पैसे देकर मैंने उसको चोदा भाग – 2

अब डिलीवरी बॉय समझ गया था कि ये क्यों पैसे लेने नहीं जा रहे हैं. शालू डिलीवरी बॉय को देख कर घबरा रही थी क्योंकि उसकी चुदाई उसके सामने ही हो रही थी. फिर मैं डिलीवरी बॉय को लेकर बाहर गया और उससे बोला – यार, तुम थोड़ी देर चुदाई करो, मैं तुम्हें चुदाई के बाद पैसे दे दूंगा…

इस कहानी का पिछला भाग – पैसे देकर मैंने उसको चोदा भाग – 1
अभी तक आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी पड़ोस की लड़की शालू को पैसे देकर उसके बदले में उसको एक बार चोदा. अब आगे-

नमस्कार दोस्तों! मैं आगे की कहानी लेकर फिर हाजिर हूँ. चूंकि मेरी माँ और दीदी मायके गई हुई थी. इसलिए मैंने अपने दोस्त को घर पर बुला लिया. उसका नाम आशीष था. हम दोनों ने मिल कर खाना खाया और पोर्न फिल्म देखते हुए सो गए. अगले दिन जब हम सोकर उठे तो सुबह के दस बजे थे. हमने चाय बनाई और पीकर मैं बियर लेने चला गया और फिर हम दोनों ने एक – एक बियर पीकर कुछ बियर की केन अपने साथ लेकर छत पर गए.

वहां पहुंच कर मैंने आशीष से शालू की छत पर कूदने को कहा तो वो कूद गया. फिर मैं भी कूद गया. अभी तक आशीष को कुछ समझ नहीं आया था. फिर हम दोनों शालू के रूम के अन्दर गए और मैंने आशीष से कपड़े उतारने को कहा और खुद भी अपने कपड़े उतार दिए.

अब हम शालू के बराबर में लेट गए, शालू सो रही थी और फिर मैंने उसके बूब्स दबाना शुरू कर दिया. मुझे देख कर आशीष उसे किश करने लगा. शालू घबरा कर जाग गई और फिर मुझसे बोली – प्रिंस, तुमने सिर्फ एक बार चुदवाने को कहा था.

मैने कहा – शालू डार्लिंग तुम्हें कल मजा नहीं आया क्या?

उसने कुछ नहीं कहा. हम समझ गए कि शालू आज भी चुदवाएगी. फिर हमने उसके कपड़े उतार दिए. मैं उसकी चूत को चाट कर गीली करने लगा. उधर आशीष बहुत जोश में था. फिर मैंने शालू को बियर दी लेकिन शालू कहने लगी, “मुझे नहीं पीना है”.

मैंने कहा – पी लो मजा आएगा.

लेकिन उसने साफ मना कर दिया. फिर मैंने कल वाली स्टिक उठाई और उसकी गांड पर दे मारी. उसने चीख कर कैन उठाई और पीने लगी. हमने भी बियर पी लिया और फिर उसको घोड़ी बनाया और मैंने उसकी गांड में लंड डाल कर धक्का मार दिया.

मेरे धक्के के बावजूद भी आज उसकी चीख नहीं निकली. वो बस सिसकने लगी. तभी आशीष ने उसकी चूत में लंड डालते हुए उसके बूब्स नोच दिए. शालू चीखती हुई बोली – भोसडी वाले धीरे – धीरे मारो न.

अब हम दोनों जोर – जोर से धक्के मारने लगे. आशीष उसके बूब्स नोचते हुए बोला – साली रांड तेरी चुदाई ऐसे करूंगा कि तेरी चूत एक दम ढीली हो जाएगी.

अब फिर से मैंने उसकी गांड पर स्टिक मारी और बोला – चोद आशीष चोद इसको, और कर इसकी फुद्दी ढीली. बहन की लौडी, रंडी, छीनार की मार ले तू आज अच्छे से.

