मम्मी को चोद कर उनका पति बन गया

यह सब देख कर मैंने अपने लंड को निकाला और मम्मी के नाम की मुठ मारी. पानी निकलने के बाद मुझे कुछ राहत हुई और फिर मैं धीरे से नीचे चला आया…

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार! दोस्तों, मेरा नाम आशु है और मेरी यह कहानी मेरी सेक्सी मम्मी अरुणा और मेरे बीच घटित हुई एक सच्ची घटना है.

दोस्तों, शुरू में सेक्स वगैरह के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी. तब मैं हर लड़की और औरत को एक जैसी ही नज़र से देखता था. जब 12वीं में गया तो वहां मेरे कई दोस्त बने. उन्हीं की संगत में पड़ कर मुझे सेक्स के बारे में पता चला. वैसे अब मेरा भी लंड खड़ा होने लगा था.

एक दिन की बात है. जब मैं कॉलेज से घर आया तो किसी काम से सीधे मम्मी के कमरे में गया. वहां मैं क्या देखता हूं कि उनकी 36 के साइज की पिंक कलर की ब्रा बेड पर पड़ी थी. उसे देख कर मैं समझ गया कि मम्मी नहा रही होंगी. उनकी ब्रा देखने के बाद मेरे मन में मम्मी के बारे गलत खयाल आने लगे क्योंकि दोस्तों के बीच चूत, लंड और चुदाई की तो अक्सर बात होती थी, मैं भी करता था लेकिन मुझे अभी तक चूत के दर्शन नहीं हुए थे.

दोस्तों, एक बात मैं आप लोगों को बताना भूल गया, वह यह कि हमारा बाथरूम घर के अंदर खुले आंगन में है. पता नहीं मुझे क्या हुआ मैं बिना कुछ सोचे – समझे छत पर बने कमरे में चला गया और वहां खिड़की से मम्मी को नहाते हुए देखने लगा.

मम्मी पूरी नंगी होकर नहा रही थीं. उस समय वह बहुत मस्त माल लग रही थीं. उनके बड़े – बड़े दूध मुझे बहुत अच्छे लग रहे थे. इतना ही नहीं उनकी चूत पर काले बाल भी थे. कुल मिला कर नग्न अवस्था में वो कयामत लग रही थीं.

यह सब देख कर मैंने अपने लंड को निकाला और मम्मी के नाम की मुठ मारी. पानी निकलने के बाद मुझे कुछ राहत हुई और फिर मैं धीरे से नीचे चला आया.

अब तो मेरा यह रोज का ही नियम बन गया था. कॉलेज से आने के बाद मैं रोज उन्हें नहाते हुए देखता और उनके नाम की मुठ मारता. कभी – कभी रात को मम्मी की ब्रा चुरा कर ले आता और उसे पहन लेता. फिर मुठ मारने के बाद वीर्य गिरा कर जब कुछ संतुष्टि मिल जाती तो उसे वापस रख आता.

अब मम्मी के प्रति मेरा नज़रिया बदल चुका था. वह मुझे पूरी रंडी लगने लगी थीं. मेरे दिमाग में उनके बारे में बस एक ही ख़याल चलता रहता कि कैसे मैं उन्हें चोदूं? हर समय मैं इसी विचार में डूबा रहता.

फिर एक दिन मैं अपने मोबाइल पर एक मूवी देख रहा था. उसमें एक सीन आया कि एक लड़का एक आदमी के खाने में नींद की दवा मिला कर उसे सुला देता है और फिर उसका सब लूट ले जाता है. यह सीन देख कर मेरे दिमाग में आइडिया क्लिक कर गया.

इसके बाद मैंने उतने पर ही मूवी बंद कर दी और उठ कर मेडिकल स्टोर चला गया. वहां से मैंने नींद की दो गोलियां लीं और वापस घर आ गया. घर आकर मैंने उसे छुपा कर रख दिया. दोस्तों, मैं एक बात आप लोगों को बताना भूल गया कि मेरी मां रोज रात को दूध पीकर सोती थीं.

उस रात मैंने चुपके से उनके दूध में नींद की एक गोली मिला दी और बाहर निकल आया. 1 घण्टे बाद फिर जब मैं उनके कमरे में गया देखा कि मेरी मां गहरी नींद में सो रही थीं. वो तो कयामत की रात थी. फिर मैंने अपना मोबाइल निकाला और उसका कैमरा ऑन करके उसे थोड़ी दूर पर सेट कर दिया और फिर मम्मी को हिला के देखा. उन्होंने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया. मतलब साफ था दवा असर कर गई थी और वह गहरी नींद में थीं.

