मैं सोता रहा, वो आई और चुद के चली गई

एक बार मैं अपने रूम में लेटा था. तभी मेरे ऊपर रहने वाली भाभी आईं. वो मुझे जगा रही थीं. लेकिन मैं सोते रहने का नाटक करता रहा. इसके बाद उन्होंने खुद ही मुझसे चुदवाया. मेरा लन्ड चूसा और चली गईं…

हैलो फ्रेंड, मेरा नाम मिलन है और अभी मैं दिल्ली में रहता हूं. आज मैं आप सब के सामने अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं. इस कहानी में जो लेडी है मैंने उसे नहीं चोदा, बल्कि वो मुझसे चुदवा के चली गयी. ये कारनामा कैसे हुआ आज मैं आप सब को बता रहा हूं. उम्मीद है कहानी पसंद आएगी.

अब आप लोगों का ज्यादा समय न बरबाद करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. मेरे ऊपर के फ्लोर पर एक लेडी रहती है. उसका नाम जूही है. वह बड़ी ही सुन्दर औरत है. उसकी शादी हुए एक साल हो गए हैं और अभी उसके कोई बच्चा नहीं है.

उसका शरीर भगवान ने ऐसे बनाया है जैसे कि कारीगर संगमरमर को तराश कर उसकी खूबसूरत मूर्ति बनाता है. हमारा और उनका व्यवहार काफी अच्छा था. वे भी जब – तब मेरे कमरे में आ जाती थीं और मैं भी बिना किसी रोक – टोक के उनके यहां आता – जाता था.

अभी तक मेरे दिमाग में उनके बारे में कोई गलत खयाल नहीं था. लेकिन एक दिन मुझे उनकी बुर में अपने लन्ड को घुसाने का सौभाग्य मिला, लेकिन वो भी गजब का मंजर था.

दोस्तों, मैं दिल्ली में रह कर पढाई करता हूं. हुआ यूं कि एक दिन मैं दोपहर को कोचिंग क्लास से रूम आया और थोड़ी थकावट होने के कारण अपने कमरे में लेट गया था. लेटे – लेटे मुझे ऊंघाई सी आने लगी.

तभी ऊपर वाली भाभी नीचे आईं और पहले तो मेरा दरवाजा खटखटाया. लेकिन ऊंघने की वजह से जब मैंने दरवाजा नहीं खोला तो वो विपुल – विपुल करते हुए अंदर आ गईं. अंदर मैं सिर्फ जांघिया पहन के बेड पर लेटा ऊंघ रहा था.

दोस्तों, मैं रेगुलर तौर पर जिम भी जाता हूं. इस वजह से मेरी बॉडी भी काफी अच्छी है. फिर जब वो अंदर आई तो मुझे देख के रुक गयी और मुझे निहारने लगी. करीब 2 मिनट बाद मैंने थोड़ा सा आंख खोल के देखा तो मेरे लंड को निहार रही थी. यह देख कर मैंने फिर से अपनी आंख को बंद कर लिया. अब मेरे मन में उनके प्रति दूसरे तरह के खयाल आने लगे. मैंने सोचा शायद आज कुछ हो जाए.

फिर भाभी ने कहा – विपुल ए विपुल! सो गए हो क्या? इस पर भी मैं चुपचाप लेटा रहा और कुछ भी नहीं बोला. फिर वो बोलीं – विपुल, एक काम है, प्लीज कर दो. उनके इतना बोलने पर भी मैं चुपचाप पड़ा रहा.

जब मैं नहीं बोला तो उन्होंने मेरी छाती पर हाथ रखी और बोलीं – सुनते हो! इतना बोल कर उन्होंने मुझे हल्के से हिलाया. लेकिन मैं फिर भी नहीं उठा. दोस्तों, जैसे ही उन्होंने एक हाथ मेरे सीने पर रखा वैसे ही मैंने अपना एक हाथ अपनी आंख पर रख लिया और थोड़ा सा आंख खोल कर नीचे से देखने लगा. मैं ऐसा इसलिए कर रहा था ताकि उनको पता भी न चले और ये भी देख लूं कि वो क्या कर रही हैं.

