स्कूल की चुदक्कड़ टीचर भाग-1

अब मैंने आव देखा ना ताव और उसकी ब्रा खींच दी, जिससे उसकी ब्रा फट गई और उसको दर्द भी हुआ तो वो मुझे बोली कि तुम तो एकदम जानवर हो. मैंने कहा – अभी जानवर तुमने देखा ही कहां है, फिर मैं उसके बूब्स चूसने लगा. मैं कभी एक बूब्स चूसता तो कभी दूसरा और अपने दूसरे हांथ से उसका दूसरा बूब्स दबाता जा रहा था…

सभी चूतों को मेरी ओर से प्यार. मैं एक सीधा- साधा लड़का हूं और उत्तर प्रदेश के एक मशहूर जिले में रहता हूं. बात उन दिनों की है, जब मैं 12वीं क्लास में आया. मेरी दोस्ती पास में ही रहने वाली एक लड़की से हो गई, जो एक स्कूल में पढ़ाती थी. उसकी उम्र 24 साल थी और वो एक लंबी और 34-26-36 फिगर वाली लड़की थी.

एक दिन घर पर खाली होने के कारण मैं उससे बात करने लगा. बात करते हुए मैने उसे पटा लिया और अब हमारी रोज़ घंटो फोन पर बात होने लगी. इस लड़की के चर्चे पूरे मोहल्ले में थे.

मुझे एक दिन उसका फोन आया कि उसको कहीं जाना है, और मैं आकर उसको अपनी बाइक पर ले कर जाऊं. मैंने अपनी बाइक उठाई और उसके पास पहुंच गया. उसने लाल रंग का एकदम फिटिंग वाला टॉप पहन रखा था. क्या बताऊँ दोस्तों! उसको देखकर मन कर रहा था कि बस अभी इसे नोच कर खा जाऊं.

खैर मैंने उसे बाइक पर बिठाया और उसकी बताई हुई जगह पर छोड़ कर अपने घर आ गया. दो घंटे बाद मुझे उसका फोन आया कि मुझे लेने आ जाओ. मैं वहां पहुँचा तो उसने बताया कि उसे मार्कशीट लेनी है, जोकि आधे घंटे बाद ही मिलेगी तो इस बीच कहीं घूमने चलते हैं. फिर मैं उसे बाइक पर बिठा कर शहर से बाहर चलने लगा. धीरे – धीरे वो मेरे करीब आने लगी और फिर मेरे कंधे पर अपना सिर रख कर सोने लगी.

जैसे ही थोड़ा सुनसान इलाक़ा आया तो उसने पीछे से मेरे कान पर काटा और बोली – आई लव यू.

मुझसे रहा न गया और मैंने वहीं पर बाइक रोक दी और पीछे घूमकर उसके होंठों पर अपना होंठ रख दिया. उसके गुलाबी फूल जैसे होंठ चूस कर मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि क्या बताऊँ दोस्तों! मैं लबालब उसके होंठ चूसे जा रहा था. मुझे उसके होंठों से शहद का स्वाद आ रहा था. दस मिनट तक चले इस चुम्बन के बाद हम अलग हुए और आपने घर की तरफ चल दिए.

अब तो बस रोज़ रात को फोन पर हमारी सेक्स के बारे में बातें होने लगी. उसने मुझे बताया कि कॉलेज में उसका एक बॉयफ्रेंड था, जो उसकी रोज़ मरता था. लगभग तीन साल तक उसने उसे रोज़ चोदा. उसकी ये बात सुनकर मुझे जोश आ गया. अब रोज़ हम एक – दूसरे से मिलने के लिए तड़पने लगे.

एक दिन मेरे नए बन रहे घर पर काम कर रहे मज़दूरों की समय से पहले ही छुट्टी हो गई. उस समय दोपहर के तीन बज रहे थे और सारी गली में सन्नटा पसरा था. तो वहां पहुंच कर मैंने उसको फोन किया और उसे वहीं अपने नए बन रहे मकान में आने को कहा और वो तुरंत ही मान गई. आख़िर आग दोनों तरफ लगी थी.

मैंने उससे फोन पर ही कहा कि दरवाज़ा खुला है, सीधा अंदर आ जाना. उसने वैसा ही किया. उसके आते ही मैंने कुण्डी को बंद किया और पोर्च से होते हुए लॉबी में आ गया. उसने पर्पल कलर का एक दीप गले का सूट पहना हुआ था, जिसमें से मुझे उसके चूचे साफ दिखाई दे रहे थे.

वो मुझे देख के बोली – मुझे यहां पर क्यों बुलाया है?

तो मैंने उससे कहा – ऊपर चलो वहीं पर बताऊंगा.

