पहली मुलाकात में ही मामी ने चुदवाया

मेरे मामा की नई – नई शादी हुई थी. एग्जाम की वजह से मैं शादी में नहीं पहुंच पाया था. एग्जाम खत्म होने के बाद जब मेरी मामी से पहली मुलाकात हुई तो क्या हुआ और कैसे हुआ? ये आप इस कहानी में पढ़ेंगे…

हेलो दोस्तों, सबसे पहले मेरा आप सभी को हवस भरा नमस्कार! अरे बुरा मत मानियेगा. चलिए अब आप लोगों को लेकर अपनी कहानी की ओर चलता हूं लेकिन इससे पहले कुछ मेरे बारे में भी जान लीजिये. मेरा नाम राज है और मैं जयपुर का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 23 साल है. मेरा शरीर एक दम मस्त गबरू जवान की तरह है, जिस पर लड़कियां ही नहीं आंटियां भी फ़िदा हो जाती हैं.

चलिए अब अपनी कहानी पर आता हूं. ये एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी है और मुझे पूरा भरोसा है कि ये कहानी आप लोगों को जरूर पसंद आयेगी. बात 2 साल पहले की है. मेरे तीन मामा हैं, जिनमें से एक की उम्र मुझसे बस 4 साल ज्यादा है.

उनकी हाल ही में नई – नई शादी हुई थी. उन्होंने मुझे अपनी शादी में बहुत बुलाया था लेकिन एग्जाम की वजह से मैं उनकी शादी में नहीं जा पाया था. फिर जब मेरे एग्जाम ख़त्म हुए तो मैं जयपुर से अपने घर आ गया. घर पर कुछ दिन यूं ही बीते फिर मैंने सोचा कि मामा जी की शादी में तो जा नहीं पाया था, अब जा कर मिल आऊं और नई मामी को भी देख लूंगा.

फिर जब यह बात मैंने अपनी मम्मी को बताई तो उन्होंने बताया कि मामा – मामी के साथ दिल्ली शिफ्ट हो गए हैं. यह जान कर फिर मैंने अपने ननिहाल जाने का प्लान कैंसिल कर दिया.

लेकिन वो कहते हैं न कि किस्मत में जो लिखा होता है वो होकर गई रहता है. अगले ही दिन मेरे पास मामा जी का फ़ोन आया. उन्होंने मुझसे कहा कि सुने हैं तुम्हारे एग्जाम खत्म हो गए. मैंने सहमति व्यक्त की तो उन्होंने मुझे दिल्ली आने को कहा.

यह सुन कर मैं बहुत खुश हुआ. फिर मैंने जल्दी से अपना रिज़र्वेशन करवाया और दिल्ली पहुंच गया. मामा मुझे लेने स्टेशन आये थे. मैं अपनी नई मामी से मिलने के लिए बहुत ही ज्यादा एक्साईटेड था. फिर हम वहां से निकले और फ्लैट पर पहुंच गए.

मामी ने दरवाज़ा खोला. मैंने उन्हें देखा तो बस देखता ही रह गया. क्या हॉट माल थी वो, एक दम कड़क! उनका फिगर तो बस देखने लायक था. बड़े – बड़े बूब्स और उठी हुई गांड तो एक दम पागल कर देने वाली थी. उनको देख कर ही मेरी सारी थकान दूर हो गई थी. खैर, फिर मैं अंदर गया. उन्होंने मेरी काफी आवभगत की. मुझे खिलाया – पिलाया और फिर खा पी कर मैं रेस्ट करने लगा.

शाम को मामी मुझे जगाने आईं. मैं जाग गया और लेटे – लेटे ही उनसे बात करने लगा. वो मेरी तरफ झुक कर मुझसे बात कर रही थीं. झुकने की वजह से उनके बूब्स साफ़ दिख रहे थे. जिसने मुझे और भी गर्म कर दिया था. फिर मैं उठा और बाथ रूम में जाकर उनके नाम की एक कड़क मुठ मारी और वासना शांत होने पर वापस आ गया.

चूंकि मामा अभी ऑफिस से आये नहीं थे तो मैं और मामी अकेले ही मॉल घूमने चले गए. वापस आने पर हमने खाना खाया और थोड़ी बातचीत करने के बाद सोने चले गए. उस पूरी रात मैं मामी जी के बारे में सोचता रहा. फिर पता नहीं कब नींद आ गई और मैं सो गया.

