जब मैंने उसे उसके घर में चोदा

मुझे अंडरवियर में देख कर उसने अपनी आँखें बंद कर ली. फिर मैं उसके होंठों को चूसते हुए और उसके पूरे बदन को चाटते हुए उसकी पेंटी तक जा पहुँचा. फिर मैंने उसकी पेंटी को खींच कर उतार दी…

नमस्कार दोस्तों, मैं पिछले दो साल से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ. मैंने यहाँ बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं, मगर आज पहली बार मैं अपनी आपबीती आप सबके सामने प्रस्तुत कर रहा हूँ. उम्मीद करता हूँ कि मेरी यह आपबीती आप सबको पसंद आएगी.

मेरा नाम राज है और मैं उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला हूँ, मगर अभी मेरठ में हूँ. मेरी उम्र 21 साल है. मेरा कद करीब 6 फीट है और मैं दिखने में भी ठीकठाक हूँ. दोस्तों, मेरे लंड की लंबाई करीब 6 इन्च और मोटाई तीन इंच है. जिस भी लड़की ने मेरा लंड देखा है, वो मेरे लंड की दीवानी हो गई है.

बात तब की है जब मैं अपने इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष में था. तब हमारे घर के पास नये किरायेदार रहने आये. उनके घर में तीन लोग थे. पति – पत्नी और उनकी लड़की. उनकी लड़की का नाम नेहा था. नेहा कि उम्र 19 साल थी.

जब मैंने उसे पहली बार देखा तो मैं देखता ही रह गया. वह बहुत ही मस्त माल थी! सांवला रंग और फिगर 32-28-34 के. क्या मस्त चूतड़ थे उसके! जब भी वो घर के बाहर आती थी, तो मैं केवल उसके कूल्हे ही देखता रहता था.

मुझे उसे पटाना था, ताकि मैं उसे चोद सकूँ. मगर उसकी माँ उसे कभी अकेली ही नहीं छोड़ती. उसके पापा तो ऑफिस के लिए सुबह जल्दी निकल जाते थे और शाम तक आते थे.

फिर एक दिन क़िस्मत ने मेरा साथ दिया और उसकी माँ को किसी काम से बाहर जाना पड़ा. उस दिन मैंने उससे बात की और दोस्ती का आग्रह किया. उसने ज्यादा भाव खाये बिना ही हाँ कह दी और कुछ दिन बाद मौका मिलने पर हमने अपने फ़ोन नंबर एक्सचेंज किर लिए.

तब से रोज फोन पर हमारी बात होने लग गई थी. यह सिलसिला कुछ दिन चला और एक दिन मैंने उससे अपने प्यार का इज़हार किया तो उसने मुझसे कहा कि वो भी मुझसे प्यार करती है. अब तो मुझे अपना सपना सच होते हुए दिखा.

बस अब मैं उससे अकेले में मिलकर उसे चोदना चाहता था. मगर मौका अब भी नहीं मिल रहा था. लेकिन वो कहते हैं ना कि सब्र का फल मीठा होता है. वही हुआ मेरे साथ भी. एक बार उसके मम्मी और पापा को किसी काम से शहर से बाहर जाना पड़ा. उस दिन मैंने उसे मिलने के लिए कहा तो उसने मुझे अपने घर मिलने के लिए बुलाया.

मैं जब उसके घर गया तो उसने लाल रंग की नाइटी पहनी हुई थी. उसमें वो बहुत हॉट लग रही थी. उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा होने लग गया. फिर मैं उसके पास गया और हम दोनों ने थोड़ी देर तो बात की. अब फिर मैं उसके एक दम पास गया और उसके होंठों को चूमने लग गया. थोड़ी देर बाद वो भी मेरा साथ देने लग गई.

फिर मैं धीरे से किस करते हुए उसके बूब्स को दबाने लग गया. वो ‘आह ह हुह’ की आवाज करने लग गई. फिर मैंने उसकी नाइटी के अंदर हाथ डाल दिया और उसके निप्पल को पकड़ कर मसलने लगा. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

फिर मैंने उसकी नाईटी उतार दी. जैसे ही मैंने उसकी नाईटी उतारी वैसे ही उसने जो काले रंग की ब्रा और पेंटी पहन रखी थी, वह मेरे सामने आ गई. उसमें वो एक दम हॉट और सेक्सी लग रही थी.

अब मैंने देर न करते हुए उसकी ब्रा खोल दी और उसको लेटा दिया और उसके बूब्स को दबाने और निप्पल को एक – एक करके चूसने लग गया. दोस्तों, मैं अपने साथ चॉकलेट लेकर गया था जो अब तक पिघल चुकी थी. फिर मैंने उसी चॉकलेट को उसके निप्पलों पर लगाया और निप्पल को एक – एक करके चाटने लग गया.

अब वो पूरी तरह से पागल होकर ‘हुह… आह… हआ…आहह’ की मादक आवाजें करने लग गई. फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए. अब मैं केवल अंडरवियर में रह गया था और वो केवल पेंटी में.

मुझे अंडरवियर में देख कर उसने अपनी आँखें बंद कर ली. फिर मैं उसके होंठों को चूसते हुए और उसके पूरे बदन को चाटते हुए उसकी पेंटी तक जा पहुँचा. फिर मैंने उसकी पेंटी को खींच कर उतार दी.

उसकी एक दम गीली और चिकनी कुँवारी चूत देख कर मैं और मेरा लंड दोनों पागल हो गये थे. अब मैं उसकी चूत को चाटने लग गया. दोस्तों, क्या बताऊँ कि कितना बढ़िया स्वाद था!

फिर मैंने चॉकलेट को उसकी कुँवारी चूत पर लगाकर उसकी चूत को खूब चाटा. इस बीच वो एक बार झड़ गई और मैं उसका सारा पानी पी गया.

फिर मैंने अपनी अंडरवियर उतारकर उसे अपना लंड चूसने को कहा, मगर उसने मना कर दिया तो मैंने ज्यादा जोर नहीं दिया. उसके बाद मैंने उसकी गीली कुँवारी चूत पर अपना लंड रखा और अंदर डालने की कोशिश करने लगा, लेकिन मेरा लंड फिसल कर बाहर आ गया. उसकी चूत काफी टाइट थी.

फिर मैंने रुक कर अच्छे से सेट करके थोड़ा जोर लगाकर लंड डाला तो लंड थोडा ही अंदर गया होगा, लेकिन उसे दर्द काफी हुआ, मगर वो चिल्लाई नहीं. अब मैंने एक शॉट और मारा और उसके ऊपर गिर गया. इस बार उसे इतना दर्द हुआ कि उसने अपने नाख़ून मेरी पीठ पर गड़ा दिए और धीरे से कहा, ‘बहुत दर्द हो रहा है.” मगर उसमें बहुत हिम्मत थी. वो चिल्लाई नहीं और पूरा दर्द सहन कर लिया.

फिर थोड़ी देर हम ऐसे ही पड़े रहे. अब मैंने धीरे – धीरे अपनी कमर चलाना शुरू कर दिया. तो वो ‘आह… आह… ह…हुहह…’ करने लगी. थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ तो मैंने अपने लंड को तेजी से आगे – पीछे करना शुरू कर दिया.

फिर थोड़ी देर बाद वो भी अपने चूतड़ हिला कर मेरा साथ देने लगी. करीब दस मिनट मैंने उसे चोदा. फिर मैं झड़ने वाला था, तो उसने कहा, “अंदर मत झड़ना.” तो मैंने सारा माल उसके पेट पर निकाल दिया.

उसके बाद हमारा दूसरा राउंड करीब 25 मिनट चला. उसमें मैंने उसे कई अलग – अलग पोजीशन में चोदा. उस दिन हमारा कार्यक्रम पूरे दो घंटे तक चला. मैंने उसे उसके घर के हर एक कोने में चोदा.

अब जब भी हमको मौका मिलता तो कभी दोस्तों के रूम पर तो कभी होटल मे चुदाई का मजा ले लेते हैं. तो दोस्तों, यह थी मेरी आपबीती. जिसे मैंने आप लोगों के सामने कहानी के रूप में हूबहू शेयर कर दी. आप सब लोगों को मेरी यह कहानी कैसी लगी, मेल करके बताइयेगा जरूर. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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