मेरी पहली चुदाई, खेत में मैंने भाभी की प्यास बुझाई

भाभी की बड़ी सी गांड़ मुझे बहुत उत्तेजित कर रही थी. मैं गीता भाभी की गांड़ को देख रहा था और इस बीच कब मेरा लंड खड़ा हुआ मुझे पता ही नहीं चला. अब मैं अपने लंड को हाथ से सहला रहा था. फिर कुछ देर बाद मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने बड़ी हिम्मत करके गीता भाभी की गांड़ पर अपना हाथ रखा और उनकी गांड को जोर से दबा दिया…

अन्तर्वासना और उसके पाठकों को मेरा सप्रेम नमस्कार!
दोस्तों, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली और एक दम सच्ची कहानी है. इसमें कोई मिर्च मसाला भी नहीं है, जैसी घटना हुई थी मैं बिल्कुल वैसे ही लिख रहा हूँ. कहानी के बाद अपनी राय मुझे ईमेल पर जरूर दे.

मेरा नाम विनोद है (बदला हुआ) और मैं औरंगाबाद, महाराष्ट्र में रहता हूँ. अब मैं सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ. बात उस समय की है जब मैं 10वीं कक्षा में पढ़ता था. मैं उस वक्त खेत में खेती करता और स्कूल की पढ़ाई भी करता था.

मेरे खेत के पास ही एक खेत था. उस खेत में एक औरत, उसका बड़ा बेटा और उसकी बहू आते थे. उस औरत का नाम गीता (नाम बदला हुआ) था. वह तो हमेशा ही खेत में आती थी मगर उसके बेटे और बहू कभी – कभी ही खेत में आते थे और उसका खेत मेरे खेत के पास ही होने के कारण मैं रोज उसके खेत में किसी न किसी बहाने से जाता रहता था.

गीता की उम्र यही कुछ 38-40 साल के आस पास थी. मेरे रोज उसके खेत आने – जाने की वजह से हमारी अच्छी बन गयी थी. दोस्तों, एक बात मैं आपको और बता दूं कि मुझे चुदाई का चस्का 8वीं क्लास से ही लगा हुआ था.

इसलिए जब भी मैं उसके खेत में जाता तो गीता के फिगर को निहारता रहता था और गीता थी एक दम टाइट माल की तरह, जैसे मानो अभी उसकी 28 या 30 की ही उम्र है. गीता की साइज़ के बारे में तो मुझे नहीं पता दोस्तों, पर मैं जब भी उसे देखता तो मैं मुठ मारे बिना नहीं रहता था.

एक दिन की बात है जब मैं नदी किनारे नहा रहा था तब वह पानी लेने के लिए नदी के किनारे आई थी. जब मैंने गीता को देखा तो उससे कहा कि भाभी जी आईये नहाते हैं. तब उन्होंने मजाक में कहा कि तू कर ले मैं जा रही हूँ और सुन, मुझे एक काम है तो नहाने के बाद मेरे खेत में आ जाना. जिसके जवाब में मैंने हां में सिर हिलाया और फिर नहाने लगा.

नहाने के बाद जब मैं खेत में गया तो उन्होंने मुझे कुछ छोटे – छोटे झाड़ काटने को कहा तो मैंने उन झाड़ों को काटा और उसके बाद उन्होंने अपने साड़ी के पल्लू से एक झोली बनाई और मुझसे कहा कि बैंगन तोड़ कर मुझे देना. तो मैंने बैगन तोड़ कर उन्हें देने लगा.

जब मैं बैंगन तोड़ कर उनकी झोली में डालता तो इसी बहाने मैं उन्हें भी टच कर लेता. ऐसे ही मैंने 3-4 बार किया तो भाभी को भी समझ आ गया कि मैं जान बूझ कर ऐसे कर रहा हूँ.

फिर ऐसे ही बातों ही बातों में गीता भाभी ने मुझसे पूछा कि तुमसे अब तक कोई लड़की पटी या नहीं? उनका ये सवाल सुन कर मैं थोड़ा सोच में पड़ गया कि अचानक गीता भाभी ने ऐसे क्यों पूछ लिया लेकिन फिर मैंने कहा – नहीं भाभी, अभी तक नहीं पटी.

फिर तोड़ा रुक कर मैंने कहा कि आज कल सब लडकियां तो एंगेज हैं, आखिर पटायें तो किसे पटायें? तब गीता भाभी ने कहा – अच्छा, तो इसीलिए मुझ पर लाइन मार रहा है क्या?

यह सन कर मैं तो हक्का – बक्का रह गया लेकिन फिर मैंने कहा – नहीं भाभी, वो तो बस थोड़ा सा बैगन डालते वक्त आपके कमर को हाथ लग गया था बस.

शायद भाभी काफी गर्म और सेक्सी थी और वो भी मुझसे चुदवाना चाहती थी. फिर भाभी ने मुझसे कहा कि दोपहर की धूप काफी है, चलो हम आराम करते हैं (खेत में कुटिया होती है उसमें). फिर हम दोनों वहां गए और एक फट्टे पर लेट गए. भाभी मेरी तरफ पीठ करके लेटी थी और मैं उसके पीठ की तरफ अपना मुंह करके लेटा था.

