पड़ोस वाली भाभी की फुद्दी चुदी

जैसे ही शाम हुई मैं उनके घर चला गया. उसने खाना बनाया औऱ फिर हम खाना खाने बैठ गये. औऱ खाते – खाते बातें करने लगे. खाना खा कर हम उसके बेडरूम में TV देखने चले गए और टीवी देखते हुए बातें करने लगे. धीरे – धीरे हमारी बातें सेक्स पे आ गई. तभी अचानक वो उदास हो गई. जब मैंने कारण पूछा तो उसने कहा कि कुछ नहीं हुआ. फिर मेरे बहुत कहने पर उसने बताया कि मुझे आपके भैया खुश नहीं कर पाते हैं. मैंने कहा कि आप चिंता मत कीजिए मैं आपकी मदद करुंगा…

हेल्लो दोस्तों! मेरा नाम राज है. मैं आन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं, इसीलिये आज मैं भाभी की परमिशन से ये कहानी आप सब के साथ शेयर करना चाहता हूं. मैं गुजरात का रहने वाला हूं. मेरा कद 5’7″ है और मैं दिखने मे काफी अच्छा हूं. मेरे लन्ड का साइज 7.5 इंच है.

दोस्तों मेरे पड़ोस मेें एक कमाल की भाभी रहती है. उसका नाम रिंकल है. वो बहुत ही खुबसुरत है और उसका फिगर 34-30-36 का है. दोस्तों क्या माल लगती है वो! मैंने जब उसे पहली बार देखा तो देखता ही रह गया. उसी दिन मैंने सोच लिया कि कुछ भी हो जाये, अगले एक महीने के अंदर मुझे इसको कुछ भी करके चोदना है. यह सोचने के के बाद फिर मैं बाथरूम में गया और जाकर उसके नाम की मुठ मारली.

मुझे एक हफ्ता तो यही सोचने में ही निकल गया कि कैसे इस माल को पटाया जाये और फिर चोदा जाये. हम दोनों के घरों के बीच संबंध अच्छे होने के कारण मुझे उसका व्हाट्सएप नंबर आसानी से मिल गया. फिर मैं रोज उसके साथ व्हाट्सएप पर बात करता औऱ फिर उसके नाम की मुठ मार लेता. इसी तरह दूसरा हफ्ता भी निकल गया और मैं कुछ न कर पाया.

लेकीन मुझे ज्यादा इन्तजार नहीं करना पड़ा. तीसरे हफ्ते के दूसरे दिन जब मैं अपने कॉलेज से घर आया, तो मम्मी ने बताया कि रिंकल भाभी के यहां तीन दिनों के लिये कोई नहीं है, तो उसने तुझे हर रोज शाम को उसके घर पर खाने को और वहीं पर सोने को कहा है. तो तू आज से ही वहां जायेगा. मैंने भी तुरंत ही हां बोल दिया.

जैसे ही शाम हुई मैं उनके घर चला गया. उसने खाना बनाया औऱ फिर हम खाना खाने बैठ गये. औऱ खाते – खाते बातें करने लगे. खाना खा कर हम उसके बेडरूम में TV देखने चले गए और टीवी देखते हुए बातें करने लगे. धीरे – धीरे हमारी बातें सेक्स पे आ गई. तभी अचानक वो उदास हो गई. जब मैंने कारण पूछा तो उसने कहा कि कुछ नहीं हुआ. फिर मेरे बहुत कहने पर उसने बताया कि मुझे आपके भैया खुश नहीं कर पाते हैं. मैंने कहा कि आप चिंता मत कीजिए मैं आपकी मदद करुंगा.

इतना सुनते ही उसने अपने गुलाब की पंखुडियों जैसे होंठ मेरे होठों पर लगा दिये और मेरे होठों को चूसने लगी और मैं भी उसका साथ देने लगा. फिर मैं उसके बडे़ – बडे़ मुम्मे दबाने लगा. कुछ देर उसके मुम्मे दबाने के बाद फिर मैंने उसकी नाइटी खोल दी और उसने भी मेरा टी-शर्ट और जींस उतार दिया. अब हम दोनों अन्डर वियर में ही बिस्तर पर लेटे हुए एक – दूसरे को चूम रहे थे. फिर मैंनेे उसकी ब्रा को पकड़ कर उतार दिया और उसके मुम्मे को मुंह में लेकर चूसने लगा. इस बीच वो मेरे लन्ड को अन्डर वियर के ऊपर से ही सहला रही थी.