फिर हम दोनों ने धक्का मार – मार कर उसकी गांड और चूत को सुजा दिया. कुछ देर बाद शालू बोली – चोदो सालों चोदो, अब मेरी कुतिया की तरह चुदाई करो.

हमने करीब 35 मिनट तक उसकी नॉन स्टॉप चुदाई की और फिर उसके अन्दर ही झड़ गए.

कल शालू के घर से जाने के बाद मैंने ऑनलाइन 5″ मोटा और 10″ लम्बा ढिल्लों मंगवाया था. हमारे झड़ने के कुछ देर बाद डिलीवरी बॉय ने मुझे कॉल किया और कहा – सर मैं आपके घर के बाहर खड़ा हूं.

चूंकि मैंने अपने पास रखे सारे पैसे बियर में खर्च कर दिये थे और अब मेरे पास पैसे नहीं थे डिलीवरी बॉय को देने के लिए. फिर मैंने शालू के घर का गेट खोला और डिलीवरी बॉय को इधर ही बुलाया और कहा – यार भाई, मैंने अभी पैसे खर्च कर दिये और अभी मैं ATM नहीं जाना चाहता हूँ.

आशीष अन्दर शालू की चुदाई कर रहा था फिर मैंने डिलीवरी बॉय को अन्दर बुला लिया और वो मेरे पीछे – पीछे रूम के अन्दर आ गया. अंदर जाकर मैंने आशीष से पैसे मांगे पर उसने कहा – मेरे पास भी अभी नहीं हैं.

अब डिलीवरी बॉय समझ गया था कि ये क्यों पैसे लेने नहीं जा रहे है. शालू डिलीवरी बॉय को देख कर घबरा रही थी क्योंकि उसकी चुदाई उसके सामने ही हो रही थी. फिर मैं डिलीवरी बॉय को लेकर बाहर गया और उससे बोला – यार, तुम थोड़ी देर चुदाई करो, मैं तुम्हें चुदाई के बाद पैसे दे दूंगा.

अब वो लड़का राजी हो गया. फिर हम अंदर आ गए. अंदर आशीष शालू की चूत को लगातार चोद रहा था. तभी उस डिलीवरी बॉय ने शालू की गांड में अपना लंड डाल कर एक जोरदार धक्का मार दिया, जिससे शालू की आह निकल गई. अब शालू को एक नया लंड मिल गया था.

वो लड़का जबरदस्त झटके मार रहा था और उसके जहटके की वजह से शालू चीख रही थी. अब उन दोनों की वजह से कोई जगह खाली न देख कर मैंने अपना लंड शालू के मुंह में डाल दिया और झटके दे दे कर लन्ड को उसके हलक तक उतार दिया. जिससे उसकी चीखने की आवाज बन्द हो गई.

अब मैंने कुछ देर तक लंड बाहर नहीं निकाला जिससे उसकी साँस रुकने लगी और वो बेहोश हो गई. अब तक डिलीवरी बॉय झड़ चुका था और उसने कहा – अब मुझे पैसे नहीं चाहिए मैं जा रहा हूं.

इसके बाद वो चला गया. तब तक आशीष भी झड़ गया. फर्कमैंने अपना लंड बाहर निकाला तो देखा कि शालू बेहोश पड़ी थी. फिर मैं पानी लेकर आया और उसके ऊपर पानी डाला. जिससे शालू थोड़ा सा हिली. जैसे ही उसे होश आया मैंने ढिल्लो को लिया और धक्का मार कर उसे उसकी चूत में अन्दर कर दिया.

ढिल्लो काफी मोटा था, जिसकी वजह से शालू चीख पड़ी. फिर मैंने अपना लंड भी उसकी चूत में डाल दिया और धक्का देने लगा. अब तो शालू की चूत से खून निकलने लगा और उसे दर्द भी होने लगा था. इस कारण शालू जोर से चिल्लाई और छटपटाने लगी और लन्ड को बाहर निकालने की कोशिश करने लगी.

