पीछे से जाकर गर्लफ्रेंड का पिछवाड़ा फाड़ दिया

मेरे पड़ोस में एक खूबसूरत लड़की रहती थी. मैंने उसे फंसा लिया. लेकिन हमें चुदाई का मौका नहीं मिल पा रहा था. फिर एक दिन जब हमारे घर पर कोई नहीं था तो मैं पिछवाड़े से उसके घर गया और वहां जाकर उसकी गांड फाड़ चुदाई की…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम है प्रसाद है और मैं मध्य प्रदेश राज्य का रहने वाला हूं. आज मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूं. मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती थी, जिसका नाम सुनैना था. एक दम चकाचक माल थी. उसके बूब्स 34 और उसकी गांड 36 की थी. जब वह चलती थी तो उसे देख कर मेरा लन्ड खड़ा हो जाता था.

वह मेरी पड़ोसन थी तो कभी – कभार मेरे घर भी आ जाया करती थी. एक दिन उसके मम्मी – पापा किसी शादी में चले गए. उसका पेपर चल रहा था इसलिए वह नहीं गई. अब वह अपने घर में अकेली थी.

दोस्तों, मेरी उससे बचपन से बनती थी. उसे अकेली पाकर एक – दो बार मैंने उसको लाइन मारा और वह पट गई थी. फिर मैंने उसे अपना मोबाइल नम्बर दे दिया और हम फ़ोन पर बात करने लगे. घर में अकेली होने के कारण वह पूरा – पूरा दिन मेरे साथ बातें करती थी.

एक दिन मैं अपने घर के पीछे पेशाब कर रहा था. तभी वो अचानक आ गई और उसकी नज़र मेरे लन्ड पर पड़ी. जिसे देख कर वह मन ही मन खुश हो गई (यह बात बाद में उसने ही मुझे बताई थी).

फिर जब मैं पेशाब करके वापस आया तो उसका फ़ोन आया. हम बात करने लगे. बातों ही बातों में उसने मुझसे कहा कि उसने मेरा लन्ड देख लिया है. तब मैंने उससे कहा कि किसी से इस बात को बताना नहीं. वो मान गई. फिर इस तरह धीरे – धीरे हमारे बीच सेक्स वाली बातें होने लगीं.

वह घर में अकेली थी, इसलिए मैं उसे नंगी होने को कहता तो वह नंगी होकर अपने पूरे घर में घूमती थी. इस दौरान मैं बीच – बीच में चुपके से उसे देख लेता था. उसका गोरा – गोरा बदन, 34 के बूब्स और मोटी गांड और गुलाबी होंठ देख के मेरा मन तुरंत ही उसे चोदने का करता लेकिन घर में मैं उसके घर नहीं जा पा रहा था. लेकिन इतना तो समझ ही गया था कि लौंडिया चुदाई के लिए तैयार है.

फिर अगले दिन दोपहर टाइम उसने मुझे फोन किया और अपने घर आने को कहा. शायद वह भी चुदाई करवाना चाहती थी. लेकिन उसके कहने के बावजूद भी मैं डर की वजह से उसके घर नहीं गया. फिर 9 दिन बाद उसके मम्मी – पापा अपने रिश्तेदार के यहां से वापस आ गए और इस तरह हमारी चुदाई अधूरी ही रह गई. लेकिन फ़ोन पर हमारी सेक्सी बातें जारी रहीं.

ऐसे ही चलता रहा. 2-3 महीने के बाद उसकी नानी की डेथ हो गई. तो उसके मम्मी – पापा वहां चले गए. इस बार भी वह घर में अकेली ही थी. संयोग से उस समय मेरे घर वाले भी चाचा के घर गए हुए थे और 6-7 दिन बाद ही वापस आने वाले थे.

ये हमारे लिए मौका था और अगर हम दोनों इस मौके से चूक जाते तो फिर शायद ही कोई और मौका मिल पाता. पहले हमने फ़ोन पर बात करके प्लान बनाया और फिर रात में 12 बजे मैं उसके घर के पीछे पहुंच गया. उसने चुपके से दरवाजा खोल दिया और मैं अगले ही सेकेण्ड मैं उसके घर के अंदर हो गया.

