पार्क में मिली कॉलेज गर्ल ने तीसरे दिन ही सील तुड़वा ली

एक बार मैं अपने दोस्त के साथ पार्क गया हुआ था. वहां मुझे एक लड़की दिखी. वो कॉलेज ड्रेस में अपनी सहेली के साथ थी. किसी तरह मैंने उसे अपना मोबाइल नम्बर दे दिया. फिर हमारी बात शुरू हुई और तीसरे दिन ही उसने मुझसे अपनी सील तुड़वा ली…

हेलो दोस्तों, मैं गोलू (बदला हुआ नाम) गोरखपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 21 साल है और मेरी हाइट 5 फुट 8 इंच है. हथियार की लंबाई इंच और फुट में बताने का कोई फायदा नहीं है लेकिन उतनी है, जितने में एक लड़की या औरत बहुत खुश हो सकती है.

अब मैं सीधे अपनी कहानी पर आता हूं. ये बात दिसंबर 2018 की है. मैं घूमने के लिए यहां के लवर्स पार्क में गया था. आप ये भी कह सकते हैं कि मैं वहां पर लौंडिया ताड़ने ही गया था. मेरे साथ मेरा एक दोस्त भी था.

हम पार्क में इधर – उधर घूम ही रहे थे कि तभी मुझे एक लड़की दिखी जो अपने कॉलेज ड्रेस में थी और शायद सीधे कॉलेज से ही घूमने के लिए वहां आई थी. वह मुझे अच्छी लगी तो मैंने उसे देख कर हाथ हिला कर हाय किया. इस पर वो और उसकी दोस्त दोनों हंसने लगीं. फिर वो मेरे सामने से इतराती हुई निकल गयी. चूंकि उसने कोई रिस्पांस नहीं दिया था तो मैं कुछ नहीं बोला.

फिर थोड़ी देर बाद पीछे मुड़ के देखा तो वो दोनों थोड़ी दूर जाकर मेरी तरफ देख के कुछ बात कर रही थीं. यह देख मैं उनके पास गया और उनसे बात करने लगा. मैंने उनसे उनका नाम और क्लास वगैरह पूछा. उसने आराम से बता दिया. फिर जब मैंने उसका मोबाइल नंबर मांगा तो वो बोली कि उसके पास मोबाइल नहीं है, घर के फ़ोन से काम चलता है. तब मैंने एक कागज पर लिख कर उसको अपना मोबाइल नंबर दे दिया. उसने भी मुस्कुरा कर उसे रख लिया. फिर थोड़ी देर बाद मैं अपने दोस्त के साथ वापस घर चला आया.

रात हुई. मैं अपने कमरे में बैठा मोबाइल चला रहा था. तभी एक अनजान नम्बर से मेरे पास फ़ोन आया. मैंने फ़ोन रिसीव किया तो दूसरी तरफ से एक लड़की की प्यारी सी अवाक आई ‘हेलो’. मुझे लगा तो कि मैंने ये आवाज सुनी है लेकिन पहचान नहीं पाया तो उससे पूछ लिया कि कौन बोल रही हो? तब उसने बताया कि लवर्स पार्क में मिले थे. यह सुनते ही मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

फिर हमने फ़ोन थोड़ी देर इधर – उधर की बात की. कुछ देर बाद उसने मुझे ‘आई लव यू’ बोल कर प्रपोज किया तो मैंने ‘लव यू टू’ बोल कर उसका प्रोपोजल एक्सेप्ट कर लिया.

फिर अगले दिन मैंने उसको मिलने के लिए बुलाया तो वो उसने अपने कॉलेज का नाम बताया बोली कि कॉलेज की छुट्टी होने पर कॉलेज के गेट पर आ जाना. फिर मैं शाम को जिस समय उसके कॉलेज की छुट्टी होती थी, उसी टाइम उसको लेने उसके कॉलेज पहुंच गया.

कुछ ही देर में वो बाहर आ गई. फिर मैंने उसे बाइक पर बैठा लिया और थोड़ा आगे बढ़ने पर सोचने लगा कि कहां ले जाऊं क्योंकि मैंने पहले से कोई प्लान ही नहीं बनाया था. पहले तो मैंने सोचा कि अपने रूम पर ले चलता हूं लेकिन तभी मुझे खयाल आया कि वहां पर तो भैया होंगे. फिर यही सोच कर मैं उसको पार्क ले गया.

अब तक सूरज ढल चुका था और धीरे – धीरे अंधेरा हो रहा था. पार्क में ज्यादा लोग भी नहीं थे. इक्के – दुक्के लोग इधर – उधर दिख रहे थे. फिर मैं उसे पार्क के एक कोने में ले गया. उधर कोई आदमी नहीं था. वह बिल्कुल मेरे से चिपक के चल रही थी, तभी मैं रुका और घूम कर उसे एक किस कर लिया.

मेरे किस करते ही वो एक दम से अकड़ गई. उसे इस तरह अकड़ते देख मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था. मेरा मन कर रहा था अभी के अभी उसे यहीं पार्क में पटक के चोद दूं. लेकिन चूंकि वो पार्क था और कोई भी कभी भी उधर आ सकता था इसलिए मैंने कंट्रोल किया और फिर वहीं बैठ के थोड़ी – बहुत बात करने के बाद मैंने वापस उसे उसके घर के पास ड्राप किया और अपने रूम आ गया.

