पड़ोस वाली भाभी को कॉल बॉय बनकर चोदा

मेरी पड़ोस में रहने वाली भाभी को नहीं पता था कि मैं प्लेबॉय हूँ. यह मुझे लगता लगता था लेकिन उन्हें पता था कि मैं यह काम करता हूँ. ऐसे ही एक दिन उन्होंने मुझसे सर्विस लेने के लिए बुक किया और मैंने होटल में जाकर दमादम उनकी चुदाई करी…

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम राज है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मैं प्रोफेशनल प्लेबॉय हूँ. दोस्तों, अब मैं सीधे अपनी स्टोरी पर आता हूँ. मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से हूँ. मेरे घर में मेरे अलावा मेरी मम्मी, पापा और एक छोटी बहन है. दोस्तों, मेरे घर या मोहल्ले में किसी को नहीं पता कि मैं प्लेबॉय हूँ.

ये बात करीब 1 साल पहले की है. मेरे घर के सामने एक भाभी और उनके पति रहते हैं. भाभी का नाम मनीषा है और उनके पति का नाम रोहित है. रोहित भाई एक एमएनसी कंपनी में काम करते हैं और ज्यादातर बाहर ही रहते हैं. ऐसे में भाभी घर पर अकेले ही रहती हैं. इसलिए मैं मौका मिलने पर हमेशा भाभी से बात कर लेता था लेकिन मैंने कभी उनको गलत नज़र से नहीं देखा था.

1 बार मैं अपने काम के सिलसिले में ही 1 महिला के साथ रात को होटल में था. तभी 12 बजे के करीब मेरे फोन पर एक कॉल आई. दूसरी तरफ से एक महिला बोल रही थी. उसने मुझसे मेरा रेट पूछा तो मैंने बताया कि मैं एक रात का 10 हजार लेता हूँ और 2 घंटे का 4 हजार.

इस पर उसने मुझसे रेट कुछ कम करने के लिए कहा तो मैंने कुछ पैसे कम कर दिए. इसके बाद उसने मुझे 1 होटल का एड्रेस दिया और कहा कि कल मॉर्निंग में 11 बजे मैं वहां आ जाऊंगी. इसके बाद फिर उसने कॉल कट कर दी.

फिर रात में मैं जिस महिला के साथ होटल में था उसको संतुष्ट किया और फिर जल्दी से निकल कर घर वापस आ गया. दोस्तों, उस महिला ने मुझे 2 घण्टे के लिए ही हायर किया था.

अगली सुबह मैं उस होटल में पहुंच गया. इसके बाद मैंने काउंटर पर उसका नाम बताया. दोस्तों, उसने राधा नाम से रूम बुक किया था. तब रिसेप्शनिस्ट ने मुझे रूम नम्बर 103 में जाने को कहा. मैं वहां पहुंचा और डोर वेल बजाई. कुछ देर तक जब कोई न आया तो मैंने एक बार फिर डोर बेल बजाई. इस बार भी कोई नहीं आया. तब मैंने दरवाजे पर हाथ लगाया तो पाया कि दरवाजा खुला ही था और वहां अंदर कोई भी नहीं था.

तब मैं अंदर गया और इधर – उधर देखना शुरू किया. इतने में मुझे बाथरूम से एक आवाज सुनाई दी. उसने कहा कि आ गए आप? बैठिए मैं नहाकर आती हूँ. मैं वहीं बेड पर बैठ गया.

थोड़ी देर बाद वो महिला बाहर आई तो मैं उसे देख कर चौंक गया और साथ ही डर भी गया था. वो कोई और नहीं मेरे पड़ोस की मनीषा भाभी ही थीं. फिर मैंने कहा कि भाभी आप और मैं ये काम! इतना कह कर मैं उठा और वहां जाने लगा

इस पर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे रोक लिया और कहा कि विशाल मुझे पता है कि तुम ये सब करते हो. और तुम्हें मुझसे डरने की जरूरत नहीं है. मैं अब तुम्हारी भाभी नहीं सिर्फ एक ग्राहक हूँ और मैं किसी को नहीं बताऊंगी कि तुम ये काम करते हो.

फिर मैंने उनसे पूछा कि तुम्हें मेरा नम्बर किसने दिया है तुम ये कैसे जानती हो कि मैं ये काम करता हूँ? इस पर उसने बताया कि उसकी एक फ्रेंड मेरा नम्बर दिया है और उसी ने मुझे यह भी बताया कि तुम कितना अच्छा खेलते हो! भाभी ने बताया कि वह तुम्हारी रेगुलर कस्टमर है.

यह सुन कर मैंने उनसे उसकी उस दोस्त का नाम पूछा तो उन्होंने बताया कि उसका नाम रखी है. दोस्तों, रखी मेरी पुरानी कस्टमर थी और वो भी एक एमएनसी कंपनी में काम करती है. भाभी के मुंह से उसका नाम सुन कर अब मैं भी थोड़ा रिलैक्स हो गया.

