वन साइडेड आशिक के लन्ड से घर में चुद गई

मेरा बॉयफ्रेंड का मुझसे बात कर रहा था. इसी बीच मुझे चाहने वाला एक दूसरा लड़का दूध देने आया. दूध लेने के दौरान उसने मेरे बूब्स और गांड देख लिया. इसके बाद उसने मेरी चुदाई कर दी…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम हेमेंद्र है. आज मैं अपने एक फ्रेंड के बोलने पर आप सब को अपनी लाइफ की एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ. उम्मीद है आप सब को पसन्द आएगी.

दोस्तों, अब मैं सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ. मेरी एक गर्लफ्रेंड थी. वह मुझे बहुत प्यार करती थी. उसका नाम तन्नी था और वो बहुत ही सीधी लड़की थी. उसकी लाइफ में मैं ही पहला लड़का था.

वह बहुत सुंदर थी और उसके पीछे कई लड़के लगे थे. वो थी ही ऐसी कि उसको देख कर किसी का भी लन्ड खड़ा हो जाए. उसका साइज 32-28-30 का था. मुझसे पहले मेरा एक दोस्त और उसका क्लासमेट उसको प्रपोज़ कर चुका था लेकिन उसने उनको मना कर दिया. फिर जब मैंने प्रपोज़ किया तो वह फंस गई.

तब से मेरे और उस दोस्त के बीच लड़ाई हो गई. उस लड़के का नाम रजत था और वह उसी की गली में रहता था.

तन्नी बहुत सीधी थी. पहले तो उसको कुछ नहीं पता था कि चुदाई क्या होती है? मैंने ही उसे सब कुछ बताया था कि कैसे चोदा जाता है? चूत और लन्ड क्यों होते हैं? ये सब मैंने उसे बताया.

मैं बात करते – करते फ़ोन पर उसके कपड़े उतरवा देता था. वो बहुत गर्म हो जाती थी. उसे चूत में उंगली करना भी मैंने ही सिखाया था.

पहली बार जब उसने चूत में उंगली तो जम फ़ोन पर बात कर रहे थे. उसने बताया, उसको लग रहा है कि बस कोई अपना लन्ड उसकी चूत में डाल दे.

मतलब साफ था वो चुदने के लिए तैयार थी. फिर तो वो मुझे रोज़ बोलती कि किसी भी तरह मुझे चोदो. लेकिन कभी मौका ही नहीं मिल पा रहा था. उसके घर वाले उस पर बहुत पाबंदी रखते थे. इसलिए हम लोग कहीं मिल नहीं पाते थे.

वो रोज रात में मुझे अपनी पूरी नंगी फ़ोटो भेजती थी. उसको देख कर मैं सड़का (मुठ) मारता था. उसकी गांड बहुत मस्त थी. मैं उसको नंगा नाचते हुए भी स्काइप पर देखा था. वो इतनी मस्त थी कि मैं तुरन्त झड़ जाता था.

एक दिन उसके घर में कोई नहीं था. उस दिन वो अपने रूम में लेती हुई मुझसे सेक्स की बातें कर रही थी. वो नंगी लेती थी. फिर उसने मुझे अपनी फ़ोटो भेजी. हम दोनों सेक्स में डूबे थे. वो इतनी गर्म थी कि बोल रही कि प्लीज हेमेंद्र आओ और मुझे चोद दो.

मैं भी गर्म था. फिर मैंने कहा बस आ रहा हूँ. तब तक उसके गेट पर नॉक हुआ. इस पर उसने मुझसे कहा कि कोई है रुको. फिर मैंने फोन कट कर दिया.

आगे की कहानी तन्नी की जुबानी. उसने मुझे सब कुछ बता दिया क्योंकि वो मुझे बहुत प्यार करती थी और मैंने उसे बोल भी रखा था कि कुछ भी हो जाए कभी छुपाना नहीं.

हाय फ्रेंड, मेरा नाम तन्नी है. आपको तो पता ही है कि मैं और हेमेंद्र सेक्स में डूबे थे. मैं नंगी लेटी थी. जैसे ही मेरा गेट नॉक हुआ वैसे ही मैं जल्दी से चूत से उंगली निकाली और मैक्सी पहन लिया. जल्दबाजी में मैं ब्रा और पैंटी पहनना भूल गई.

मैं गेट पर आई तो देखा रजत है. दोस्तों, रजत के यहां गाय थी और वो मेरे यहाँ रोज दूध देने आता था. मैं उसके यहां दूध लेने नहीं नहीं जाती थी क्योंकि हेमेंद्र ने मुझे मना कर रखा था.

दोस्तों, मेरी मैक्सी में से मेरे निप्पल्स और बूब्स साफ दिख रहे थे. वो उनका पूरा मज़ा ले रहा था. जब मैं दूध लेने के लिए अंदर बर्तन लेने के लिए अंदर जाने लगी. पैंटी न पहने होने की वजह से मेरी मटकती हुई गांड साफ – साफ दिख रही थी.

