मदद के बहाने चट्टान के पीछे चुदाई

एक बार मैंने एक लड़की की मां को पेंशन दिलाने में मदद की. जब मैं उसके साथ पेंशन ऑफिस से आ रहा था तो बारिश में भीग गए. फिर मैं वहीं रास्ते में एक पत्थर के पीछे ले गया और जम कर उसकी चुदाई की…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम राम सेवक है. मैं छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ और एक साइबर कैफे चलाता हूँ. एक बार की बात है एक लड़की मेरी शॉप में आई और बोली कि 12वीं का रिजल्ट निकलवाना है. इतना कह कर वो मेरे बगल में बैठ गई.

मैंने उसका रिजल्ट निकाला. वो पास हो गई थी. तब मैंने गौर से उसकी ओर देखा. उसका चेहरा गोल और सांवला था. लम्बे बाल और फिगर एकदम टाइट दिख रहा था. उसे देख कर मेरा मन उसे चोदने को करने लगा. तब तक वो उठ कर जाने लगी.

मैंने उसे रोका और उसका नाम, पता और उसके परिवार के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसके पिता कालरी (कोयले की खदान) में थे और दो साल पहले मर गए हैं. उसने ये भी बताया कि उनके परिवार को पेंशन भी नहीं मिल रही है. तब मैंने उसे कालरी से पेंशन दिलाने का आश्वाशन दिया और उसका नंबर ले लिया.

उसके जाने के बाद रह रहकर उसे चोदने के बारे में सोचने लगा. दूसरे दिन मैंने उसे फ़ोन किया और वो अपनी मम्मी को लेकर आ गई. इसके बाद मैं उसे कालरी ले गया और उसकी मम्मी का फॉर्म भरवाया. फिर वहां से निकल कर मैंने दो दिन बाद उसे दोबारा कालरी जाने को बोला और फिर हम वापस चले आये.

दो दिन बाद वो लड़की मेरे पास आ गई. उस दिन उसको देखते ही लंड खड़ा हो गया. फिर मैं उसे गाड़ी में बैठा कर कालरी ले गया. वहां का सारा काम निपटाने के बाद हम लोग जंगल के रास्ते से घर वापस आने लगे. रास्ते में गड्ढे थे इस वजह से जब झटका लगता तो उसकी चूचियां मेरी पीठ से टकरा जाती थीं.

उसी समय पानी बरसाने लगा. फिर हम लोग एक बड़े पेड़ के नीचे खड़े हो गए. वहां खड़े होकर मैं उसकी चूचियों को घूर कर देखने लगा. पानी पड़ने की वजह से उसके ऊपरी कपड़े गीले हो हुए थे और अंदर की ब्रा दिखाई देने लगी थी. जिसे उसने भांप लिया और चलने की जिद करने लगी.

उसके बाद फिर जैसे ही थोड़ा पानी धीमा हुआ उसे गाड़ी में बैठा कर मैं आगे बढ़ा. थोड़ी दूर जाने पर रास्ते में कीचड़ था, उसमें गाड़ी फिसल गई और हम दोनों गिर गए. फिर मैंने किसी तरह गाड़ी उठा कर खड़ा किया और धक्का देकर कीचड़ से निकालने लगा.

मुझे ऐसा करते देख वो हंसने लगी, जिससे मुझे गुस्सा आने लगा लगा. फिर मैंने कीचड़ में ही गाड़ी को पटक दिया और ‘बहुत हंसी आ रही है’ कहते हुए उसे अपनी बाँहो में जकड लिया. इसके बाद मैं उसके गुलाबी होंठों को चूसने लगा. इस पर उसने मुझे धक्का दे दिया और मना करने लगी.

उसके मना करने पर भी मैंने उसे नहीं छोड़ा. मैं लगातार 10-15 मिनट तक उसके होंठों पर किस करता रहा और एक हाथ से कपड़ों के ऊपर से ही उसके दूध को दबता रहा. इससे वो गरम होने लगी और हल्की – हल्की सिसकारियां लेने लगी.

उसको सिसकारी लेते देख मैंने अपना हाथ नीचे ले जाकर उसके नाड़े को खींच दिया. इससे वो घबरा गई और ऐसा करने से मना करने लगी. लेकिन मैंने उसकी बात को अनसुना कर दिया और और जोर – जोर से किस करते हुए एक उंगली उसकी बुर में डाल दी. उंगली डालते ही मुझे उसकी चूत में गीलापन महसूस होने लगा. इसका मतलब वो गर्म हो गई थी.

थोड़ी देर तक उंगली करने के बाद उसका विरोध काम हुआ और अब वह मुझे किस करने लगी. कुछ देर बाद फिर मैंने उसे अपने दोनों हाथ से उठाया और वहीं एक चट्टान के पास ले गया. इसके बाद हम उस चट्टान के पीछे गए और मैंने अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया. ऐसा इसलिए क्योंकि मैंने आज तक किसी भी लड़की को लंड चुसाए बिना नहीं चोदा था और न ही चोदना चाहता था.

