मामा के यहां मामी के सामने मौसी को चोदा

फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिये. उसने लाल रंग कि ब्रा ओर पैंटी पहनी हुई थी. मैंने वो भी उतार दी. अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. मैंने पहले उसके होंठ चूसे और फिर बुरी तरह छाती को चूसने लगा। वो ‘ऊ आ ओ ऊ आआ’ की आवाज कर रही थी…

नमस्कार दोस्तों, मैं एक फिर बार फिर आप लोगों के बीच अपनी एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ. मुझे उम्मीद है कि आप इसे भी पसन्द करोगे. आप ने मेरी पिछली कहानी में लंड चुसवाने के बाद भाभी की चुदाई का मस्त मजा लिया. अब मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं.

ये कहानी पांच साल पहले की है. तब मैं बीए कर रहा था. गर्मी का समय था. मैं अपने मामा के यहां गया हुआ था. गर्मी की वजह से एक दिन खाना खाने के बाद मैं दोपहर के वक्त सो रहा था. जब मैं सोकर उठा तो मैंने वहां एक लड़की को देखा. मुझे लगा शायद कोई पड़ोस से है. लेकिन बाद में पता चला कि वो मेरी माँ कि दूर की बुआ की लड़की है. इस हिसाब से वो मेरी मौसी लग रही थी.

फिर मैं घर के अंदर आ गया. उस वक्त तक मेरे दिमाग में उसके बारे में कुछ भी गलत नहीं था. कुछ दिन बाद मैं फिर से मामा के यहां गया तो इस बार मुझे उसकी चाल – ढाल ठीक नहीं लगी. वो सारा दिन फोन पर ही लगी रहती थी.

जब मैंने उससे से पूछा कि किसका फोन आ रहा है तो उसने बेझिझक बता दिया कि उसे हमारे ताऊ का लड़का तंग करता है. चूंकि वो उस से फोन पर थोड़ी – बहुत बातें करती थी इसलिए अब वो इसके पीछे ही पड़ गया था और बोलता है कि मुझसे दोस्ती करो. तो वो राजी भी हो गई थी.

लेकिन यह जान कर अब मैंने बीच में अपनी टाँग अड़ा दी. वो मुझसे अब खुल कर अपनी बातें शेयर करती थी तो मैंने उसे अपने भाई के खिलाफ भड़का दिया और खुद उसे चोदने के सपने देखने लगा. क्योंकि शहर एक ही होने और काम की वजह से मेरा मामा के पास रोज ही आना जाना था. इसलिए मेरे पास अच्छा मौका था.

अब मैं आप लोगों को उस लड़की के बारे में बताता हूँ. वो दिखने सांवली सी और पतली सी थी लेकिन उसकी चूची 36 की रही होगी और बाहर निकली हुई उसकी गांड भी 36 की ही रही होगी. उसका फिगर 36-28-36 था. वो मस्त चूचों और गांड का कॉम्बो थी और उसका नाम जस्सी था. मामा के यहां वह कम्पूटर सीखने के लिए आई थी.

मेरे दिमाग बस में ये था कि कैसे भी मैं जल्द से जल्द उसकी चूत मार लूँ. आखिर एक दिन मैंने हिम्मत जुटा कर उसे प्रोपोज कर दिया तो उसने कोई जवाब नही दिया और बस मेरी तरफ ही देखती रही. यह देख मैं डर गया कि कहीं वह किसी को कह ना दे और फिर इसी डर के साये में मैं अपने घर आ गया.

लेकिन उसने किसी से नहीं कहा. शाम को मेरे पास उस का फोन आया और हम बातें करने लगे. लेकिन उसने उस बारे में कुछ नहीं कहा. बातें करते – करते मैंने एक बार फिर से पूछ ही लिया. वो फिर कुछ नहीं बोली. मेरे दो – तीन बार पूछने के बाद बोली कि चलो दोस्ती कर लूंगी मगर सेक्स नहीं. तो मैं बोला ठीक है और फिर फोन काट दिया.

फिर हम मिलने लगे. फिर एक दिन मैंने उसे किस कर दिया. लेकिन वो कुछ नहीं बोली. ऐसे ही एक महीना निकल गया. वो सेक्स के लिए मान ही नहीं रही थी. फिर मैंने उस पर दवाब डाला कि तुम ऐसे करोगी तो मैं तुम्हें छोड़ दूंगा. चूंकि वो सच्चे प्यार में पड़ गई थी इसलिए डर गई कि कहीं मैं उसे सच में न छोड़ ना दूं. फिर वह सेक्स के लिए मान गई. लेकिन दिन में हम नहीं मिल सकते थे क्योंकि वहां, बच्चे होते थे.

