रास्ते में मिली अजनबी हसीना से चुदाई

अब उसने भी मुझसे मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा तो मैंने फटाफट अपने सारे कपड़े उतार फेंके. तभी रिया की नजर मेरे लन्ड पर गई तो वह मेरे लण्ड को आँखें फाड़कर देखने लगी और बोली इतना बड़ा लण्ड! उसके जवाब में मैंने सिर्फ मुस्कुरा दिया. मुझे मुस्कुराते हुए देख कर रिया ने मुस्कुराते हुए मेरा लण्ड पकड़ लिया और मुझे अपनी ओर खींचा…

नमस्कार दोस्तों! मैं राज लखनऊ से आपकी सेवा में हाजिर हूँ. मेरी उम्र 25 साल है और मेरे लण्ड का साइज़ 7 इंच है. अब मैं कहानी पर आता हूँ. हुआ ऐसा कि मुझे किसी काम से दिल्ली जाना था, जिसके लिए मैंने लखनऊ मेल के फर्स्ट एसी में रिजर्वेशन लिया. मैं तय समय पर आकर अपने कूपे में बैठ गया.

मेरे सामने की सीट खली थी. लेकिन कुछ देर बाद उस पर 27-28 साल की एक खूबसूरत लड़की आकर बैठ गई. क्या गजब की लड़की थी यार! एकदम दूध सी सफेद और उसका फिगर तो एकदम मस्त था. मेरे ख्याल से 34-28-36 का तो रहा ही होगा.

अब हम दोनों अपनी सीट पर बैठ गए और ट्रेन भी चल दी. कुछ देर बाद हमने बातचीत शुरू की. बातचीत के दौरान उसने अपना नाम रिया बताया और मैंने भी उसको अपना परिचय दिया. उसने बताया कि वो भी दिल्ली अपने किसी रिश्तेदार के यहां जा रही है.

ऐसे ही हमारे बीच बातें होती रही. इस दरम्यान मैंने उसकी खूबसूरती की तारीफ की तो वह मुस्कुरा कर मुझे धन्यवाद बोली. तो फिर मैंने उससे पूछा कि क्या उसका कोई बॉयफ्रेंड है? जवाब में उसने नहीं में अपना सिर हिला दिया.

यह देख कर मैंने कहा कि इतनी खूबसूरत लड़की का बॉयफ्रेंड नहीं है इस बात पर विश्वास करना थोड़ा कठिन है. तब उसने बताया कि पहले उसका बॉयफ्रेंड था. बाद में उसने, उसको धोखा दे दिया था. अब इतना बोलते – बोलते उसकी आंखों से आंसू बहने लगे.

उसको रट हुए देख कर मैंने उसको ढांढस बंधाया. तो उसने मुझे धन्यवाद बोला और फिर मेरे बारे में पूछने लगी. फिर मैंने भी उसे बताया कि मेरी कहानी भी करीब – करीब आप जैसी ही है. अभी हम बात कर ही रहे थे कि टीटी आ गया और फिर हमने बातचीत को रोक कर उसे अपना टिकट दिखाया और अपना कूपा बंद कर लिया.

फिर मैंने रिया से पूछा – मैं चेंज करना चाहता हूँ. अगर आपको कोई दिक्कत न हो, तो क्या मैं यही चेंज कर लूँ?

इस पर रिया ने कहा – कर लीजिए, मुझे कोई दिक्कत नहीं है.

फिर मैंने उसको धन्यवाद बोला और वहीं पर अपने कपड़े उतार कर ट्रैक सूट पहनने लगा. मैंने तिरछी नजर से उसकी तरफ देखा तो पाया कि वो मेरी मस्कुलर बॉडी को घूर रही थी. यह देख कर मैं मन ही मन मुस्कुराया और फिर ट्रैक सूट पहन कर मैं उसके सामने बैठ गया.

अब रिया को देख कर मेरा चुदाई का मन कर रहा था लेकिन मैं उसके साथ कोई जबरदस्ती बिल्कुल ही नहीं करना चाहता था. मैं उसे चोदने के बारे में सोच ही रहा था कि तभी ट्रेन में ज़ोर से ब्रेक लगी और झटके की वजह से रिया अपनी सीट से मेरे ऊपर आ गयी.

अब मुझे मौका मिल गया था. मैंने उसको सँभालने के बहाने अपनी बाँहों में जकड़ लिया और उसकी तरफ देखने लगा. रिया भी मेरी आँखों में ही देख रही थी. एक – दूसरे को देखते हुए कब हमारे होंठ आपस में मिल गए पता ही नहीं चला और हम दोनों एक – दूजे को मस्ती में किस करने लगे.

रिया तो जैसे सदियों से प्यासी थी और आज मेरी बाहों में आकर एकाएक उसके अरमान जग गए थे. अब मैं किस करते – करते उसकी चूचियाँ मसलने लगा. फिर हम दोनों की सांसें तेज होने लगी. अब मैं उसकी जीभ और उसके दोनों होंठों को बारी – बारी से चूसने लगा और मुझे देख रिया भी वैसा ही करने लगी.

फिर धीरे – धीरे उसका हाथ मेरे ट्रैक सूट के ऊपर से ही लण्ड को मसलने लगा. अब मैंने उसको खड़ा किया और उसके कपड़ों को उसके शरीर से अलग करने लगा. अपने कपड़े उतारने में वो भी मेरी मदद करने लगी.

अब जब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में आ गई थी तो उसको देख कर मैं पागल हो गया था और ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचियाँ चूसने लगा. इस वजह से रिया मस्त होने लगी थी और उसके मुंह से मादक आहें निकलने लगी थीं. फिर मैंने जोश में आकर उसकी ब्रा के स्ट्रिप्स तोड़ डाले, जिससे उसकी ब्रा नीचे सरक गई. फिर मैं उसके निप्पल चूसने लगा.