वहां आया तो मुझे पता चला कि आज रात ही भाई को किसी काम से दूसरे शहर जाना है और वो कल रात तक ही वापस आएंगे. इस दौरान रूम पर मेरे अलावा और कोई नहीं होगा. यह जान कर मैं बहुत खुश हुआ. फिर रात में जब उसका फोन आया तो मैंने उससे कहा कि कल वो जिस भी समय घर से कॉलेज के लिए निकले तो मेरे मोबाइल में एक मिस्ड कॉल कर दे ताकि मैं उसे रास्ते में ही रिसीव कर लूं और अपने रूम पर ले आऊं.

अगले दिन उसने ऐसा ही किया. मैंने उसे रास्ते में रिसीव कर लिया और रूम की ओर चल पड़ा. इसी बीच मैंने एक मेडिकल स्टोर से कंडोम भी खरीद लिया. करीब 15 मिनट का सफर करके हम हमारे रूम पहुंच गए. इस दौरान वह अपना मुंह ढंके हुए थी और मुझसे एक दम से चिपक कर बैठी थी.

फिर रूम पर पहुंचते ही मैंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और उसे बेड पर बैठने को कहा. वह बैठ गई और उसके साथ मैं भी बैठ गया. ठंडी का मौसम था और वहां पर एक ही रजाई थी तो दोनों उसी में घुस के बैठ गए. अब मैं उसे देख रहा था और वह मुझे. हमारी आंखें वासना से भरी हुई थीं.

तभी उसने कुछ हलचल की. मैं कुछ समझ पाता उससे पहले ही उसने अपने होंठों को मेरे होंठों से लगा दिया और किस करने लगी. अब मैं भला कैसे पीछे रहता, मैं भी उसके होंठों का रसपान करने लगा. इस तरह हमने करीब 10 मिनट तक एक – दूसरे को किस किया. फिर धीरे से मैंने उसके कानों की लौ को चूमा तो वह उछल पड़ी.

इसके बाद मैं उसे चूमता हुआ गर्दन पर पहुंचा तो वह एक दम से सिहर उठी थी. अब उसके मुंह से कामुक आवाजें निकलने लगी थीं. उसकी आवाजें सुन कर जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैं अपना हाथ नीचे ले गया और धीरे – धीरे उसके बूब्स दबाने लगा. दोस्तों, उसके बूब्स बहुत बड़े तो नहीं थे लेकिन मुलायम काफी थे. मुझे उसके बूब्स दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था.

मेरे ऐसा करने से वो और भी ज्यादा गर्म हो गई. फिर अचानक से उसने मुझे धक्का देकर नीचे कर दिया और खुद मेरे ऊपर आकर मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी. अगले ही पल उसने मेरी शर्ट और पैंट को खींच कर मेरे बदन से अलग कर दिया. यह देख मैंने भी धीरे – धीरे उसके ऊपर वाले सारे कपड़े उतार दिए. ब्लैक कलर की ब्रा और पैंटी पहन रखी थी. मैंने उसे भी एक झटके में उसके बदन से अलग कर दिया.

फिर मैंने उसको नीचे लिटा दिया और अपनी अंडर वियर उतार कर लण्ड पर कंडोम चढ़ाया. इसके बाद फिर मैंने लण्ड को उसके चूत पर सेट करके धीरे से धक्का लगाया लेकिन लण्ड अंदर जाने की बजाय फिसल गया. यह देख मैं समझ गया कि लड़की अभी कुंवारी है, मुझे बहुत आराम से करना होगा.

इसके बाद मैंने 3-4 बार लण्ड चूत के छेद पर लगाया लेकिन ज्यादा दबाव न देकर फिसलाता रहा. इससे उसकी तपड बढ़ती गई और फिर जब उससे सहन नहीं हुआ तो उसने खुद अपने हाथ से मेरे लण्ड पकड़ कर अपनी चूत पर लगाया. अब मैं तैयार था. मैंने थोड़ा जोर से दबाव बनाया तो मेरे लण्ड का टोपा उसकी चूत में घुस गया. दर्द की वजह से उसकी आंखें छलछला आईं. यह देख मैं उसे किस करने लगा और उसके बूब्स दबाने लगा.

फिर जब वो थोड़ी नार्मल हुई तो मैंने और ज्यादा दबाव बना कर अपना आधा लण्ड उसकी चूत में घुसा दिया. उसे बहुत तेज़ दर्द हुआ और इस बार वह लगभग रोने ही लगी थी.

फिर मैंने उसे चुप कराया और आधा ही लण्ड अंदर – बाहर करने लगा. थोड़ी देर बाद उसे भी बाद में मज़ा आने लगा और वह आहें भरने लगी. तभी मैंने फिर से एक शॉट लगाया और पूरा लण्ड अंदर डाल दिया. इस बार वो चिल्लाने लगी. मैं फिर से रुक गया और तभी मेरी नज़र लण्ड पर गई तो मैंने देखा कि उस पर हल्का सा खून लगा है. यह देख कर मैं मुस्कुराने लगा. उसका शील भंग हो चुका था.

मैं कुछ देर रुका रहा. फिर जब उसे कुछ आराम मिला तो मैं धक्के देने लगा. मेरी स्पीड लगातार बढ़ती जा रही थी. मैं बिना किसी दवाई के लगभग 20 मिनट तक उसे चोदता रहा. फिर उसकी चूत में ही झड़ गया. तब तक वो दो बार झड़ चुकी थी. फिर मैं उसी के बगल में लेट गया.

उस दिन मैंने उसे एक बार और चोदा. फिर जब उसके कॉलेज छूटने का टाइम हुआ तो मैंने उसे ऑटो में बैठा कर घर भेज दिया. उस दिन के बाद से फिर मैंने कभी उसको फोन नहीं किया और न ही उसने मुझे फोन किया. मेरी कहानी कैसी लगी? मेल करके मुझे बता सकते हैं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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