आखिर वो दिन आ ही गया कि मैं उसे चोद सकूं. मैं उस दिन रात को मामा के यहाँ ही रुक गया. जिससे मामी और बच्चे बेड पर सो गये और हम दोनों खाट पर. मुझसे रुका नहीं जा रहा था. मेरा सेक्स पूरे उफान पर था और लंड भी उछल रहा था. बच्चों के सोते ही मुझसे नहीं रहा गया तो मैं उठ कर उस के पास आ गया. और उस पर जैसे कोई शिकारी अपने शिकार पर टूटता है वैसे ही टूट पड़ा.

लेकिन पहले तो बगल में मामी भी सो रही थी मगर गर्मी की वजह से फिर वो बाहर चली गई फिर बाहर ही लेट गई थीं. अब मैं जस्सी पर लगा था. मैं पागलों की तरह उसे किस कर रहा था और वो भी जोश में आकर अजीब आवाजें निकाल रही थी.

फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिये. उसने लाल रंग कि ब्रा ओर पैंटी पहनी हुई थी. मैंने वो भी उतार दी. अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. मैंने पहले उसके होंठ चूसे और फिर बुरी तरह छाती को चूसने लगा। वो ‘ऊ आ ओ ऊ आआ’ की आवाज कर रही थी.

फिर मैं धीरे – धीरे उसकी चूत पर पहुंचा और किस करने लगा. अब उस से रहा नहीं गया और मुंह से चीख निकल गई. जिससे मामी ऊठ गईं और बोली कि आराम से कर लो कोई पीछे थोड़े लगा है. यह सुन कर मैं बोला, “पहले तुम सो जाओ फिर बाद में बताएंगे कि कौन पीछे लगा है?”

अब मैं फिर चूत चूसने लगा. वो भी ऊछल कूद करने लगी थी और साथ ही बहुत बड़बड़ा रही थी. वो ‘फा फा फास्ट आ आ आ ऊ उ ए ऐ ओ आई आई’ कर रही थी. शायद उसका होने वाला था. ऐसे ही करते हुए वो मेरे मुंह पर ही झड़ गई.

अब मैं उठा और 69 की पोजीसन आ गया. पहले तो वो मुंह में नहीं ले रही लेकिन फिर मान गई. थोड़ी देर बाद वो फिर ‘ऊ आ ओ ऐ ए’ आवाज करने लगी. अब मेरा भी होने वाला था और वो भी अब मेरे लन्ड को ठीक ऐसे चूस रही जैसे कोई लोलीपोप हो जिसे वह खा ही जाएगी.

फिर वो मेरे और मैं उसके मुंह में झड़ गये. करीब फिर 10 मिनट बाद मैं फिर उठा उस पर टूट पड़ा. अब देरी ना करते हुए मैं उसकी टांगों के बीच गया और लन्ड को उसकी चूत पर रख कर जोर लगाया. लेकिन उस की चूत टाइट थी. क्योंकि यह पहला सेक्स था.

अब मैंने और जोर लगाया जिससे लन्ड थोड़ा अन्दर गया. लेकिन वो तड़प उठी. अब मैं कुछ देर रुका और कुछ देर बाद जब वो सही हो गई तो मैंने उसके कन्धों को पकड़ कर एक ही झटके पूरा लन्ड़ उसकी चूत में उतार दिया.

वो चीख उठी लेकिन उसकी चीख मेरे होंठों में ही दब कर रह गई. वो दर्द से कराह उठी और मुझे हटाने के लिए धक्के मारने लगी पर मैंने उसको नहीं छोड़ा. कुछ देर बाद फिर वो नॉर्मल हो गई. मैं अब धीरे से ऊपर – नीचे होने लगा.

अब उसे भी मजा आने लगा तो फिर वो भी ऊपर – नीचे होने लगी. अब मैं भी जोर से उसे चोदने लगा. वो भी पूरा साथ दे रही थी और ‘आ आ आ आ आ ओ ओ ऊ ऊ ऊ आ ए’ की आवाजें कर रही थी. ऐसे ही करते – करते 10-15 मिनट निकल गये.

अब तक वो दो बार झड़ चुकी थी और मैं झड़ने वाला था तो मैं उसकी चूत में ही झड़ गया क्योंकि मैंने कंडोम पहना हुआ था इसलिए कोई खतरा नहीं था. फिर हम सीधे लेट गये. उस रात मैंने उसको खूब पेला और घोड़ी भी बनाया.

तो दोस्तों, कैसी लगी मेरी ये बिल्कुल सच्ची घटना? मुझे मेल करके बताना जरूर. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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