इसके बाद फिर मैं उसके मुंह में ही तेजी के साथ झटके मारने लगा. वो भी मैज़ी से लंड चूस रही थी. अब मैंने उसके लम्बे बालों को पकड़ कर मुंह में लंड – अंदर बाहर करने लगा. मेरे ऐसा करने से उसकी सांस रुकने सी लग थी. उसकी ऐसी तड़प देख कर मुझे और मज़ा आने लगा था. फिर मैंने एक झापड़ उसके गाल पर मारा और उसके बाद ‘आह आह’ की आवाज़ निकालते हुए उसके मुंह में ही झड़ गया.

इसके बाद जब मैंने उसके मुंह में अपना लंड निकाला तो वो उलटी करने लगी. शायद मेरे वीर्य का टेस्ट उसे पसंद नहीं आया था. इसके बाद वो वहां से उठी और गाडी के पास आ गई. फिर गाड़ी के पास पड़ा अपना बैग उठा कर चट्टान के पीछे ले आई. इसके बाद उसने बैग से तोता छाप गुड़ाखू निकाला और अपने दांतों को रगड़ते हुए गड्डे के पानी के पास गई और कुल्ला करने लगी.

वह झुक कर कुल्ला कर रही थी. ऐसी स्थिति में होने के कारण मुझे उसकी गांड दिखाई देने लगी. उसकी टाइट गांड को देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा. फिर मैं धीरे से उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया.

कुल्ला करने के बाद फिर जैसे ही वह उठी वैसे ही मैंने अपने एक हाथ से उसके लम्बे बालों को पकड़ लिया और उसके होंठ को तेजी से काटते हुए जोर – जोर से किस करने लगा. वो कुछ समझ पाती उसे पहले ही मैंने उसे वहीं जमीन पर लिटा दिया और फिर से अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया.

अब वह पूरी तरह गर्म हो चुकी थी और मज़े से लंड चूस रही थी. फिर मैंने उसके बाल में लगे रिबन को निकल दिया. इससे उसके लम्बे बाल चेहरे के समाने आ गए. कसम से उस समय वो इतनी सेक्सी लग रही थी कि उसे देख मैं और तेजी से मुंह में लंड आगे – पीछे करने लगा.

थोड़ी देर बाद फिर मैंने अपना लंड उसके मुंह से निकाल लिया और उसकी चड्डी में हाथ डाल कर उसकी बुर को सहलाने लगा. मेरे ऐसा करने से वो सिहर उठी और मुझसे चिपकाते हुए मेरे लंड को पकड़ लिया. फिर वो धीरे – धीरे लंड को सहलाने लगी. उसने पहली बार लंड को पकड़ा था उसका हाथ लगते ही वह और तन गया. अब उसके मुंह से भी ‘आह आह’ की तेज आवाज निकलने लगी थी.

इसके बाद उसके गले को किस करते हुए मैंने उसकी टी शर्ट को उठा दिया. इससे उसके गोल और एक दम फिट चूचे मेरे सामने आ गए. फिर मैंने उन पर किस किया और एक को दबाते हुए दूसरे को चूसने लगा. मेरे ऐसा करने से वो पागल हुई जा रही थी और मेरे बालों को अपनी उंगलियां फिरा रही थी. साथ ही वह भी मेरे गले के नीचे के काटने लगी थी.

उसके ऐसा करने से मैं काफी उत्तजित होने लगा. फिर मैंने उसकी बुर से अपनी उंगली निकाली और उसके दोनों पैरों को फैला दिया. इसके बाद मैंने उसकी बुर में अपने लंड को सेट किया. इस समय उसकी बुर से सफ़ेद झाग निकल निकल रहा था. अब वो पूरे जोश में थी और उत्तेजित होकर मेरी शर्ट को पकड़ लिया था. उसकी पकड़ से ऐसा लग रहा था जैसे वो कह रही हो कि अब बिना मुझे चोदे तुम कहीं नहीं जा सकते.

उसकी स्थिति को समझते हुए फिर मैंने अपने लंड को उसकी बुर में धक्का दिया तो मेरा लंड तेजी से फक्क की आवाज करता हुआ चूत में घुस गया. अचानक लंड घुसने से वो चिल्लाने लगी. यह देख मैंने अपने होंठों को उसके होंठों से लगा दिया और तेज – तेज चोदने लगा.

थोड़ी देर बाद जब उसे मज़ा आने लगा तो वो मुझे अपने से और चिपकते हुए मेरे गले के नीचे काटने लगी. कुछ समय बाद वह ‘आह आह’ की आवाज निकालते हुए झड़ गई. अब वह सुस्त हो गई थी और उसने अपने दोनों हाथों को फैला दिया था.

फिर जब मेरा भी झड़ने को हुआ तो मैंने अपना लंड निकाल कर उसके हाथ में दे दिया और उसने तेजी से एक दो झटका मारा तो मेरे लंड की पिचकारी उसके चेहरे तक चली गई. इस पर उसने अपनी आंखें बंद कर लीं. फिर मैं अपना लंड उसके होंठ से सटाकर उसके होंठ को अपने लंड से सहलाने लगा.

थोड़ी देर बाद फिर हम उठे और हमने अपने कपड़ों को ठीक किया और वापस आ गए. मैंने उसे उसके घर ड्राप कर दिया. बाद में उसकी मां को पेंशन भी मिलने लगी. जिससे वह खुश हुई और फिर हमने कई बार चुदाई की. मेरी यह कहानी आप सब को कैसी लगी, मेल करके जरूर बताइएगा. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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