रीमा की मस्त चुदाई

बिन्दास लड़की रीमा का खुलापन ही आदित्य को सबसे ज्यादा आकर्षित करता था. ऐसे में दोनों को सिर्फ एक मौके की तलाश थी. और वो मौका भी उन्हें जल्दी ही मिल गया. वो भी रीमा के घर पे. फिर तो दो जवान जिस्मों से उठती तरंगें एक दूसरे में समाने को बेताब हो उठीं…

 

हेलो दोस्तों! मेरा नाम आदित्य है और मैं पंजाब से हूँ. मेरी उम्र 28 साल है. मैं अब तक 8 लड़कियों की चुदाई कर चुका हूँ. उनमे से 4 शादीशुदा थीं और 4 कुँवारी. हर किसी का अलग ही स्वाद, आलग ही मजा और अलग ही स्टाइल.

चूँकि ये मेरी पहली कहानी है इसलिए जाहिर है इसकी शुरुवात भी अपनी पहली गर्लफ्रेंड से करूंगा. मेरी ये कहानी आज से 4 साल पहले की है. मेरी पहली गर्लफ्रेंड का नाम रीमा था. वो बड़े ही खुले विचारों वाली थी. वो बहुत सेक्सी थी. बड़े-बड़े चूतड़, पतली कमर और साँवला सा रंग. रीमा के पैर भी काफी कर्वी थे.

23 साल की उम्र में उसकी गोल मटोल चूचियाँ 36“ की थीं. उसको पता था की वो बहुत सेक्सी है और लड़के उसके बूब्स पे मरते हैं. उसने कई बार ये बात मुझसे शेयर की थी. उसका यही  नेचर मुझे बहुत पसंद था. सेक्स को वो मजा मानती थी और ये मानने में न कोई शर्म न कोई हया.

हम जब भी मिलते, वो खुलकर सेक्सी टॉक का मजा लेती. गन्दी बातें करती और बीच बीच में गालियाँ भी देती थी. लेकिन हमने कभी सेक्स नहीं किया था. क्योंकि हमें कभी खुल के मिलने का मौका नहीं मिला था. वो कहती थी – किसी दिन मौका मिला तो तुम्हें जन्नत की सैर कराउंगी, देखना!

एक दिन हुआ ये कि उसके मम्मी- पापा किसी काम से एक दिन के लिए लुधियाना गए हुए थे. मुझे रीमा की कॉल आई कि आज शाम को घर पे कोई नहीं होगा, तुम आ जाना, लेकिन रात मत करना क्योंकि उस वक़्त उसकी पड़ोस वाली आंटी उसके साथ सोने आ जाएगी. फिर हमसे मिला नहीं जायेगा. मैंने कहा – ठीक है! मैं शाम को 4 बजे आऊंगा.

ये सर्दी के दिन थे. हल्की- हल्की बारिश भी हो रही थी इसलिए सर्दी काफी थी. मैं जल्दी से रीमा के घर पहुँच गया. रीमा ने दरवाजा खोला.. वो मेरे सामने खड़ी थी. उसने तंग गुलाबी टॉप और तंग पायजामा पाहन हुआ था. उसके दरवाजा खोलते ही मेरी नजर सीधे उसके मम्मों की तरफ गयी. काफी मोटे और कसे हुए थे और उनका आकार भी गोल था. दिल ने कहा- आज तो लाटरी लगने वाली है. मैं जल्दी से अन्दर आ गया और दरवाजा बंद कर लिया.

वो मेरे आगे-आगे चल रही थी और मैं उसके पीछे. इतनी बड़ी और मोटी गांड हिलते हुए देखकर मैं पागल हुए जा रहा था. वो भी जानबूझ कर गांड मटका- मटका के चल रही थी. टाईट पायजामे के अन्दर से उसकी टाईट पैंटी साफ़ नजर आ रही थी.

हम दोनों अब बेडरूम में आ चुके थे. वहाँ गज़ब का माहौल था. कमरे में हलकी सी रौशनी, परफ्यूम की खुशबू फैली हुयी थी. बेड पे रजाई पड़ी हुयी थी. साली! एकदम तैयार बैठी थी.बेड पास ही टेबल पे गिलास में जूस था. उसने मुझे बैठ के जूस पीने को बोला और कहा की मैं अभी आती हूँ. ये कह कर वो अन्दर चली गयी.

मैंने अभी आधा ही जूस ख़त्म किया था की वो वापिस आ गयी. अन्दर आते ही उसने दरवाजा बंद कर लिया. उसने अपने ऊपर शाल लपेटा हुआ था. मेरे पास आके वो हंसी और मुझे आँख मारी. मैं एकदम से मचल उठा. उसने मुझसे कहा की आज कुछ नमकीन हो जाए. बस फिर क्या था? मैंने उसे बेड पे खींच लिया. हम दोनों हंसने लगे. वो बोली- आज ये बिल्ली भूखी है, मलाई चाटनी है इसे.