उधर आशीष ने उसकी गांड में लंड डाल कर धक्का मारा और पूरा 9 इंच का लंड अन्दर कर दिया. वो फिर से बेहोश हो गई. मैंने ढिल्लो और अपने लंड को एक साथ धक्का मार – मार कर अन्दर कर दिया. दर्द की वजह से होश में आकर वो चीखने लगी. अब हम फिर से चुदाई करने लगे और थोड़ी देर बाद हम फिर से झड़ गए. फिर हम आराम करने लगे और कुछ देर बर्फ उसे ऐसे ही छोड़ कर अपने घर चले गए.

दोस्तों मैं तो आपको बताना ही भूल गया था कि शालू ने अपनी माँ को अपने मोबाइल के बारे में नहीं बताया था, क्योंकि अगर वो बताती तो उसकी माँ पूछती कि इतने पैसे कहां से तू लाई? इसलिए इसी डर से शालू ने नहीं बताया था.

अब आशीष और मैं अपने घर पर आराम कर रहे थे. तभी मेरे मोबाइल पर एक कॉल आई. मैंने फोन उठाया तो वो शालू की माँ का फोन था. उन्होंने मुझसे कहा कि आज मैं नहीं आऊंगी आप जाकर शालू को बता देना. मैंने कहा ठीक है आंटी मैं बता दूंगा.

यह सुन कर मैं बहुत खुश हुआ. इसके बाद आशीष और मैं दोबारा शालू के घर गए और उससे पूछा – शालू, आज मजा या नहीं?

उसने कहा – हां, मज़ा तो आया लेकिन तुमने मुझे डिलीवरी बॉय से क्यों चुदवाया?

मैंने कहा – अगर मैं ऐसा नहीं करता तो चुदाई रोकनी पड़ती.

यह सुन कर शालू ने कहा – कोई बात नहीं.

फिर मैंने कहा – आज तुम्हारी माँ नहीं आएगी और तुम्हें आज रात घूमने चलना है.

चूँकि शालू इस जबरदस्त चुदाई से थक चुकी थी और उसकी चूत और गांड दर्द भी कर रही थी इसलिए उसने मना कर दिया. फिर मैंने उससे बोला – आज मेरा बर्थ-डे है.

फिर मैंने उसे एक ड्रेस गिफ्ट दी और फिर उसने हां कर दिया. फिर उसने हमारे सामने ही कपड़े बदल लिए औरमेरी दी हुई ड्रेस पहन ली. वह ड्रेस वन पीस वाली थी. मतलब लांग टोप थी. उसे पहन कर जब वो बैठी तो उसकी पैंटी भी दिख रही थी.

फिर हम तीनों एक होटल गए. वहां पर पहले से ही हमारा रूम बुक था. हम तीनों सीधा रूम के अन्दर चले गए. रूम सजा हुआ था और एक टेबल पर केक रखा था. मैंने शालू को सोफे पर बैठा दिया. अब हम तीनों बात कर ही रहे थे कि तभी रूम सर्विस वाला आया और उसने तीन गिलास में बियर डाली और फिर वो चला गया.

फिर मैंने केक काटा और शालू और आशीष को खिलाया उन दोनों ने भी मुझे खिलाया. फिर हमने बियर पीना स्टार्ट किया. बियर पीने के बाद मैं शालू को किस करने लगा और आशीष उसकी ड्रेस उतारने लगा. ड्रेस उतारने के बाद फिर उसने शालू के बूब्स चुसना शुरू किया. जिससे वो सिसकने लगी.

इसके बाद फिर मैंने अपने लंड पर केक लगाया और शालू को चुसाने लगा. शालू को केक वाला लंड चूसने में बड़ा मजा आ रहा था. फिर मैंने लंड हटाया और अब मेरी देखा देखी आशीष ने भी बिल्कुल वैसा ही किया.

अब मैंने अपना लंड उसकी चूत में लगा कर एक धक्का मारा जिससे वो तेज – तेज सिसकने लगी और मदमस्त आहें निकालने लगी. उधर आशीष ने भी लन्ड चुसवाने के बाद अपना लंड उसके मुंह से निकाल कर उसकी गांड में रखा और उसके बूब्स पकड़ कर गांड में एक धक्का मारा.

