पत्नी ने चुदवाने से मना किया तो दोस्त की बहन को चोद दिया

मैं एक शादीशुदा आदमी हूं लेकिन मेरी पत्नी सेक्स में जरा भी इंटरेस्ट नहीं दिखाती. वह चुदवाने से मना कर देती है. एक दिन परेशान होकर मैंने अपना कुछ इंतज़ाम करने की सोची और दोस्त की बहन पर ट्राय मारा. आगे किस तरह मैंने उसे चोदा? ये आपको कहानी में जानने को मिलेगा…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम राज है और मैं पिछले 5 सालों से अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं. यहां पर प्रकाशित होने वाली लगभग सारी कहानियों को मैं पढ़ चुका हूं. बहुत सी कहानियां मुझे अच्छी लगीं तो कुछ खराब भी लेकिन जैसी भी थीं, उन्हीं को पढ़ कर मुझे भी अपनी कहानी लिखने का हौसला मिला और आज मैं अपनी सच्ची कहानी आप लोगों के लिए पेश कर रहा हूं. उम्मीद करता हूं मेरी यह कहानी आप लोगों को बहुत पसंद आएगी.

अब आप लोगों का ज्यादा समय खराब न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूं. दोस्तों, मैं मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले का रहने वाला हूं और एक सरकारी कर्मचारी हूं. मैं भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात हूं. दोस्तों, मैं शादीशुदा हूं लेकिन मेरी सेक्स लाइफ अच्छी नहीं है. मेरी और मेरी वाइफ की हमेशा सेक्स को लेकर लड़ाई होती रहती है, क्योंकि वो सेक्स में रुचि नहीं लेती है.

एक दिन ऐसे ही मेरा सेक्स का मूड था लेकिन वाइफ ने मना कर दिया. उसके मना करने के बाद अब मेरा तो दिमाग ही खराब हो गया. मैं तुरंत घर से निकला और सबसे पहले मॉडल शॉप जाकर बियर ली और उसे पिया.

बियर पीने के बाद फिर जब मुझे थोड़ा सुरूर होने लगा तो मैंने सोचा कि क्यों न किसी पर ट्राय मारते हैं, शायद काम हो ही जाए. मान गई तो जुगाड़ हो जाएगा नहीं तो नशे में था कह कर अपना बचाव तो कर ही लूंगा. यही सोच कर मैंने मेरे एक दोस्त की बहन जिससे मेरी कभी – कभी बात हो जाया करती थी उसको फोन मिलाया.

फिर जैसे ही उसने मेरा फ़ोन पिकअप किया वैसे ही सबसे पहले मैंने उससे कहा कि मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं. लेकिन मेरी बात सुन कर उसने कुछ जवाब नहीं दिया. उसे ये तो पता था ही कि मैं शादीशुदा हूं. फिर जब मैंने कई बार उसकी राय पूछी तो उसने भी मुझे हां कह दिया. यह सुन कर मेरी तो खुशी का ठिकाना ही न रहा.

उस दिन हमारी ज्यादा बात नहीं हो सकी क्योंकि मैं नशे में था. उसके पूछने पर मैंने कहा कि तुमसे ये बोलने की मेरो हिम्मत नहीं हो रही थी, इसलिए मैंने बियर पीकर नशे में तुमसे अपने दिल की बात कही. मेरी बात सुन कर वह और खुश हो गई.

उस दिन के बाद से मेरी और उसकी खूब बातें होने लगीं. धीरे – धीरे हम सेक्स की भी बातें करने लगे. वो भी वासना की आग में जल रही थी इसलिए कुछ ही दिनों बाद उसको चोदने का मौका मिल गया. अब क्या था उसके पास जाने से पहले मैंने अपने नीचे के बाल साफ किए और लंड की मालिश करके खूब तैयारी कर ली.

माफ करना दोस्तों, मैं तो आप लोगों को उसके बारे में बताना ही भूल गया. उसकी उम्र 21 वर्ष है और वह हाइट में मेरे से थोड़ी छोटी है. उसको चोदने के लिए में बहुत ज्यादा मचल रहा था. जैसे – जैसे मिलन का समय नजदीक आ रहा था वैसे – वैसे मुझे मेरे लंड को काबू करना मुश्किल होता जा रहा था.

फिर तय समय पर मैं उसके घर गया. उस टाइम वो घर पर अकेली थी. घर के बाकी सदस्य एक रिश्तेदार के यहां गए हुए थे. लेकिन वो घर देखने का बहाना बना कर रुक गई थी.