धीरे – धीरे वो मुझसे घुल मिल गईं. दोस्तों, उनकी उम्र लगभग मेरे बराबर ही थी. एक दिन मैं और मामी सोफे पर बैठे हुए आपस में बातें कर रहे थे. बातों ही बातों में मैंने कहा कि मामी जी आप बहुत ही हॉट हो, मामा जी बहुत किस्मत वाले हैं जो उन्हें आप जैसी हॉट लड़की मिली.

यह सुन कर वो बोलीं, “अच्छा जी. वैसे मैं एक बात बोलूं? तुम किसी से कहोगे तो नहीं?” मैंने कहा बोलिए. तब वो बोलीं कि मैं इस शादी के बाद खुश नहीं हूं. इतना बोल कर वो उदास हो गईं. तब मैंने पूछा कि ऐसा क्यों? लेकिन वो कुछ नहीं बोलीं.

फिर जब मैंने ज्यादा जोर दिया तो उन्होंने बोला कि तुम्हारे मामा मुझे बिस्तर पर खुश नहीं कर पाते हैं. इतना सुनते ही मेरे मुंह से तपाक से निकल गया “तो मै खुश कर देता हूं”. यह सुन कर वो मुझे घूरने लगीं. मैं डर  गया और फिर सॉरी बोलते हुए मैंने कहा, “मामी जी, वो गलती से निकल गया”. यह सुन कर मामी स्माइल करने लगीं और झट से मेरे पास आ गईं. फिर मेरी आंखों में आंखें डाल के बोलीं कि जब से तुम आये हो उसी दिन से मैं तुमसे चुदवाना चाहती हूं.

दोस्तों, मेरे पास अब कुछ कहने को नहीं था. फिर मैं आगे बढ़ा और हम किस करने लगे. मेरे होंठ जैसे ही उनके होंठों से टच हुए मुझे बहुत मज़ा आया. अब उनके बड़े – बड़े बूब्स भी मुझसे टच हो रहे थे, जो मुझे और भी उत्तेजित कर रहे थे. हमारी जीभ एक – दूसरे से मिल गईं थीं और सासों के साथ सांसें टकरा रही थीं. धीरे – धीरे मेरे हाथ पीछे उनकी गांड पर चले गए और वो मेरी कमर को पकड़ के खड़ी हो गई थीं.

बहुत मज़ा आ रहा था. हम ऐसे ही एक – दूसरे को किस करते हुए कुछ मिनटों तक खड़े रहे. फिर मैंने मामी को अपनी गोद में उठा लिया और बेडरूम में लेकर चला गया. वहां पहुंचते ही मैंने उनका ब्लाउज निकाल कर फेंक दिया और उनके बूब्स को तेज़ी से चूसने लगा.

अब मामी  ने मेरी लोवर के ऊपर हाथ रख के मेरे लंड को अपने कब्जे में ले लिया था और उसे मसलने लगी थीं. फिर मैंने एक ही झटके में मामी की साड़ी को निकल फेंका और पेटीकोट के नाड़े को ढीला करके नीचे सरका दिया.

उन्हें भी मेरे लोवर को उतरने में ज्यादा देर नहीं लगी. लोवर नीचे करने के बाद वो मेरे खड़े लंड की मसलने लगीं. फिर थोड़ी देर बाद वो मेरी आंखों में देखते हुए अपने घुटनों के बल पर बैठ गईं और लंड के चारों तरफ अपनी उंगलियों का घेरा बना कर मुठ मारने लगीं.

दोस्तों, मैं मन ही मन बहुत खुश था क्योंकि जो मैं खोज रहा था वो इतनी आसानी से मुझे मिल रहा था. अब मेरा हांथ भी उनकी चूत तक पहुंच रहा था. फिर मैंने उनकी चूत में अपनी उंगली डाल दी, जिससे वो बेकाबू हो उठीं. इसके बाद उन्होंने मुझे धक्का देकर बेड पर गिरा दिया और मेरे मुंह पर अपनी चूत लगा दी. तब मैंने धीरे से मामी जी की चूत को किस किया. इससे वो जैसे सातवें आसमान पर उड़ने लगीं थीं. अब मेरे सर को अपनी चूत में दबा रही थीं और वो जोर – जोर से मोन भी कर रही थीं.

