पहली बार रंडी चोदने में मज़ा नहीं आता

फिर हम लोग इसकी तलाश में लग गए. एक लड़की थी मेरे पुराने ऑफिस की कई लड़कों से उसने मजे लिए थे. इसका पता मुझे मेरे दोस्त से चला. फिर अपने दोस्त से उसका नंबर लिया और व्हाट्सएप पे पिंग करने लगा. पहले धीरे – धीरे सामान्य बातें शुरू की, फिर मैं डबल मीनिंग वाले जोक्स भेजने लगा…

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार. मैंने अन्तर्वासना की कई कहानियां पढ़ी हैं. मुझे यहां की कहानियां बहुत ही मस्त लगीं हैं. खास कर ऑस्ट्रेलिया की बुलबुल रानी वाली कहानी तो बहुत ही आनंद देने वाली लगी. इसे पढ़कर तो मुझे परमानन्द की प्राप्ति हुई. इन कहानियों को पढ़कर मैंने सोचा क्यों न मैं भी अपनी कहानी यहाँ पर लिखूं।

दोस्तों वैसे तो मैं रहने वाला यूपी का हूँ पर पिछले कई सालों से दिल्ली में रहकर जॉब कर रहा हूँ. सेक्स और उससे जुड़ी हर बात बहुत पसंद है. मैंने पोर्न मूवीज तो इतनी देखी है कि बस पूछिये मत. दोस्तों, मैंने पोर्न मूवीज का खजाना अपने कम्प्यूटर पर रख रखा है. सारे दोस्त मुझसे ही मूवीज मांगते हैं और मजे लेते हैं. जाहिर सी बात है, इतनी पोर्न मूवीज देखने के बाद काफी अनुभव हो जाता है. लेकिन जब तक करो नहीं तब तक तो अनुभव सिर्फ कहने का ही अनुभव ही रहता है.

इसलिए मैंने और मेरे एक दोस्त ने कुछ करने की सोची. उस समय हम लोगों की कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी तो हम लोग किसी दूसरे तरीके को खोजने में लग गए. हमें कहीं से एक का नंबर मिला, फिर हम लोग उसके बताये हुए पते पर पहुंचे. वहां पर पैसे देकर सेक्स कर सकते थे. हम लोगों ने सोचा चलो एक बार चूत का दर्शन और अनुभव कर लिया जाये.

सब कुछ तय होने के बाद हम लोग एक एक कमरे में चले गए अपनी प्यास बुझाने के लिए. मेरी वाली तो बड़ी जल्दी में थी. वह फटाफट पैंटी निकाल के तैयार हो गयी. मैंने सोचा था कि पहले किस करूँगा, होंठ चूसूंगा वैसे ही जैसे पोर्न में देखा था, लेकिन यहाँ तो मामला ही कुछ और था.

खैर कोई बात नहीं उसने जल्दी से मेरे खड़े लण्ड को कन्डोम पहनाया फिर मैं शुरू हो गया. दो – चार झटके मारने के बाद मैं झड़ गया और खेल खत्म. फिर हम लोग वापस आ गए और बातें करने लगे कि इस तरह तो ऐसे ही हो पायेगा. पटाने के बाद कुछ मिले तो ज़्यादा मज़ा आएगा.

फिर हम लोग इसकी तलाश में लग गए. एक लड़की थी मेरे पुराने ऑफिस की कई लड़कों से उसने मजे लिए थे. इसका पता मुझे मेरे दोस्त से चला. फिर अपने दोस्त से उसका नंबर लिया और व्हाट्सएप पे पिंग करने लगा. पहले धीरे – धीरे सामान्य बातें शुरू की, फिर मैं डबल मीनिंग वाले जोक्स भेजने लगा.

बीच – बीच में उसकी पसंद और नापसंद वाली चीज़ें पूछता रहता. एक दिन उसका बर्थडे भी आ गया. मैंने सबसे पहले उसको फ़ोन करके बधाई दी. जिससे वो काफी खुश हो गई. ऐसा करते – करते मुझे दो तीन महीने गुजर गए थे. क्या करूँ, वह बड़े नखरे करती थी कुछ ऐसा वैसा जोक्स भेज दो तो वह कहती मुझे ये सब बिल्कुल पसंद नहीं.

जैसा कि मुझे तो पता ही था कि ये सब वह नौटंकी कर रही है. फिर एक दिन मैंने सोचा ऐसे करता रहूँगा तो पता नहीं कब जाकर मजे ले पाउँगा. फिर एक दिन मैंने उसे व्हाट्सएप पर एक – दो सेक्सी फ़ोटो और एक चुदाई वाला वीडियो भेज दिया और बोल दिया कि गलती से चला गया है.