फिर दरवाजे पर जाकर मैंने बेल बजाई. उसने दरवाजा ख़ोला और मैं सीधा अंदर घुस गया. इसके बाद उसने दरवाजा बंद लिया और मेरे पास आ गई. उसके मेरे पास आते ही मैंने उसे पकड़ लिया और उसके नाजुक गुलाव से मखमली होंठों पर अपने होंठ रख कर किस करना चालू कर दिया. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

उसे किस करने के साथ – साथ मैं उसके मस्त छोटे – छोटे मौसम्मी जैसे उभारों को भी मसल रहा था. उसके मम्मे काफी मुलायम थे और मैंने उन्हें मसल – मसल के लाल कर दिया था.

करीब 10 मिनट तक उसे किस करने और मम्मों को मसलने के बाद मैं अपना हाथ नीचे ले गया और उसकी लेगिंग्स में डाल कर हाथ उसकी चूत पर रख दिया. चूत पर हाथ लगते ही वह मचल उठी. फिर धीरे – धीरे मैं अपने हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा. मेरे ऐसा करने से अब वो आहें भरने लगीं.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने मौका देख कर अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, जिसके कारण वो चिहुंकने लगी. यह देख मुझे और भी ज्यादा मज़ा आने लगा. अब कभी मैं उसकी चूत में उंगली करता था तो कभी उसकी गांड को दबाता था, जिसके कारण धीरे – धीरे हम दोनों बहुत गर्म हो चुके थे.

इसलिए फिर मैंने उसको पूरा नंगा कर दिया. अब उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था और वह मेरे सामने जन्मजात नंगी खड़ी थी. उसकी बहुत छोटी सी एक दम चिकनी बिना बालों वाली चूत थी. उसका यौवन देख कर मैं पागल हो गया और काफी देर तक उसे ही निहारता रहा. मेरी तंद्रा तब टूटी जब उसने मुझे हिला कर पूछा कि कहां खो गए हो?

फिर मैं खुद भी नंगा हो गया. इसके बाद मैं उसे बेड रूम में ले गया और बीएड पर लिटा दिया. इसके बाद मैंने उसकी चूत पर हल्का सा किस किया तो मचल गयी. फिर मैं सीधा हुआ और मैंने उसकी टांगें खोल कर अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ना स्टार्ट किया. वह एक दम मदमस्त हो गई.

अब मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था. फिर मैंने उसकी चूत के छेद पर अपना लंड रख कर हल्का सा दबाव दिया. लेकिन लंड फिसल गया. फिर मैंने दोबारा कोशिश की तो इस बार लंड के आगे का हिस्सा यानि कि मेरा सुपाड़ा उसकी चूत के अंदर चला गया, जिससे उससे दर्द होने लगा तो वो मना करने लगी लेकिन मैं रुका नहीं और मैंने उसको किस करना जारी रखा. जिससे थोड़ी देर बाद वो नीचे से अपनी गांड चलाने लगी.

फिर धीरे – धीरे करके मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया. इससे उसकी सील टूट गई और थोड़ा सा ब्लड भी बाहर आया लेकिन मैंने वो सब नजरअंदाज कर दिया. अब मैं धक्के पर धक्के मारने लगा. उसकी चूत काफी टाइट थी, इसलिए बहुत मज़ा आ रहा था.

अपनी टाइमिंग बढ़ाने के लिए चुदाई के दौरान बीच – बीच में मैं रुक भी जाता था और थोड़ी देर बाद फिर से चोदने लगता, जिससे उसको भी बहुत मजा आ रहा था. लंड और चूत के मिलन वाली फच्च – फच्च की आवाज से पूरा कमरा गूंज रहा था.

यह आवाज हमारी उत्तेजना को और बढ़ा रही थी. लगभग 20 मिनट तक उसे चोदने के बाद मैंने अपना सारा पानी उसकी चूत में ही निकाल दिया. उसकी चूत भी ऐसे फुदक रही थी, जैसे मेरे लंड से निकलने वाले रस की एक – एक बूंद अपने अंदर समेट लेना चाहती हो.

फिर थोड़ी देर बाद मेरा लंड दोबारा खड़ा हो गया. इस बार मैं उसकी गांड मारना चाहता था लेकिन उसने मना कर दिया. मैंने बहुत मनाया पर उस दिन वो नहीं मानी. हालांकि, अब मैंने उसकी गांड भी मार ली है और अब वह एक तरह से मेरी असली और दूसरी पत्नी बन कर रह रही है. जब भी मौका मिलता है हम खूब मज़े करते हैं. दोस्तों, आप लोगों से मुझे एक बात कहनी है, “सेक्स का मजा तब ही आता है, जब आपका पार्टनर भी भरपूर साथ दे”. बिना पार्टनर के साथ के तो ‘अपना हाथ जगन्नाथ’ ही ठीक है. आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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