पोर्नोग्राफी की बहस और सामूहिक चुदाई

पोर्नोग्राफी देखने से होने वाले नफे-नुकसान पे  अंतहीन बहस जारी है. पर सच तो ये है की अधिकांश लोगों को ये संतुष्ट ही करता है. ये कहानी भी उसी बहस से निकल कर आई है. हमारे समाज में यौन उत्कंठाओं को शान्त कारण उतना सहज नहीं है. लेकिन शोभना जैसी आजाद ख्याल महिलायें इन सब बातों की परवाह किये बगैर जिन्दगी का मजा लेती हैं…..

४५ वर्ष की उम्र में भी सामाजिक कार्यों में मिसेज चावला की सक्रियता देखते ही बनती थी. पति के गुजरने के बाद भी उन्होंने अपने आप को इन्ही कार्यों में मशरूफ रखा था. उनका लड़का जतिन भी अब १९ वर्ष का हट्टा कट्टा नौजवान हो चुका है. माता पिता का पूर्ण ध्यान न मिल पाने की वजह से जतिन का व्यक्तित्व अंतर्मुखी हो चला था. वो अक्सर दोस्तों से दूर अपने कमरे में ही समय गुजारता या जिम में समय बिताता.

मिसेज चावला युवा विकास से जुडी एक संस्था की अध्यक्षा थी. उस संस्था में उनके साथ बहुत सारी  ऐसी प्रौढ़ महिलाएं भीं थीं, जो सिर्फ टाइम पास के लिए ही मिसेज चावला के साथ जुडी थीं. आज मिसेज चावला ने घर पे ही “पोर्नोग्राफी का युवाओं पे पढने वाले प्रभाव” विषय पे परिचर्चा करने के लिए संस्था की महिला सदस्यों को बुलाया है.

रविवार का दिन होने की वजह से सिर्फ दो ही महिला आ सकीं एक ४० वर्षीय तलाकशुदा मिसेज तनूजा शर्मा, जो की चावला जी पडोसी थीं और दूसरी मिसेज अनुराधा जिनकी उम्र ५० वर्ष की थी. तीनों महिलाये इस बात से बिलकुल सहमत थी की पोर्नोग्राफी पूर्णतया प्रतिबंधित होनी चाहिए और देश के  युवाओं के भटकने की एक मात्र वजह पोर्नोग्राफी ही है.

परिचर्चा पूरे जोर शोर से चल रही थी कि तभी ४२ वर्षीया शोभना ने एंट्री ली. शोभना एक खुले विचारों वाली बिंदास महिला है. जो सेक्स और दुसरे बोल्ड विषयों पे खुल कर अपने विचार रखती है, और शायद यही वजह थी की संस्था की अधिकतर महिलाएं जिनमे ये तीनो भी थीं, शोभना को पसंद नहीं करती थीं. लेकिन शोभना को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था. तभी जतिन भी जिम से लौटकर घर आया. घर आये सभी मेहमानों को नजरंदाज करते हुए वो सीधा अपने कमरे में चला गया. लेकिन शोभना जो की बहुत दिनों के बाद जतिन को देख रही थी उसने मिसेज चावला से कहा- वाह ! मिसेज चावला जतिन तो काफी हैण्डसम और सेक्सी लुक वाला हो गया है.

‘सेक्सी’ शब्द पे उसने कुछ ज्यादा ही जोर दिया, जो बाकि तीन महिलाओं को अच्छा नहीं लगा.

खैर, आते ही शोभना ने सवाल दागा की आखिर पोर्न में गलत क्या है. भूख लगने पे सभी खाना खाते हैं, बीमार होने पे दवा लेते हैं, मूड होने पे कोई एंटरटेनमेंट फिल्म देखते हैं तो मूड होने पे सेक्स देखने या करने में क्या हर्ज है? सिर्फ आपसी सहमती होनी चाहिए वर्ना पोर्न देखने या सेक्स करने में मुझे कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगता है.

ये सुनकर तो जैसे अनुराधा के तन बदन में आग लग गयी और वो व्यक्तिगत आक्षेप लगाते हुए शोभना को बुरा भला कहने लगी. शोभना ने जवाब में अनुराधा के ऊपर सामने पड़ी पेस्ट्री फेक दी और अनुराधा ने टोमेटो सॉस का बाउल शोभना के कपड़ो पे गिरा दिया. किसी तरह मिसेज चावला ने बीच बचाव करके दोनों को शांत किया. लेकिन शोभना के कपडे सॉस गिरने की वजह से खराब हो गए थे. मिसेज चावला ने शोभना से सॉरी कहा और कहा की ऊपर वाले बाथरूम में जाकर अपने कपडे साफ कर ले.