उन्हें देख कर मजे तो उसने खूब लिए. खैर, अब वह मुझसे थोड़ी खुल गयी थी. अब उससे व्हाट्सएप पर थोड़ी ज़्यादा बात होने लगी थी. अब फिर मैं भी उससे खुल के बात करने लगा. मैं उसकी जमकर तारीफ मारता और उसके फिगर की भी वाह वाही करने लगा. उसका फिगर तो यारों एक दम कमाल का था. यही कोई 38-30-36 का और रंग तो एक दम गोरा मक्खन – मलाई जैसा था. मैं बार – बार सोचता था कि पता नहीं यह कब मिलेगी चोदने को.

अब मैं उसको चोदने के लिए पूरे तन्मयता में था. इसलिए मैं व्हाट्सएप पर खूब गन्दी – गन्दी बातें उससे करने लगा. जैसे कि मैं उससे कहता “तुम्हारी चूचियाँ बड़ी मस्त हैं, अगर चूसने को मिल जाये तो क्या बात है”. मैं उससे ऐसी ही बातें अक्सर करने लगा. दोस्तों, उसकी गांड और जाँघें तो बहुत मस्त थीं, मन तो करता था कि मैं हमेशा उसी में घुसा रहूँ.

अब फिर मैंने उसको रोज़ एक चुदाई वाले वीडियो और चुदाई वाले मैसेज भेजना शुरू कर दिया. अब उसका भी मन करने लगा था. मैंने उससे बोला कि हम इतने दिन से बस बातें ही करते रहे हैं, चलो कभी अकेले में मिलो भी तो. उसने भी कहा – हाँ, जल्दी ही टाइम निकाल कर तुम्हें बताती हूँ.

फिर क्या था, उसने अपने वीक ऑफ में टाइम निकाला और मुझे बताया. मैंने फ़ोन करके अपने ऑफिस में बोल दिया कि आज मेरी तबियत ख़राब है इसलिए मैं आज नहीं आ पाउँगा. अब मुझे चूत मिलने वाली थी, तो मैं इतना अच्छा मौका कैसे छोड़ सकता था. मैंने पहले ही उससे पूछा रखा था कि उसे खाने – पीने में क्या पसंद है. सो मैं बाजार से उसके लिए चॉकलेट पेस्ट्री और मिक्स्ड जूस ले आया.

अब चोदा कहाँ जाये मेरे सामने ये भी एक बड़ी समस्या थी. मेरा एक और दोस्त जो मेरे पास वाले इलाके में ही रहता था तो उससे मैंने उसके कमरे की चाभी ले ली. अब दोस्तों से क्या छुपाना था. मैंने उससे बताया तो उसने भी चाभी दे दिया और ऑफिस चला गया. उसके कमरे का ये फायदा था कि उसका मकान मालिक दूसरी जगह रहता था और सिर्फ किराया लेने ही आता था.

जब वो आई तो मैं उसको लेकर वहां चला गया. अब जैसे ही हम अंदर पहुंचे चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया. मैंने उससे पहले ही बोला था कि तुम जब मिलोगी तो मैं तुम्हारे पाँव और चूत दोनों को चाटूंगा. फिर क्या था, उसके अंदर आते ही मैं बाल्टी में पानी लाया और उसके नरम मुलायम गोरे – गोरे पाँव को धुला और अपनी रुमाल से प्यार से उसके पाँव को पोछा.

मेरा ऐसा करना उसको बहुत अच्छा लगा. फिर मैंने प्यार से उसके पाँव पर एक चुम्मी दी और फिर धीरे – धीरे पूरा पाँव चाटने लगा. उसको भी इसमें बहुत मज़ा आया. फिर मैंने फटाफट उसके कपडे उतार दिए क्योंकि हमारे पास बस दो – तीन घंटे ही थे और मैं इस समय का पूरा फायदा उठाना चाहता था.

मैंने फटाक से उसे बेड पर लिटा दिया और उसके होंठ चूसने लगा. फिर कुछ देर होंठ चूसने के बाद मैं उसकी चूत पर आया और चाटने लगा. इससे वो जोश में आ गयी और उछलने लगी. करीब 5 मिनट की चुसाई के बाद वह मेरे मुंह में ही झड़ गयी और मैं सारा पानी पी गया.

अब मेरे से कंट्रोल नहीं हो रहा था तो मैंने अपने कपड़े उतार दिया और उसकी चूत के छेद पर अपने लन्ड के सुपाड़े को टच किया. मुझे बहुत मज़ा आया. और फिर मैंने एक धक्का मारा, मेरा पूरा लन्ड आराम से उसकी चूत में घुस गया. अब मैं धक्के मारने लगा. करीब 10 मिनट तक लगातार धक्के मरने के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था. इस दौरान मेरे वीर्य की गर्मी से वह भी झड़ गयी.

इसके बाद बचे समय में मैंने उसे दो बार और चोदा. हमें पूरा मज़ा आया. इसके बाद फिर हमारे निकलने का टाइम हो गया था और फिर हम निकल गए. अब तो हमारी चुदाई का सिलसिला लगातार चलने लगा.

आप अपने सुझाव मुझे जरूर मेल करें. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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