आशीष के इस धक्के की वजह से वो चीखने लगी और “आह आह” करने लगी. फिर शालू एक दम जोश में आकर बोली – आह राजा, आज पूरी रात चोद – चोद कर रंडी बना लो मुझे तुम दोनों अपनी.

फिर से हम दोनों ने मिलकर एक साथ जोर से धक्का मारा और उसकी दर्द भरी चीख निकल पड़ी. लेकिन हम दोनों ने बिना उसकी परवाह किए मिल कर करीब 30 मिनट तक धक्के मारते रहे. तभी कमरे की रिंग बजी और आशीष ने गेट खोला और मैं अंदर शालू की चुदाई करता रहा. सामने रूम सर्विस वाला था. जिससे हमने सिगरेट और वियाग्रा की गोलियां मंगवाई थी.

फिर अंदर से ही मैंने आशीष से कहा – उसे भी अन्दर बुला ले.

आशीष उसे भी बुला ले गया. रूम सर्विस वाला अन्दर आया तो मैंने शालू की चुदाई करते हुए उससे कहा – बियर गिलास में डाल कर दो. उसने वैसा ही किया. उसने बियर साइड टेबल पर रख दिया. कुछ देर बाद मैं शालू की चूत में झड़ गया.

अब शालू दर्द से कराहते हुए बोली – मेरी चूत और गांड दर्द कर रही है.

मैंने कहा – अभी तो पूरी रात बाकी है शालू डार्लिंग.

रूम सर्विस अभी भी वहीं खड़ा था और हमारी चुदाई देख कर अब तक उसका भी लंड तन गया था. फिर आशीष और मैंने बियर पीकर वियाग्रा की गोली खा ली और तभी सर्विस वाला जाने लगा तो मैंने उससे कहा – आज मेरा बर्थ-डे है, तुम 200 टिप ले लो और अगर चाहो तो इसकी चुदाई भी करो.

यह सुन कर वो बहुत खुश हुआ और उसने अपने कपड़े उतार दिए. फिर लंड को बाहर निकाल लिया. उसको तैयार देख कर शालू ने कहा – मुझे दर्द हो रहा है अब मैं नहीं चुदवाऊंगी.

यह सुन कर मैं उठा और उसकी गांड पर थप्पड़ मारने लगा. वो चीखने लगी और बोली – माफ़ कर दो मुझे, मैं चुदवाऊंगी.

फिर सर्विस वाले ने उसकी गांड पर अपना लंड टिकाया और जबरदस्त झटका मारा. शालू की चीख के साथ उसने एक और झटका मारा. इधर मैंने उसकी चूत में धक्का मार कर पूरा 9 इंच का लंड अन्दर कर दिया और आशीष उसकी चीख रोकने के लिए उसके मुंह मे लंड डाल कर धक्का लगाने लगा.

अब हम तीनों तेज – तेज झटके मार रहे थे. तभी मैं बोला – फाड़ साली की गांड और चूत को और बना ले इसे रंडी.

अब शालू को भी मजा आने लगा था और बोलने लगी – आह आह चोदो भोसडी वालों, अपनी गांड का दम लगा कर चोदो.

अब तक उसकी आहों से पूरा रूम गूंजने लगा था. फिर वो सर्विस वाला झड़ गया और खुशी से बाहर चला गया. उसके बाद हम दोनों दोस्तों ने पूरी रात एक – एक करके गोली खा – खा कर रात के 10 से सुबह 4 बजे तक शालू की चुदाई करते रहे.

हमारी इस चुदाई ने उसकी गांड और चुत पूरी सुजा दी थी. फिर हम सो गए और 8 बजे उठे. उस समय शालू की हालत बिल्कुल ही खराब थी और चुदाई करने लायक नहीं थी लेकिन फिर भी हमने एक बार और चुदाई की और उसके बाद फिर हम तीनों घर चले गए.

दोस्तों आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी ईमेल आईडी – [email protected]

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