शोभना फर्स्ट फ्लोर् पे बने बाथरूम में जाकर अपने कपडे पे लगे दाग साफ करने लगी. तभी बाथरूम से सटे कमरे में उसे कुछ अजीब आवाजें सुनाई दी. वो बाथरूम से निकल कर कमरे के पास गयी हलके धक्के से ही दरवाजा खुल गया, अन्दर झाँका तो देखा की जतिन पोर्न ब्लू फिल्म देखते हुए हस्तमैथुन कर रहा है.

जतिन का मोटा और बड़ा लंड देखकर शोभना अचंभित हुयी. जतिन तो घबरा ही गया, और किसी को कुछ न बताने की विनती करता हुआ सॉरी बोलने लगा. पास ही पड़ा कुसन उठा कर वो अपना लंड ढकने लगा. शोभना धीरे धीरे उसके करीब गयी, उसे शांत करते हुए कुशन हटा दिया. जतिन का लंड अभी भी तना हुआ था. शोभना ने उसे अपने हाथों में लेकर सहलाना शुरू किया. फिर शोभना अपने घुटनों पे बैठकर जतिन के लंड को अपने मुह में डालकर मुखमैथुन करने लगी. शोभना ने भले शादी नहीं की थी लेकिन सेक्स का अनुभव और खास तौर से मुखमैथुन का अनुभव उसे नीचे बैठी बाकि तीनो महिलाओं से ज्यादा ही था.

जतिन का डर भी अब जाता रहा और अपने कूल्हों को आगे पीछे करते हुए वो शोभना का मुख्चोदन करने लगा. अब तक शोभना अपने कपडे उतार कर पूरी नंगी होकर चुदाई का मजा ले रही थी. जतिन अब शोभना की चूत चुदाई में लगा हुआ था. और शोभना की बड़ी चूच भी जतिन के हथेलियों की गिरफ्त में थी.

नीचे आने में जब शोभना को ज्यादा देर हो रही थी तो मिसेज चावला ने सोचा की चलकर देखा जाय की आखिर क्यों इतनी देर हो रही है, कही वो बाथरूम में रो तो नहीं रही. तनूजा को भी शोभना के साथ हुए बुरे बर्ताव का बुरा लग रहा था, तो उसने मिसेज चावला को रोकते हुए कहा की आप यहीं रुकिए मैं उसे मना कर लाती  हूँ.

ऊपर जाकर तनूजा ने देखा की बाथरूम में कोई नहीं है, लेकिन बगल वाले कमरे से आ रही आवाजों ने उसकी जिज्ञासा बढ़ा दी. अन्दर झाँक कर देखने पे तनूजा को ४४० वोल्ट का झटका लगा. उस समय एक राउंड चुदाई होने के बाद शोभना फिर से जतिन का लंड चुसाई करके उसे अपने आकार में ला चुकी थी.

अन्दर का ये दृश्य देखकर तनूजा जितना अचम्भित नहीं हुयी थी उससे ज्यादा वो जतिन के 7.5 इंच का बड़ा लंड देखकर हो रही थी. नीचे वो जिस चीज की मुखालफत कर रही थी ऊपर वो ही दृश्य लाइव देखकर उसकी चूत गीली हो रही थी. तभी जतिन की नजर अपनी तनूजा आंटी पे पड़ी तो उसने तुरंत अपना लंड शोभना के मुह से खींच लिया. लेकिन शोभना ने कोई हड़बड़ी नहीं दिखाई. उसकी नजर तनूजा की उँगलियों पे पड़ चुकी थी जो इस वक़्त चूत खुजा रही थीं.

शोभना ने स्टाइल में कैट वाक करते हुए तनूजा का हाथ पकड़ा और उसके हाथों में जतिन का लंड पकड़ा दिया. ना ना करते हुए तनूजा मना करने लगी लेकिन शोभना के छोड़ देने के बाद भी उसने जतिन का लंड नहीं छोड़ा और हौले- हौले उसका हस्तमैथुन करने लगी. लेकिन शोभना ने जतिन का लंड उसके हाथों से लेकर उसके मुह पे लगा दिया. तनूजा भी अब जतिन का लंड अपने मुह से चूसने लगी.

कुछ ही देर में जतिन का लंड दोनों आंटीयों को संतुस्ट कर रहा था. और नीचे मिसेज चावला और अनुराधा आंटी पोर्नोग्राफी से होने वाले नुकसान का विश्लेषण करने में व्यस्त थीं. तभी अनुराधा आंटी को ख्याल आया की तनूजा को गए हुए काफी देर हो गयी. मिसेज चावला फिर से चाय लेने किचेन में जाने लगीं और अनुराधा आंटी ऊपर तनूजा और शोभना को देखने के लिए सीढियां चढ़ने लगीं….

 

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