मटक के आई पटक के चोदा

एक बार एक खूबसूरत लड़की मेरी दूकान में मोबाइल रिचार्ज कराने आई. उसे देखते ही मैं खुद को भूल गया और उसी में खो गया. फिर वह स्माइल दे कर चली गई. अगले दिन वह फिर आई, उस दिन क्या हुआ और कैसे मैंने उसे पटाया जानने के लिए कहानी पढ़ें…

हेलो दोस्तों, सभी चूत की रानियों और लन्ड के राजाओं को मेरा सलाम! मेरा नाम पौरुष शर्मा है और मैं अजमेर का रहने वाला हूं. मैं दिखने में बहुत स्मार्ट हूं. साथ ही कसरती बदन का मालिक भी हूं. मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है और किसी को भी संतुष्ट करने की हिम्मत रखता हूं. मेरी उम्र 25 साल और लम्बाई 5 फुट 9 इंच है.

अब आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए सीधा मैं अपनी कहानी पर आता हूं. अजमेर में मेरी एक मोबाइल की दूकान है. मोबाइल बेचने के साथ – साथ मैं रिचार्ज का भी काम करता हूं.

कुछ महीने पहले एक लड़की अपनी मां के साथ मेरी दूकान पर आई. उसे मोबाइल में रिचार्ज करवाना था. वो आई तो मैं इसे देखता ही रह गया. वो एक दम गोरी थी और दिखने में बड़ी मस्त लग रही थी. उसके मोटे – मोटे बोबे और मस्त गांड बता रहे थे कि वो कितनी मस्त माल मस्त है.

दूकान आने के बाद उसने एक नम्बर पर मुझसे रिचार्ज करने को कहा. मैंने कर दिया. इसके बाद उसने अपने बुर्के में हाथ डाल कर रुपए निकले. तब मेरा ध्यान उसके कपड़ों पर गया. उसमें से उसका ब्लैक ब्रा और बोबे का उभार साफ़ दिख रहे थे. जिसको देख के मेरे खड़े लन्ड ने सलामी देना स्टार्ट कर दिया.

पैसे देने के बाद उसने फिर से अपना वॉलेट बुर्के में डाल लिया. मेरी नज़र अभी भी उसके बोबे पर थी. ये उसने देख लिया था. इसके बाद रिचार्ज करवा के वो अपनी मां के साथ वापस चली गयी.

अगले दिन वो अकेली ही मेरी दूकान पर रिचार्ज करवाने के बहाने आई. उस दिन वह बहुत मस्त तरीके से चल रही थी. उस दिन उसकी चाल ही अच्छे अच्छों का पानी छुटाने वाली थी. वो मटक मटक के ऐसे चलती थी जैसे उसकी गांड परेड कर रही हो.

वो आई और उसने मुझसे रिचार्ज करने को कहा. उसका रिचार्ज करने के दौरान मैंने उससे बात करना स्टार्ट किया और फिर बातों ही बातों में उससे कहा कि आप बहुत खूबसूरत हो. मेरी बात सुन कर वो मुस्कुराने लगी. उसको मुस्कुराते देख मैं समझ गया कि काम हो सकता है. फिर मैंने उसे दोस्ती का ऑफर दिया. मेरी बात सुन कर उसने कहा कि मैं तो आज इसीलिए आपकी दूकान पर आई हूं.

इसके बाद फिर मैंने उसको अपना नंबर दिया और वो मुझे अपना नम्बर देकर चली गयी. दूकान बन्द करके मैं घर पहुंचा तो रात के एक बजे उसका कॉल आया और हमने बातें शुरु की. पहले तो नॉर्मल बातें हुईं लेकिन फिर धीरे – धीरे मैंने बातों को सेक्स की तरफ मोड़ा और फोन पर ही उसकी चूत को गीली करने लगा. हमने काफी देर बातें की फिर सो गए.

उस दिन के बाद वो अक्सर मेरी दूकान पर आती. कभी – कभी जब वह दूकान पर आती और आसपास कोई नहीं होता तो मौका देख कर मैं वहीं पर उसके गुलाबी और रस भरे होंठ चूम लेता और ऊपर से ही उसके बोबे भी दबा लेता था. लेकिन हमारे बीच और कुछ ज्यादा नहीं हो पाता था.

एक दिन दोपहर में उसका फ़ोन आया. उसने मुझसे कहा कि सहेली के साथ उसके खेत आई हूं. टाइम हो तो आ जाओ. उस टाइम मैं दूकान में था लेकिन मैंने सोचा यही सही मोका है, अगर आज काम न हुआ तो फिर नहीं हो पायेगा. ये सोच कर मैं बगल के मेडिकल स्टोर से दो कंडोम लिया और फिर पान लेकर उसकी सहेली के खेत आ गया.

जब मैं वहां पहुंचा तो उसने मुझे इशारा किया. फिर मैं उसके खेत में बने रूम में चला गया और उसकी सहेली को बाहर बैठा दिया. अंदर जाते ही हमने एक दूजे को गले लगाया और किस करना स्टार्ट कर दिया.