फिर मैंने अपनी ज़ुबान को मामी की चूत में काफी अंदर तक डाल दिया और लिकिंग देने लगा. इससे मामी के मुंह से निकल रही सिसकियां और भी तेज हो गईं. फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझसे कहा, “राज, अब डाल दो अपने लंड को मेरे अंदर, सहा नहीं जाता है, आह्हह… आह्ह्ह्ह..फक में राज आह्हह…”

तब उनकी गांड पर हाथ रख के उन्हें अपनी तरफ खींचा और अपना लंड उनके मुंह के पास ला दिया. वह मेरा इरादा समझ गईं. फिर उन्होंने मेरे लंड पर एक किस की फिर लंड का सुपाड़ा अपने मुंह में लेकर चूसने लगीं.

वो मेरे सुपाडे पर अपनी जीभ चला रही थीं. फिर उन्होंने मेरी टांगों को चौड़ा किया खोल के पूरे लंड को मुंह में ले लिया. वो बहुत अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थीं. उनकी जुबान मेरे लंड को और बॉल्स को हिला रही थी. दूसरी तरफ वो अपने एक हाथ से अपनी चूत की फांको को और दाने को सहला भी रही थीं.

सच कहूं दोस्तों तो लंड चूसने में मामी का कोई जवाब ही नहीं था. लंड चुसाई करते समय उनके मुंह से जो मादक आवाज निकल रही थी, उसको सुन के लंड चुसाने का मज़ा अलग ही मिल रहा था.

करीब 15 मिनट तक वो मज़े से लंड को चूसती रहीं. अब यह मेरे लिए बहुत हो रहा था. मेरे लंड में और बॉल्स के अन्दर एक दम से खिंचाव आ गया था. फिर मैंने मामी जी के माथे को पकड़ के अपनी तरफ खींचा. इससे वो भी समझ गईं कि मेरा वीर्य निकालने वाला है.

अब वो भी अपनी चूत में जोर – जोर से उंगली करने लगी थीं. साथ ही उनके मुंह से मादक सिसकियां भी निकल रही थी. फिर मेरे बॉल्स के अन्दर एक दम से प्रेशर बना और मेरे लंड से वीर्य की एक लम्बी धार निकल पड़ी. मामी का मुंह, छाती और पेट का भाग मेरे गाढे वीर्य की वजह से गन्दा हो गया था. वो मेरे लंड को तब तक चूसती रहीं, जब तक उससे वीर्य की एक – एक बूंद नहीं निकल गई. उन्होंने आखरी बूंद को भी चाट के साफ़ कर दिया था.

फिर वो मेरी गोदी में आकर के बैठ गई और अपने बदन को मेरे ऊपर घिसने लगी. मैं समझ गया था कि अब हमारा अगला स्टेप क्या होगा. फिर मैंने उसको पकड़ के लिटा दिया और उनके ऊपर आ गया. उनके मुझसे चिपकने की वजह से अब तक मेरा लंड दोबारा खड़ा हो चुका था.

फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत के सीध में किया और धीरे – धीरे दबाव बनाता हुआ अपना पूरा लंड उनकी चूत में घुसा दिया. दोस्तों, उनकी चूत बहुत टाइट थी. लंड अंदर जाने पर उनको कुछ न कुछ दर्द जरूर हुआ होगा लेकिन उन्होंने यह महसूस होने नहीं दिया.

अब मैंने उनके दोनों मम्मों को हाथ में पकड़ा और उसे मसलते हुए धीरे – धीरे धक्के लगाने लगा. मेरा लंड उनकी चूत की दीवारों से रगड़ खा रहा था. जिससे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. चुदाई का आनंद दोगुना हो गया था. मम्मे दबाने और चूत चुदाई की वजह से मामी भी एक दम मदहोश सी हो गई थीं और अब वह मुझे अपनी स्पीड बढ़ाने को बोल रही थीं.

धीरे – धीरे मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई. अब मामी भी उछलते हुए मेरे लंड को अंदर ले रही थीं. इस तरह लगातार करीब 25 मिनट चुदाई करने के बाद मैं झड़ने को हुआ तो मैंने मामी से कहा कि कहां निकलूं तो वो बोलीं कि अंदर ही निकाल दो. प्रेगनेंट हो गई तो भी तुम्हारे मामा को नहीं पता चलेगा कि मेरे पेट में पल रहा बच्चा उनका खून है कि उनके भांजे का. मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और 15-20 धक्कों के बाद उनकी चूत में मेरी पिचकारी छूट गई. फिर मैं थक कर उनके ऊपर लेट गया. कुछ देर बाद हमने एक बार फिर चुदाई की. बहुत मज़ा आया. मैं दिल्ली में जब तक रहा हर रोज मामी की चूत मारता रहा. बाद में भी अब जब कभी हम मिलते हैं, चुदाई जरूर करते हैं.

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