जिसको देख कर उसका लन्ड खड़ा हो गया. मैं अंदर से बर्तन लेकर आई और दूध डलवाने लगी. तभी थोड़ा दूध जमीन पर गिर गया. जिसे साफ करने के लिए मैं झुकी और वो वहीं खड़ा था. इसलिए उसे मेरे बूब्स के दर्शन हो गए.

दूध साफ करने के बाद जब मैं खड़ी हुई तो उसका खड़ा लन्ड उसकी जीन्स में से साफ – साफ दिख था. उसका लन्ड काफी बड़ा था. हेमेंद्र ने अपने लन्ड की फ़ोटो कई बार मुझे भेजी थी लेकिन इसका लन्ड उससे भी बड़ा था.

मेरी भी चूत में आग लगी थी. मैंने कभी नहीं सोचा था कि इससे चुड़वाऊंगी. क्योंकि मैं उससे बहुत नफरत करती थी और हेमेंद्र से मुझे प्यार भी बहुत था. लेकिन जोश में होश नहीं रहता. मैं बार – बार उसका लन्ड तिरछी निगाहों से देख रही थी. तभी उसने मुझसे कहा, तन्नी आई लव यू, मैं दुनिया की हर खुशी तुमको दूंगा प्लीज मेरी हो जाओ.

इस पर मैंने हेमेंद्र का नाम लिया तो वो बोला कि धीरे से उससे ब्रेकअप कर लेना. फिर मैंने उससे कहा, अच्छा क्या है तेरे पास मुझे देने के लिए? वो मेरा इशारा समझ गया था. फिर उसने अपनी ज़िप खोल कर लन्ड बाहर निकाला और बोला, ये है मेरे पास. इस पर मैंने उसको एक झापड़ मारा और बोला कि ये क्या बदतमीजी है, अंदर करो इसको. लेकिन साथ ही मैं उसके लन्ड को भी देख कर गीली भी हो गई थी.

इस पर उसने कहा कि मैं ज़िंदगी भर के लिए तुम्हें अपना बनाना चाहता हूँ. इस पर मैं कुछ बोलती उससे पहले ही उसने मेरे लिप से अपने लिप्स को मिला दिया. अब मेरा विरोध उसके किस के साथ खत्म हो गया और मैं उसके लन्ड के लिए पागल हो गई.

अब मैंने उसे कहा कि अंदर चलो कोई नहीं है. यह सुन कर वो बहुत खुश हुआ और मुझे गोद में उठा कर अंदर ले गया और बेड पर लिटा दिया.

मैं जोश में थी और फिर उसने मेरी मैक्सी उतार ढ़ी. मैं इसके सामने एकदम नंगी पड़ी थी. उज़्ने कहा ब्रा और पैंटी क्यों नहीं पहना. तो मैंने कहा कि बस तुम्हारे लिए. इस पर वो हंसने लगा.

फिर उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे निप्पल्स को मुंह में लेकर चूसने लगा. मैं उसका लन्ड हिला रही थी. तभी उज़्ने कहा लगता है अभी तक हेमेंद्र ने चोदा नहीं. इस पर मैंने कहा, नहीं बस बात करता है.

फिर रजत बोला, आज चुदेगी हेमेंद्र की माल रजत के लन्ड से. इस पर मैंने कहा कि अभी तो तेरी ही माल हूँ लूट ले जल्दी. अब वो मुझे देख कर पागल हो गया था और हो भी क्यों न? मैं उसका पहला प्यार थी और उसके सामने वर्जिन पड़ी थी. बस उंगली करने की वजह से मेरी चूत खुल सी गई थी. फिर उसने अपना लन्ड मेरे मुंह में रखा.

दोस्तों, मैंने कभी किसी का लन्ड नहीं चूसा था. फिर जब मैं उसका चूस रही थी. चुसाई के समय वो बोलता रहा कि साली तू रंडी है क्या? फिर उसने लन्ड मेरे मुंह से निकाल लिया और चूत पर रख कर शॉट मारा. मेरी तो जैसे जान ही निकल गई. इससे मैं बहुत तेजी से चिल्लाई लेकिन वो नहीं माना.

उसने अपना पूरा लन्ड अंदर पेल दिया. अब मैं ‘ओह्ह ओह्ह, और तेज और तेज रजत चोद दे अपनी माल को’ की आवाज कर रही थी. आवाज से पूरा घर गूंज रहा था.

करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों झड़ गए. फिर हम दोनों ने बेड पर नंगे लेट गए. थोड़ी देर बाद हम मम्मी पापा आ गए तो मैंने छत की तरफ से रजत को भगा दिया. लेकिन उस दिन मज़ा बहुत आया.

मैंने ये बात हेमेंद्र को बताई तो कुछ दिन वो नाराज़ रहा लेकिन फिर वो मान गया. वो मेरे बिना रहता भी कैसे?

आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी? कॉमेंट करके मुझे जरूर बताएं.

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