नीग्रो के रूम जाकर गांड मारवाई

मैं कई सालों से अपनी गांड मरवाना चाहता था लेकिन कभी मरवाया नहीं था. एक दिन बस में मुझे एक नीग्रो मिला. उसने मुझे गांड मरवाने के लिए तैयार किया और फिर मैं उसके रूम चला गया. जहां रात में उसने जम कर मेरी गांड मारी…

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार! दोस्तों, मैं पिछले 2 साल से अन्तर्वासना का पाठक हूँ और जब भी फ्री होता हूँ इसे पढ़ता रहता हूँ. मेरा नाम रोहन है और मैं दिल्ली में रहता हूँ. मेरी हाईट 5 फिट 9 इंच है और मेरा रंग गोरा है.

अब टाइम न वेस्ट करते हुए मैं सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ. एक रात मैं बस स्टॉप पर खड़ा बस का वेट कर रहा था. रात काफी ज्यादा हो गई थी इसलिए मेट्रो बन्द हो गई थी.

जो बस आने वाली थीवो आखिरी थी. जिस स्टॉप पर मैं खड़ा था, वहीं पर एक नीग्रो भी खड़ा था. बस आने के पहले वो बार – बार मेरी तरफ देख रहा था. उसके ऐसे देखने से मुझे डर लग रहा था. बस आई तो उसमें बहुत ज्यादा भीड़ थी. फिर भी मैं उसमें चढ़ गया. वो नीग्रो भी मेरे पीछे – पीछे बस में चढ़ गया.

भीड़ की वजह से वो मेरे से बिल्कुल चिपक के खड़ा हो गया. जब भी बस में ब्रेक लगता तो इसका फायदा उठा कर वो मेरी गांड पर अपने हाथ फेरने लगता. मुझे एक दम साफ यह महसूस हो रहा था.

पहले तो मुझे लगा कि कहीं ये मेरा वॉलेट तो नहीं निकालना चाहता. यह सोच कर मैंने अपना पर्स आगे वाली जेब में डाल लिया. मेरे ऐसाकरते समय उसने मेरी तरफ देखा और स्माइल पास कर दी.

दोस्तों, मेरे इस तरह पर्स को पीछे से निकाल कर आगे वाली जेब में रखने का उसने गलत मतलब निकाल लिया. उसे लगा कि मुझे अपनी गांड दबवाने में कोई दिक्कत नहीं है, इसलिए मैंने आगे किया ताकि वह आराम से मेरी गांड दबा सके.

अब उसने मेरी गांड पर अपने हाथ टिका दिए. पहले वह हाथ ऊपर – नीचे करता रहा फिर गांड दबाना शुरू कर दिया. दोस्तों, अब उसके ऐसा करने पर मुझे अच्छा लगने लगा था क्योंकि मेरे दिमाग के किसी कोने में किसी से गांड मरवाने की इच्छा दबी थी.

अब मैंने सोचा कि मौका अच्छा है, शायद काम बन ही जाए. फिर मैंने भी मुड़ कर उसे स्माइल पास कर दी. उसे क्लीन चिट मिल गई थी. अब वह लोगों से नज़रें बचाता हुआ मेरी गांड दबा रहा था. तभी मुझे एहसास हुआ कि वह तो मेरी गांड पर अपना लन्ड भी रगड़ने लगा है.

तभी मेरा बस स्टॉप आ गया. मैंने सोचा कि लगता है गांड मरवाने का सुनहरा मौका हाथ से निकल गया. बस रुकी और मैं उतर गया. तभी मैंने देखा कि वो भी वहीं उतर गया. उसको वहां देख मुझे अजीब सा फील हुआ.

फिर वो मेरे पास आया और अंग्रेजी में बात करते हुए बोला कि यूनिवर्सिटी में पढ़ता हूँ और वहीं पर नज़दीक में रूम ले रखा है. आओ वहीं चलते हैं. मैंने सोचा कि ऐसा मौका दोबारा अब शायद ही मिले इसलिए मैं तैयार हो गया.

फिर हमने ऑटो ली और उसके रूम पर पहुंच गए. रूम पर पहुंचते ही उसने अपने कपड़े उतार दिया और मुझे भी उतारने को बोला. अब मैंने कपड़े उतारे और उसके सामने नंगा खड़ा हो गया. वो भी नंगा था और उसका लन्ड 9 इंच लम्बा और 3.5 इंच मोटा था. यह देख मेरी तो गांड बिना चुदे ही फट गई.