अब हम दोनों की सासें तेज हो गईं थी. हम दोनों बहुत ही गर्म हो चुके थे. मैं उसका एक मुम्मा चूस रहा था और दूसरे मुम्मे को हांथ मे लेकर दबा रहा था और दूसरे हांथ से उसकी पेंटी के उपर से ही उसकी चूत मे अंगुली करने लगा. अब उससे रहा नहीं जा रहा था.

वो कहने लगी – प्लीज राज, अब और मत तड़पाओ अपनी भाभी को आहह् ओहह् स्सस् उ्उफ्, राज चोदो मुझे अब, चोद – चोद के फाड़ डालो मेरी चूत को. ये कब से प्यासी है. तुम आज इसकी प्यास बुझा दो.

उसकी यह बात सुन कर फिर मैं 69 की अवस्था में आ गया. वो मेरे लंड को ऐसे चुूस रही थी जैसे की वो कोई लॉलीपॉप हो. मेरी जबरदस्त चूत चुसाई की वजह से वो ज्यादा देर टिक न सकी और थोड़ी ही देर में झड़ गई और मैं उसका सारा पानी पी गया. उसका पानी बहुत ही नमकीन था और मुझे बहुत अच्छा लगा. फिर मैं खड़ा हो गया और उसको बैठा के उसके मुंह में लंड डाल दिया और उसका मुंह चोदन करने लगा. थोडी देर बाद मैं उसके मुंह में ही झड़ गया और वो भी मेरा सारा माल पी गई और फिर उसने मेरे लंड को चूस – चूस के साफ कर दिया.

फिर मैंने उसको बेड पर लिटाया और उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा और हांथों से उसकी चूचियों को दबाने लगा. हम दोनों अब फिर से गर्म हो गये. फिर मैंने एक धक्का लगाया तो मेरा सुपारा उसकी चूत में घुस गया. उसकी चूत पूरी फटी न होने के कारण वो दर्द से चिल्लाने लगी और कहने लगी प्लीज राज बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा. मैं मर जाऊंगी, प्लीज राज प्लीज.

लेकिन मैं कहां उसकी सुनने वाला था. मैंने उसको किस करना शुरू किया और साथ ही साथ लंड को आगे – पीछे करने लगा. जैसे ही उसका दर्द कम हुआ, मैंने जोर से दो – तीन धक्के लगाये और अपना 7.5 इंच का पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया. उसको बड़ा तेज दर्द हुआ और उसने चिल्लाना चाहा लेकिन मेरी किस की वजह से उसकी चीख उसके गले में ही दब कर रह गई। उसने मुझे कसके पकड़ लिया. मैंने देखा उसकी आंखो से आंशू निकल रहे थे.

थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ तो वो अपनी गांड उठाने लगी. मैं फिर से धक्के लगाने लगा और वो भी गांड उठा – उठा कर मेरा पूरा लंड अपनी चूत में लेने लगी. तकरीबन 8 मिनट तक चुदने के बाद वो झड़ गई, लेकिन मैं अभी कहां झड़ा था. उसके बाद तकरीबन 8 मिनट और चोदने के बाद वो फिर से झड़ गई.

अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने उसे पूछा कि कहां निकालूं. तो उसने कहा कि मेरी चूत में ही डाल दो. मैं तुम्हारे प्यार की निशानी रखना चाहती हूं. मैंने कहा ठीक है और फिर मैं उसे और जोर – जोर से चोदने लगा और उसकी चूत में ही झड़ गया. फिर मैं थोड़ी देर तक उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसे किस करता रहा. अब वो बहुत ही खुश थी.

फिर मैंने पूछा – भाभी मजा आया.

वो बोली – मुझे भाभी नही रिंकल कहिए और मुझे तो बहुत मजा आया मेरे राजा.

उस रात मैंने उसको 4 बार चोदा और अगले तीन दिनों तक जब तक उनके घर वाले नहीं आ गए मैं उसे रोज चोदता रहा. अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने रिंकल भाभी की बहन शीतल की चूत मारी. तब तक के लिए बाय – बाय, सी यू, टाटा.

दोस्तों आशा करता हूं कि आप सबको मेरी कहानी पसंद आयी होगी. प्लीज आप कहानी के बारे में अपने विचार मुझे मेल करें मुझे आप सभी महानुभावों के जवाब का बेसब्री से इंतजार रहेगा.

मेरी ईमेल आईडी – [email protected]

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