सील तुड़वाने 2 साल बाद आई स्टूडेंट

एक बार मुझे अपनी एक स्टूडेंट पसंद आ गई. मैं डरता था इसलिए उससे कुछ बोल न पाया. जब वह अपनी ट्रेनिंग कंप्लीट करके जा रही थी तो मैंने उसे अपना नम्बर दे दिया. फिर 2 साल बाद उसका फ़ोन आया और हम चुदाई तक जा पहुंचे. ये सब कैसे हुआ पढ़ें इस उत्तेजक कहानी में…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम आकाश है और मैं कानपुर का रहने वाला हूं. मेरी हाइट 6 फिट है और मैं देखने में बहुत ही हैंडसम हूं. दोस्तों, मेरे लन्ड का साइज 6 इंच है और मैं कितनी भी सेक्सी औरत को संतुष्ट करने का माद्दा रखता हूं.

यह कहानी साल 2006 की है. उस समय मेरी उम्र 22 थी और मैं कानपुर के एक कॉल सेंटर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में ट्रेनर था. कॉल सेंटर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट था तो वहां पर बहुत सी लड़कियां ट्रेनिंग के लिए आती थीं और उनमें से अधिकांश मुझे पसंद करती थीं लेकिन मुझे उनमें कोई खास दिलचस्पी नहीं थी.

एक दिन जब मैं क्लास पहुंचा तो देखा कि एक नई लड़की बैठी हुई है. वह इतनी खूबसूरत थी कि मैं उसे देखता ही रह गया. लम्बे बाल, बड़ी – बड़ी आंखें और पतली कमर! लेकिन उसकी सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाला वाला अंग उसकी चूचियां थीं. मेरी नज़र उन्हीं पर टिक गई.

फिर मैंने खुद को संभालते हुए उसे अपना इंट्रोडक्शन देने को कहा. उसके इंट्रोडक्शन से पता चला कि उसका नाम मधुमिता है. खैर फिर जैसे – तैसे मैंने क्लास ली और क्लास छोड़ने के बाद सिर्फ उसके बारे में ही सोचता रहा लेकिन कहा कुछ नहीं.

फिर जब उसकी ट्रेनिंग खत्म होने को आई तो मुझे लगा कि ऐसे तो मैं उसे खो दूंगा. फिर आखिरी दिन मैंने डरते हुए खुद का मोबाइल नम्बर उसे दे दिया और बिना कुछ कहे – पूछे वहां से चला गया.

इसके बाद मैं उसके फ़ोन का इंतजार करने लगा. लेकिन उसका फ़ोन नहीं आया. ऐसे ही 2 साल बीत गए और अब मैं भी कानपुर में ही एक कॉल सेंटर में जॉब करने लगा.

एक दिन दोपहर को मेरे पास एक नए नम्बर से फ़ोन आया. सामने से एक लड़की बोल रही थी. मैंने उसका परिचय पूछा तो उसने बताया कि वह मधुमिता है. यह सुन कर मैं बहुत खुश हुआ. उस समय मैं ऑफिस में था तो हमारे बीच कम ही बात हुई. लेकिन इस तरह हमारी बातों का सिलसिला चल निकला और हम रोज बात करने लगे.

आखिर एक दिन मैंने उससे अपने प्यार का इज़हार कर ही दिया. तो वह बोली कि वो भी मुझसे बहुत प्यार करती है. उसके बाद धीरे – धीरे हमने फ़ोन पर एक दूसरे को किस करना और उसके बाद फ़ोन सेक्स करना शुरू कर दिया. हम भौतिक रूप से (चुदाई) एक – दूसरे के होना चाहते थे लेकिन मौका ही नहीं मिल रहा था.

फिर एक दिन ऊपर वाला हमारे ऊपर मेहरबान हुआ और मेरी मां अपने भाई के यहां जाने को तैयार हो गई. वो मुझे भी अपने साथ चलने के लिए बोल रही थीं लेकिन मुझे तो मधुमिता के साथ चुदाई करनी थी इसलिए मैंने बहाना बनाकर मना कर दिया. तब अगले दिन मम्मी अपने मायके चली गईं.

उनके जाने के बाद मैंने मधुमिता को फोन किया और उसे अपने घर बुलाया. फिर जब तक वो मेरे घर आती तब तक मैंने अपनी झांटें साफ कर ली और डिओ वगैरह लगाकर उसका वेट करने लगा.

करीब 1 घण्टे बाद वो आई. दोस्तों, उस समय वो इतनी खूबसूरत लग रही थी कि मैं बता नहीं सकता. उसने वाइट टॉप और ब्लू जीन्स पहन रखा था. जैसे ही वह घर के अंदर आई मैंने तुरन्त ही दरवाजा लॉक कर दिया और उसको अपनी बाहों में ले लिया.

