स्कूल की चुदक्कड़ टीचर भाग – 2

फिर मैंने उसके गले पर चुम्बनों की बरसात कर दी और फिर आज भी मैंने उसके कान पर जोर से काट लिया. वो कसमसा गई. फिर मैं उसे अपनी गोद में उठा कर अंदर कमरे में ले गया और दीवार के सहारे खड़ा करके उसकी आँखों मे देखने लगा…

स्कूल की चुदक्कड़ टीचर भाग – 1

जैसा कि आपने मेरी पिछली कहानी में पढ़ा कि वो मुझसे अपने बूब्स चुसवाने के बाद घर चली गयी और मैं भी मुठ मार के अपने घर चला आया. अब इसके आगे-

रात को फिर और अगले कुछ हफ़्तों तक हम रोज़ फोन सेक्स करते और बस अंगुली और हाथों के सहारे अपना काम चल रहे थे. इसी बीच मैंने अपने नये मकान में एक बेड और गद्दा भिजवा दिया और उसे एक कमरे में रखवा दिया जोकि लगभग तैयार हो चुका था. कुछ समय बाद हमारा फिर मिलने का मौका आया और मैंने उसे नए वाले घर में मिलने के लिए बुला लिया.

अबकी बार तो मैं उससे मिलने पूरी तैयारी के साथ गया था. मैंने पहले ही कंडोम का एक पैकेट और कुछ चॉकलेट्स लेकर मिलने के समय से थोड़ी देर पहले वहां पहुंच गया. वहां पहुंच कर फिर कमरे को सेट किया. थोड़ी देर में लगभग 4 बजे वो आई.

मैंने दरवाज़ा खोला और वो भाग के अंदर आ गई. उसके अंदर आते ही मैंने दरवाजा बंद करके ताला लगाया और अंदर आकर लॉबी का गेट भी लॉक कर लिया. जब मैंने उसे देखा तो वो कमाल लग रही थी. वो गुलाबी रंग का टॉप और ब्लू टाइट जीन्स पहनी हुई थी. जिसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी और आज तो वो कुछ ज्यादा ही गहरी लिपस्टिक लगा के आई थी. अंदर आते ही मैंने उसे गले से लगा लिया और उसकी पीठ पर हांथ फेरने लगा और वो भी तड़पती हुई मछली की तरह मुझसे ऐसे लिपटी मानो उसे बरसों बाद तैरने के लिए पानी मिला हो.

फिर मैंने उसके गले पर चुम्बनों की बरसात कर दी और फिर आज भी मैंने उसके कान पर जोर से काट लिया. वो कसमसा गई. फिर मैं उसे अपनी गोद में उठा कर अंदर कमरे में ले गया और दीवार के सहारे खड़ा करके उसकी आँखों मे देखने लगा.

क्या बताऊँ दोस्तों, उसकी आंखें इतनी नशीली थी कि शराब भी फेल हो जाए.

फिर कुछ देर बाद उसके आपस में चिपके हुए होंठ खुल गए और वो बोली – ऐसे क्या देख रहे हो.

मैं – तुम्हें देख कर सोच रहा हूँ कि ऊपरवाला ज़रूर मुझसे खुश होगा, जो आज उसने मेरी बाहों में दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की को भेज दिया है.

वो शरमा गई और मेरे कंधे पर अपना सर रख दिया. मैंने भी दो मिनट तक उसके बालों के साथ खेलने के बाद उसका चेहरा ऊपर उठाया और उसके गुलाबी होठों को देखने लगा और फिर पहले हमारी नज़रें मिली और फिर होठ मिल गये. अहा! मुझे ऐसा आनंद आज तक कभी किस में नहीं आया. मैं उसके लगातार होठ कभी नीचे वाला तो कभी ऊपर वाला चूस रहा था और इस चुसाई में वो भी मेरा भरपूर साथ दे रही थी, ऐसा लग रहा था जैसे जन्मों से प्यासी हो.

पूरे कमरे में बस चूमने की ही आवाज़े गूँज रही थी. फिर एकाएक मैंने उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी और फिर फ्रेंच किस का दौर शुरू हुआ. लगभग 15 मिनट होठों से कुश्ती लड़ने के बाद हम अलग हुए. अब तक हमारी सासें फूल चुकी थीं और हाफ़ने के अलावा हम कुछ भी नहीं कर पा रहे थे. समय न गवांते हुए मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके बगल में लेट कर उससे बातें करने लगा.

