पति कमाई में मस्त, पत्नी चुदाई में मस्त

यह कहानी मेरी और मेरी ममेरी भाभी की है. भाभी के पति शादी के 3-4 महीने बाद ही कमाई के लिए दुबई चले गए थे. इस वजह से भाभी के चूत की आग ठंडी नहीं हो पाती थी. फिर किस तरह भाभी ने मेरी मदद से अपने चूत की आग बुझाई ये जानने के लिए आपको ये कहानी पढ़नी होगी…

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम सैम है. मैं 26 साल का हूं और झारखण्ड का रहने वाला हूं लेकिन अभी दिल्ली में रहता हूं. मेरी हाइट 5 फुट 2 इंच है है और मेरा लन्ड भी मेरे कद की ही तरह औसत लंबाई का है.

अब आप सभी का ज्यादा वक्त न लेते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पे आता हूं. यह कहानी लगभग 2 साल पुरानी है और 2017 की होली से शुरू हुई थी. उस टाइम मैं 24 साल का था और भोपाल के एक कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहा था.

मेरा लास्ट सेमेस्टर चल रहा था. इसी दौरान होली की छुट्टी मिली तो मैं अपने घर चला गया. लेकिन घर जाने के बाद पता चला कि इस बार की होली हम अपने मामा जी के घर मनाएंगे. फिर हम सब अपने मामा जी के घर चले गए.

वहां शाम के वक़्त जब मैं गली में टहलने निकला तो मेरी मुलाकात एक बेहद ही हसीन भाभी से हुई. उन्होंने लाल रंग की साड़ी पहन रखा था. मेरी नजर सीधी उनके चूचियों पर चली गई जो उस लाल ब्लाउज में समा नहीं रही थीं और उसे फाड़ के निकलने को तैयार थीं.

दोस्तों, भाभी की साल भर पहले ही शादी हुई थी और उनका नाम श्रेया था. वो मेरे चचेरे मामा के लड़की की पत्नी थीं. चूंकि मैं पहले भी उनसे मिल चुका था और हम एक – दूसरे को पहचानते थे तो मैंने उनसे हाय – हेलो किया और फिर वापस अपने मामा के घर पर आ गया.

दोस्तों, एक बात तो मैं आप लोगों को बताना ही भूल गया था. उनके पति दुबई में लेबर का काम करते थे और 2 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर गए हुए थे. शादी के 3-4 महीने बाद ही उनके वो दुबई चले गए थे. वो ज्यादा चुद नहीं पाई थीं. इसलिए उनकी नई चुदी हुई बुर सेक्स के लिए तरसती रहती थी, वैसे ये सब बातें मुझे बाद में पता चली थीं. घर में भाभी अपनी सास के साथ रहती थीं.

खैर, वो दिन ऐसे ही बीत गया. अगले दिन होली थी और होली के दिन मैंने बहुत एन्जॉय किया. भाभी के साथ भी होली खेली, पर ये नार्मल होली ही थी. होली के बाद मैं भोपाल वापस आ गया लेकिन अब तक श्रेया भाभी मेरे दिलोदिमाग पर हावी हो चुकी थीं.

फिर मैंने उन्हें फेसबुक पर खोजा और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी. उन्होंने भी मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली और इस तरह हमारी बातचीत होनी शुरू हो गयी.

2-3 महीनों की बातचीत और हाय – हेलो के बीच वो मुझसे काफी खुल गई थीं और अब मुझसे अपने सारे दुख, दर्द और अपनी खुशियां शेयर करने लगी थीं. इस तरह धीरे – धीरे बातचीत के दौरान मैं नॉनवेज जोक्स भी कर देता था. इतना ही नहीं कभी – कभी तो कह देता कि पता नहीं भैया कैसे मर्द हैं जो आप जैसी सुंदर बीवी को छोड़ बाहर चले गए. मैं होता तो कभी न जाता. इस तरह मैंने उन्हें लाइन मारनी शुरू कर दी.

जून 2017 में मेरी ग्रेजुएशन कम्पलीट हो गयी थी तो मैं वापस अपने घर आ गया. घर आने के बाद मेरे पास बहुत समय था, इसलिए अब मेरी और भाभी के बीच फ़ोन पर होने वाली बातचीत काफी बढ़ गई थी.

इसी बीच उनके अकेलेपन का फायदा उठाते हुए एक मैंने उन्हें प्रपोज़ कर दिया और उन्होंने भी बिना कोई भाव खाए मेरा प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया. उस दिन के बाद तो हमारे बीच की सभी दीवारें टूट गईं. अब हम दोनों बिना किसी डर के एक – दूसरे को व्हाट्सऐप पर नंगी तस्वीरें भेजने लगे.