काफी देर तक हम एक – दूसरे की बाहों में रहे. फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और उसको बेड पर लिटा दिया. इसके बाद जब मैंने उसकी आंखों पर किस किया तो वो मचलने लगी. फिर मैंने उसके गुलाबी गालों पर चूमा तो वह गर्म हो कर आह आह की आवाज निकालने लगी.

इसके बाद मैं उसके कान चूस – चूस कर उसे और ज्यादा गर्म करने लगा. अब वो भी मस्त होकर मेरे बदन पर हाथ फेर रही थी. फिर मैंने उसकी गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठों को चूसना शुरू किया और साथ में उसकी चूचियों को भी दबाने लगा. मेरे ऐसा करने पर वो ‘आह आकाश आह’ की मादक आवाज करने लगी.

फिर मैंने उसका टॉप उतारा. अंदर का नज़ारा देख के मैं हैरान रह गया. उसने स्पोर्ट्स ब्रा पहन रखी थी और उसके नीचे एक और ब्रा पहना हुआ था. यह देख मैंने उससे पूछा कि ऐसा क्यों? तो वो बोली कि उसकी चूचियां बहुत बड़ी हैं और एक ब्रा में ठीक से आती नहीं हैं.

उसकी बात सुन कर मुझे विश्वास ही नहीं हुआ और फिर मैंने उससे चूचियों को दिखाने के लिए कहा. जैसे ही उसने अपनी दोनों ब्रा उतारीं मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं. दोस्तों, मैंने उतनी बड़ी चूचियां सिर्फ ब्लू फिल्मों में ही देखी थीं. उसकी एक – एक चूची मेरे दोनों हाथों में नहीं आ रही थी.

फिर मैं उसकी चूचियां चूसने लगा. कभी एक को चूसता तो कभी दूसरी को. ऐसा करते हुए मैं उसके निप्पल्स को मसल देता और उन पर काट भी लेता था. मेरे ऐसा करने से वो एक दम गर्म हो गई और ‘हाय आकाश क्या कर रहे हो? आह और चूसो और काटो, देखो कितनी बड़ी – बड़ी हैं मेरी चूचियां इनको चूसो और पूरा रस पी जाओ’ जैसे पता नहीं क्या – क्या बोलने लगी.

अब उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा था और इसी बीच उसने मेरे कपड़े फाड़ दिए. फिर जब मैंने उसकी नाभि के पास चूसना शुरू किया तो उसने झट से अपनी जीन्स और पैंटी उतार दी.

दोस्तों, जैसे ही मैंने उसकी बिना बालों वाली चूत देखी मेरा मुंह पानी से भर गया और मैं नीचे जाकर उसकी चूत चूसने लगा. अब उसकी उत्तेजना अपने चरम पर पहुंच गई थी और वह बेड की चादर पकड़े चिल्ला रही थी, “आकाश और चूसो मेरी चूत और चूसो, आज इस मादरचोद चूत का भोसड़ा बना दो बहुत तड़पाती है”. इतना कह के मेरे चेहरे को अपनी चूत में दबाने लगी.

मैं उसके निप्पल्स मसलता हुआ उसकी चूत चूस रहा था. थोड़ी देर बाद फिर वह “आह आह” की आवाज करती हुई झड़ गई और मैं उसका सारा पानी पी गया.

फिर मैंने उसे मेरा लन्ड चूसने को कहा तो उसने मना कर दिया. मैंने भी जोर नहीं दिया और उसकी बड़ी – बड़ी चूचियों के बीच में अपना लन्ड फंसा के चोदने लगा. जब मैं धक्के मरता तो मेरा लन्ड उसकी थोड़ी के पास तक जाता. उसकी थोड़ी दे लन्ड छूने पर मुझे बहुत मज़ा आता था.

इस तरह कुछ देर बाद वो फिर से गर्म हो गई. मेरे ऐसा करने में उसे भी खूब मज़ा आ रहा था. अब वह अपना चेहरा नीचे झुका के मेरा लन्ड चाटने की कोशिश करने लगी.

इसी तरह एक बार जब वह मुंह खोल के लन्ड चाटने की कोशिश कर रही थी तभी मैंने अपना चूचियों के बीच से निकाल कर उसके मुंह में घुसा दिया और अब वह बिना किसी विरोध के उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.

दोस्तों, पहली बार कोई मेरे लन्ड को चूस रहा था. इसलिए मैं पागल सा हुआ जा रहा था. दूसरी तरफ मेरी उंगलियां उसकी चूत में घुस के अंदर बाहर हो रही थीं. कुछ देर बाद वह बोली – आकाश, अब बर्दाश्त नहीं होता, बस अब जल्दी से डाल दो.