मैं बोला – जानू, आज तो तुम्हारी किस में अलग सा ही एक जादू था.

वो हंस पड़ी और हमारे होठ फिर से मिल गए और मैं उसके ऊपर आ गया. उसके हांथ मेरे बालों में चल रहे थे और मेरे हांथ कभी उसके मम्मों पर तो कभी उसकी कमर पर घूम रहे थे. इतने में अचानक से वो पलटी और मेरे ऊपर आ गयी. उसके सारे बूब्स का वज़न मेरी छाती पर पड़ने लगा और मैंने उसकी गांड़ को मसलना शुरू कर दिया.

थोड़ी ही देर में मैं उठा और खींच कर उसे बिठा दिया और फिर उसके गले और बालों में उलझते हुए उसकी पीठ को चूमने लगा. चूमते – चूमते मैं उसके पीछे आया और उसका टॉप उतर कर उसे पेट के बल बिस्तर पर लिटा दिया. उसने लाल रंग की फूल के डिजाइन वाली ब्रा पहन रखी थी. जिसे देख कर मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने उसकी पीठ पर धावा बोल दिया और उसकी पीठ पर पप्पियों की बारिश होने लगी. वो आहें भर कर मेरा अभिवादन कर रही थी.

कुछ देर तक लगातार उसकी पीठ को चूमने के बाद मैं दो मिनट के लिए रूका और उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसके ब्रा की पट्टी के निशान पर जब मैंने चूमा तो वो चिहुंक उठी और अपना हांथ मेरे बालों पर फेरने लगी. अब मैं उसके गले से होता हुआ ऊपर आया और उसे सीधा किया और फिर हमारे होठ आपस में मिल गए.

अब मैंने ज्यादा समय न गवांते हुए उसके गले को चटने लगा और धीरे – धीरे नीचे आकर उसके क्लीवेज़ पर चूम लिया. जिसकी वजह से उसके मुख से “आह आह आ आह” की आवाजें लगातार निकल रही थीं और उसके आधे कबूतर उसकी ब्रा का हुक खुले होने के कारण बाहर आ रहे थे. फिर मैंने उसके कबूतरों को बारी – बारी चूमना चालू कर दिया और फिर उन्हें ब्रा की कैद से आज़ाद कर दिया .

बूब्स क्या सही चीज़ है दोस्तों! दोनों को जितना चूसो उतना ही ज्यादा मज़ा आता है. मैं एक हांथ से उसके एक बोबे को दबाता और एक बोबे को चूसता जाता था. कभी एक तो कभी दूसरा ऐसे करके कई बार करके मैंने उसके बोबे चूसे. कई बार तो मैंने उसके निप्पल को काट भी लेता था, जिसपर वो उई करती हुई आहें भरती थी.

लगभग 20 मिनट तक मैंने उसके दोनों दूध चूसे और चूस – चूस कर उसके निप्पलों को एकदम लाल कर दिया था. कमरे में बस उसके “आहह आअहह आहह” की आवाजें ही गूँजती रही. उसकी ये आहें मुझे पागल कर रही थी. फिर मैंने उसकी नाभि को चूमा. जैसे ही मैंने उसकी नाभि पर चूम वो उछाल पड़ी. मैं दो मिनट के लिए रूक गया और साइड में पड़ी लिक्विड चॉकलेट का डिब्बा उठा कर चॉकलेट को उसके बूब्स पर लगा दिया.

वो मेरी इस हरकत पर मुस्कुरा रही थी मानो शाबाशी दे रही हो. उसके आम जैसे 34 के बूब्स चॉक्लेट मे डूबे हुए होने पर एकदम क़यामत लग रहे थे. अब उसकी आँखें बंद हो गई और मेरा मुँह अपने आप ही उसके मम्मों तक पहुंच गया और मैं चॉकलेट लगे हुए कभी एक तो कभी दूसरे माम्मों को पीने लगा. अहा! चॉकले में डूबे हुए उसके दूध का स्वाद मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. इधर मेरा लंड तो जीन्स फाड़ने में लगा हुआ था और वो उछल – उछल कर चीख रही थी.