फिर उसने दो बियर आर्डर किया. बियर आने के बाद हमने 1 ही ग्लास में बियर पी तब तक वो सिर्फ टॉवल में ही थी. फिर वो मेरे एक दम करीब आ कर बैठ गई. पहले मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी ओर खींचा और अपने गोद में बिठा लिया.

फिर धीरे से मैं उसके लिप्स पर किस करने लगा. वो बहुत एक्साइटेड हो रही थी. वह उसकी जीभ मेरे मुंह में डाल कर इधर – उधर घुमा रही थी और मैं भी वही कर रहा था.

फिर मैंने किस करते – करते एक हाथ से उसका टॉवल खींच रहा था. कुछ देर बाद मैंने टॉवल खींच कर निकाल दिया. अब वो मेरी गोद में बिल्कुल नंगी बैठी थी. हम दोनों करीब 15 मिनट तक ऐसे ही किस करते रहे.

फिर मैंने उसे गोद से नीचे उतारा और बेड पर लिटा दिया. इसके बाद फिर मैं उसके ऊपर आ गया. अब हम ऐसे ही किस करने लगे. फिर मैं धीरे – धीरे नीचे आने लगा. अब मैं उसके बूब्स को लिक करने लगा और कभी – कभी उसके निप्पल्स को भी काट लेता था.

ऐसा करने से उसके मुंह से बहुत ही सेक्सी आवाजें आ रही थीं. मैं उसकी चूची चूसते ही जा रहा था. इस दौरान मेरा 1 हाथ उसकी पूसी पर पहुंच गया और मैं दो उंगली को उसकी पूसी में घुमा रहा था.

अब वो लगातार अंदर डालने के लिए कह रही थी. मैं उसे किस करते हुए उसकी पूसी तक पहुंचा. फिर मैंने अपनी जीभ को उसकी पूसी में डाल दिया. इसके साथ ही मैं उसकी चूत में उंगली भी कर रहा था.

मेरे ऐसा करने से वो झड़ने वाली थी. यह उसके चेहरे से साफ दिख रहा था. कुछ देर बाद वह झड़ गई और मैं उसका पानी पी गया. दोस्तों, उसकी पूसी बहुत ही स्वीट और स्मार्ट थी. साथ ही उस पर एक भी बाल नहीं था.

अब हम 69 की पोजीशन में आ गए. एक – दूसरे के अंगों की चुसाई करने लगे. हमने करीब 30 मिनट तक चुसाई की. इस दौरान वो 1 बार झफ गई थी. लेकिन मैं इतने में कहां झड़ने वाला था. मुझे तो इन सब की आदत थी. इसलिए मैं नहीं झड़ रहा था. तभी उसने मुझसे कहा कि विशाल मुझे अब ऐसे न तड़पाओ, प्लीज अब जल्दी से मेरी प्यास बुझा दो।

अब मैंने भी देर करना ठीक न समझा. फिर मैंने पकड़ कर उसकी दोनों टांगों को खोल दिया और बीच में सेट हो गया. फिर मैंने बहुत सारा थूक उसकी पूसी पर लगाया. दोस्तों, मैंने अपने लन्ड पर भी खूब थूक लगाया था ताकि अंदर घुसने में ज्यादा दिक्कत न हो.

फिर मैंने लन्ड को उसकी पूसी के छेद के पास रखा और हल्का सा धक्का दे दिया. जिससे मेरे लन्ड का टोपा उसकी चूत में चला गया. अब मैं धीरे – धीरे धक्के लगाने लगा. मेरे साथ ही वो भी नीचे से सपोर्ट कर रही थी.

अब वो सेक्सी आवाजें निकाल रही थी. फिर मैं रुक गया. इसके बाद मैं खड़ा हो गया. साथ ही मैंने उसे भी खड़ा किया और अपनी गोद में उठाकर फिर से चुदाई शुरू कर दी. उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद मैंने फिर से उसे बेड पर लिटा दिया. अब मैं नीचे था और वो ऊपर थी. इस पोजीशन में वो जोर – जोर से मेरे लन्ड पर कूद रही थी और मादक आवाजें निकाल रही थी.

करीब 30 मिनट तक चुदाई के बाद वो 1 बार फिर से झड़ गई. उसकी काम रस की गर्मी पाकर एक बार मैं भी झड़ गया. अब हम एक – दूसरे पर 10 मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे.

फिर हम दोनों उठे और बाथरूम में गए और साथ में ही नहाया. वहां भी मैंने एक बार फिर से उसकी चुदी की. सच कहूँ दोस्तों, मुझे मनीषा की चुदाई करने में बहुत मज़ा आया.

ये मेरी सच्ची कहानी थी. आप लोगों को कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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