मामा ने मुझे गांडू बनाया

फिर उन्होंने ढेर सारा थूक मेरी गांड पे लगाया और अपना लंड मेरी गांड की दरार में घिसने लगे. मुझे बहुत मजा आ रहा था. तभी पता नहीं मामा को क्या हुआ, उन्होंने अपना लंड मेरे गांड के अंदर जोर से धक्का मार कर अंदर कर दिया. उनका टोपा मेरी गांड को फाड़ते हुए अंदर चला गया था…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम रवि है और मैं गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 24 साल है. मैं दिखने में सांवला हूँ और मेरी गांड एक दम लड़की के जैसी है. मेरे पापा का खुद का बिसनेस है और मेरे घर में मेरे अलावा पापा, मम्मी और मेरा एक छोटा भाई रहता है.

अब मैं अपनी कहनी पर आता हूं. बात कुछ साल पुरानी है, जब पाप का बिजनेस खूब चल रहा था. पापा अकेले संभाल नहीं पा रहे थे तो उन्होंने मदद के लिए मेरे मामा को बुला लिया. मामा आ गए. उनके रहने का इंतजाम मेरे कमरे में किया गया. कमरे में मैं, मेरा भाई और अब मामा, हम तीनों सोते थे.

एक रात को हम टीवी देख रहे थे और रात के बारह बज रहे थे. मेरा भाई सो गया था और मैं और मामा बात कर रहे थे. तभी मामा ने कहा, “चलो एक खेल खेलते हैं.” मैंने कहा, “कौन सा?” तो उन्होंने कहा, “स्टेच्यू बनने का. इसमें दस मिनट तक मैं स्टैच्यू बनूंगा और तुम मेरे साथ जो चाहो वो कर सकते हो. अगर मैं हिल गया तो तुम जीते और फिर तुम्हारी बारी आएगी.”

खेल को जानकर मैं भी राजी हो गया. फिर मामा पहले स्टेच्यू बन गए. मैंने बहुत कोशिश की पर मामा नहीं हिले. फिर स्टेच्यू बनने की मेरी बारी आई.

मैं स्टेच्यू बना और फिर मामा ने अपना काम शुरू कर दिया. पहले तो वो मेरे पास आये और फिर मेरे गालों पर किस करने लगे. इसके बाद फिर वो मेरे शर्ट के बटन खोल के मेरे निपल को अपने मुंह में लेकर चूसने लगे और मैं हर के डर से कुछ नहीं कर पा रहा था, पर मुझे भी मजा आ रहा था.

इसलिए मैं भी कोई विरोध नहीं किया और खेल के बहाने चुपचाप मजे ले रहा था. वो मेरे निप्पल चूस रहे थे और दोनों हाथों से मेरी गांड दबा रहे थे. फिर उन्होंने अपना काला लंड निकाल लिया. उनका लन्ड देखकर तो मेरी आँखें ही फट गई थी.

उनका लंड सात इंच लंबा, काला और चार इंच मोटा था. फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ के अपने लंड पर रख दिया. क्या गरम लंड था उनका! उस दिन पहली बार मैंने किसी पराये आदमी का लंड देखा था और छुआ था. अब तो मेरे तन – बदन में जैसे आग सी लग गई थी.

फिर मामा ने मुझे नीचे धक्का दिया और घुटनों के बल गिरा दिया. फिर वो बोले, “चूस मेरी रंडी मेरे लोडे को.” मैं कुछ बोल नहीं रहा था. फिर उन्होंने मेरा सर पकड़ के मेरे मुंह में अपना लंड ठूंस दिया.

उनके लंड का स्वाद मुझे बहुत अच्छा लगा और जैसे – जैसे मैं लंड चूसता, वैसे वैसे वो मोटा हो रहा था. अब तो वो मेरे मुंह में भी नहीं जा रहा था. फिर मामा ने लन्ड बाहर निकाला और बोले, “चल मेरी रंडी, अब तुझे चोदना है.”

अब मैं भी उत्तेजित हो गया था. मैंने कुछ बोला नहीं कहा शरमा के मामा से लिपट गया. फिर मामा ने मेरे होंठ पे अपने होठों को लगा दिया और मुझे किस करने लगे. फिर वो मेरी गांड को दबाने लगे और मेरी नाईट पैंट उतारने लगे.

