पड़ोसन भाभी की वजह से हुआ कौमार्य भंग

थोड़ी देर बाद फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और करीब 10 मिनट की चुसाई के बाद हम दोनों ही निढाल हो गए. थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और तब मैंने अपनी गरिमा डार्लिंग की चूत पर गौर किया…

नमस्कार दोस्तों! मेरा नाम आयुष है और मैं हैदराबाद में रह कर एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ. मेरी यह कहानी एक काल्पनिक कहानी है जिसे मैं इस लिए लिख रहा हूँ ताकि मैं अपने पहले सेक्स का आनंद ले सकूँ, बिना किसी की चुदाई किये अपने पहले सेक्स को महसूस कर सकूं.

दोस्तों, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और जैसा कि बहुत सारी कहानियों में लिखा जाता है कि कई लोग अन्तर्वासना की कहानियों के माध्यम से विपरीत सेक्स वाले अपने साथी से मिले. ये सब पढ़ कर मेरे मन में भी ख्याल आया कि क्यों न मैं भी एक कहानी लिखूं हो सकता है यही कहानी मेरे कुंवारेपन को ख़त्म कर दे.

तो दोस्तों, मेरी यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है जिसे मैं अपनी पड़ोस में रहने वाली भाभी को ध्यान में रख कर लिख रहा हूँ.

अब आप लोगों का ज्यादा वक्त जाया न करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ. हैदराबाद में मैं एक फ्लैट में अपने दोस्तों के साथ रहता हूँ. अभी हाल ही में हमारे पड़ोस में ही खाली पड़े एक फ्लैट में एक नया जोड़ा आकर रहने लगा.

भैया भी मेरी ही तरह एक मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब करते थे. तो धीरे – धीरे हमारी दोस्ती हो गयी. दोस्तों, कहानी में आगे बढ़ने से पहले अब मैं आपको भाभी के बारे में बता दूं. भाभी की उम्र 26 साल है और मैं 23 साल का हूँ. इस हिसाब से वो मुझसे 3 साल बड़ी हैं. उनका नाम गरिमा है और वो दिखने में एक दम अप्सरा जैसी हैं.

दूसरी ओर मैं एक सामान्य कद काठी का नौजवान हूँ. दोस्तों, मैं औरों की तरह झूठ नहीं बोलता कि मेरा लन्ड 8 इंच का या 10 इंच का है. दोस्तों, सच्चाई यही है कि मेरे लंड का साइज़ लगभग 5 इंच है लेकिन है ऐसा कि वो किसी को भी खुश कर सकता है.

भैया की कंपनी में ज्यादातर उनकी नाईट शिफ्ट ही होती है. जिससे रात में भाभी घर पर अकेली रह जाती थीं. यह जान कर मैंने सोचा कि क्यों न भाभी को पटाने की कोशिश की जाए. चूंकि भाभी जी की नयी – नयी शादी हुयी थी और ऐसे में जब रोज रात को भैया ऑफिस चले थे तो बिना लन्ड के भाभी की चूत तो फड़क ही रही होगी.

यही सोच कर मैंने धीरे – धीरे भाभी जी को पटाने की अपनी कोशिश तेज़ कर दी. अब रोज शाम को खाने के बाद हम साथ में ही बगल के पार्क में घूमने जाने लगे. पहले हमारे बीच एक दम नॉर्मल बातें हुआ करती थी लेकिन एक दिन भाभी जी ने मुझसे सीधे – सीधे बोल ही दिया कि वो जानती है कि मैं उनके बारे में क्या सोचता हूँ और क्यों उसके आगे – पीछे लगा रहता हूँ.

जब उन्होंने इतना कहा तो मैंने कहा कि जब आप सब जानती है तो फिर आपका क्या इरादा है? तो फिर उन्होंने तुरंत ही मुझे आँख मारी. अब तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना ही न रहा. मैं वहीं पर भाभी को किस करना चाह रहा था लेकिन उन्होंने मुझे रोक दिया और कहा कि फ्लैट पर चल कर आराम से करते हैं.

फिर हम जल्दी से फ्लैट पर आये. अंदर आते ही भाभी जी ने जल्दी से दरवाजा बन्द कर लिया. दरवाजा बंद होते ही मैंने भाभी जी को जोर से पकड़ लिया और चूमने लगा. आग दोनों तरफ से लगी हुई थी. भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थीं.

करीब 10 मिनट तक हमारा चुम्मा – चाटी का कार्यक्रम चलता रहा. इसके बाद फिर भाभी ने कहा कि अब सब यहीं करोगे या बेडरूम में भी चलोगे? फिर हम दोनों जोर – जोर से हंसने लगे. इसके बाद फिर मैंने भाभी जी को अपनी गोद में उठाया और बेडरूम में आ गया.