उस टाइम सुनैना ने जीन्स और टॉप पहन रखा था. उसने मेरे लिए खाना भी बना रखा था और कोल्ड ड्रिंक की बोतल भी ला रखी थी. पहले तो हम दोनों ने खाना खाया. फिर कोल्ड ड्रिंक पी. इसके बाद उसने फ्रीज से आइसक्रीम निकाली और हम खाने लगे.

तभी थोड़ी से आइसक्रीम उसके होंठों पर लग गई. यह देख मैंने उसे साफ करने का इशारा किया लेकिन उसे समझ नहीं आया या शायद उसने नासमझी का बहाना किया. फिर मैंने उससे कहा कि लाओ मैं हटा देता हूं. इतना कह कर मैंने अपने होंठ से उसके आइसक्रीम लगे होंठों को चूसना चालू कर दिया.

अब वो भी धीरे – धीरे गर्म हो गई. मैं काफी देर तक उसके होंठों पर किस करता रहा. इस दौरान मैं बीच – बीच में उसके होंठों को काट भी लेता था. तभी अचानक उसने अपनी जीभ मेरे मुंह के अंदर कर दी. मैं उसकी जीभ को चूसने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों.

करीब 20 मिनट तक होंठों को किस करने के बाद मैंने उसके गालों को चूमा और फिर सिर को चूमते हुए नीचे आकर उसकी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया. अब हम बहुत ज्यादा उत्तेजित होते जा रहे थे.

फिर मैंने उसके पेट को चूमते नीचे आया और उसकी नाभि पर जीभ फिराने लगा. इससे उसकी उत्तेजना अपने चरम पर पहुंच गई और वह सिसक उठी. मैं समझ गया कि अब सही वक्त आ गया है. अब ज्यादा देर करना ठीक नहीं. फिर मैंने उसको गोद में उठा कर बिस्तर में ले गया और लिटा दिया. बिस्तर पर लेट के वह मुझे इस तरह घूर रही थी जैसे सालों पुरानी प्यास को मेरे साथ मिटाना चाह रही हो.

इसके बाद मैंने एक बार उसकी गर्दन को चूमा और फिर मैंने ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स पर होंठ लगा दिया और उन्हें चूमने लगा. बीच – बीच में मैं उसके बदन पर भी जीभ फिरा देता था. उसने काली ब्रा पहन रखी थी. जिसे मैंने अपने हाथों से खींच कर फाड़ दिया.

अब उसके नंगे बूब्स मेरी नज़रों के सामने थे. उन्हें देख कर मैं बेताब हो गया. फिर मैंने तुरंत ही उन्हें पकड़ लिया और तेज – तेज दबाने लगा. उसके 34 के साइज के मुलायम बूब्स दबाने में बहुत ही मज़ा आ रहा था.

इधर मैं उसके बूब्स मसलने में व्यस्त था तभी उसने मौका देख के मेरी जीन्स उतार दी. मेरा लन्ड अपने पूरे फॉर्म में था और ऐसा लग रहा था कि अंडर वियर ही फाड़ डालेगा. उसे देख के उसके मुंह में पानी आ गया.

फिर उसने मेरी अंडर वियर उतारी और लन्ड को सहलाने लगी. उसका हाथ लगते ही मैं और भी ज्यादा उत्तेजित हो गया. कुछ देर तक लन्ड को सहलाने के बाद सुनैना ने मेरे हथियार को मुंह में ले लिया और आइसक्रीम की तरह चाटने लगी.

वह इतनी मस्त तरीके से लन्ड चुसाई कर रही थी कि कुछ ही देर में मेरा माल निकल कर उसके मुंह में चला गया. जिसे वो पी गई. फिर उसने लन्ड को जीभ से चाट – चाट कर एक दम से साफ कर दिया.

