पड़ोसन को दोस्त बनाकर उसकी चुदाई की

फिर मैंने अपना हांथ उसकी जींस में डाल दिया, उसे तो जैसे एकदम से करंट लग गया और वो बेड पर जाकर लेट गई. फिर मैंने उसके ऊपर लेट गया और उसे किस करता रहा. लगभग 15 मिनट तक यही चलता रहा. फिर मैंने उसका टाप निकाल दिया और उसके चूचे चूसने लगा और फिर मैंने उसका हांथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया…

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम आरुष है और मैं कानपुर का रहने वाला हूं. मैंने अंतर्वासना की बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं और फिर मैंने सोचा कि मैं भी अपनी कहानी आप लोगों से शेयर करूं.

बात तब की है जब मैं 11वीं में पढ़ता था. मेरे घर के पास ही एक लड़की रहती थी. उसका नाम प्रिया था. मैं उसे बहुत दिनों से देख रहा था. या यूं कहिए कि मैं उसे पसंद करता था, लेकिन मैं कभी उससे अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाया. दोस्तों मैं चाहता हूं कि पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूं. मैं बहुत ही सीधा – सादा रहने वाला लड़का हूं. मेरी लम्बाई 5 फिट 11 इंच है और मेरा लंड करीब 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूं. बात उस दिन की है जब प्रिया कुछ काम से मेरे घर आई थी. उस दिन पहली बार मैंने उससे बात की. कुछ देर बात करने के बाद मैंने चोरी से उसका फोन नंबर ले लिया और उसके बाद वो अपने घर चली गई. जब वो मेरे घर आई थी तो मैं उसे देखता ही रह गया. दोस्तों उसकी लंबाई 5 फिट 6 इंच है और उसका फिगर तो एकदम कमाल का है. दोस्तों उसका फिगर 32-28-34 का और रंग एकदम गोरा है. कुल मिलाकर वह एकदम पटाखा माल है.

फिर उसी रात में मैंने उसे मैसेज किया और मेरी उससे थोड़ी देर बात हुई लेकिन वो मुझे ज्यादा भाव नहीं दे रही थी. ऐसे ही कुछ दिनों तक चलता रहा, फिर धीरे – धीरे हमारी दोस्ती बढ़ने लगी और हम दोनों में प्यार हो गया.

कुछ दिनों बाद उसके घर के सारे लोग किसी रिश्तेदार की शादी में गए थे, लेकिन उसका एग्जाम होने के कारण वह घर पर ही अपनी भाभी के साथ रुक गई. शाम के वक्त उसने मुझे कॉल किया और बताया कि उसके घर पर कोई नहीं है तो हम वहां पर अभी मिल सकते हैं. मैं तुरंत ही उसके घर गया और डोर बेल बजाई तो उसने दरवाजा खोला. इस समय उसने सफेद रंग का टॉप और काले रंग की जींस पहन रखी थी. मैं तो उसे देखता ही रह गया और तभी उसने हांथ से चुटकी बजाई, तब जाकर मुझे होश आया. फिर उसने मुझे अंदर आने को कहा और फिर मैं अंदर चला गया.

अंदर गया तो वो चिप्स और कोल्ड ड्रिंक ले आई और हम साथ में पीने लगे. फिर धीरे – धीरे हम पास आने लगे. फिर मैंने अपना हांथ उसकी जांघों पर रख दिया और उन्हें सहलाने लगा वो अपनी आंखें बंद करके मजा ले रही थी. फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिया और बुरी तरह से उसको चूसने लगा. इस वजह से शायद उसे दर्द हुआ तो उसने कहा मैं तुम्हारी ही हूं कहीं भागी नहीं जा रही हूं थोड़ा आराम से कर लो.

दोस्तों एक बात मैं आपको बता दूं उसकी भाभी पेट से थी और वो अधिकतर अपने कमरे में ही रहती थी. क्योंकि डॉक्टर ने उन्हें सीढ़ियां चढ़ने से मना किया था तो वो ऊपर नहीं आ सकती थी, जहां पर हम थे. मैं किस करते – करते उसके चूचे सहलाने लगा. क्या टाईट चूचे थे उसके! मुझे बहुत जोश आ गया और वो मादक आवाजें निकाल रही थी.

फिर मैंने अपना हांथ उसकी जींस में डाल दिया, उसे तो जैसे एकदम से करंट लग गया और वो बेड पर जाकर लेट गई. फिर मैं उसके ऊपर लेट गया और उसे किस करता रहा. लगभग 15 मिनट तक यही चलता रहा. फिर मैंने उसका टाप निकाल दिया और उसके चूचे चूसने लगा और फिर मैंने उसका हांथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया.

लंड को पकड़ते ही वो बोली – यार, जब ये इतना बड़ा अंदर जाएगा तब मुझे बहुत दर्द होगा.

मैंने कहा – जानेमन, शुरू में जितना दर्द होगा बाद में उतना ही मजा आएगा.

फिर एक – एक करके मैंने उसके सारे कपड़े निकाल दिए और फिर मैं खुद भी नंगा हो गया. फिर मैं उठा और उसका एक पैर उठा कर अपने कंधे पर रखा और अपने लंड को उसकी चूत पर घिसने लगा. जिससे वह एकदम से तड़प उठी और खुद ही अपनी गांड़ ऊपर उठा कर लंड अंदर लेने की कोशिश करने लगी.

अब मैंने भी देर करना सही न समझा और एक जोरदार झटका उसकी चूत पर दिया. वो दर्द से तड़प गई और चीखने लगी. मेरा लंड करीब चार इंच तक उसकी चूत के अंदर जा चुका था. मैंने देखा कि उसकी चूत से खून आने लगा. वो छटपटाने लगी थी लेकिन मैंने उसे छोड़ा नही.

मैं उसके होंठ चूमने लगा और साथ में चूचे दबाने लगा. जब मुझे लगा कि उसका दर्द कुछ कम हो गया है तो मैंने एक और झटका मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया. उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे थे, लेकिन उसके होंठ दबे होने के कारण वो चिल्ला नहीं पाई.

फिर कुछ देर बाद जब उसको मजा आने लगा तो वो अपनी कमर हिलाने लगी और मैं आराम से उसे चोदने लगा. करीब आधे घंटे तक ये सिलसिला चलता रहा. इस बीच वो तीन बार झड़ चुकी थी. अब मेरा भी आने वाला था तो मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और करीब 20 झटकों में मैं उसकी चूत में ही झड़ गया.

अब वो बहुत खुश दिख रही थी. उसके बाद मैंने उसका एक लंबा चुम्बन लिया और उससे चिपक कर सो गया. एक घंटे बाद जब हमारी नींद खुली तो मैंने देखा कि चद्दर में खून के निशान पड़ गए हैं. फिर हमने उस चद्दर को हटाया और रूम सही किया.

इसके बाद हम साथ में नहाने चले गए. वो ठीक से चल नहीं पा रही थी. मैं सहारा देकर उसे ले गया और फिर नहाने के बाद मैं उसे बेड तक पहुंचा कर अपने घर चला आया. अगले दिन मैं उसके लिए गर्भ निरोधक गोली लेकर गया और उस दिन मैंने उसकी गांड भी मारी लेकिन आगे की कहानी फिर कभी.

दोस्तों आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी. मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी है – [email protected]

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