बेडरूम में आने के बाद धीरे – धीरे करके हम दोनों के सारे कपड़े उतर गए और फिर मैं भाभी जी के नंगे चूचों पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा. भाभी के चूचे एक दम दूध की तरह गोरे थे. उनके चूचों के साइज़ के बारे में तो पूछो ही मत. 36 के साइज़ के थे और बहुत ही शानदार भी थे.

चूचों के मुंह में जाते ही मुझे जो आनंद मिला दोस्तों, वो बता नहीं सकता! अब भाभी भी मदमस्त होकर ‘आह आह उह ऊह ऊह्ह्ह्हह्ह्ह’ की आवाजें निकाल रही थी और मैं एक हाथ से भाभी के एक चूचे को मसल रहा था और उनके एक चूचे को मुंह में भर कर लगातार चूस रहा था.

क्या शानदार पल था मेरे लिए! मेरे सपनों की मलिका आज खुद को मुझसे चुदवाने के लिए बेकरार थी. फिर मैंने उससे कहा, “भाभी, अब मेरा लंड चूसो न” तो वो गुस्सा हो गयी और कहने लगी ‘भाभी नहीं मुझे गरिमा कहो’.

अब मैंने फिर से कहा, “गरिमा डार्लिंग, मेरा लंड चूसो” तो वो तुरंत ही मेरा लंड अपने मुंह में भर कर चूसने लगी. यब मेरा पहला अनुभव था लेकिन सच में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर बाद फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और करीब 10 मिनट की चुसाई के बाद हम दोनों ही निढाल हो गए. थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और तब मैंने अपनी गरिमा डार्लिंग की चूत पर गौर किया.

उसकी चूत एक दम गुलाबी रंग की थी जोकि वासना के वसीभूत होने की वजह से बाहर निकले हुए रस से एक दम गीली हो चुकी थी. उसके रस की बूंदे चूत पर लाइट पड़ने से चमक रही थीं.

अब गरिमा ने कहा, “अब कितना परेशान करोगे मेरे आयुष्मान, डाल दो अपना लंड मेरी इस फुदकती हुई चूत में”. अब मैंने भी ज्यादा देर करना सही नहीं समझा और गरिमा की चूत पर लंड टिका कर मैंने एक जोरदार झटका मारा लेकिन मेरा लंड फिसल गया. यह देख कर गरिमा हँसने लगी.

फिर गरिमा ने कहा, “लगता है पहली बार है” तो मैंने भी हाँ में अपना सर हिलाया. मेरी मजबूरी समझ कर उसने कहा, “कोई बात नहीं, मैं तुझे इस सबमें एक दम उस्ताद बना दूँगी”. उसके बाद वो मुझे सिखाने लगी. फिर मैंने उसके कहे अनुसार अपने लंड को सेट किया और एक जोरदार झटका मार दिया.

इस बार मेरा लंड अन्दर चला गया और उसकी चीख निकल गयी. चूंकि मेरा पहली बार था इसलिए मुझे भी काफी तेज दर्द हुआ. लेकिन हम दोनों ने अपने दर्द को सह लिया. फिर मैं धीरे – धीरे धक्के पर धक्का मरता रहा.

हमारी चुदाई करीब 15 मिनट चलती रही. इस बीच वो एक बार झड चुकी थी और अब मेरा भी होने वाला था तो मैंने उससे पूछा कि कहां छोडूं तो गरिमा डार्लिंग बोली, “अन्दर ही छोड़ दो, मैं भी आने वाली हूँ. ऐसे करने से साथ ही झड़ जाऊंगी”.

फिर वो भी मेरे ही साथ दोबारा झड़ गयी. अब हमने एक – दूसरे को फिर से किस किया. फिर उस रात मैंने उसको 3 बार और चोदा. तब से यह सिलसिला रोज़ चलता है. शुरुआत में मौका मिलने पर मैं दिन में या शाम में उसको चोद आता था लेकिन फिर धीरे – धीरे करके मैं रात में उसके फ्लैट पर जाने लगा और अब सारी रात उसको चोदता हूँ. अब वो मेरी पत्नी की तरह हो गयी है जिसको मैं जब चाहूँ बिना किसी रोक – टोक के चोद सकता हूँ.

दोस्तों, जैसा कि मैंने शुरू में ही बताया था कि यह सच्चाई नहीं बल्कि मेरा सपना है. मैं जल्द ही अपना कौमार्य किसी सुंदर सी लड़की, भाभी या आंटी के साथ भंग करना चाहता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि मैं इसमें जल्द ही सफल होऊंगा.

अपने सुझाव आदि आप मुझे मेरे मेल पर दे सकते हैं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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