अब उसने भी मुझसे मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा तो मैंने फटाफट अपने सारे कपड़े उतार फेंके. तभी रिया की नजर मेरे लन्ड पर गई तो वह मेरे लण्ड को आँखें फाड़कर देखने लगी और बोली इतना बड़ा लण्ड! उसके जवाब में मैंने सिर्फ मुस्कुरा दिया. मुझे मुस्कुराते हुए देख कर रिया ने मुस्कुराते हुए मेरा लण्ड पकड़ लिया और मुझे अपनी ओर खींचा.

अब मैं उसके करीब आ गया और फिर रिया मेरा लण्ड चूसने लगी. मैं भी उसका सिर पकड़ कर उसके मुंह में अपना लण्ड अंदर – बाहर करने लगा. रिया सेक्स में माहिर एक अच्छे खिलाड़ी की तरह मेरा लण्ड चूस रही थी. अब मैंने उसको सीट पर पीछे धकेल दिया और खुद नीचे जाकर बैठ गया और उसकी पैंटी खींच कर उतार दी.

उसकी बिना बालों वाली नंगी चूत को देख कर मेरा मन उसको खा जाने का करने लगा तो मैं उसकी चूत चाटने लगा और बार – बार अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल कर उसे जीभ से ही चोदने लगा. अब रिया बहुत उत्तेजित हो गयी थी और अब उसके मुँह से मादक आवाज़ें निकलने लगी थीं.

वह बोल रही थी “आह राज, मेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है. प्लीज, आज अपने इस मूसल जैसे लण्ड से मेरी चूत की खुजली मिटा दो.” उसकी उत्तेजना देख कर अब मैंने भी और ज्यादा देर करना उचित नहीं समझा. फिर मैंने उसकी दोनों टांगों को अपने कंधे पर रखा और अपना मस्त लम्बा लण्ड उसकी चूत पर रगड़ने लगा.

फिर अचानक ही मैंने एक जोरदार धक्का मारा जिससे मेरे लन्ड का सुपाड़ा उसकी चूत में घुस गया. चूँकि उसकी चूत काफी टाइट थी जिस कारण उसको हल्का दर्द भी हो रहा था. अब मैंने फिर से एक धक्का मारा और मेरा आधा लण्ड उसकी चूत के अंदर चला गया. उसने कहा – ओह राज, तुम बहुत सेक्सी हो.

उसके ऐसा कहते ही मैंने फिर से एक धक्का मारा और अब पूरा लण्ड अंदर चला गया. अब मैं धीरे – धीरे अपना लन्ड उसकी टाइट चूत में अंदर – बाहर करने लगा. फिर मैं चुदाई की रफ़्तार बढ़ाने लगा. रिया लगातार बोले जा रही थी – ओह राज, फ़क मी हार्डर, आई ऍम सो हॉर्नी. आह राज फ़क मी और जोर से चोदो मुझे. आह आह, मैं आज के इस सफ़र को कभी नहीं भूलना चाहती.

इधर मैं धकापेल रिया को चोदे जा रहा था. इस बीच रिया एक बार झड़ गयी लेकिन मैं अभी भी लगा हुआ था. अब मैंने रिया से पोज़ बदलने को कहा और उसका हाथ सीट पर रख कर उसको डॉगी स्टाइल में खड़ा कर दिया और फिर मैं पीछे से उसकी चूत चाटने लगा.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने फिर से अपना लण्ड उसके चूत पर रखा और एक ही झटके में अपना पूरा लण्ड उसकी चूत में पेल दिया और फिर अपनी पूरी रफ़्तार मैं उसकी चूत में धक्के लगाने लगा. मेरे हर धक्के के साथ रिया की चूचियाँ भी बार – बार हिल रही थीं, जिन्हें मैं अपने हाथों से बीच – बीच में मसल भी देता था.

मदमस्त रिया लगातार चिल्ला रही थी – आह्ह आह, और जोर से चोदो मुझे. आज मेरी चूत को फाड़ डालो. ये रोज मुझे बहुत परेशान करती है.

मैं उसे चोदते हुए लगातार उसकी गांड पर बीच में चपत भी लगाता जा रहा था. जिससे रिया की आह निकल जाती थी. कुछ देर बाद मैंने रिया से कहा – रिया, मैं झड़ने वाला हूँ तो उसने बोला मेरी चूत में ही झड़ जाओ, मैं भी बस आने ही वाली हूँ.

फिर कुछ धक्कों के बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गए. उसकी पूरी चूत मेरे वीर्य से भर गयी और हम दोनों एकदम निढाल होकर एक ही सीट पर लेट गए. मैंने उसके चहरे पर पूर्ण सन्तुष्टता के भाव देखे. मुझे अपनी तरफ देखता पाकर रिया ने मुझे चूम लिया और मुझसे बोली – तुमने आज मुझे बहुत बड़ी ख़ुशी दी है मैं इसको कभी नहीं भूल सकती, आई लव यू सो मच.

फिर मैंने भी पलट कर उसको आई लव यू टू बोला. फिर जब हमने समय देखा तो सुबह होने वाली थी और हम दिल्ली पहुँचने ही वाले थे तो हम दोनों ने अपने – अपने कपड़े पहने और एक -दूसरे को अपना नंबर दिए और अपनी – अपनी सीट पर बैठ कर स्टेशन आने का इंतज़ार करने लगे.

दोस्तों, ये थी मेरी पहली चुदाई की कहानी. उम्मीद करता हूँ यह आपको जरूर पसंद आई होगी. मुझे मेल कर अपनी राय जरूर दें. मेरी मेल आईडी है – [email protected]

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