जब मैं नहीं उठा तो वो मेरी बॉडी को अपने हाथ से सहलाने लगीं. थोड़ी देर बॉडी सहलाने के बाद वो उठीं और नीचे जाकर मेरी जांघिया के ऊपर से मेरे लन्ड को पकड़ लिया और हल्के से उसे सहलाने लगीं. उनके ऐसा करने से धीरे – धीरे मेरा लन्ड खड़ा होने लगा. अब मेरा लन्ड पूरा खड़ा होकर मेरी जांघिया में तंबू बन गया लेकिन फिर भी मैंने कुछ भी नहीं कहा, बस अपने पैर को थोड़ा सा फैला दिया था.

फिर वो ऊपर आईं और मेरे होंठों पर किस करके उसे अपने दांतों में दबाने लगीं. इस दौरान उसने एक हाथ से मेरे लंड को कस के पकड़े रखा. थोड़ी देर मेरे होंठों का रस पीने के बाद फिर वो नीचे गई और मेरी जांघिया को थोड़ा नीचे कर के मेरे लंड को आज़ाद कर दिया.

इसके बाद उसने मेरे लन्ड को मुंह में ले लिया. उसके मुंह में जाते ही मेरा लन्ड थोड़ा और बड़ा और मोटा हो गया. अब वो मस्त होकर मेरे लन्ड को चूसने लगी और मैं सोने का नाटक करता रहा.

थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद वो बेड पर चढ़ गयी. मैंने चुपके से देखा कि उसका आंचल निचे गिरा हुआ था और उसका ब्लाउज काफी टाइट और स्लीव लेस थी. ब्लाउज के अंदर से उसकी बड़ी – बड़ी चूचियां देख कर ऐसा लग रहा था कि बस अब वो ब्लाउज फाड़ के निकलने ही वाले हैं.

फिर उसने अपनी साड़ी को ऊपर उठाया और तुरन्त ही अपनी पिंक कलर की पैंटी नीचे की. इसके बाद उसने मेरे खड़े लन्ड को पकड़ के अपनी बुर के पास ले गयी और उस पर सेट करने के बाद फिर लन्ड पर बैठ गयी.

उसके बैठते ही मेरा पूरा लन्ड उनकी गीली बुर में समा गया. लन्ड अंदर जाते ही उसने एक लम्बी सांस ली और फिर अपनी गांड को ऊपर – नीचे करने लगी. इससे मेरा लन्ड अंदर – बाहर हो रहा था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था लेकिन फिर भी मैंने कुछ नहीं कहा. बस लेटे – लेटे मज़ा लेता रहा. फिर उसने मेरी छाती पर अपने दोनों हाथ रख दिए और जोर – जोर से झटके मारने लगी.

मैंने अब भी अपनी आंख को बंद ही रखा. फिर उसने अपने ब्लाउज का हुक खोल दिया और साथ में ब्रा को भी उतार दिया. उसकी बड़ी – बड़ी चूचियां आजाद हो गईं और ऊपर लटक रही थीं. फिर वो अपनी चूचियों को अपने हाथों से दबाने लगी. उसकी चूचियां देख कर मेरा मन कर रहा था कि उन्हें चूस लूं लेकिन मैं नहीं पाया.

अपनी चूचियां मसलते हुए वो लगातार तेजी से धक्के दे रही थी. करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद उसने एक लम्बी सांस ली और ‘आह आह ओह्ह ओह्ह’ की आवाज करती हुई मेरे पेट पर लेट गयी. उसकी समय मेरा भी वीर्य पिचकारी के तरह निकला और सारा का सारा उसकी बुर में समाहित हो गया.

उसके ऐसे लेटने पर उसकी दोनों चूचियां मेरे सीने से चिपक गईं. करीब दो मिनट तक मेरे ऊपर लेटे रहने के बाद वो नीचे उतरी और मेरे लंड को अपने मुंह में ले के उस पर जो भी वीर्य लगा था उसे चाटने लगी.

लन्ड चाटने के बाद फिर वो उठी और मेरे कपड़े ठीक किए. इसके बाद वो अपने कपड़े ठीक कर के चली गयी. जाते समय उसने दरवाजा पहले के जैसे ही बन्द कर दिया और ऊपर अपने कमरे में चली गई.

आप सब को मेरी यह कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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