वो – आहह बेबी, आहह सोना और चूसों इन्हें. आहह अआहह खा जाओ आज इन्हें, इन्हें इतना चूसों कि ये आज फट जाए.

उसके ये शब्द मेरे अंदर और भी वासना जगा रहे थे और मैं उसके बूब्स ज़ोर से दबाए जा रहा था. लेकिन वो तो बस चुसवाने में ही मगन थी और अपनी गांड़ उठा – उठा कर मेरा धन्यवाद करे जा रही थी. उसके हाँथ मेरी कमर पर चलने लगे और उसने खींच कर मेरी टी-शर्ट उतार दी. अब तक मैं उसके दूध पर लगी सारी चॉकलेट चाट गया था और मेरे होठों और मुँह पर हर जगह चॉकलेट ही चॉकलेट लगी थी.

वो मुस्कुरा उठी और बोली – मेरे सोना, आज अपने मुझे जो खुशी दी है न उसके लिए मैं हमेशा के लिए आपकी हो गई हूँ.

फिर वो मेरा सर पकड़ के अपने पास ले आई और बोली – मेरे पास आओ न और मुझे आपकी चॉकलेट खाने दो.

फिर वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे होठों और मेरे मुँह को जीभ से चाट – चाट कर साफ करने लगी. वो हवस में इतना डूब चुकी थी कि मेरे कान काटने लगी और बड़बड़ाने लगी – सोना, आज मैं आपको बहुत प्यार करूँगी, इतना प्यार कि आप पागल हो जाओगे. मैं ज़िंदगी भर आपको ऐसे ही प्यार करती रहूंगी. आज से मैं आपकी हूं सिर्फ़ आपकी.

वो एकदम पागल सी हो गई थी. कभी वो मेरे छोटे – छोटे निप्पल पर काटती तो कभी कान पर. अब मैं भी जोश में आ गया और उसको अपने नीचे कर दिया और पीछे से उसे चूमने लगा. अब उसकी गांड मेरे लंड पर एकदम फिट हो गई थी. जिसको वो महसूस कर रही थी और बार – बार मेरे लन्ड पर अपनी गांड को दबाए जा रही थी.

मैं इससे पहले कुछ करता वो नीचे से उठी और मेरी जीन्स का बटन खोलने लगी. मैंने उसकी सहयता की और अपनी जीन्स उतारने के लिए खड़ा हो गया. अब मेरा खड़ा लंड मेरे कच्छे में नहीं आ रहा था और उसका सुपरा बाहर आ रहा था. जिसे देख कर वो मुस्कुरा उठी और बोली – मेरे रॉकेट को क़ैद क्यों कर रखा है, इसे लांच करो न. इतना बोल कर उसने मेरे कच्छे को उतार के फेंक दिया और लंड को पकड़ लिया.

उसके कोमल और नाजुक हांथ जैसे ही मेरे लंड पर गये मुझे इतना अच्छा महसूस हुआ कि मैं आपको बता नहीं सकता बस फील कर सकता हूँ. फिर वो मेरे लंड से बोली- सोना ने आपको इतनी देर से अंदर छुपा रखा था, पर अब आप मेरे हो और फिर उसने मेरा सुपरा चूम लिया. उसके होंठ मेरे सुपरे से लगते ही मेरा लंड और ऐंठ गया और उसने मुँह खोलकर मेरा सुपरा अपने मुँह में भर लिया.

जिस दबाव से वो मेरा लन्ड़ चूस रही थी ऐसा लग रहा था मानो वो लन्ड चुसाई में गोल्ड मेडलिस्ट हो. मैं तो बस आहें भर रहा था. फ़िर वो मेरा पूरा लंड निगल गई और बोली – कहां छुपा रखा था, इस प्यारे से पप्पू को (चूंकि फोन सेक्स के दौरान हम लंड को रॉकेट या पप्पू ही कहते थे). मैं मुस्कुरा उठा और फिर उसे बेड पर लिटा के उसकी जीन्स को उतार दिया. फिर उछल कर वो मेरे ऊपर आ गई और चॉकलेट का डिब्बा उठा कर बोली – अब मेरी बारी है.

दोस्तों आगे की कहानी के लिए आप अगले भाग का इंतजार करें. आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी, इस विषय पर अपने सुझाव या कमेंट मुझे मेल करके बताते रहें. मेरी मेल आईडी – [email protected] है.

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