अब हम वीडियो कॉल भी करने लगे थे और वीडियो कॉलिंग के दौरान एक – दूसरे के बदन को देखते हुए साथ में हस्तमैथुन किया करते थे. दोस्तों, अब सेक्स करने की आग दोनों तरफ से लग चुकी थी. अब ये आग बिना मेरे लन्ड के उनकी बुर में गए बुझने वाली नहीं थी.

इसी बीच आगे की पढ़ाई के लिए मेरा दिल्ली आना फिक्स हुआ. हफ्ते भर बाद मेरी क्लासेज शुरू होने वाली थीं लेकिन क्लासेज शुरू होने के 3 दिन पहले ही मैं अपने घर से दिल्ली के लिए निकल पड़ा और दिल्ली जाने की जगह श्रेया भाभी के यहां चला गया.

उनके शहर पहुंच कर मैं उनके घर से 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक लॉज में रुक गया. वैसे भी भाभी अपनी सास के साथ ही रहती थीं, इसलिए मिलने में ज़्यादा परेशानी होने वाली नहीं थी. फिर रात के करीब 11 बजे मैं अपने लॉज से निकला और भाभी के घर के पास पहुंच के उनको फोन किया.

उन्होंने झट से गेट खोल दिया और मुझे खींच कर कर घर के अंदर ले गईं. उसके बाद हम सीधा उनके कमरे में पहुंच गए. दोस्तों, तब तक उनकी सास सो चुकी थीं. फिर उन्होंने अपने कमरे का गेट बन्द किया और इसके बाद मैंने भाभी के होंठों को चूमना शुरू कर दिया. करीब 10-12 मिनट तक लगातार किस करने के बाद मैंने उनकी बड़ी – बड़ी और गोल चूचियों को ब्लाउस के ऊपर से ही दबाना चालू कर दिया. बहुत मज़ा आ रहा था.

कुछ देर की चूमा – चाटी के बाद हम दोनों ने एक – दूसरे के सारे कपड़े निकाल डाले और फिर मैं उनके नंगे बदन पर उन्हें हर जगह किस करने लगा. साथ ही साथ अपने एक हाथ से उनके भारी – भरकम चूचियों को भी दबाने लगा और दूसरे हाथ को नीचे ले जाकर उनकी चूत में उंगली करने लगा.

मेरे ऐसा करने से भाभी एक दम मस्त हो चुकी थीं. अब उन्होंने भी मेरे लन्ड को अपने हाथ में ले लिया था और धीरे – धीरे उसे हिलाने लगी थीं. थोड़ी देर बाद हम दोनों के हाथों की स्पीड बढ़ती गई और फिर कुछ देर बाद दोनों साथ में ही झड़ गए.

इसके बाद हम अलग हुए थोड़ा – बहुत खाना खाया. खाने के बाद हम फिर से अपनी – अपनी आग बुझाने की कोशिश में लग गये. इस बार मैंने बिना देर किए उन्हें बिस्तर पर लिटाया और लन्ड पर दबाव बना के एक ही झटके में उसे अंदर पेल दिया. दोस्तों, उनकी चूत काफी टाइट थी लेकिन बावजूद इसके उन्होंने जरा सी भी आवाज नहीं की.

अब मैं टाइट चूत में लगातार धक्के पर धक्के मार रहा था. बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों. करीब 15 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद फिर मैं उनकी चूत में ही झड़ गया. तब मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ लेकिन फिर भाभी ने बताया कि डरने जैसी कोई बात नहीं है, अभी उनका सेफ पीरियड चल रहा है. यह सुन कर मैं खुश हो गया.

दोस्तों, मैंने पॉर्न फ़िल्मों से जितनी भी चीजें सीखी थीं, सभी का प्रयोग करते हुए रात भर में हमने 3 बार चुदाई की और फिर सुबह 4 बजे अपने लॉज लौट आया. अगले दो दिन तक यही सिलसिला चलता रहा. रात में मैं उनकी चुदाई करता और दिन में लॉज में आकर सोता. दिन में बाहर न निकलने की वजह से मामा लोगों की नजर भी मुझ पर नहीं पड़ी.

इस तरह 3 दिन मैंने उनकी जबरदस्त चुदाई की और फिर दिल्ली आ गया. हालांकि, दिल्ली आने के बाद भी हमारा ये सिलसिला जारी रहा. जब भी मुझे छुट्टी मिलती मैं वहां पहुंच जाता और रात में जम कर उनकी चुदाई करता. दोस्तों, ये थी मेरी कहानी. कैसी लगी मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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