फिर मैंने सोचा कि जो होगा देखा जाएगा. फिर वो मुझे अपने बेडरूम में ले गया. इसके बाद उसने मेरे हाथ में अपना लन्ड दे दिया और चूसने को बोला. मैंने दिल से उसके लन्ड को चूसना शुरू कर दिया. आज मेरी बरसों पुरानी इच्छा पूरी हो रही थी.

अब वह अपने मुंह से मादक आवाज निकालने लगा. करीब 10 मिनट तक चली चुसाई के बाद वो मेरे मुंह में ही झड़ गया. मुझे उसके वीर्य का टेस्ट पसंद नहीं आया तो मैंने थूक दिया.

अब वो मेरी गांड पर हाथ फेरने और उसे दबाने लगा. दोस्तों, उसने मेरी गांड की बहुत तारीफ की और फिर किस करने लगा. थोड़ी देर बाद उसने मेरी गांड के छेद पर अपनी जीभ लगाई. उसके ऐसा करने पर मुझे बहुत मज़ा आया. मेरे पूरे शरीर में मुझे गुदगुदी सी फील होने लगी थी.

थोड़ी देर तक मेरी गांड चाटने के बाद उसने मुझे फिर से अपना लन्ड चूसने को कहा. उसकी बात मानते हुए मैंने बिना देर किये एक बार फिर लन्ड चूसने लगा. थोड़ी देर बाद उसका लन्ड फिर से खड़ा हो गया. तब उसने मुझे बेड पर लेटने को कहा.

मैं समझ गया कि ये मेरी गांड मारने वाला है. आज मेरा बरसों का सपना पूरा होने वाला था तो मैं झट से पीठ के बल लेट गया. फिर उसने मेरी गांड में एक उंगली घुसा दी. मुझे अच्छा लगा और करीब 1 मिनट तक वह तेजी से मेरी गांड में उंगली करता रहा. इसके बाद उसने दूसरी उंगली भी मेरी गांड में घुसा दी और अंदर – बाहर करने लगा.

फिर जब उसके लन्ड के लिए रास्ता बन गया तो उसने मेरी गांड और अपने लन्ड थोड़ा थूक लगाया और मुझसे बोला – आर यू रेडी (क्या तुम तैयार हो)? मैंने हां में इशारा कर दिया.

इसके बाद उसने जोर का एक धक्का दिया. मुझे बहुत दर्द हुआ. तभी उसने एक और जोरदार धक्का मारा. उसका लन्ड मेरी गांड को फाड़ता हुआ पूरा अंदर घुस गया. इस धक्के के साथ मेरी हालात खराब हो गई तो मैंने उसको रुकने के लिए बोला और वो अंदर लन्ड डाले उतने पर ही रुक गया.

फिर जब दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैंने उसको इशारा किया. अब वह धीरे – धीरे मेरी गांड में धक्के लगाने लगा. मुझे अभी भी दर्द हो रहा था. 3-4 मिनट बाद फिर मुझे भी मज़ा आने लगा. तब मैंने उसको स्पीड बढ़ाने को बोल दिया.

मेरे कहने भर की देरी थी. उसने एक दम से अपनी स्पीड बढ़ा दी. अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर उसने मुझे डॉगी स्टाइल में आने को कहा और मैं बिना समय वेस्ट किये उस पोजिशन में आ गया.

अब उसने पीछे एकाएक मेरी गांड में अपना लन्ड पेल दिया. इससे मुझे हल्का दर्द हुआ लेकिन मैं चुप रहा. दोस्तों, वो कहते हैं न कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है. अब वो मुझे फुल स्पीड में चोद रहा था. करीब 15 मिनट तक ऐसे ही चलता रहा.

अब मैं भी फुल जोश में था और खुद ही गांड को आगे पीछे कर रहा था. जब वो थोड़ा धीमा होता तो मैं अपनी गांड को फुल स्पीड में हिलाने लगता. करीब 22 मिनट लंबी चली चुदाई के बाद वो मेरी गांड में ही झड़ गया. इस तरह मैंने पहली बार अपनी गांड मरवाई.

आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके या कहानी के लास्ट में कमेंट करके जरूर बताएं. मुझे आपके जवाब का इंतजार रहेगा. मेरी मेल आईडी – [email protected]

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *