पटियाले की प्यासी भाभी ने घर आकर चूत चुदवाई

फिर हमारी रोज ही बात होने लगी. उसके अन्दर बहुत आग थी. कुछ दिन के बाद मैंने उसको पार्क में मिलने के लिए बुलाया. वो आ गयी. उस दिन वो बहुत मस्त लग रही थी. उसने अपने सुंदर होंठों पर लाल लिप्स्टिक लगा रखी थी. हम दोनों बैठ के बातें करने लगे…

नमस्कार दोस्तों, क्या हाल है? मेरा नाम रोशन है (बदला हुआ) और मैं 24 साल का हूं. मेरा कद 6.1 इंच है और मैं दिखने में भी ठीक ठाक हूं. दोस्तों, मैं पटियाला का रहने वाला हूं और अन्तर्वासना पर रोज कहानियां पढ़ता रहता हूं. ये कहानियां मुझे बहुत अच्छी लगती हैं. इन कहानियों को पढ़ कर मैंने भी सोचा कि क्यों न मैं अपनी कोई कहानी लिखूं.

बात उस समय की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था. मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी भी सेक्स नहीं किया था. बस अपने दोस्तों से उनके सेक्स की कहानियां सुनता रहता था. उनकी कहानियां सुन कर मेरा भी बहुत मन करता था यह सब करने का, लेकिन न मेरी कोई गर्लफ्रेंड थी और ना ही पैसे देकर किसी से सेक्स करने की हिम्मत होती थी.

हमारे थर्ड ईयर के पेपर चल रहे थे. हम 3-4 दोस्त एक ही जगह पर इकट्ठे होकर पढ़ा करते थे. एक दिन पढ़ाई करने के बाद मैं और मेरा दोस्त दोनों पराठे खा कर वापस कमरे की तरफ जा रहे थे. तभी रास्ते मैं हमें 2 औरतें मिलीं. उसमें से एक ने मेरे साथ आंख से आंख मिलाई. क्या माल थी वो! एक दम भरा हुआ शरीर. बाहर को निकली हुई गांड. उसे देखते ही मैं पागल हो गया.

फिर मैं अपने दोस्त को साथ लेकर उनके पीछे चल पड़ा. वह बार – बार पीछे मुड़ के देख रही थी. थोड़ी दूर जाने के बाद मैंने अपना मोबाइल नंबर एक कागज पर लिख लिया और अगली बार जब वो पीछे मुड़ी तो मैंने सामने खड़े एक स्कूटर पर रख दिया. यह देख वो पीछे आई और आकर नम्बर ले गई. फिर हम अपने रूम आ गए.

उसी शाम मेरे पास एक अनजान नम्बर से कॉल आया. ये उसी का था. उसने अपना नाम आस्था बताया. पहली रात को ही हम लोग करीब घंटे भर बात करते रहे. बातों ही बातों में उसने बताया कि वो हरियाणा की रहने वाली है और अपने पति के साथ यहां रहती है.

फिर मेरे पूछने पर उसने बताया कि उसका पति किसी दुकान पर काम करता है और सारा दिन दुकान पर ही होता है. उसकी बात सुन कर मैं समझ गया कि अब मेरा जुगाड़ हो जाएगा. इसके बाद फिर मैंने उससे उसकी फ़ोटो भेजने को कहा तो झट से व्हाट्सएप पर अपनी कुछ तस्वीरें भेज दीं.

क्या बताऊं क्या चीज थी वो! मैंने तो उसी रात उसकी तस्वीरें देख कर अपना पानी निकाल दिया. उससे बात करके मुझे पहली रात को ही पता चल गया था कि वो क्या चाहती है.

फिर हमारी रोज ही बात होने लगी. उसके अन्दर बहुत आग थी. कुछ दिन के बाद मैंने उसको पार्क में मिलने के लिए बुलाया. वो आ गयी. उस दिन वो बहुत मस्त लग रही थी. उसने अपने सुंदर होंठों पर लाल लिप्स्टिक लगा रखी थी. हम दोनों बैठ के  बातें करने लगे.

फिर धीरे – धीरे मैं उसके पास जाने लगा और करीब जाकर उसको किस कर दिया. उसने मुझे ऐसा करने से बिल्कुल नहीं रोका. इसलिए फिर उस दिन मैंने उसको बहुत बार किस किया. बातों ही बातों में मैंने उससे कहा कि दिल तो कमरे में जाने का है. इस पर वो भी बोली कि दिल तो मेरा भी यही है. यह सुन के मैं खुश हो गया लेकिन उस दिन मुझे कमरा नहीं मिला और बात बस किस पर ही रह गयी.

फिर कुछ दिन बाद मैंने उसको मेरे कमरे पर मिलने को बोला. वो तैयार हो गई और अपने पति के जाने के बाद घर से निकल पड़ी. मैं अपने रूम के आगे वाले रास्ते पर खड़ा उसका इंतज़ार कर रहा था. वो आई तो मैंने उसे मेरे पीछे – पीछे कमरे की तरफ आने का इशारा किया. तभी मेरी निगाह गोद में लिए बच्चे पर पड़ी. उसने बताया कि उसकी 1 साल की बेटी भी है. मैंने सोचा अभी बेटी का क्या करूंगा. ख़ैर, फिर मैं उसको कमरे तक ले आया.

इसके बाद मैंने अपने एक दोस्त को कॉल करके बुलाया और उसको उसकी बेटी को खिलाने के लिए कहा. मेरा दोस्त उसकी बेटी को लेकर बगल वाले कमरे में चला गया और खिलाने लगा. अब हम दोनों कमरे में आ अकेले थे. क्या माल थी वो! इतनी अच्छी तरह से मैं उसे पहली बार देख रहा था.

फिर मैंने ज्यादा वक्त बर्बाद न करते हुए उसको बाहों में जकड़ लिया. ऐसा करने से मुझे एक दम ठंडक सी मिल गई. इसके बाद मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. उसके होंठ बहुत रसीले थे. मैं काफी देर तक उनका रसपान करता रहा.

दिल भर के किस करने के बाद मैंने धीरे – धीरे उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए. उसने ब्रा नहीं पहनी थी इसलिए कमीज उतरते ही उसके गोल – गोल मम्मे मेरे सामने आ गए. मैं उन्हें देखता ही रह गया. एकदम गोरे मम्मे थे उसके. फिर मैं भूखे कुत्ते की तरह उस पर टूट पड़ा. अब मैं कभी एक मम्मे को तो कभी दूसरे को चूस रहा था. उसके निपल्स काले थे लेकिन एकदम तने हुए और उसके थन से दूध भी निकल रहा था. मैं लगातार उसका दूध चूस रहा था. मन तो कर रहा था कि सारा दिन मैं उन्हें ही चूसता रहूं. वो भी पूरे मजे ले रही थी.

उसके मम्मों को चूसने के बाद फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला. मेरे लंड को देखते ही वो पागल हो गयी और हाथ में लेकर मजे लेने लगी. फिर मैंने उसे मुंह में लेने को बोला तो उसने बिना किसी ऐतराज के उसे मुंह में ले लिया. गजब की फीलिंग आ रही थी, ऐसा लग रहा था जैसे मैं स्वर्ग में पहुंच गया था. इतना मज़ा आज तक मुझे किसी भी काम में नहीं आया.

करीब 5 मिनट तक लंड चुसवाने के बाद मैंने जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैं चुदाई के लिए तैयार हो गया. फिर मैंने उसकी सलवार उतार दी. उसने नीचे काले रंग की पैंटी पहन रखी थी, जो उसके काम रस से एक दम भीग चुकी थी. मैंने उसे भी उतार दी.

अब उसकी गुलाबी चूत मेरे सामने थी. उस पर एक भी बाल नहीं था. यह देख मैंने देरी न करते हुए लंड को उसकी चूत पर सेट किया और एक ही झटके में पूरा अंदर पेल दिया. उसके मुंह से चीख सी निकल गयी. लेकिन लंड अन्दर जाने पर मुझे बड़ा मज़ा आया. मैं तो सातवें आसमान पर पहुंच चुका था.

अब मैं जोर – जोर से धक्के देने लगा. थोड़ी देर में सजा दर्द कम हुआ तो वो भी पूरे मजे लेने लगी. अब धक्के लगाने के साथ – साथ मैं उसके मम्मे भी मसल रहा था. वह मादक सिसिकियां ले रही थी, जिसे सुन कर मैं पागल हुआ जा रहा था.

अब मैं और जोर – जोर से धक्के मारने लगा. पूरा कमरा चुदाई की आवाज से गूंजने लगा. थोड़ी देर बाद फिर वो मेरे ऊपर आ गई और खुद कूद – कूद कर चुदवाने लगी. मैं बस नीचे लेटा मजे ले रहा था.

करीब 30 मिनट की घमासान चुदाई के बाद मैंने उसकी चूत ने ही पानी निकाल दिया. वो तब तक 3 बार पानी छोड़ चुकी थी. इसके बाद फिर मैं उसके ऊपर ही लेट गया. करीब 10 मिनट के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने फिर से उसको चोदना शुरू कर दिया. उस दिन मैंने उसे 3 बार चोदा. वह पूरी तरह संतुष्ट थी. दोस्तों, यह तजुर्बा मैं ज़िन्दगी भर नहीं भूल सकता. उस दिन के बाद भी वह कई बार मेरे पास आई और मैंने उसे बहुत बार चोदा. बाद में मैंने उसकी गांड भी मारी.

दोस्तों, मेरी यह कहानी आप लोगों को कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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