यह देख मैंने रोका और कहा कि छोटा भाई सो रहा है, वो जाग जाएगा तो मामा ने मुझे अपने बाहों में उठाया और स्टोर रूम में ले गये और फिर मुझे नंगा करके मेरी गांड के ऊपर किस करने लगे.

फिर वो उठे और अपना लंड मेरे मुंह में दे दिया और बोले मेरी रांड लंड को गीला कर ताकि तेरी गांड में आसानी से जा सके. तो मैंने ढेर सारा थूक उनके लंड के ऊपर लगा दिया. फिर उन्होंने कहा, “चल अब घोड़ी बन जा.” तो मैं घोड़ी बन गया.

फिर उन्होंने ढेर सारा थूक मेरी गांड पे लगाया और अपना लंड मेरी गांड की दरार में घिसने लगे. मुझे बहुत मजा आ रहा था. तभी पता नहीं मामा को क्या हुआ, उन्होंने अपना लंड मेरे गांड के अंदर जोर से धक्का मार कर अंदर कर दिया. उनका टोपा मेरी गांड को फाड़ते हुए अंदर चला गया था.

मेरी सांसें रुक गई थी. मैं रोने लगा और कुछ बोलता तब तक उन्होंने ओर धक्का मारा. जिससे मैं उल्टा ही लेट गया और चीखने लगा, “ओह मम्मी मर गया.” तभी मामा ने अपना हाथों से मेरे मुंह को दबा दिया और फिर से एक ऐसा धक्का लगाया कि उनका पूरा लंड अंदर चला गया. फिर वो थोड़ी देर ऐसे ही मेरे ऊपर पड़े रहे.

फिर उन्होंने अपना लंड निकाला और मेरी गांड को साफ किया. फिर वो तेल की बोतल लाये ओर बहुत सारा तेल अपने लंड पर लगाने लगे. मैं दर्द से तड़प रहा था. मैं बार – बार कह रहा था कि मुझे कुछ नहीं करना, लेकिन फिर भी मामा ने मुझे पकड़ के घोड़ी बनाया और मेरी गांड में उंगली ड़ाल दी और अंदर – बाहर करने लगे.

मेरी गांड फट गई थी और खून भी निकाल रहा था. फिर भी वो रुकने वाले नहीं थे. फिर उन्होंने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रखा और एक ही धक्के में पूरा अंदर ड़ाल दिया. तेल लगाने के कारण इस बार लन्ड आसानी से अंदर चला गया और दोनों हाथों से पीछे से ही मेरे छोटे – छोटे बूब्स दबा रहे थे.

मेरे मुंह से ‘अहह आह, मर गया’ ऐसी चीखें निकल रही थी और मामा मुझे रंडी छिनाल वैश्या जैसी गालियां दे रहे थे और चोद रहे थे. फिर उन्होंने अपना लंड निकाला और मेरे मुंह मे घुसा दिया और चटवाने लगे. फिर उन्होंने अपना सारा पानी मेरे मुंह में भर दिया.

इसके बाद फिर मैं रूम में आकर सो गया. तभी पीछे – पीछे मामा आये और मेरे ऊपर सो गए. फिर उन्होंने मेरे पैरों से पैंट उतारा और दोनों पैरों को खोल के फिर से अपना लंड मेरी गांड में घुसा दिया और चोदने लगे.

लगभग आधा घंटे के बाद फिर वो सीधे हो गए और बोले, “चल मेरी रंडी अब मेरे ऊपर आजा, मेरे लंड की सवारी कर.” फिर मैं उनके ऊपर बैठ गया और एक ही झटके में पूरा लंड गांड में डाल दिया. ऐसे ही दस मिनट तक चुदाई चलती रही और फिर उनका सारा पानी मेरी गांड पी गई.

उस रात उन्होंने तीन बार मेरी गांड मारी. सुबह जब मैं उठा तो ठीक से चलने में भी दिक्कत आ रही थी. उस दिन के बाद तो मामा रोज मेरी गांड मारते और लंड का पानी पिलाते. वो बीस दिन तक मेरे घर में रहे थे और रोज रात को मेरी गांड मरते. अब तो मैं पूरा गांडू बन गया हूँ. बिना गांड मराए मुझे चैन ही नहीं आता.

तो दोस्तों, मेरी कहानी आपको कैसी लगी? जरूर बताना. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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