इसके बाद मैंने उसकी जीन्स उतार दी. अंदर उसने काली कलर की पैंटी पहन रखी थी. मैंने उसे भी उतार दिया. फिर मैं उसके बूब्स से अपना मुंह हटाया और नीचे पेट पर आया. फिर मैंने उसकी टांगों को फैलाया और चूत पर हाथ फेरने लगा.

उसकी चूत एक दम से गीली थी. मैंने उसकी चूत के छेद को टटोला तो वह काफी टाइट लगी. इससे मुझे ये विश्वास हो गया कि वह कुंवारी है और अभी तक किसी ने उसका कौमार्य नहीं भंग किया है.

फिर मैंने अपना हाथ नीचे सरकाया और एक उंगली बाहर करके उसकी गांड के छेद में डालने लगा. अब उसके मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं. फिर मैंने उसकी दोनों टांगों को अलग करके उसकी चूत को अपने मुंह में लेने लगा.

उसकी चूत का टेस्ट मुझे बहुत मस्त लग रहा था. उसकी चूत से जो काम रस निकल रहा था उसका टेस्ट थोड़ा कसैला सा लग रहा था. अब उसकी उत्तेजना की कोई सीमा नहीं थी. वो कहने लगी कि अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो पाएगा, अब बस मुझे चाहिए, डालो लन्ड अंदर, चोदो मुझे जल्दी चोदो.

इसके बाद फिर उसने अपने हाथों से मेरे लन्ड को पकड़ा और मुझे नीचे जाने को कहा. मैं गया तो उसने लन्ड अपनी चूत के छेद पर लगा दिया. लेकिन मैं उसकी गांड मरना चाहता था इसलिए उससे कहा कि पहले मैं तुम्हारी गांड मारूंगा. चूत बाद में मारूंगा. अब मेरा लन्ड उसकी गांड में जाने के लिए पूरी तरह तैयार था.

फिर मैं प्यार से धीरे – धीरे धक्के लगाने लगा. जब थोड़ा लन्ड अंदर गया तो मुझसे कंट्रोल न हुआ और मैंने जोर से एक धक्का दे दिया. इस धक्के के साथ मेरा पूरा लन्ड उसकी गांड में घुस गया. उसे थोड़ा दर्द तो हुआ लेकिन वह बोली कुछ नहीं. फिर थोड़ी देर बाद मैं जोर – जोर से धक्के लगाने लगा.

अब वह भी मस्त हो गई और मजे से चुदाई करवा रही थी. थोड़ी देर बाद मैंने उसे कुतिया बनने को कहा. वह तुरंत ही कुतिया बन गई. फिर मैं पीछे से उसकी गांड में लन्ड डाल कर धक्के लगाने लगा.

अब वह मदमस्त हो चुकी थी और उसके मुंह से, “चोदो चोदो चोदो डालो और अंदर डालो” जैसी आवाजें आ रही थीं. उसकी ये आवाजें मुझे और उत्तेजित कर रही थीं. फिर कुछ देर बाद मेरे लन्ड ने अपना माल छोड़ दिया. जिसे मैंने उसकी गांड के अंदर ही भर दिया. क्योंकि गांड में जाने से प्रेग्नेंसी का कोई खतरा था ही नहीं.

फिर हम कुछ देर तक ऐसे ही एक – दूसरे से चिपक के लेटे रहे. पता ही नहीं चला कि कब हम नींद के आगोश में पहुंच गए.

करीब 2 घंटे बाद जब नींद खुली तो मैं पेशाब करने बाथरूम गया. तभी वह वहां भी आ गई. फिर क्या था. इस बार वहीं बाथरूम में मैंने उसकी चूत चुदाई की. इसके बाद साथ में नहाए और फिर बाहर निकल के उसने चाय बनाई. हमने साथ में चाय पी. अब सुबह हो रही थी. इसलिए थोड़ी देर बाद मैं पीछे के ही दरवाजे से अपने घर आ गया. फिर जब तक हमारे घर वाले नहीं आए मैं रोज रात उसके पास जाता और जम के चुदाई करता.

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