भाभी की बड़ी सी गांड़ मुझे बहुत उत्तेजित कर रही थी. मैं गीता भाभी की गांड़ को देख रहा था और इस बीच कब मेरा लंड खड़ा हुआ मुझे पता ही नहीं चला. अब मैं अपने लंड को हाथ से सहला रहा था. फिर कुछ देर बाद मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने बड़ी हिम्मत करके गीता भाभी की गांड़ पर अपना हाथ रखा और उनकी गांड को जोर से दबा दिया.

अभी तक वो सोयी नहीं थीं, जाग रही थीं. मेरा हाथ उसकी गांड़ पर पड़ते ही उन्होंने एक दम मेरी ओर देखा और बोली – यह क्या कर रहे हो?

उनके मुंह से यह सुन कर मैं तो डर ही गया था पर फिर भी हिम्मत करके मैंने उनसे कहा – भाभी, वो मैं… वो… मुझसे रहा नहीं गया, आपको ऐसे देख कर तो… तो ऐसा किया.

मेरे ऐसा कहने पर उन्होंने कहा – बेटा तुझे चाहिए क्या?

मेरे दिमाग में तो एक ही बात थी कि किसी तरह उनकी चूत में मेरा लंड जाये. उनके सवाल पर मैंने कुछ नहीं कहा और वैसे ही उनके ऊपर चढ़ गया. अब वह कहने लगी कि विनोद यह क्या कर रहे हो?

तो मैंने कहा कि ‘मुझे यही चाहिए. प्लीज, एक बार कर लेने दो’ और फिर मैंने उसे अपने सीने में भींच लिया और धीरे -धीरे उसके बदन को सहलाना शुरू कर दिया.

कुछ देर मैंने उन्हें किस करते रहा और उनके बूब्स को ब्लाउस के ऊपर से सहलाता रहा. अब उन्हें भी थोड़ा – थोड़ा मज़ा आने लगा था और वह भी मेरा साथ देने लगी थीं. मैं काफी गर्म हो गया था. चूँकि यह मेरा फर्स्ट टाइम था तो मैंने देर न करते हुए गीता भाभी की साड़ी को ऊपर किया और उनकी लाल कलर की चड्डी को नीचे किया और फिर मैंने जल्दी से अपनी पैंट की ज़िप खोली तो गीता भाभी ने कहा – बेटा, पैंट पूरी उतारो.

फिर मैंने अपनी पूरी पैंट उतार दी और उन्होंने खुद अपने हाथ से मेरी चड्डी को नीचे किया और मेरा लंड पकड़ कर हाथ में ले लिया और बोली कि यह तो अब पूरा जवानी में आ गया है.

अब मैंने फिर से उन्हें लेटने के लिए कहा और जल्दी से अपने लन्ड को हाथ में पकड़ कर उनकी चूत में डालने लगा पर मेरी पहली बार होने की वजह से मुझे पता नहीं था कि चूत में लंड डालने के लिए उसे चूत के नीचे वाले छेद में डालना पड़ता है.

मैंने तो सिर्फ चूत पर लंड रखा और जोर से दबाने लगा. इससे मेरा लंड भाभी की चूत में नहीं जा रहा था तो भाभी ने खुद अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ा और अपने दोनों पैरों को खोल कर लंड को चूत के होल पर रखा और मुझे कहा कि अब धक्का मारो.

फिर मैंने जैसे ही पुश किया वैसे ही मेरा आधे से ज्यादा लंड भाभी की चूत में घुस गया. फिर मैंने दूसरा धक्का मारा तो मेरा पूरा लन्ड उनकी चूत में चला गया. भाभी काफी गर्म हो गयी थी. वो मेरे कंधे पर अपने दोनों पैरों को डाल कर कमर को उठा कर मेरा लंड अंदर ले रही थी.

इसमें मुझे बहुत मजा आ रहा था और अब तक गीता भाभी झड़ चुकी थी क्योंकि मेरे लंड से पानी की धार नीचे को आ रही थी और गीता भाभी ने अपने दोनों पैरों से मुझे कस कर पकड़ा था. मेरा पहली बार होने के कारण मैं भी जल्दी ही झड़ने वाला था.

उनके एक मिनट के बाद ही मेरा भी पानी छूटने लगा तो मैंने सारा का सारा माल गीता भाभी की चूत में छोड़ दिया और फिर कुछ देर हम ऐसे ही लेटे रहे. फिर गीता भाभी ने मुझसे उठाने कहा पर मैं नहीं उठा और 20 से 25 मिनट बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हुआ और हमने एक और राउंड किया. फिर हमने अपने – अपने कपड़े पहने और काम पर लग गए. फिर उसके बाद मैं जब भी खेत में जाता तो उन्हें जरूर चोदता.

तो दोस्तों, यह थी मेरी पहली कहानी. अगर इसमें कुछ गलती हो गयी हो तो प्लीज माफ कर देना और आपको यह कहानी कैसी लगी नीचे दिए गए मेरे ई-मेल पर मेल करके जरूर बताना – [email protected]

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