरी कमर को कस कर पकड़े हुए थे. अब मैं अपने हाथों को उसकी मोटी गांड पर फिराने लगा.

फिर मैंने मासी को बिस्तर पर चित लेटा दिया और बांहों में भर कर उनके होंठों को चूमने और चूसने लगा. अब वो भी मेरा पूरा साथ देने लगीं और मुझे चूमने लगीं. मैं अपनी जीभ को उनके मुँह में डाल कर चूस रहा था और मासी की चूची को भी मसल रहा था.

धीरे – धीरे मासी की साँसें तेज़ हो रही थीं. अब मैं भाभी की गर्दन, उनके गाल और कानों को बेतहाशा चूमने और चाटने लगा और साथ ही उनकी मदमस्त चूची को अपने हाथों में भर कर मसलने लगा.

फिर मैंने उनकी साड़ी को उतार दिया और उनके ब्लाउज को खोला. ब्रा में फंसी हुई उनकी चूचियां मुझे और भी मस्त लग रही थीं. फिर मैंने भी उनकी ब्रा को खोल दिया. अब जिंदगी में पहली बार नंगी चूची मेरे सामने थी.

नंगी चूचियाँ देख कर मैं मासी पर टूट पड़ा और उनकी चूचियों को ज़ोर – ज़ोर से दबाने लगा. फिर मैंने उनकी एक चूची को मुँह में भर लिया और जी भर कर दूध पीने लगा.
मैं काफी मसल – मसल कर उनके स्तनों को निचोड़ रहा था. तभी मासी बोली – आराम से कर यार, और तू चूची ही पीता रहेगा या कुछ और भी करेगा?

इतना सुनते ही मैंने अपने एक हाथ से मासी के पेटीकोट को खोल दिया और फिर हाथ को उनकी चूत पर रख दिया और उनकी चूत को सहलाने लगा. अब मासी के मुँह से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाजें निकल रही थीं.

इस दिन मैंने भी जिंदगी में पहली बार चूत छूने का मजा ले रहा था लेकिन मेरा मुंह अभी भी उनकी चूची पर ही था. फिर मैंने अपना मुंह उनकी चूची पर से हटाया और उनकी चूत देख कर मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं. सच में दोस्तों क्या चूत थी मासी की! एक दम पकौड़े सी फूली हुई और उस पर एक भी बाल नहीं था.

यह देख मैंने झट से अपने मुँह मासी की नंगी चूत पर लगाया और उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. अब मासी ने भी अपनी चूत एक दम से खोल दिया था और ‘आहह उईसस्स.. उम्म्ह… अहह… याह… बहुत मजा आ रहा है रे.. ऊह.. ऊओह ईई.. चाट लो.. आह्ह.. और चाटो ओह्ह’ करके आहें ले रही थी.

अब मासी मेरे बालों को पकड़ कर अपनी नंगी चूत पर दबाने लगी थी. मैं लगातार मासी की चूत चाटे जा रहा था. अब वो चुदास से भड़क कर एक दम मस्त हो चुकी थीं.

फिर मैं 69 की पोजीसन में आ गया और अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया और उनके मुँह को चोदने लगा. वो भी गपागप मेरा लंड बड़े आराम से चूस रही थीं.
फिर थोड़ी देर बाद मैं बोला – ऐसे ही मस्ती में जोर – जोर से चूसते रहो बहुत मज़ा आ रहा है.

तो मासी बोली – अब कितना चुसवायेगा? बस कर और अब चोद भी दे ना. अब मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है, जल्दी कर न.

उनके मुंह से यह सुन कर मैंने उनको अपने से अलग लेटा दिया और उनकी टांगें फैला कर अपने लंड के सुपारे को नंगी चूत के मुँह पर टिका दिया. अब मैं चूत के बीच में लंड को ऊपर से ही रगड़ने लगा. इससे वो और ज्यादा पागल हो गईं और नीचे से अपनी गांड उछालने लगीं.

मासी से अब किसी तरह रुका नहीं जा रहा था और वो लगातार बोल रही थीं, “चोद दो, चोद ना आआहह.. बड़ा मस्त लंड है रे तेरा. अब जल्दी से घुसेड़ दो न प्लीज.

अब मैंने अपने लंड का सुपारा उनकी नंगी चूत की फांकों में फंसाने लगा. मासी की चूत गीली तो थी ही इसलिए हल्के से झटके में आधा लंड भाभी की रसीली चूत में सरक गया.

मेरा मस्त लन्ड अंदर जाने से मासी एक दम से तड़प उठी और बोली – आहह! प्लीज़ धीरे डाल न, बहुत मोटा है तेरा.

फिर मैंने उनकी टाँगों को और फैला दिया और सेंटर में आकर और एक जोरदार झटका मारा तो मेरा लंड पूरा उनकी चूत की जड़ तक अन्दर घुस गया और वो चिल्ला पड़ीं – आहह उईई.. बहुत बड़ा है रे.

अब मैंने मासी को अपनी बांहों में भर लिया और धीरे – धीरे लंड को अन्दर – बाहर करना शुरू कर दिया. मासी लगातार सिसकारी ले रही थी. और मेरा लंड मासी की चूत में पूरा अन्दर तक झटके मार रहा था और मैं अपनी गांड उछाल – उछाल कर मासी को चोद रहा था.

हमारी चुदाई की मदमस्त आवाजों से पूरा रूम गूँज रहा था. हमारी ये चुदाई करीब 20 मिनट तक चलती रही. इस दौरान मासी मेरा पूरा साथ दे रही थीं और मैं उनकी चुदाई में मस्त था.

अचानक उन्होंने मुझे कसके पकड़ लिया और एक दम से चिल्लाते हुए झड़ गईं. मैं अब भी मासी को चोदे जा रहा था. मासी अब ढीली पड़ गई थीं और उन्होंने अपने हाथ – पैर फैला दिए थे. फिर थोड़ी देर में मैं भी उनकी चूत में ही झड़ गया.

फिर कुछ पल में मैं शांत हो गया. इसके बाद हम दोनों लगभग एक घंटे यूं ही पड़े रहे और फिर उठ कर अपने – अपने कपड़े पहन कर हम वापस अपने रूम में आकर सो गए.

तो दोस्तों, आपको मेरी यह सेक्स स्टोरी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताना. मेरी मेल आईडी[email protected]

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