सब कुछ मुंह में लिया

अब मैंने भी झट से अपना लोवर उतार फेका. मेरा लंड तो मेरी जॉकी में ही नहीं समा रहा था और लगभग आधा बाहर निकल आया था. अब मौके का फायदा उठा कर रजनी ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और धीरे – धीरे अपनी जीभ मेरे लण्ड पर घुमाने लगी…

यह बात पिछले हफ्ते की है जब मैं अपनी मेल चेक कर रहा था. तभी मुझे एक महिला का एक मेल दिखाई दिया. जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पति देश के बाहर रहते हैं और इसलिए उन्हें मेरी सेवा चाहिए. वह लखनऊ में अपने घर पर अकेली रहती है और मेल उन्होंने मुझे अपने घर पर ही आने को बोला था.

जवाब में मैंने उन्हें हाँ कह दी और कहा – जब भी आपको मेरी सेवा चाहिए तो आप मुझे दो दिन पहले मेल कर दें और अपना नम्बर दे दें.

तीन दिनों के बाद मुझे उनका मेल मिला कि वह अगले दिन मज़े करना चाहतीं हैं, साथ में उन्होंने मेल में ही अपना नम्बर भी दिया था. फिर मैंने उन्हें फोन किया तो उन्होंने बताया कि उनका नाम रजनी है और वह 32 साल की हैं और वह कल मेरी सेवा चाहती हैं.

अगले दिन मैं उनके बताये पते पर उनके घर पहुंच गया. वहां पहुंच कर मैंने डोर बेल बजाई तो एक बहुत ही खूबसूरत और लगभग 27-28 साल की दिखने वाली लड़की ने दरवाजा खोला. मैं तो गेट पर उसे देखते ही खो उसमें सा गया. जब मेरे कानों में उसकी मीठी सी आवाज पड़ी तो मैं जैसे नींद से जगा. फिर मैंने उसे सॉरी बोला और अन्दर आ गया.

वहाँ उसने मुझे बैठने को बोला और एसी चालू किया और उससे पूछा – क्या आप बीयर लेना पसन्द करेंगे?

तो मैंने हाँ में जवाब दिया फिर वो फ्रिज़ में से 2 बीयर की बोतल निकाल लाई और साथ में भूने हुए काजू भी ले आई. फिर हम बीयर पीते हुए बातें करने लगे. अब वह मेरे पास आकर सोफे पर बैठ गई और कहने लगी – अब जल्दी करो, मुझे बर्दास्त नहीं हो रहा है.

अब मैंने धीरे से उसके होंठों को चूसना शुरू किया. उसके नर्म होंठों को चूस कर बहुत मज़ा आ रहा था! यह एक गरमागरम शुरुआत थी और सबसे मजेदार बात तो यह थी कि इसमें वो पूरा सहयोग दे रही थी. उसके होंठ चूस कर लगता था कि वह काफ़ी दिनों से बहुत ही तड़प रही है.

किस करते – करते मेरे हाथ उसकी कमर पर जाने लगे. उसने ऊपर टी-शर्ट भी पहन रखी थी फिर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी. अब उसके मम्मों को देख कर मेरा 6 इंच लम्बा का लंड फुफकार मारने लगा. जिससे मैंने भी देर ना करते हुए उसकी ब्रा को निकाल फेंका और सीधा उसके मम्मों पर अटैक कर दिया और उसके एक चूचे को मुँह में लेकर ज़ोर – ज़ोर से चूसने लगा.

जिससे वो एक दम से ज़ोर – ज़ोर से सीत्कारें लेने लगी और उसके हाथ भी ढीले पड़ गए. फिर मैंने उसे वहीं सोफे पर लिटाया और उसके घुटने मोड़ कर उसके मम्मों को चूसने लगा. फिर धीरे – धीरे उसका हाथ भी मेरे लंड पर पहुँच गया और अब वो ज़ोर – ज़ोर से मेरे लौड़े को दबाने लगी.

अब मैंने भी झट से अपना लोवर उतार फेका. मेरा लंड तो मेरी जॉकी में ही नहीं समा रहा था और लगभग आधा बाहर निकल आया था. अब मौके का फायदा उठा कर रजनी ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और धीरे – धीरे अपनी जीभ मेरे लण्ड पर घुमाने लगी.

जिससे मैं बिल्कुल पागल सा होने लगा. वैसे आग दोनों तरफ लगी हुई थी और लगता था कि वो काफ़ी दिनों से चुदासी है. फिर मैंने भी उसके लोवर को खींच कर उतार फेंका. रजनी सच में बहुत ही मस्त माल थी. फिर मैं उसके होंठों को चूमने लगा. क्या मस्त चूचियाँ थीं साली की! बहुत बड़ी नहीं थीं मगर निप्पल बहुत नुकीले थे और एक दम किसमिस के जैसे भूरे रंग के थे.