क्या बताऊं दोस्तों, कि उसके होंठ कितने नाजुक और मुलायम थे. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. हम दोनों ने जी भर के एक – दूसरे के होंठों का रस पिया. इस बीच मेरा हाथ उसके टाइट बोबो पर चला गया, जिन्हें पकड़ कर मैं मसलने लगा था. इसी बीच अचानक मैंने उसके एक निप्पल को पकड़ कर जोर से दबा दिया. इससे उसकी चीख निकल गयी. फिर मैं उसे किस करने लगा. ऐसे में वो अपना दर्द भूल गई.

इसके बाद हमने एक – दूसरे के कपड़े उतारने शुरू कर दिए. कुछ ही पलों में हम निर्वस्त्र हो गए. बिना कपड़ों के वो क्या मॉल लग रही थी. मुझे नंगा देख कर वह शर्मा गई और शर्मा कर उसने अपनी आंखें बंद कर ली. उसका मस्त गोरा और चिकना बदन, सीने पर बड़े – बड़े गोल बोबे और उन पर भूरे रंग के छोटे – छोटे निप्पल्स. बहुत ही आकर्षक लग रहे थे.

उसे इस तरह देख मुझसे कंट्रोल न हुआ. फिर मैंने उसके दोनों नंगे बूब्स को अपने हाथों में पकड़ लिया और दबाना शुरू किया. इसके साथ ही साथ मैं उसके शरीर के हर हिस्से को चूम भी रहा था. उसके मक्खन जैसे गोरे बदन को भला कौन नहीं चाटना चाहेगा.

अभी तक उसकी आंखें बंद थीं. फिर मैंने उसका एक हाथ उठा के अपने लंड पर रख दिया. तब उसने अपनी आंखें खोलीं और मेरे लन्ड को देख के घबरा गयी. लेकिन अब तक वह इतनी उत्तेजित हो चुकी थी कि इतना बड़ा लन्ड देखने के बाद भी चुदने के लिए मना न कर पाई. अब वह भी दबा के चुदना चाहती थी.

फिर मैंने उससे लन्ड मुंह में लेने को कहा तो वो थोड़ी आनाकानी करने लगी. हालांकि, फिर मैंने जोर दिया तो बाद लंड की टोपी को मुंह में लेकर चूसने लगी और अपनी जीभ को सुपाड़े पर घुमा कर उसे साफ करने लगी.

मैं भी इसी बीच उसकी चूत पर पहुंच गया था. अब मैं अपनी उंगलियों से उसकी चूत को सहला रहा था. करीब 15 मिनट तक लन्ड चूसने के बाद वो बोली कि अब रहा नहीं जाता, बस अब जल्दी से चोद दो मुझे प्लीज़.

उसकी तड़प देख कर मैंने वहीं पास में रखी एक चटाई बिछाई और उसको उस पर पटक के उसकी टांगों को अपने कंधो पर रख लिया. इसके बाद मैंने अपने लंड के सुपाड़े को उसकी चूत के छोटे से छेद पर लगा दिया और हल्का सा एक धक्का लगा दिया.

मेरे इस धक्के की वजह से उसके मुंह से ‘ऊऊईईई मां’ की आवाज जोर से निकल गई. तब मैंने तुरंत ही अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और थोड़ी देर के लिए उसके लिप्स को चूसने लगा और साथ में दोनों हाथों से उसके बोबे को दबाने लगा. इससे वो थोड़ा नार्मल होने लगी. यह देख मैंने धीरे – धीरे अपनी कमर को झटके देना शुरू कर दिया.

मेरे झटकों के साथ उसकी सिसकियां और मादक हो गई थीं. अब वो भी थोड़ी – थोड़ी गांड उठा कर लन्ड अंदर लेने लगी थी. करीब 20 मिनट की चुदाई में वो दो बार झड़ चुकी थी पर मुझमें अभी और जोश बाकी था क्योंकि मेरा पानी एक भी बार छूटा नहीं था. अब उसकी चूत में हल्की – हल्की जलन भी होने लगी थी.

फिर मैंने उसको हाथ और पैरों के सहारे घोड़ी बना दिया और पीछे से अपने हथियार को उसकी गीली चूत में जड़ तक पेल दिया. घोड़ी बनने से उसके बोबे नीचे झूलने लगे थे. उनको पकड़ के मैं जोर – जोर से धक्के लगाने लगा और फिर करीब 5 मिनट बाद उसी की चूत में ही झड़ गया. फिर हम कुछ देर ऐसे ही लेते रहे. बाद में मैंने उसकी गांड भी मारी.

अपनी अगली कहानी में मैं बताऊंगा कि कैसे मैंने उसकी सहेली और उसको साथ में चोदा. मेरी ये कहानी कैसी लगी ये मुझे जरूर बताएं. आपकी चूत का दीवाना पौरुष. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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