नैंसी की चूत पर मेरे फौलादी लन्ड का वार

बात उन दिनों की है जब मैं इंदौर में रहता था. मैं वहां के फेमस कॉलेज में पढ़ाई करता था. मेरे साथ एक लड़की भी पढ़ती थी, जिसका नाम नैंसी था. मेरी इस कहानी में पढें कि कैसे मैंने उसे पटाया और उसकी चूत पर अपने लन्ड से हमला किया…

दोस्तों, मेरा नाम रंजित शाम्भा है. मेरा रंग सांवला और उम्र 24 साल है. मेरी हाइट छह फिट दो इंच और छाती बयालीस इंच है. मैं दिखने में आकर्षक व्यक्तित्व का मालिक हूँ. मेरा लन्ड 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. कुल मिलाकर ये कि मुझे देख कर किसी भी लड़की की चूत की प्यास जाग उठती है.

कॉलेज में मेरे साथ एक लड़की पड़ती थी. वह काफी हॉट थी. हम दोनों एमएससी फिजिक्स के लास्ट ईयर में थे. उसका नाम नैंसी था. उसकी हाइट पांच फिट नौ इंच की थी और फिगर 34 28 34 का था.

वो इतनी सुंदर थी कि उसे देखते की मुठ मारने का मन होने लगता था. सभी लड़के उसकी चूत के प्यासे थे और वो भी लड़कों के तीखे कमेंट का खूब मज़ा लेती थी.

जब वो चलती तो उसकी बड़ी सी गाण्ड नागिन के जैसे लहराती थी. लड़कों को देखते ही उसकी चाल और भी सेक्सी हो जाती थी. जब भी वो लड़कों को देखती वह अपनी सेक्सी गांड और भी मटकाने लगती थी.

उसे देख कर मेरा मन करता था कि उसे पकड़ कर बाथरूम में ले जाऊं और सीधा चोद दूं. मैं अक्सर उसे ताड़ता रहता था और कई बार उसे अप्रोच भी किया. शुरुआत में तो उसने मुझे भाव नहीं दिया लेकिन धीरे – धीरे वो भी मेरी तरफ आकर्षित होने लगी और फिर हम दोस्त बन गए.

इसके बाद हम अपनी काफी बातें एक – दूसरे से शेयर करने लगे. धीरे – धीरे हमारे बीच नज़दीकियां बढ़ने लगीं. दोस्तों, हम एक ही क्लास पर एक ही टेबल को शेयर करते थे. इस दौरान मैं कुछ पूछने की बहाने उसके मम्मों को दबा देता था और वो चिढ़ सी जाती थी. हालांकि, कहती कुछ नहीं थी.

उसके गोरे – गोरे मम्मे बहुत ही क्या मस्त थे. उन्हें देखते ही मेरा जी चाहता था कि इन्हें पकडूं और दबाता जाऊं. मगर क्लास में डर लगता था. दोस्तों, वह अक्सर सलवार और कुर्ती पहनती थी. सलवार – कुर्ती में एक दम गज़ब की दिखती थी.

वेलेंटाइन डे पर कॉलेज की तरफ से नाईट पार्टी हो रही थी. उस रात नैंसी ने पिंक टॉप और स्किनी ब्लू जींस पहन रखी थी. इस दौरान मैंने झट से एक लाल गुलाब तोड़ लिया और उसे देकर प्रपोज कर दिया. चूंकि वहां पर तमाम लोग थे इसलिए वो नखरे करने लगी.

फिर मैंने उससे कुछ बात करने के बहाने उसकी सहेलियों को वहां दूर किया. इसके बाद मैंने उससे अकेले में बात करने को कहा और साइड में ले गया. साइड में जाकर वो चुपचाप गुमसुम खड़ी हो गई.

अब मैंने झट से उसकी कलाई पकड़ी और पीछे से उसे अपनी बाहों में भर लिया. फिर मैंने उसके मम्मों पर अपने हाथ रख दिए और उनको जोर – जोर से दबाने लगा. साथ में झुक कर मैं उसके लिप्स पर मजे से किस भी करता रहा. इससे वो चिढ़ गई और फिर उसने मुझे धीरे से दो थप्पड़ जड़ दिए और मेरी तरफ देखा.

तब मैंने उसकी आंखों में देखा. उसकी आंखें शरारत से भरी थी. उनमें देख कर मुझे विश्वास हो गया कि वो भी मुझसे चुदवाना चाहती है. हालांकि, मैंने कुछ नहीं किया और कुछ देर ऐसे ही खड़ा रहा.

फिर उसने भी अपनी सेक्सी गाण्ड को मेरे खड़े लंड पर रगड़ दिया और शरारती आवाज़ में कहा – तुम्हें समझने में इतनी देर लगी ये उसी का ईनाम था. इतना कह कर फिर वो धीमे से मुस्कुराने लगी और पलट कर जोरदार तरीके से मुझे किस करने लगी. इस पर मैंने भी उसे खूब किस किया. साथ में मैं उसके मम्मों को भी मसलता जा रहा था. इससे वो पूरी तरह गरम हो गई.