अब मेरी बारी थी. सबसे पहले मैंने अपनी शर्ट उतारी उसके बाद पैंट और अंडर वियर उतार कर नंगा हो गया. अंडर वियर उतारते ही मेरा 7 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा लंड उछल कर बाहर आ गया. वह एक दम लोहे की रॉड जैसा सीधा खड़ा था. पहले मैंने उसे मोबाइल कैमरे के सामने किया और कैमरे पर बोला कि आज मैं अपनी मां की चूत फाड़ने जा रहा हूं.

इतना कह कर मैं मम्मी के पैरों के पास गया और उनकी एड़ी को चाटने लगा. उनके पैर एक दम साफ थे. फिर धीरे – धीरे मैं उनके घुटनों तक पहुंच गया और साथ में साड़ी को भी ऊपर करता गया. अब उनके चूत की भीनी – भीनी खुशबू मेरे नथुनों में घुसने लगी. इसलिए मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और फिर मैंने ज्यादा देर न करते हुए उनकी साड़ी को निकाल फेंका.

अब मम्मी पेटिकोट और ब्लाउज में थीं. फिर मैं पेटिकोट के ऊपर से ही उनकी चूत पर हाथ रखा और उसे मसलने लगा. मुझे बहुत मज़ा रहा था. मेरा खड़ा लंड भी अब फड़फड़ाने लगा था. फिर मैंने उनकी पेटिकोट के नाड़े को खोल कर उसे भी फेंक दिया. पेटिकोट खुलते ही मेरी सेक्सी मम्मी की फूली हुई चूत मेरे सामने आ गई.

उनकी नंगी चूत देख कर मुझसे रहा न गया और मैंने तुरंत ही उस पर अपनी जीभ लगा दी और चाटने लगा. मुझे उनकी चूत का टेस्ट बहुत अच्छा लग रहा था. फिर मैंने अपनी एक उंगली मम्मी की चूत में घुसा दी और अंदर – बाहर करने लगा. थोड़ी देर बाद उनकी चूत से पानी निकलने लगा, जिसे मैंने पूरा चाट लिया. अब मुझे कोई डर नहीं था. आज मैं अपनी मम्मी का पति था.

फिर मैंने उनकी गांड में जीभ डाल कर उसे भी चूसा. फिर ऊपर बढ़ते हुए मैं उनकी नाभि तक पहुंचा और उसे भी चूसने लगा. थोड़ी देर बाद फिर मैंने उनका ब्लाउज ख़ोला दिया. जैसे ही मैंने उनके ब्लाउस को खोला वैसे ही मुझे उनके गोरे दोनों दूध और उन पर भूरे निप्पल नज़र आये. अब तो मुझसे बिल्कुल ही बर्दाश्त नहीं हो रहा था. फिर मैं उनके एक निप्पल हाथों में लिया और मसालने लगा. साथ ही दूसरे को मुंह में लेकर चूसने लगा.

अब मेरा लंड मम्मी की चूत में जाने को बेताब हो रहा था. फिर मैंने उस रात मेरी पत्नी बनी मम्मी की चूत पर अपना लंड रखा और एक झटका दे दिया. लेकिन लंड अंदर नहीं गया. उनकी चूत बहुत टाइट थी. यह देख मेरा जोश और बढ़ गया. फिर मैंने हाथ लगा कर एक और धक्का दिया, इस बार मेरा पूरा लंड उनकी चूत को चौड़ा करता हुआ अंदर घुस गया. अब मैं जन्नत की सैर पर था. मैं धक्के पर धक्के मार रहा था.

करीब 10 मिनट तक उनको चोदने के बाद मेरे लंड ने अपना पानी छोड़ दिया और मैंने पूरा वीर्य मम्मी की चूत में ही डाल दिया. इसके बाद फिर थोड़ी देर आराम करने के बाद मैं उठा और मम्मी के कपड़े ठीक करके सो गया.

सुबह जब मम्मी सो कर उठीं तब बोली, “बेटा, आज बदन में पता नहीं क्यों बहुत दर्द हो रहा है”. मैंने कहा कि होगा ऐसे ही. उन्हें क्या पता था कि उनका बेटा अब उनका पति बन चुका है.

एक दिन मम्मी ने मुझे बताया कि मैं रात में उनके साथ जो भी करता हूं सब उन्हें पता है और यह उन्हें अच्छा भी लगता है इसलिए वह कुछ नहीं बोलतीं. उनकी यह बात सुन कर मैं खुश हो गया. अब तो मेरा यह रोज का नियम हो गया है. मैं जब मन करता है मम्मी की जम कर उनकी चुदाई करता हूं. अब तो उन्हें दवा खिलाने की भी जरूरत नहीं पड़ती. वह खुद भी उछल – उछल कर चुदती हैं.

मुझे उम्मीद है कि मेरी रियल स्टोरी आप सबको बहुत पसंद आयी होगी. कहानी कैसी लगी मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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