मैंने अपने कपड़े उतार दिए. मेरे साफ़ और चिकने लंड को देखकर वो हंसी और पागल हो गयी. तभी उसने अपना शाल उतार दिया. ओह माय गॉड! इतने मोटे और सख्त मम्मे देखकर मैं पागल हुए जा रहा था. उसने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी हुयी थी जो उसके मम्मों को और बेहतर तरीके से उभार रहे थे. मैं सिर्फ उसकी चूचियां देख रहा था. उसने इस बात को नोटिस किया और हँस के बोली- भूखा साला

बस इस बात ने मेरे अन्दर आग लगा दी. मैंने उसे नीचे लिटा के उसकी पैंटी उतार दी. उसकी फुद्दी एकदम साफ़, चिकनी और खुशबूदार थी. फुद्दी की दाहिनी ओर एक तिल था. मैंने तिल के बारे में उससे पूछा तो बड़े गुमान से बोली – ये तुम्हारी भूखी नजर से बचने के लिए लगाया है.

गजब की लड़की थी वो! साफ़ टाँगें, पूरे जिस्म पे कहीं कोई बाल नहीं था. उसने अपने एक पाँव में पायल डाली हुयी थी.

मैंने हलके से अपने होंठ उसकी फुद्दी पे रख दिए. स्स्श्हह्स्स्स…वो सिसकारी लेने लगी और मैंने उसकी फुद्दी चूसनी शुरू कर दी. 10 मिनट बाद उसने कहा- मुझे मलाई खानी है साले!

मैंने कहा- तेरी मलाई है तो, तूही खाएगी न?

वो तुरन्त से मेरे ऊपर आ गई और मेरा लंड चूसने लगी. “पुचक –पुचक” की आवाज आ रही थी. उसने कहा- मुठ मार- मार के तूने अपने लंड को कितना मोटा कर लिया है.

मैं हँसा और बोला- देखता हूँ की आज तू इसे और कितना मोटा करती है.

गजब का मजा आ रहा था. मेरे मुँह से आह..अआह… की आवाजें निकलने लगी. उसे पता चल गया कि मैं झड़ने वाला हूँ, वो और तेज हो गयी.

मैंने कहा- बस करो! अब निकल जायेगा.

तो वो बोली- झूठ!

और पहले से भी ज्यादा तेज हो गयी. अचानक से मेरी पिचकारी निकल पड़ी. “पिचाआअक्क्क्क” से पिचकारी छूटी और वो सारा माल पी गयी.

फिर वो मुझे गाली बकने लगी- बहनचोद ! पता नहीं क्या खाता है? इतना नमकीन माल मेरे मुँह में छोड़ दिया. लेकिन मैं तो निढाल होकर बेड पे लेटा रहा.

10 मिनट बाद ही हम दोनों का फिर से मूड बन गया. अब वो मेरे ऊपर आ गयी. मैंने उसकी ब्रा खोल दी और पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया. क्या गजब की चूचियां थी उसकी? बड़े बड़े गोल मम्मों पर छोटे छोटे सॉफ्ट निप्पल. मैं उसकी फुद्दी चोदने के साथ साथ उसके मम्मे भी चूसने लगा. वो भी अब काफी खुल गई थी. मैंने कहा- कैसा लगा मेरा लंड?

उसने कहा- ये भी मजेदार है. जतिन जितना ही.

फिर वो आँख मार के हंसने लगी. तब मुझे पता चला की वो मेरे दोस्त जतिन जो की यहीं पास में ही रहता है उससे भी चार बार चुद चुकी है. उसी ने रीमा को चुदाई में एक्सपर्ट किया था. अब मैंने रीमा की दोनों टांगों को अपने कन्धों पे रखा और उसकी चूत में धक्के पे धक्के लगाने लगा. कमरे में “फ़चाक- फ़चाक की आवाजें आ रही थीं.

रीमा ने कहा की- जन्नत की सैर काफी कर ली, अब चल तुझे चाँद की सैर कराती हूँ.

ये कह कर जाने कैसे उसने अपनी फुद्दी टाईट कर ली. वो पल मेरे लिए अब तक का सबसे मजेदार पल था. बॉस 3-4 झटकों के बाद ही मेरा माल निकलने पे आ गया. तभी उसने धक्का मार के मुझे पीछे किया और मेरा पूरा लंड अपने मुँह में डाल लिया. अपने होंठों और जीएभ से चूस चूस के उसने मेरा सारा पानी निचोड़ लिया. वो फिर आँख मार के हंसी और मुझे कस के चूमा. उसके बाद हम फिर थके होने के कारण बेड पे लेट गए.

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