उसकी बात सुन कर मैंने तुरंत उसको बेड पर लिटाया और खुद एक किनारे खड़ा हो गया. फिर मैंने उसे अपनी तरफ खींच के इस तरह सेट किया कि मेरा लन्ड उसकी दोनों टांगों के बीच आ जाए.

फिर मैंने उसकी दोनों टांगों को अपने हाथों से फैलाया और उसकी गुलाबी – छोटी चूत, जिसमें से अभी भी पानी रिस रहा था, उसे देखने लगा.

यह देख मैंने देर करना सही न समझा और उसकी चूत पर अपना लन्ड सेट किया और कस के एक धक्का मारा. लेकिन अंदर जाने के बजाय लन्ड फिसल गया. तब वह बोली – “अभी तक कुंवारी है, आज तक उसने चूत में उंगली तक नहीं डाली.”

यह सुन कर मैं और भी खुश हुआ. फिर मैंने वहीं बगल में रखी वैसलीन लेकर अपने लन्ड पर लगा लिया और काफी सारी उसकी चूत पर भी लगाया. इसके बाद एक बार फिर से मैंने लन्ड उसकी चूत पर सेट किया और उससे बोला कि अपनी चूत खोलो.

उसने चूत खोला और मैंने एक धक्का दे दिया तो चिकनाई की वजह से लन्ड का टोपा अंदर घुस गया. टोपा अंदर जाते ही वह इतनी जोर चिल्लाई कि अगर मैंने उसके मुंह पर हाथ न रख दिया होता तो आस – पड़ोस के लोग आकर मेरी गांड तोड़ देते.

वो रोने लगी और कहने लगी कि मुझे नहीं चुदवाना, छोड़ो मुझे घर जाने दो. फिर मैंने उसे समझाया कि पहली बार दर्द होता है लेकिन फिर बाद में मज़ा ही मज़ा होता है. अब मैं बिना कोई हरकत किए थोड़ी देर वैसे ही पड़ा रहा और फिर उसकी चूचियों को मुंह में लेकर चूसने लगा.

फिर जब वह थोड़ा नॉर्मल हुई और ‘आह आह ओह्ह ओह्ह’ की आवाज करने लगी तो मैंने एक और धक्का मारा तो मेरा पूरा लन्ड उसकी चूत फाड़ता हुआ अंदर घुस गया. लेकिन इस बार मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में कैद कर रखा था इसलिए वो घुटी – घुटी आवाज में रोने लगी. लेकिन मैं उसके दर्द की परवाह न करते हुए धीरे – धीरे लन्ड अंदर – बाहर करने लगा.

थोड़ी देर में उसे भी मज़ा आने लगा और वो ‘आह आह’ करने लगी. अब उसने मेरी कमर को पकड़ लिया और खींच – खींच के चुदवा रही थी. साथ में मेरे होंठों को काट भी लेती थी. दूसरी तरफ मैं उसकी बड़ी – बड़ी चूचियों को मसलते हुए उसकी चूत का मर्दन कर रहा था.

फिर मैंने उसको बेड पर उल्टा लिटा दिया और डॉगी स्टाइल में चोदने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों. अब पूरे कमरे में सिर्फ हमारी आहें ही गूंज रही थीं. वह कह रही थी कि और कस के चोदो, मेरी चूत में गुदगुदी हो रही है.

उसकी स्थित देख मैं समझ गया कि वो पानी छोड़ने वाली है. फिर मैंने अपने धक्कों की स्पीड और बढ़ा दी. अब मेरे मुंह से भी “आह मधुमिता आह, क्या गर्म चूत है तुम्हारी, मैं भी आने वाला हूं मेरी जान” जैसी आवाजें निकल रही थीं.

फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों ने एक बड़ी सी आह भरी और साथ ही झड़ने लगे और वहीं बिस्तर पर गिर गए. फिर जब हमें होश आया तो देखा कि नीचे की पूरी चादर खून से भीगी हुई है. फिर मैंने चादर बदल दी और उसे बाहों में लेकर प्यार करने लगा.

दोस्तों, उस पूरे दिन मैंने 5 बार उसे चोदा था. इस दौरान वह कम से कम 13 – 14 बार झड़ी थी. शाम को मैं उसके लिए दर्द की दवा और आई- पिल लाकर दिया और फिर उसे उसके घर के बगल में छोड़ आया.

दोस्तों, ये थी मेरी चुदाई की पहली कहानी. आज मधुमिता मेरे साथ नहीं है लेकिन फिर भी मैं उसको बहुत प्यार करता हूं. उम्मीद है मेरी यह कहानी आप लोगों को जरूर पसन्द आई होगी. आप मुझे मेल करके मेरा हौसला अफजाई कर सकते हैं. अगली कहानी में मैं आप सबको बताऊंगा कि कैसे मैंने उसकी गांड मारी. मुझे मेल जरूर करें. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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