फिर मैंने उसे ऊपर के सबसे कोने वाले कमरे में ले जाकर गले लगा लिया और उसके गलों पर चूमा और उसके कान पर हल्के से काट लिया. मेरे इतना करने पर उसके मुंह से आह की आवाज़ निकली और उसने मुझे पीछे करने के लिए धक्का दे दिया, पर मैंने अपने हांथ से उसकी कमर को जकड़े रखा और उससे पूछा – कैसा लगा?

वो कुछ नहीं बोली. बस हम एक – दूसरे की आखों में देखते रहे और फिर धीरे – धीरे हमारे होंठ आपस में मिल गए. क्या बताऊँ दोस्तों इतने नरम और मुलायम होंठ मैंने आज तक नहीं चूसा. उसके होठों पर लगी लिपस्टिक का टेस्ट मूझे और भी पागल कर रहा था. फिर मैंने उसे दीवार पर धक्का दिया और आराम से उसके होंठ चूसने लग गया.

दोस्तों मुझे लिपस्टिक लगे हुए होंठ चूसने में बड़ा मज़ा आता है, खास तौर से अगर वो लाल रंग की हो और होंठ मोटे हो. अब उसने अपनी जीभ मेरे मुंह में घुसाई और मैं उसकी जीभ भी चूसने लगा. हमारी इस फ्रेंच किस का दौर करीब आधे घंटे तक चला.

फिर मैं उससे अलग हो गया तो वो बोली – तुम तो मेरी सारी लिपस्टिक ही खा गए.

इस पर मैंने कहा – तुम्हारे होंठ बड़े ही मस्त है तो मैं क्या कर सकता हूं, और एक आंख मार दी.

जिससे वो हंस पड़ी और बोली – तुम भी ना.

मैंने उसके दूध को हाँथ लगते हुए कहा – आज तो मैं तुम्हारा दूध पीकर ही रहूँगा.

नया घर था जोकि अभी बना नहीं था तो मैंने फौरन पास में रखी एक कुर्सी उठाई और उसपर बैठ गया. वो एक होशियार लोमड़ी की तरह भांप गयी कि मेरा खड़ा हो गया है और फिर वह मेरे लन्ड के ऊपर अपनी गान्ड रख के बैठ गई.

मैं तो जैसे जन्नत में था. उसके पिछवाड़े में मेरा लंड एक दम मज़े ले रहा था. अब उसने अपना कुर्ता थोड़ा ऊपर उठा कर मुझे अपने दूध दिखाया. क्या बताऊँ दोस्तों, उसके मोटे – मोटे 34 के दूध देख कर मैं अपने आप को रोक न पाया और लपक कर उनको ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा. जिससे वो आहें भरने लगी.

अब मैंने आव देखा ना ताव और उसकी ब्रा खींच दी, जिससे उसकी ब्रा फट गई और उसको दर्द भी हुआ तो वो मुझे बोली कि तुम तो एकदम जानवर हो. मैंने कहा – अभी जानवर तुमने देखा ही कहां है, फिर मैं उसके बूब्स चूसने लगा. मैं कभी एक बूब्स चूसता तो कभी दूसरा और अपने दूसरे हांथ से उसका दूसरा बूब्स दबाता जा रहा था.

उससे इतना मज़ा आ रहा था कि वो कभी आह – आह करती और कभी और करो चीखती. मैं हवस के नशे में इतना पागल था कि मैंने बिना ध्यान दिए उसके चूची को अपने मुँह में लिया और ज़ोर से काट लिया. वो चीख पड़ी. उसकी भूरी मोटी चूंची मुझे पागल कर रही थी. बीस मिनट तक उसका दूध पीने के बाद हम आगे बढ़ने ही वाले थे कि उसके घर से फोन आ गया कि उसके यहां ट्यूशन पढ़ने बच्चे आ गए हैं. फिर उसने अपने कपड़े सही किए और चली गई.

मेरे अरमानों पर पानी फिर गया और फिर मैंने अपने हांथ से ही अपने लंड को शांत किया. रात को उससे फोन पर बात हुई तो वो बोली तुम तो पुर जानवर हो यार. इस पर मैंने उसके बूब्स की तारीफ करी और उन्हें फिर से चूसने की इच्छा ज़ाहिर की तो वो बोली कि अब मुश्किल है.

खैर मैंने उसकी बात पर ज्यादा ध्यान ना देते हुए उससे सेक्स टॉक करने को कहा. इस उसने बताया कि मुझसे बात करते समय वो उंगली करके झढ़ गई.

बाकी की कहानी अगले भाग में मैं आपके सामने रखूँगा. दोस्तों आपको मेरी ये कहनी कैसी लगी मुझे ज़रूर अपनी राय भेजें.

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स्कूल की चुदक्कड़ टीचर भाग – 2

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