यह देख मैंने झट से अपने दोस्त के खाली मकान की चाबी ली और उसे ले कर वहां चला गया. जाते समय रास्ते में मैंने एक दूकान से मैनफोर्स एक्स्ट्रा डॉटेड कंडोम भी ले लिया. दोस्त के घर पहुंचते – पहुंचते रात के आठ बज चुके थे और उसे भी अपने घर जाना था.

वहां पहुंच कर मैंने जल्दी से कुण्डी लगाई और फिर उस पर कुत्तों की टूट पड़ा. अब मैं उसके लिप्स को चूमना शुरू किया और उसके गाण्ड को भी सहलाना रहा था. इसमें उसने भी मेरा पूरा साथ दिया. हमें खूब मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर बाद फिर मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली डाल दी. मैंने देखा कि उसकी चूत पूरी पूरी गीली हो चुकी है. यह देख मैंने देर ना करते हुए उसकी जींस खोल दी. फिर मैं उसकी गाण्ड को पागलों की तरह चूमने लगा. अब उसने खुद ही अपना पिंक टॉप उतार दिया. अब काले ब्रा में थी. जिसमें से उसके दोनों मम्मे ऐसे लग रहे थे, जैसे किसी ने गोरे गुलाब जामुन को काले प्लेट में परोस दिया हो.

उसके मम्मों को देख कर मेरे मुंह में चासनी (लार) आने लगी थी. फिर मैंने झट से उसकी ब्रा और पैंटी को खोल दिया. इसके बाद मैंने भी अपने सारे कपड़े खोल दिए. फिर मैं उसकी वीडियो लेने लगा और वो भी मज़े से पोज़ देने लगी.

वीडियो लेने के बाद फिर मैंने उसके मम्मों को चूसना शुरू कर दिया और उसे गोद में उठा लिया. इस दौरान मेरा लंड उसकी चूत से रगड़ रहा था और वो घुसने को तैयार था.

फिर मैंने उसे नीचे उतारा और उसके मुंह में अपना लौड़ा दे दिया. जिसे उसने किस किया और फिर अपने हाथों से सहलाते हुए मुंह में ले लिया. उसकी मस्त लन्ड चुसाई के कारण थोड़ी देर में ही मेरी गर्म आइस क्रीम उसके मुंह में निकल गई. जिसे वह गटक गई.

इसके बाद मैं उल्टा हुआ और उसकी चूत को चाटने लगा. दोस्तों, मैं अपने साथ डेयरी मिल्क भी ले गया था, जिसे मैंने उसकी चूत में रगड़ दिया और मस्ती में चाटने लगा. मेरे ऐसा करने से उसकी सिसकारी निकलने लगी. फिर थोड़ी देर में ही वो झड गयी और कहने लगी – अब और ना तड़पाओ, जल्दी से मीठी चूत में अपना हथियार डाल दो.

फिर मैंने स्ट्रेबेरी फ्लेवर वाली कंडोम निकाली और अपने मोटे से लंड में पहन लिया. इसके बाद मैंने नैंसी को बेड पर लिटाया और उसकी चूत में लंड डालने लगा. उसकी चूत बड़ी कसी हुई थी. साफ था आज मुझे कुंवारी चूत मिली थी और किसी ने उसे बजाया नहीं था.

मेरा लन्ड नहीं घुस रहा रहा. फिर मैंने उसकी चूत में तेल डाला और अपने लंड को भी तेल से भिगोकर जोर से धक्के मारने लगा. अब मेरा फौलादी लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ गहराई में समां गया.

मैंने देखा कि उसकी चूत फट चुकी है और वहां से थोड़ा सा खून निकल रहा है. लन्ड अंदर जाने से उसकी चीख भी निकल गई थी और वह ‘ऊई माँ’ कह के रोने लगी थी.

यह देख मैंने अपना लंड निकल लिया. थोड़ी देर बाद वो शांत हुई तो मैंने अपना लन्ड फिर से पेल दिया. अब वो सिसकारियां ले – लेकर चुद रही थी. फिर मैंने भी उसे अच्छी तरह से बजाया.

उसकी गोरी चूत को चोद – चोद कर मैंने उसे लीची की तरह लाल कर दिया. उसकी गांण्ड भी सेब की तरह लाल हो चुकी थी. फिर हमने घर जाने का फैसला किया. दोस्तों, बाद में मैंने कई जगह उसकी चूत मारी मगर ये कहानी फिर कभी.

अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली थी. उम्मीद है आप सब को पसंद जरूर आई होगी. कहानी के बारे में अपने विचार मुझे मेल करें. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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