मैं तो देखते ही उनको मुँह में लेकर चूसने लगा. जिससे रजनी और पागल हो गई और अब वो मेरे सर को अपने चूचियों पर दबाने लगी और बड़बड़ाने लगी, ‘आह्ह आह, पी जाओ मेरे चूचों को, खा जाओ इनको, नोंच लो. आज इनका पूरा रस निकाल लो, आह्ह आह.’

अब मैं भी पूरे जोरों से उसके निप्पल को चूसे जा रहा था और हाथों से उसकी मस्त गाण्ड को भी मसल रहा था. रजनी का अब खुद पर कोई काबू नहीं था. उसकी पैंटी पूरी गीली थी और चूत फिर से गरम होने लगी थी. उसके निप्पलों को चूसने के बाद अब मैं उसके पेट को चूसते हुए उसके नाभि के पास पहुंच गया.

आह्ह, क्या मस्त थी उसकी नाभि! अब मैंने सीधे उसकी नाभि में अपनी जीभ डाल कर फिराने लगा. जिससे रजनी और पागल हो गई और अपनी कमर उठा कर गोल – गोल घुमाने लगी. अब वो एक दम गर्म हो गई और मेरा सर पकड़ कर बोलने लगी – अब मत तड़पाओ, कुछ करो यार प्लीज, कुछ करो आह्हह.

फिर मैं उसकी पैंटी के पास नाक ले जाकर सूंघने लगा. वहाँ से क्या मस्त खुशबू आ रही थी? उसकी चूत के पानी की खुशबू को मैं भी चखने को बेताब था. अब मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया. क्या मस्त चिकनी और साफ़ चूत थी साली की! ऐसा लग रहा था कि छूने से गन्दी हो जाएगी. क्या मस्त छोटी से चूत थी उसकी, एक दम गोरी सी थी. मानो एक दम पतला सा चीरा था और दोनों फाँकें एक – दूसरे से पूरी तरह से चिपकी हुई थी.

उसको हटा कर जब अन्दर देखा तो चूत पूरी पानी से भरी हुई थी और एकदम गुलाबी थी. ऐसा लग रहा था कि हाथ लगते खून निकल जाएगा. ऐसी चूत देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और रजनी की जाँघों पर ठोकर मारने लगा.

अब मैंने उसकी चूत पर अपने होंठों को लगा दिए. जिससे उसने अपनी कमर को हवा में उठा लिया और उसके मुँह से आवाज आई, ‘आह आहह ऊहह ऊफ़्फ़, चूसो और जोर से चूसो. मुझको ये बहुत तड़पाती है.’ हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और एक – दूसरे को चूसने लगे.

वो मेरे लंड के सुपाड़े को अपने होंठ से दबा कर पागलों की तरह चूस रही थी और साथ में मेरी गोलियों को भी दबा रही थी. बहुत ज्यादा मजा आ रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं हवा में उड़ रहा हूँ. दोस्तों, लंड चुसवाने का मजा वही जान सकता है जो पहले लंड चुसवा चुका हो.

अब मुझे मेरा पूरा बदन हल्का लग रहा था. उसके चूतड़ तो लाजबाव थे. मन कर रहा था कि पहले उसकी गाण्ड मारी जाए पर मौके की नज़ाकत को देखते हुए मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया.

कुछ ही पलों में उसने अपना पानी छोड़ दिया और मैं उसके नमकीन पानी को पीने लगा. वो बहुत गरम हो चुकी थी और ज़ोर – ज़ोर से आहें भर रही थी. अब मैं उसकी चूत उठा और उसके गुलाबी होंठों को चूमा तो वह एक दम सिसकारी भरने लगी और फिर उसने मुझे अपनी बाँहों में कस कर एक शानदार चुम्बन किया.

फिर मैंने उसे अपनी बाँहों में उठा कर बिस्तर पर लिटा दिया. अब मुझे भी लगा कि शायद मैं भी अब और इन्तज़ार नहीं कर सकता तो मैंने अपने हाथों को उसकी नर्म और गोरी चूचियों की तरफ बढ़ाया और दबाने लगा. फिर मैं धीरे से उनके एक चुचूक को अपने होंठो में दबा कर चूसने लगा तो उसने अपनी आँखें बन्द कर ली और मेरे बालों में हाथ फिराने लगी.

तभी मैंने अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दी तो उसने चिहुँक कर अपनी आँखें खोल दी और कहने लगी – प्लीज़, धीरे करो, मुझे कुछ हो रहा है.

तो मैंने कहा – अभी तो यह बस शुरुआत भर है. अभी तो तुम्हें बहुत कुछ होगा.

अब उसने अपनी आँखें फिर से बन्द कर ली. मैं अब उठा और अपना लण्ड उसके होंठों पर टिका दिया. उसने भी बिना आँखें खोले ही अपनी जीभ से मेरे सुपारे को चाटना शुरु कर दिया. फिर उसके बाद अपना मुँह खोल कर मेरे पूरे लण्ड को चूसने लगी.

क़रीब 10 मिनट तक मेरा लन्ड चूसने के बाद वह बोली – अब रुका नहीं जा रहा, अब जल्दी से मुझे चोदो प्लीज़, आई लव यू, मनीष, प्लीज़ जल्दी करो.

ऐसी बातें सुन कर मेरा जोश भी बढ़ गया था तो मैंने उसकी टाँगें फैला कर एक जान दार धक्का दिया तो वह कराह उठी और बोली – प्लीज़, इतनी ज़ोर से मत करो.

तब तक मेरा लंड क़रीब तीन इंच तक अन्दर चला गया था, फिर धीरे – धीरे मैंने पूरा छः इंच का लण्ड उसकी चूत में डाल दिया. अब वह भी अपने चूतड़ उछाल – उछाल कर मेरा साथ देने लगी. क़रीब 10 मिनट बाद जब मुझे लगा कि मैं अब छूटने वाला हूँ तो मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा तो वह घोड़ी बन गयी.

अब मैं उसके पीछे आकर पूरी ताक़त से धक्का लगाया तो वह कहने लगी – प्लीज़! दर्द हो रहा है. धीरे करो न.

लेकिन मैं रुका नहीं और लगातार धक्के मारता गया. साथ ही मैं उसकी चूचियों को भी दबाता जा रहा था. तभी वह चिल्ला उठी – आआहहहह… मैं गई… और तेज़ करो…

लेकिन मैं अब ख़ुद पर नियंत्रण पा चुका था और लगातार चोदे जा रहा था. थोड़ी देर के बाद वह कहने लगी – अब मुझे छोड़ दो, जलन हो रही है, मैं दो बार छूट चुकी हूँ.

तो मैंने कहा – पर अभी मेरा तो रुका हुआ है.

उसने कहा – तुम्हारा मैं मुँह से कर देती हूँ.

तो मैंने कहा – वह राउंड तो पहले ही हो चुका है. इसलिए अब यदि तुम्हें दिक्क़त न हो तो मैं तुम्हारी गाँड में कर लूँ?

जिस पर वह कहने लगी – नहीं, मैंने कभी गाँड नहीं मरवाई.

इस पर मैंने उसे जोश दिलवाते हुए कहा – एक बार मरवा लो, फिर गाँड ही मरवाने के लिए बुलाया करोगी.

“अच्छा, चलो आज यह भी हो जाए” बोल कर वो अन्दर से तेल की बोतल ले आई और अपनी गाँड की छेद पर खूब मल लिया फिर मैंने उसकी गांड़ में एक उंगली डाली तो वह कहने लगी – दर्द हो रहा है.

तो मैं धीरे – धीरे तेल उनकी गाँड के अन्दर डालता रहा और इधर उसने मेरे लण्ड पर तेल लगा दिया. फिर मैंने उसे पीछे से कस कर पकड़ कर एक धक्का लगाया तो लंड तेल की वज़ह से सरकता हुआ 4 इंच अन्दर चला गया और दर्द के कारण वह चिल्लाने लगी – प्लीज़ मुझे छोड़ दो. मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

उसकी आँखों में आँसू आने लगे, पर मैं जानता था कि यदि पहली बार में इसे छोड़ दिया तो फिर कभी गाँड नहीं मरवाएगी. इसलिए मैं रुका नहीं और लगातार धक्के लगाता रहा और साथ ही मैंने उसकी चूत में भी दो उंगलियाँ घुसा दी.

फिर थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वह गाँड हिलाने लगी. अब मुझे लगा कि अब मैं छूटने वाला हूँ तो मैंने उसे बताया तो वह कहने लगी – जल्दी से निकालो, मुझे पीना है.

फिर मैंने अपना लण्ड उसकी गाँड से निकाला और रुमाल से साफ करके उसके मुँह में डाल दिया. जिसे वह तेज़ी से चूसने लगी. तभी मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुँह में उड़ेल दिया जिसे वह चाट – चाटकर सारा पी गई.

अब हम दोनों ही थक कर बिस्तर लेट गए और क़रीब 15 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहने के बाद हम उठे और कपड़े पहनने लगे. फिर उसने मेरी फीस के 5000 रुपए मुझे दिए और कहने लगी – वाक़ई, काफी समय के बाद मुझे इतना मज़ा आया है, थैंक्यू! और फिर उसने मुझे एक ज़ोरदार चुम्बन किया और फिर उसके बुलाने पर आने का वादा लेकर मुझे विदा किया.

आपको मेरी कहानी कैसी लगी? मुझे मेल जरूर करें. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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